Newbuzzindia: Zee Media के मालिक और  भाजपा के राज्‍यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने समाचार चैनल NDTV India पर एक दिन का बैन लगाए जाने का समर्थन करते हुए ट्वीट किया कि “एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन के प्रतिबंध की सजा कम है। उन्‍होंने लिखा, NDTV पर 1 दिवसीय प्रतिबन्ध नाइंसाफी है, यह सजा बहुत कम है! देश की सुरक्षा से खिलवाड़ के लिए उन पर आजीवन प्रतिबन्ध लगाना चाहिए था। मेरा तो यह भी विश्वास है की अगर NDTV न्यायालय में जाए तो उसे वहां से भी फटकार ही मिलेगी।” चंद्रा ने यूपीए शासन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जी पर प्रतिबंध की बात चली थी तो बुद्धिजीवियों ने मौन साध लिया था।”

 उन्‍होंने लिखा, “UPA काल में Zee पर प्रतिबन्ध की बात चली थी तब NDTV, बाकि तथाकथित बुद्धिजीवीयों ने मौन धारण करा था, Editors Guild भी चुप्पी साधे हुआ था। पर आज गलत को गलत कहने पर, कुछ लोग आपातकाल कह रहे है! क्या देश की सुरक्षा का कोई भी महत्त्व नहीं?”

गौरतलब कि सूचना प्रसारण मंत्रालय के पैनल ने पठानकोट हमले की कवरेज के चलते NDTV इंडिया पर एक दिन के लिए नौ नवंबर को प्रतिबंध लगाया है। सरकार के इस कदम को आपातकाल बताया जा रहा है। चैनल ने अपने बचाव में कहा है कि उसकी कवरेज सबसे संतुलित थी।
पत्रकारों की संस्‍था एडिटर्स गिल्‍ड ने भी प्रतिबंध के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए इसे गलत और राजनीतिक कदम बताया है। गिल्ड ने बैन को हटाए जाने की मांग की है। सूचना और प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि हिंदी न्यूज चैनल के खिलाफ कार्रवाई ‘‘देश की सुरक्षा’’ के हित में की गयी । नायडू ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राजग सरकार मीडिया की स्वतंत्रता का बेहद सम्मान करती है और इस प्रकार के मुद्दों से केवल देश की सुरक्षा और संरक्षा प्रभावित होगी।