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Monday, May 10, 2021
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भोपाल में उड़ाई जा रहीं है कोरोना कर्फ्यू की धज्जियां,अभी भी पैसा कमाने में लगे है दुकानदार

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना के दौरान लगाए गए कर्फ्यू की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां पर चिकन मटन से लेकर कपड़े जूते और अन्य दुकानें चलाने वाले लोग शटर बंद कर कारोबार कर रहे हैं। अब पुलिस प्रशासन ने धड़ल्ले से कार्रवाई शुरू की है।

दरअसल सोमवार सुबह नगर निगम का अतिक्रमण आमला काजी कैंप पहुंचा तब वहां एक चिकिन शॉप के शटर लगे हुए थे लेकिन अंदर कर्मचारी चिकिन साफ करने में लगे हुए थे। पूछताछ में पता चला कि शटर बंद कर सप्लाई की जा रही है। इसके बाद टीम ने काजी कैंप, बैरसिया रोड और सिंधी कॉलोनी समेत अन्य इलाकों में कार्रवाई शुरू की।

बता दे कि मार्केट की दुकानों के शटर गिरे हुए थे लेकिन जब कार्रवाई शुरू की गई तो पता चला सभी दुकानों के अंदर से कारोबार चल रहा है। अतिक्रमण अमला अब तब में 1 दर्जन से अधिक दुकानों पर कार्यवाही कर चुका है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान हनुमानगंज सीएसपी और और नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी नासिर खान भी मौजूद रहे।

1000 बिस्तरों के साथ मध्यप्रदेश को मिला सबसे बड़ा क्वारेंटाइन सेंटर,मुख्यमंत्री ने किया इसका निरक्षण

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कोरोना से लड़ने के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदेश का सबसे बड़ा क्वारेंटाइन सेंटर बनकर तैयार हो गया है। ये नेहरू स्टेडियम में बनाया गया है।

बता दें कि बीजेपी और जिला प्रशासन के सहयोग से यहां पर 1000 बिस्तर का क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। बताया जा रहा है कि यहां पर असिम्प्टमैटिक मरीजों को रखा जाएगा। और इसी के साथ इमरजेंसी के लिए ऑक्सीजन कन्संट्रेटर भी उपलब्ध रहेगा।

इस अवसर पर सीएम ने कहा कि यह कोविड केयर सेंटर समाज की ताकत का प्रतीक है जो सेवा करने आगे आई है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में 78 हजार मरीज होम आइसोलेटेड है। उन्होंने आगे कहा जिनके घर छोटे या जगह की कमी है वे भी यहां आकर रह सकते है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इसे लेकर कहा कि हमारे लिए सेवा सबसे पहले है बाद में राजनीति। भोपाल इकाई ने माधव सेवा केंद्र नाम से इस कोविड सेंटर को बनाया है। कोरोना की चेन ब्रेक करने में यह सेंटर अहम भूमिका निभाएगा।

मध्यप्रदेश कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों और नवजातों को बचाने के लिए कितना है तैयार

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मध्य प्रदेश में तीसरी लहर की तैयारी की रूपरेखा बनाते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 13 शासकीय मेडिकल कॉलेज और उनके कोविड अस्पतालों के चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ मंथन किया।

जानकरों की माने तो कोरोना की तीसरी लहर में नवजात शिशुओं एवं बच्चो के संक्रमित होने की संभावना को देखते हुये प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 360 बिस्तर के बच्चों के ICU की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 50 ICU की भी व्यवस्था की जा रही है।

मंत्री सारंग ने कहा कि कोरोना संक्रमण में नवजात शिशु एवं बच्चों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयां, इंजेक्शन, कंज्यूमेंबल्स आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं ।

बता दे कि 13 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 1000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर स्थापित किए जाएंगे। और 1000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में से 15% को बैकअप रखते हुए 850 ऑक्सीजन बेड को सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई से पृथक करते हुए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के माध्यम से संचालित किया जाएगा ।

दरअसल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को संचालित करने हेतु अस्पताल में बिजली के विद्युत भार का आकलन, इलेक्ट्रिक सेफ्टी एवं ऑडिट, प्रत्येक बेड पर पवार प्लग कनेक्शन आदि की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने हेतु सभी डीन को निर्देश दिए गए ।

मध्यप्रदेश बनेगा ऑक्सीजन सप्लाई में आत्मनिर्भर

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार बीना में बीओआरएल के निकट 1000 बिस्तर के अस्थायी कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया और साथ ही मौके पर पूरे रोडमैप की समीक्षा भी की।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि ये प्रदेश का पहला आक्सीजन सप्लाई आधारित अस्थाई अस्पताल है जहां पलंग तक डायरेक्ट ऑक्सीजन पाइप लाइन रहेगी।

इस दौरान सीएम ने कहा कि हमारा उद्देश्य आने वाले समय में मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता के मामले में भी आत्मनिर्भर बनकर उभरे। उन्होंने यह भी कहा कि हमें कोरोना से हर मुकाबले के लिए तैयार रहना होगा। इस सिलसिले में ही बड़े ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना भी की जा रही है।

भोपाल की सड़क बानी घातक, लोडिंग ऑटो को टक्कर मार तेज डंपर घर में जा घुसा

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भोपाल में रविवार सुबह एक हादसा हो गया जिसमे तेज रफ्तार डंपर ने लोडिंग ऑटो को टक्कर मारी और उसके बाद एक घर में जा घुसा। बताया जा रहा है कि लोडिंग में सवार 2 लोगों की मौत हो गई है जबकि 2 की हालत बेहद गंभीर है। पुलिस का कहना है कि हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर डंपर छोड़कर मौके से फरार हो गया। वहीं लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

हनुमानगंज के थाना इंचार्ज महेंद्र सिंह के कहा कि छोला रोड पर सुबह गणेश मंदिर से नादरा बस स्टैंड की ओर जा रहे सब्जी के लोडिंग ऑटो को डंपर ने टक्कर मारी और फिर एक घर में घुस गया।

हादसे में लोडिंग ऑटो में सवार ड्राइवर समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल पुलिस ने लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने 2 को मृत घोषित कर दिया।

बता दे डंपर में रेत भरी हुई थी। अंदाजा लगाया जा सकता है कि डंपर की रफ्तार अधिक थी क्योंकि घटना के बाद वे दुकानों और घर में घुस गया। लोडिंग ऑटो को टक्कर मारने के बाद पहले हाथ ठेलों और सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानों को तोड़ा और फिर एक मकान की दीवार तोड़ते हुए उसमे घुस गया।

माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त संस्था का प्रमुख निकला रेमडेसिवर इंजेक्शन रैकेट का सरगना

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मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर की कालाबाजारी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। MCRPV भोपाल से संबंधित संस्था के संचालक को STF ने ग्वालियर से तब गिरफ्तार किया जब वह इंजेक्शन की डिलिवरी देने ग्वालियर पहुँचा था।

प्रदेश के सिवनी जिले का रहने वाला सरकारी PG कॉलेज के सामने जीनियस कंप्यूटर कॉलेज जो कि (भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से संबंध संस्था है) के संचालक कमलेश्वर प्रसाद दीक्षित को रेमडिसिवर की कालाबाजारी करते ग्वालियर STF ने रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। दीक्षित सोशल मिडिया के जरिये करता था इसका पर्दाफाश STF ग्वालियर इकाई ने किया है।

इस व्यक्ति ने बांग्लादेश से इंदौर तक का नेटवर्क बनाया और उसके जरिये 30,000 रु का एक रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के उद्देश्य से 5 रेमडिसिवर लेकर ग्वालियर पहुँचा। लेकिन वहीं जाल बिछाकर मरीज का भाई बनकर ग्वालियर STF ने इसको रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

बता दें कि कमलेश्वर प्रसाद का नाम इससे पहले भी विवादित रहा है। जानकारी के अनुसार इसके द्वारा पूर्व में भी माखनलाल यूनिवर्सिटी की मान्यता लेने के लिए धोखा देकर प्रधानमंत्री कौशल भवन दिखा कर फर्जी मान्यता लेने की कोशिश की थी। उसके बाद विश्वविद्यालय की टीम द्वारा पकड़ा गया और मान्यता नही दी गई थी।

लेकिन उसके विश्वविद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ एक अधिकारी जो ग्वालियर के रहने वाले थे और अब दिवंगत हो गए हैं उनके इस दीक्षित के ससुराल पक्ष से अच्छे संबंध थे जिसके कारण इसे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल का कंप्यूटर इंस्टीट्यूट मिल गया था।

विधायक का चुनाव भी लड़ चुका है आरोपी

आरोपी कमलेश्वर प्रसाद दीक्षित अत्यंत महत्वाकांक्षा से ग्रस्त व्यक्ति भी रहा है कभी उसने विधायक बनने के अरमान भी पाले थे। लेकिन कामयाब नही हो पाया था। उसने 2018 में सपाक्स के टिकट पर सिवनी से चुनाव भी लड़ा था जिसमे 832 वोट मिले थे।

फिर ‘आपदा को अवसर’ में बदलने लगा

आरोपी MCU से सम्बंधित सेंटर का मालिक है लेकिन उस समय कोरोना कर्फ्यू के कारण जब सब चीजें बन्द हैं तो उसने इस समय कमाई के लिए रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने की सोची और करने लगा। यह इतना शातिर बदमाश था कि बहुत सोच समझकर इंजेक्शन डिलेवरी करता था लेकिन STF द्वारा बुने जाल में वह फंस गया और अब जेल में है।

महाकौशल को मिला सबसे बड़ा कोविड सेंटर,सांसद राकेश सिंह करेंगे उद्धघाटन

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मध्य प्रदेश के महाकौशल को सबसे बड़े कोविड सेंटर की आज सौगात मिलेगी। लगभग 500 बिस्तरों वाले कोविड केयर सेंटर का आज उद्घाटन किया जाएगा। सांसद राकेश सिंह आज दोपहर 3 बजे इसका शुभारंभ करेंगे।

कोविड केयर सेंटर की तैयारियों को अंतिम रूप देने सांसद राकेश सिंह एवं जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने शनिवार को सेंटर का निरीक्षण किया। सांसद ने इस दौरान अधिकारियों को कल तक सभी तरह की तैयारी पूर्ण करने आदेशित भी किया।

सांसद सिंह ने इस अवसर पर बताया कि कोरोना संक्रमण की बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जबलपुर में कोविड पॉजिटिव मरीजो हेतु प्राथमिक तौर पर बड़े कोविड केयर सेंटर की आवश्यकता थी और सभी जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं जनसहयोग से करमेता स्थित डी मार्ट में 500 बिस्तर का सेंटर बनाया गया है।

भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर अब परिजनों के लिए रात में रुकने हेतु की जाएगी व्यवस्था

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कोरोना वायरस संक्रमण से अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने भदभदा विश्राम घाट पर आये लोगों के लिए रात में ठहरने, खाने-पीने एवं सोने का इंतजाम किया गया है, ताकि जरुरत होने पर वे इन सुविधाओं का लाभ ले सकें।

भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन समिति के सचिव मम्तेश शर्मा ने शनिवार केा बताया कि शहर के अस्पतालों में महामारी से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। इस कारण विश्राम घाट में शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए लंबी कतारें लग रही है। ऐसे में परिजनों को दाह-संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में दूसरे जिलों से आए लोगों को अपने परिजन की अस्थियां ले जाने के लिए रात में भोपाल में रूकना पड़ रहा है लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण उन्हें भोजन और रहने की समस्या आ रही है।

शर्मा ने कहा कि लोगों की इन परेशानियों को देखते हुए स्थानीय लोगों की मदद से विश्राम घाट पर रहने और भोजन की व्यवस्था की गयी है। कोविड से मरने वालों के परिजनों का दाह संस्कार करने वाले लोग आवश्यकता अनुसार इन सुविधाओं का लाभ ले सकते है।

उन्होंने बताया कि विश्राम घाट में आजकल रोजाना करीब छह से सात लोग अपने परिजन की अस्थियां ले जाने के लिए रात को ठहरते हैं। उन्होंने बताया कि रात को रुकने वालों के लिए कुछ बिस्तरों का भी इंतजाम किया गया है।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार को विश्राम घाट में 60 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से 54 कोविड-19 से मरे थे, जिनमें 38 भोपाल जिले के थे, जबकि 16 अन्य जिलों के थे।

इंदौर का कद्दावर कांग्रेस नेता कर रहा था ऑक्सीमीटर की कालाबाजारी

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इंदौर के राजेंद्र नगर पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता यतिन्द्र वर्मा (यति) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान यतिन्द्र वर्मा को पकड़ा है। आरोपी कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को ऑक्सीमीटर ब्लैक में बेच रहा था।

पुलिस ने कहा कि पकड़े गए आरोपी यतिन्द्र वर्मा कांग्रेस पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि आरोपी ऑक्सीफ्लोमीटर की कालाबाजारी कर रहा है। और 7 हजार में ऑक्सीफ्लोमीटर बेचता था।

बता दे कि आरोपी यतींद्र वर्मा को थाना प्रभारी ने खुद के परिवार के सदस्य के बीमार होने का हवाला दिया। उन्होंने आरोपी से ऑक्सीफ्लोमीटर मंगवाया। डिलीवरी के वक्त उसने थाना प्रभारी से 7 हजार रुपये मांगे। इसके बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया।

हार पर बीजेपी मे हाहाकार, कमलनाथ का सरकार से सवाल हार के लिए कौन-कौन जिम्मेदार

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दमोह के एसपी-कलेक्टर के ट्रांसफर पर सवाल उठाया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए प्रदेश की सरकार से पूछा है कि क्या दमोह में बीजेपी को चुनाव जिताने की ज़िम्मेदारी वहाँ के कलेक्टर और एसपी को सौंपी गई थी ?

कमलनाथ ने कहा कि यदि दमोह कलेक्टर और एसपी ने अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन और अपनी वर्दी का सम्मान करते हुये निष्पक्ष चुनाव कराये तो क्या सरकार उन्हें इस कर्तव्यपरायणता की सजा देगी ?  असफल होने के बाद अब प्रशासनिक अधिकारियों में आतंक पैदा करने के लिये कलेक्टर एवं एसपी को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि दमोह चुनाव की पराजय का दूसरा शिकार बीजेपी के वरिष्ठ नेता जयंत मलैया एवं उनके पुत्र सिद्धार्थ मलैया को बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा यदि वास्तव में धनबल के साथ-साथ पूरी बीजेपी, पूरी सरकार, 22 मंत्री, कई विधायक और सांसद के दमोह में महीनों डेरा डालने के बाद भी यदि मलैया परिवार कांग्रेस को 17000 वोटों से जीत दिला सकते है तब उनके वर्चस्व और राजनीतिक कौशल को देखते हुये उन्हें तत्काल मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बना देना चाहिये ?

उन्होंने आगे कहा, जबकि ये हार वास्तव में बीजेपी के हर उस नेता की है जो पूरे दो महीने दमोह में रहने के बाद भी अपने प्रत्याशी को जीत नहीं दिला सके। ये हार शिवराज की उस अनैतिक राजनीति की हार है जो ख़रीद-फ़रोख़्त से सत्ता हथियाने के लिये कुख्यात है।

दरअसल दमोह में बीजेपी की हार शिवराज सरकार के एक साल के कार्यकाल पर जनता का मत है। ये हार बताती है कि बीजेपी ने पिछले एक साल में प्रदेश को कैसी सरकार दी है।