Wednesday, October 4, 2023
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राहुल गांधी का 2 दिवसीय मणिपुर दौरा लाइव: चूराचांदपुर रिलीफ कैंप जाते हुए रोका गया काफिला

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राहुल गांधी गुरुवार को अपने दो दिन के मणिपुर दौरे पर इंफाल पहुंचे। जहां चूराचांदपुर रिलीफ कैंप में पीड़ितों से मिलने जा रहे राहुल को काफिले सहित पुलिस ने रोक दिया है। कारण बताते हुए पुलिस ने कहा है कि रास्ते में हिंसा हो सकती है, इसलिए काफिला रोका गया है।

पुलिस की कार्यवाही पर बोलते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पुलिस का कहना है कि वे हमें इजाजत देने की स्थिति में नहीं हैं। राहुल का स्वागत करने लिए लोग सड़क के दोनों ओर खड़े हैं। हम समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्होंने हमें क्यों रोका है।

तय दौरे के अनुसार राहुल को मणिपुर में राहत शिविरों का दौरा करना है और सिविल सोसाइटी के नेताओं से मुलाकात करनी है। वे 30 जून तक मणिपुर में रहेंगे। मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह ने बताया कि राहुल का सीनियर सिटीजन और कई नेताओं से भी मिलने का भी प्रोग्राम है।

मणिपुर में 3 मई से कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा जारी है। हिंसा में अब तक 131 लोगों की मौत हो चुकी है।

Manipur Violence: ‘सर्वदलीय बैठक तक बुलाई गई जब…’ राहुल गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर के हालात के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक पर सवाल उठाया है, साथ ही केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा मणिपुर के हालात पर विचार विमर्श करने के लिए 24 जून को दोपहर 3 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। गृह मंत्रालय की तरफ से इस विषय में बुधवार 21 जून को जानकारी दी गई थी।

सर्वदलीय बैठक पर क्या बोले राहुल गांधी?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “50 दिनों से मणिपुर जल रहा है लेकिन प्रधानमंत्री खामोश हैं। सर्वदलीय बैठक का आयोजन भी तक किया जा रहा है जब प्रधानमंत्री खुद देश में मौजूद नहीं हैं। साफ है, पीएम मोदी के लिए यह बैठक अहम नहीं है।”

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को मणिपुर भेजने की उठाई थी मांग
राहुल गांधी ने एक हफ्ते पहले ही केंद्र सरकार और पीएम मोदी पे तंज कसा था और एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को मणिपुर राज्य में भेजने की मांग भी की थी।
ट्विटर पर ट्वीट करते हुए राहुल ने लिखा था, ‘भाजपा की नफरत की राजनीति ने मणिपुर को 40 दिनों से ज्यादा तक जलाए रखा, जिसमें सौ से भी ज्यादा लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। प्रधानमंत्री ने देश को निराश किया है और पूरी तरह खामोश हैं। हिंसा के इस चक्र को समाप्त और शांति लाने के लिए मणिपुर में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को भेजना चाहिए। आइए इस नफरत के बाजार को बंद करके मणिपुर में हर दिल में मोहब्बत की दुकान खोलते हैं।”

ममता बनर्जी ने भी दी प्रतिक्रिया बोलीं- अब बहुत देर हो चुकी है
गृहमंत्री द्वारा बुलाई गई इस बैठक पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने भी प्रतिक्रिया दी है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “मणिपुर जल रहा है, मणिपुर की जनता मुसीबत में हैं। अब बहुत देर हो चुकी है। सेंट्रल फोर्स की मौजूदगी के बावजूद मंत्री का घर जल रहा है, यह पूर्ण रूप से विफलता है। केंद्र सरकार ने बैठक बुलाई है इसलिए पार्टी की तरफ से डेरेक ओ ब्रायन जायेगें।”

गौरतलब है, पिछले करीब डेढ़ महीने में मणिपुर हिंसा में 100 से ज्यादा लोग मारे गए। लगभग 50 दिन पहले मणिपुर में दो समुदायों (कुकी और मेइता) के बीच हिंसा भड़क उठी थी। मेइता समुदाय के लोग अनुसूचित जनजाति दर्ज की मांग कर रहे थे, जिसके विरोध में राज्य के पर्वतीय जिलों में 3 मई को आदिवासी एकजुटता मार्च निकाला था। उसके बाद से ही दोनो समुदाय के बीच झड़प हो गई और यह हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में जीतेंगे 150 सीट,कर्नाटक की जीत को दोहराएँगे : राहुल गाँधी

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत ने पार्टी में नई जान फूंक दी हो। पार्टी के प्रवक्ता से लेकर कार्यकर्ता तक इस जीत के बाद नई ऊर्जा के साथ के सक्रिय हो गए है। पार्टी आगमी चुनावो को लेकर उत्साहित नज़र रही है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कहा की पार्टी यहां 150 सीटों पर विजय प्राप्त करते हुए कर्नाटक की जीत को मध्य प्रदेश में दोहराएगी।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पार्टी के अन्य नेताओं के साथ बैठक के बाद यह टिप्पणी की। पत्रकारों से बात करते हुए, राहुल गांधी ने कहा, “हमने अभी बहुत विस्तृत बैठक की है। हमारा आंतरिक आकलन कहता है कि चूंकि हमें कर्नाटक में 136 सीटें मिली थीं, अब हमें मध्य प्रदेश में 150 सीटें मिलने जा रही हैं। हमने कर्नाटक में क्या किया, हम मप्र में दोहराएंगे।

बैठक में पार्टी प्रमुख सहित कई बड़े नेता शामिल

मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर सवाल करने पर राहुल गाँधी ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को मध्य प्रदेश के पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में उनके साथ राहुल गांधी, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ भी मौजूद थे।

2018 विधानसभा चुनाव में मिली थी कांग्रेस को जीत

मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और भाजपा को 109 सीटें मिलीं। हालाँकि, 2020 में, कांग्रेस सरकार ने कुछ विधायकों के इस्तीफे के बाद बहुमत खो दिया। इसके बाद, बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई और शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री के रूप में बहाल किया गया।

गहलोत-पायलट की खड़गे-राहुल के साथ 4 घंटे लंबी बैठक, साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के नई दिल्ली स्थित आवास में हुई महत्वपूर्ण बैठक में एकजुटता दिखाते हुए  साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया। 

यह लंबी अवधि के बाद पहली बार था जब गहलोत और पायलट एक-दूसरे के सामने इलती लंबी मीटिंग में एक साथ शामिल हुए। यह महत्वपूर्ण बैठक चार घंटे से अधिक चली और इसमें अशोक गहलोत, सचिन पायलट, मल्लिकार्जुन खर्गे, राहुल गांधी, एआईसीसी के महासचिव केसी वेनुगोपाल और राजस्थान के पार्टी नेता जितेन्द्र सिंह मौजूद थे।

“हमने तय किया है कि हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे। निश्चित रूप से, हम राजस्थान में चुनाव जीतेंगे। अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने इस प्रस्ताव के साथ एकमत हो गए हैं,” बैठक के बाद केसी वेनुगोपाल ने कहा।

बता दें कि पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने पार्टी की चेतावनी के खिलाफ जाते हुए गहलोत के खिलाफ एक दिन के अनशन किया था। 

केजरीवाल ने मांगा कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मिलने के लिए समय

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केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश लाकर दिल्ली सरकार की ताकत कम कर उपराज्यपाल को देने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और समर्थन मांग रहे हैं। बता दे की लोकसभा में अध्यादेश के पास होने के बाद अब यह बिल राज्यसभा में रखा जाएगा जहां भाजपा के पास पूर्ण बहुमत नहीं है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने के बाद हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने महाराष्ट्र जाकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और राज्यसभा में अध्यादेश के खिलाफ वोट करने की अपील करी। तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के बाद अब अरविंद केजरीवाल प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के पास समर्थन मांगने गए है।

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करी है जानकारी दी कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा है। केजरीवाल ने साथ ही बताया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मिलकर केंद्र सरकार द्वारा ले गए अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगेंगे।

कांग्रेस के लिए मुश्किल है केजरीवाल का समर्थन करना

एक बात तो साफ है कि केंद्र सरकार द्वारा ले गए अध्यादेश को राज्यसभा में रोकने के लिए अरविंद केजरीवाल को हर हाल में कांग्रेस पार्टी के समर्थन चाहिए। हालांकि अरविंद केजरीवाल के पुराने बयानों को लेकर कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा उनका समर्थन करने के खिलाफ है। ज्ञात हो कि अरविंद केजरीवाल ने 2014 लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस से कई वरिष्ठ नेताओं पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए थे।

आम आदमी पार्टी की पूर्व विधायक और कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता अलका लांबा ने अरविंद केजरीवाल को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और गांधी परिवार से माफी मांगने की बात कही है।

कर्नाचक में कांग्रेस को मिली प्रचंड जीत, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मिलेगा फायदा ?

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कर्नाचक में कांग्रेस को मिली प्रचंड जीत

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती जारी है। मौजूदा नतीज़ों के अनुसार कांग्रेस कर्नाटक में प्रचंड जीत मिलती दिख रही है। रुझानों और नतीजों को लेकर दिल्ली और कर्नाटक समेत देशभर के कांग्रेस दफ्तरों में जश्न मनाया जा रहा है। वहीं भाजपा ने हार स्वीकार कर ली है। सीएम बोम्मई ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि हम मंजिल तक नहीं पहुंच पाए। साथ ही पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि “हार-जीत भाजपा के लिए बड़ी बात नहीं है। 2 सीट से शुरुआत कर भाजपा आज सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। कार्यकर्ताओं को दुखी होने की जरूरत नहीं है। हम अपनी हार पर पुनर्विचार करेंगे और हम जनता के फैसले का सम्मान करते हैं।”

ताजा आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस को 137 सीटें वहीं भाजपा को 63 सीटें जेडीएस को 20 सीटें और अन्य को चार सीटें मिलती दिख रही है।

कांग्रेस को मिल रही जीत पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बधाई और धन्यवाद देता हूं। कर्नाटक के चुनाव में गरीब जनता की शक्ति जीती है। मोहब्बत की दुकान चुनने के लिए कर्नाटक की जनता का शुक्रिया। कर्नाटक की जनता से हमने 5 वादे किए थे, उन्हें पूरा करेंगे। कर्नाटक की जनता को बधाई देना चाहता हूं।

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव की 224 सीटों पर 10 मई को मतदान हुआ था। हालांकि इस बार के चुनाव में 73.19 फीसदी मतदान हुआ था, जो 2018 के चुनाव के मुक़ाबले 1% कम है। एग्जिट पोल की बात करें तो 4 में कांग्रेस को बहुमत दिया था। एक सर्वे में बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान जताया था और 6 सर्वे ने हंग असेंबली का दावा किया था। अब रुझानों की मानें तो कांग्रेस ही कर्नाटक की किंग बनकर उभरती दिख रही है। बीजेपी और जेडीएस काफी पीछे दिख रही हैं। 

एबीपी-सीवोटर सर्वे: कर्नाटक में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत, 57 प्रतिशत लोग बदलना चाहते है सरकार

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आए एबीपी-सीवोटर के विशेष जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोधी लहर है। इस ओपिनियन पोल में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। जनमत सर्वे के अनुसार कांग्रेस 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में अधिकांश सीटों पर जीत हासिल करेगी। राज्य में 10 मई को मतदान होना है और 13 मई को परिणाम आने हैं।

57 प्रतिशत लोग सरकार बदलना चाहते हैं

सर्वेक्षण के अनुसार, कम से कम 57 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वह परेशान हैं और वर्तमान राज्य सरकार को बदलना चाहते हैं। चुनावी राज्य में बेरोजगारी और बुनियादी ढांचे के बाद भ्रष्टाचार तीसरा सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। एबीपी-सीवोटर सर्वेक्षण के अनुसार, 50.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बीजेपी सरकार के प्रदर्शन को ‘खराब’ बताया है। इसके विपरीत, केवल 27.7 प्रतिशत ने इसे ‘अच्छा’ और अन्य 21.8 प्रतिशत ने ‘औसत’ के रूप में प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।

मुख्यमंत्री बोम्मई का प्रदर्शन बेहद ‘खराब’

एबीपी-सीवोटर सर्वेक्षण ने कर्नाटक में 25,000 उत्तरदाताओं के साथ बातचीत की। इस सर्वे में बीजेपी के लिए और भी बुरी खबर है। मुख्यमंत्री की बात करें तो संभावित मतदाताओं में से 46.9 प्रतिशत ने मौजूदा मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के प्रदर्शन को ‘खराब’ बताया, जबकि सिर्फ 26.8 फीसदी ने उनके प्रदर्शन को ‘अच्छा’ बताया। उसी सर्वेक्षण में, काफी अधिक अनुपात (39.1 प्रतिशत) ने कांग्रेस नेता सिद्धारमैया को अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना, जबकि 31.1 प्रतिशत ने बोम्मई को चुना।

कांग्रेस का वोट शेयर 38 से 40.1 फीसदी होने का अनुमान

एबीपी-सीवोटर ने जबरदस्त सत्ता-विरोधी लहर के बीच कांग्रेस को 115 और 127 सीटों के बीच दिया हैं, जो 224-सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में आरामदायक बहुमत है। सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस का वोट शेयर 2018 के 38 फीसदी से बढ़कर इस बार 40.1 फीसदी हो सकता है। सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि पार्टी कर्नाटक के सभी क्षेत्रों में प्रतिद्वंद्वियों बीजेपी और जेडीएस से आगे चल रही है। यहां तक कि पुराने मैसूर क्षेत्र में भी, जो जेडीएस का गढ़ रहा है, कांग्रेस के अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे निकलने का अनुमान है, जबकि बीजेपी के इस क्षेत्र में बहुत खराब प्रदर्शन करने का अनुमान है।

100 दिन पूरे होने पर #BharatJodo कंसर्ट, सुनिधि चौहान करेंगी परफॉर्म, जानें अन्य जानकारी

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राजस्थान से गुजर रही कांग्रेस की ऐतिहासिक भारत जोड़ो यात्रा अपनी पूरी रफ्तार के साथ जारी है। राहुल गांधी के नेतृत्व में जारी इस अभियान का कल 16 दिसंबर को 100 दिन पूरा हो जाएगा। इस ऐतिहासिक मौके पर 16 दिसंबर की शाम को जयपुर में भारत जोड़ो कंसर्ट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध गायिका सुनिधि चौहान शामिल होंगी। इससे पहले शाम में राहुल गांधी जयपुर में कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे।

गुरुवार सुबह एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि आज भारत जोड़ो यात्रा का 99वां दिन है। कल यानी कि 16 दिसंबर को यात्रा का 100 दिन पूरा होगा। इस दिन शाम के 4 बजे जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए कार्यालय में राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे और शाम 7.30 बजे जयपुर के ही अल्बर्ट हॉल में भारत जोड़ो कंसर्ट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सुनिधि चौहान मुख्य गायिका होंगी। 16 तारीख को शाम में पदयात्रा नहीं होगी। सुबह के सत्र में ही यात्री 6 बजे से 11 बजे तक 23 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे

इससे पहले कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा आज सुबह दौसा जिले के गोलिया गांव से शुरु हुई। सुबह में कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग यात्रा के स्वागत के लिए मौजूद थे। सुबह के सत्र में पदयात्रा के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य रूप से तीन समूहों से बातचीत की। पहला राइट टू हेल्थ के लिए काम कर रहा डॉक्टर्स का एक समूह था। इन लोगों ने गहलोत सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। इनका कहना था कि स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं के समाधान की व्यवस्था की जाए।

Zee News ने पहले चलाई राहुल गांधी पर फेक न्यूज़, अब मांगनी पड़ी माफी

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फेक न्यूज फैलाने के एक मामले को लेकर जी न्यूज एक बार फिर विवादों में है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जुड़े इस मामले पर अब जी न्यूज ने माफी भी मांग ली है।

शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में पहुंचे थे। जहां कांग्रेस दफ्तर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। हमलावरों को लेकर पूछे जाने पर राहुल गांधी ने हिंसा का जवाब अहिंसा से देते हुए कहा कि मैं उन्हें बच्चा समझता हूं। राहुल ने आगे कहा कि , ‘जिन लड़कों ने उनके ऑफिस में तोड़-फोड़ की वो बच्चे हैं। ये अच्छा नहीं है, लड़कों ने गैर-ज़िम्मेदाराना हरकत की है।’
जिसके बाद जी न्यूज ने इस वीडियो क्लिप को उदयपुर हत्याकांड को लेकर राहुल की प्रतिक्रिया के रूप में प्रसारित किया। जी न्यूज के डीएनए कार्यक्रम के दौरान एंकर रोहित रंजन कहते हैं, ‘इस बर्बरता को देश का हर वर्ग सीधे-सीधे कह रहा है कि ये ग़लत है और इसको कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। राहुल गांधी विपक्ष के सबसे बड़े नेता हैं और उनका कहा सबके सामने बहुत मायने रखता है। लेकिन राहुल गांधी अगर उन आरोपियों को बच्चा कह रहे हैं तो फिर सोचिये कि ये आगे क्या सन्देश लेकर जाता है…क्या कन्हैया को मारने वाला, बेरहमी से उसका क़त्ल करने वाला बच्चा था?’

इसके बाद बीजेपी के सांसद, विधायक और मंत्री इस झूठे वीडियो को प्रचारित करने लगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने लिखा कि, ‘ सुनिए आतंकी इनके लिए बच्चे हैं, कल इन्हें मासूम कहेंगे, परसों इनके समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।’ इसी तरह कई जिम्मेदार लोगों ने कांग्रेस और राहुल के खिलाफ दुर्भावना से ग्रसित ट्वीट किया। हालांकि, थोड़े ही देर में इसका सच सामने भी आ गया।

इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स जी न्यूज समेत अन्य बीजेपी नेताओं को आइना दिखाने लगे। झूठ का भंडाफोड़ होते ही जी न्यूज ने अगली सुबह माफी मांग ली। वहीं नेताओं ने ट्वीट डिलीट कर लिए। एंकर राहुल रंजन ने कहा कि ये एक मानवीय भूल थी, जिसके लिए हमारी टीम क्षमा प्रार्थी है। हम इसके लिए खेद जताते हैं।

जल्द हो सकता है बड़ा एलान, सोनिया गांधी के साथ 10 जनपथ में हुई प्रशांत किशोर की बैठक

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भाजपा, टीएमसी, कांग्रेस, शिवसेना, वायएसआर कांग्रेस और जेडीयू जैसे दलों के साथ काम कर चुके रणनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर जल्द ही बड़ा एलान कर सकते है। 10 जनपथ पर प्रशांत की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ हुई मुलाकात हुई। जिसके बाद उनके पार्टी में शामिल होने की अटकले शुरू हो गई है। बता दें कि बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं।

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई यह बैठक करीब 4 घंटे तक चली। बैठक में प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेताओं को प्रेजेंटेशन दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 2024 में होने वाले चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने एक प्रेजेंटेशन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और कुछ बड़े नेताओं के सामने पेश की। इस प्रेजेंटेशन पर समीक्षा के लिए टीम बनाई जाएगी, जो कुछ समय बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसके बाद आखिरी निर्णय लिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने अपने प्रजेंटेशन में कहा कि कांग्रेस पार्टी को 370 सीटों पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस को यूपी, बिहार और ओडिशा में अकेले लड़ना चाहिए। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कांग्रेस को गठबंधन में लड़ना चाहिए। प्रशांत किशोर की बातों पर राहुल गांधी ने भी सहमित जताई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर आने वाले दिनों में कांग्रेस में शामिल हो सकते है, लेकिन उन्होंने पार्टी में कोई खास पद नहीं मांगा है।

इस बैठक में शामिल होने वाले नेताओं में मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, मुकुल वासनिक, दिग्विजय सिंह और अजय माकन शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों से अटकलें हैं कि प्रशांत किशोर को गुजरात चुनाव में कांग्रेस बड़ी भूमिका दे सकती है। इससे पहले एक इंटरव्यू में खुद प्रशांत ने मई में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा एलान करने की बात कही थी।

मीडिया में चल रही रिपोर्ट की माने तो प्रशांत किशोर की टीम गुजरात में सर्वे भी कर रही है। इस बैठक से पहले प्रशांत किशोर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मिल चुके हैं।

गुजरात-हिमाचल प्रदेश चुनाव पर नजर

गौरतलब है कि इस साल के अंत में भाजपा के सामने गुजरात और हिमाचल प्रदेश को बचाने की बड़ी चुनौती होगी। दोनों ही राज्यों में उसके सामने कांग्रेस टक्कर में नजर आएगी। ऐसे में सोनिया और राहुल गांधी इन दोनों ही राज्यों में पार्टी की स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे।