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शुक्रवार, मार्च 5, 2021
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के बयान के बाद कहा , उनकी ट्यूबलाइट काफी देर से जलती है

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कांग्रेस(Congress) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष(Ex National President) राहुल गाँधी(Rahul Gandhi) ने उनकी दादी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री(Prime minister) इंदिरा गाँधी(Indira Gandhi) के इमरजेंसी(Emergency) लगाने के फैसले को एक भूल बताया है। राहुल गांधी ने कहा कि 1975 से 77 के बीच 21 महीने के आपातकाल के दौरान जो कुछ भी हुआ वो गलत था। वहीं राहुल के इस बयान के बाद बीजेपी को बड़ा मुद्दा मिल गया है। बीजेपी ने राहुल गांधी के इमरजेंसी वाले बयान पर अब उन्हें पूरी तरह से घेर लिया है।

मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री(Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) ने राहुल गांधी को ट्यूबलाइट बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल जी की दिक्कत यही है कि वह बहुत वर्षों बाद सोचते हैं। जब 1975 में इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई थी तब हम बच्चे थे लेकिन उसके साथ जेल भी गए थे। आज जब राहुल गांधी बोल रहे हैं तो हम 61 साल के हो गए हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की सोच बहुत पीछे चलती है और उन्हें यह बात अब समझ में आ रही है। हालांकि देर आए दुरुस्त आए लेकिन उन्हें सोचना चाहिए कि वह जो आज कह रहे हैं उन्हें अब कई वर्षों बाद लगेगा कि वह गलती कर रहे थे। तब उन्हें फिर गलती की माफी मांगनी पड़ेगी। उनकी ट्यूबलाइट देर से जलती है।

शिवराज सिंह चौहान ने खंडवा सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि नंदू भैया के जाने से जो शून्य पैदा हुआ है वह मध्यप्रदेश के सार्वजनिक जीवन में तथा भाजपा के जीवन में तथा कार्यकर्ता के नाते मेरे भी निजी जीवन में वह शून्य कभी भरा नहीं जाएगा। नंदू भैया जैसा कोई नहीं वह सेवा की समर्पण की एक अलग शख्सियत थे।

बंगाल विधानसभा चुनाव: साथ लड़ेंगे कांग्रेस- लेफ्ट, सीटों को हुआ बटवारा

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बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए हलचल शुरू हो गई है। कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों में गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं ने अंतिम रूप ले लिया है। विधानसभा की 193 सीटों को लेकर कांग्रेस ने लेफ्ट के साथ बंटवारा कर लिया है। इन 193 सीटों में से 101 पर लेफ्ट पार्टियां और 92 पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। वहीं बाकी सीटों के लिए अगली बैठक में फैसला किया जाएगा।

बता दें कि कांग्रेस ने 2016 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भी वाममोर्चा के साथ गठबंधन किया था। जहां माकपा 148 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 26 सीटों पर उसे जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस ने 92 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिसमें उसे 44 सीटों पर जीत मिली थी।

इसके अलावा वामदलों के सहयोगी के तौर पर ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ कर दो सीटें जीती थी। सीपीआई 11 सीटों पर चुनाव लड़कर 1 सीट जीती थी। इसके अलावा रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी 19 सीटों पर चुनाव लड़कर 3 सीटें जीती थी।

इस तरह से देखें तो 2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस वाम मोर्चे के गठबंधन में सबसे अधिक फायदा कांग्रेस को ही हुआ था। कांग्रेस पार्टी ने मात्र 92 सीटों पर चुनाव लड़कर 44 सीटें जीती, जबकि वामपंथी दल 202 सीटों पर चुनाव लड़कर मात्र 32 सीटें ही जीत पाए थे। 44 सीटें जीतने के कारण कांग्रेस को विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा भी मिला था। इसके बाद कांग्रेस और लेफ्ट का गठबंधन टूट गया था और 2019 के लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ी थी।

वहीं, इस बार कांग्रेस और लेफ्ट ने फैसला किया था कि साल 2016 के चुनाव में जीती हुई अपनी-अपनी सीटों पर कांग्रेस और लेफ्ट के प्रत्याशी उतरेंगे। इस तरह कांग्रेस को अपनी जीती हुई 44 सीटों के साथ 92 सीटें मिली है और लेफ्ट को अपनी जीती हुई 33 सीटों के साथ 101 सीटें मिली है।इसके बाद बाकी बची सीटों पर अभी पेच फंसा हुआ है, जिस पर दोनों दलों के साथ सहमति बनने बाद बंटवारे का ऐलान होगा। इससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस इस बार बंगाल में पिछले चुनाव से ज्यादा सीटों पर किस्मत आजमाएंगी।

पीएम मोदी से ज्यादा समझदार हैं किसान, उन्हें पता कि देश में क्या हो रहा है: राहुल गांधी का सरकार पर हमला

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश की आम जनता की लड़ाई आज किसान लड़ रहे हैं। वे हमारे भोजन की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें उनका पूरा समर्थन करना चाहिए। अभी तक खेती में किसी का एकाधिकार नहीं था। इन कृषि कानूनों से किसानों का हाल आजादी से पहले वाला हो जाएगा। सरकार को इन तीनों कानून को वापस लेना होगा। हम सरकार पर दबाव बना रहे हैं। ये प्रेस कॉन्फ्रेस भी सरकार पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। किसानों को न थकाया जा सकता है और न ही बेवकूफ बनाया जा सकता है। किसान प्रधानमंत्री मोदी से ज्यादा समझदार हैं। उन्हें पता है कि देश में क्या हो रहा है।

“आज देश के सामने एक त्रासदी आ गई है, सरकार देश की समस्या नजरअंदाज करना चाहती है और गलत सूचना दे रही है। मैं अकेले किसानों के बारे में बोलने वाला नहीं हूं क्योंकि यह त्रासदी का हिस्सा है। यह युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। यह वर्तमान के बारे में नहीं बल्कि आपके भविष्य के बारे में है।”

रोबर्ट वाड्रा ने दिए राजनीति में आने के संकेत, राहुल- प्रियंका और सरकार पर की बात

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने आज राजनीति में उतरने और चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। बेनामी संपत्ति के मामले में लगातार दो दिन पूछताछ किए जाने के बाद उन्होने यह बयान दिया है।

मीडिया से बात करते हुए वाड्रा ने कहा कि राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के कारण उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। राजनीति में न होने के बावजूद वह सियासी लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होने कहा कि सरकार जब भी मुश्किल में होती है, वह पंचिंग बैग की तरह मेरा इस्तेमाल किया जाता है।

वाड्रा ने आगे कहा कि अब मुझे लगता है कि मैंने लंबे समय तक बाहर से लड़ाई लड़ी है। मैंने खुद को समझाया, लेकिन लगातार वे मुझे परेशान करते रहे। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि मैं राजनीति में नहीं हूं। मैं हमेशा राजनीति से दूर रहा।
रॉबर्ट वाड्रा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को गुरुवार को दिए इंटरव्यू में ये बातें कही हैं।
बता दें कि वाड्रा ने लोकसभा चुनाव के दौरान सोनिया गांधी के लिए रायबरेली और राहुल गांधी के लिए अमेठी में प्रचार किया था।

गांधी परिवार पर बात करते हुए उन्होने कहा कि, गांधी परिवार के लोगों ने देश के लिए जान दी है। मैं ऐसे परिवार से हूं, जो कई पीढ़ियों से इस देश की सेवा करता आया है। इस परिवार के लोगों ने देश के लिए जान दी है। मैंने उन्हें देखा है, उनसे सीखा है, मुझे लगता है कि मुझे इसी ताकत के साथ लड़ने के लिए संसद में जाना होगा।

सही समय आने पर लूंगा चुनाव लड़ने का फैसला
वाड्रा ने चुनाव लड़ने पर कहा कि मैं एक ऐसी जगह देखूंगा, जहां के लोग मुझे वोट देंगे और मैं उन लोगों की जिंदगी में फर्क ला सकता हूं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसमें परिवार की रजामंदी भी जरूरी होगी। पूरा परिवार, खास तौर से प्रियंका हमेशा मेरे फैसलों का सपोर्ट करती हैं। मैं पूरे परिवार के बारे में बात कर रहा हूं। जब वे इसके लिए हां कह देंगे, तो मैं राजनीति में आ सकता हूं।

असल मुद्दों से भटकाना चाहती है सरकार
मैं राजनीतिक परिवार का हिस्सा हूं और इसलिए दूसरी पार्टियों से निपटना होगा। वे भी मेरे बारे में बात करते हैं। देश के लोग और मीडिया भी हमारा पक्ष जानना चाहते हैं। सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए मुझे जरिया बना रही है। उन्होंने कहा कि इस समय कोरोना फैला हुआ है। किसानों के मुद्दे हैं। वे प्रदर्शन कर रहे हैं। खुदकुशी कर रहे हैं। ऐसे माहौल में सरकार सोचती है कि किसी एजेंसी को पूछताछ के लिए भेजना चाहिए। वे मुझसे वही सवाल पूछते हैं, जिनके मैं पहले जवाब दे चुका हूं।’


राहुल में नेतृत्व क्षमता

राहुल गांधी के पास कांग्रेस का नेतृत्व करने की क्षमता है। हालांकि, यह पार्टी को तय करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है। यहां हर किसी का अपना मत है। अगर पार्टी को लगता है कि उनमें संभावना है तो वे उन्हें अध्यक्ष चुन लेंगे। प्रियंका अपना काम ईमानदारी से कर रही हैं। देश के लोग चाहते हैं कि वे नेशनल लेवल पर ज्यादा एक्टिव रहें। उन्हें खुद को साबित करने के लिए और वक्त दिया जाना चाहिए।

बिहार विधानसभा चुनाव नतीजे लाइव: महागठबंधन और एनडीए में कड़ी टक्कर

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बिहार विधानसभा चुनाव में जारी वोटों की गिनती में लगातार रुझान बदल रहे हैं। 243 सीटों के प्राप्त रुझानों में बीजेपी 77 सीटों पर, आरजेडी 61 सीटों पर, जेडीयू 52 सीटों पर, कांग्रेस 22 सीटों पर, भाकपा-माले 13 सीटों पर, वीआईपी छह सीटों पर, एलजेपी 4 सीटों पर और माकपा तीन सीटों पर आगे चल रही हैं, वहीं भाकपा, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, बसपा एवं एआईएमआईएम एक-एक सीट पर तथा निर्दलीय चार सीटों पर आगे चल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस वक्त करीब 47 सीटों पर 100 वोटों से भी कम का अंतर चल रहा है।

एग्जिट पोल में महागठबंधन की जीत का अनुमान
बिहार विधानसभा चुनाव में अधिकांश एक्जिट पोल में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पांच दलों के महागठबंधन को जीत हासिल होने का पूर्वानुमान व्यक्त किये जाने के बीच मंगलवार को मतगणना होगी । राज्य में मतगणना 38 जिलों के 55 मतगणना केंद्रों पर होगी और इसके परिणाम नीतीश कुमार सरकार का भविष्य तय करेंगे । नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षो से बिहार के मुख्यमंत्री हैं।

महागठबंधन 103 सीटों पर और एनडीए 126 सीटों पर आगे

हरियाणा उपचुनाव: 10वे राउंड के बाद भी कांग्रेस ने बनाए रखी बड़त, योगेश्वर दत्त पीछे

हरियाणा उपचुनाव: 10वे राउंड के बाद भी कांग्रेस ने बनाए रखी बड़त, योगेश्वर दत्त पीछे

तमाम Exit Polls में महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत, मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी बने पहली पसंद

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बिहार विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही विभिन्न मीडिया समूहों के एग्जिट पोल्स के नतीजे सामने आ गए हैं। जिनमें ज्यादातर समूह महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता हुआ दिखा रहा है। पोल्स में मुख्य बात यह है कि यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पछाड़ते हुए तेजस्वी यादव पहली पसंद बनकर उभरे हैं।

एक्जित पोल्स के अनुसार महागठबंधन को 180 सीटों तक मिलने की संभावना है। जारी किए गए सर्वे में न्यूज 18- चाणक्य ने महागठबंधन को 180 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है । वहीं एनडीए के हिस्से में 55 सीटें जाने की संभावना दी है।


इंडिया टुडे के लिए एक्सिस माइ इंडिया के सर्वे में महागठबंधन को 139 से 161 सीटें तक मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं एनडीए का आंकड़ा 69 से 91 तक जा सकता है।


इसके अलावा एबीपी न्यूज-सी वोटर के सर्वे के मुताबिक महागठबंन के खाते में 108 से 131 सीटों की संभावना है वहीं एनडीए को 104 से 128 तक सीटें मिल सकती हैं।


रिपब्लिक- जन की बात के सर्वे में महागठबंधन के लिए 118 से 138 सीटों का अनुमान लगाया गया है और एनडीए के खाते में 91 से 117 सीटें जाती दिखाई गई हैं।


इसके अलावा टाइम्स नाउ- सी वोटर ने महागठबंधन के खाते में 120 और एनडीए के खाते में 116 सीटें जाने का अनुमान लगाया गया है

दैनिक भास्कर ने दिया एनडीए को बहुमत


हालांकि, बाकी सभी एग्ज़िट पोल से अलग दैनिक भास्कर के अनुमान में एनडीए को बिहार में बहुमत मिलता दिखाया गया है। भास्कर ने एनडीए को 120-127 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है, जबकि महागठबंधन को 71-81 सीटें मिलने की बात कही गई है। वहीं इस एग्जिट पोल में एलजेपी के लिए अच्छी खबर है। एलजेपी को इसमें 12-23 सीटें दी गई हैं और अन्य पार्टियों को 19-27 सीटें मिलती बताई गई हैँ।

मुख्यमंत्री के लिए तेजस्वी पहली पसंद


एग्जिट पोल में महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को पछाड़ दिया है। इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक बिहार के 44 फीसदी लोगों की पसंद तेजस्वी यादव हैं। वहीं, इस रेस में नीतीश कुमार पीछड़कर 35 फीसदी पर पहुंच गए हैं। वहीं एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान को महज 7 फीसदी लोग ही मुख्यमंत्री का पसंद मानते हैं।

बता दें कि चुनाव संपन्न होने के बाद अब नतीजों के लिए सभी को 10 नवंबर का इंतजार है।

हारे ट्रम्प, जो बिडेन बनेंगे राष्ट्रपति, कामाला हैरिस बनेंगी पहली महिला उपराष्ट्रपति

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अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे आ चुके हैं और वाइट हाउस की कमान अब डेमोक्रैट कैंडिडेट जो बाइडेन के हांथों में आना तय है। बाइडेन ने रिपब्लिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप को पीछे छोड़ते हुए पेंसिल्वेनिया अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही उन्हें जरूरी 270 इलेक्टोरल वोट मिल गए।

जीत की रिपोर्ट्स सामने आने के बाद बाइडेन ने ट्वीट किया-‘अमेरिका, मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि आपने देश के नेतृत्व के लिए मुझे चुना है। हमारे आगे का काम मुश्किल होगा लेकिन मैं वादा करता हूं कि मैं सभी देशवासियों का राष्ट्रपति रहूंगा- चाहे आपने मुझे वोट किया हो चा नहीं। आपने जो भरोसा मुझपर दिखाया है, उसे मैं पूरा करूंगा।’ बता दें कि पेंसिल्वेनिया में ट्रंप आगे चल रहे थे लेकिन जैसे-जैसे मेल-इन बैलेट की गिनती की गई, वैसे-वैसे बाइडेन आगे निकलते गए। इससे पहले खबरें आ रही थीं कि फिलेडेल्फिया में फर्जी बैलेट ले जाने के आरोप में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

राहुल गांधी ने भी दी बधाई

अमेरिका में पहली महिला उपराष्ट्रपति बनेंगी कमला हैरिस

कमला हैरिस ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति चुनाव जीत वे ऐसा करने वाली पहली महिला, पहली अश्वेत अमेरिकी और पहली एशियाई अमेरिकी बन गई हैं।

बता दें कि कमला हैरिस के माता और पिता भारत और जमैका से आए थे। कमला ने अपनी पार्टी की ओर से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन किया था और पार्टी के दूसरे उम्मीदवारों बिडेन और अन्य का मुकाबला किया था। हालांकि वे पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो गईं थीं।

हाथरस जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने धक्कामुक्की कर किया गिरफ्तार

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Rahul Gandhi
Rahul Gandhi

यूपी में हाथरस कांड पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने जा रहे काग्रेस नेता राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उनके साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद हैं। हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल गांधी और पुलिस कर्मियों के बीच बहस और झूमाधटकी भी हुई।
पुलिस से सावल करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ”किस धारा में मुझे गिरफ्तार किया जा रहा है। अकेला जाना धारा 144 का उल्लंघन कैसे है।” राहुल गांधी की इस दलील पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने कहा कि धारा 188 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

इससे पहले राहुल गांधी को रोकने के लिए पुलिस कर्मी ने धक्का दिया। राहुल नीचे गिर गए। इस दौरान राहुल गांधी एबीपी न्यूज़ से बात कर रहे थे। घटना पर एबीपी न्यूज़ के संवाददाता ने राहुल गांधी से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि थोड़ा सा धक्का लगा, कोई बात नहीं है। कभी-कभी ऐसा होता है। मैं दलित परिवार से मिलना चाहता हूं।

राहुल गांधी ने ट्वीट भी किया। उन्होंने कहा, ”इस घटना के बाद राहुल गांधी ने कहा, ”दुख की घड़ी में अपनों को अकेला नहीं छोड़ा जाता। UP में जंगलराज का ये आलम है कि शोक में डूबे एक परिवार से मिलना भी सरकार को डरा देता है। इतना मत डरो, मुख्यमंत्री महोदय!”

बता दें कि उत्तर प्रदेश में हाथरस कांड पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने के लिए करीब एक बजे राहुल गांधी अपने आवास से निकले। इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। उन्हें नोएडा में डीएनडी पर रोकने की कोशिश की गई। काफिले को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने रोक लिया। जिसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिये निकल गये।

आगे कुछ दूर चलने के बाद यूपी पुलिस ने फिर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने धक्कामुक्की की। राहुल नीचे गिर गए। राहुल को चोट भी लगी है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को गाड़ी में बैठाकर पुलिस लेकर चली गई। वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता का सिर फूट गया।

कांग्रेस के प्रदेश मीडिया संयोजक ललन कुमार ने बताया कि प्रियंका और राहुल हाथरस कांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे। रास्ते में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने उनके काफिले को परी चौक इलाके में रोक लिया।

इस बीच, राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने राहुल और प्रियंका पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ये जो भाई—बहन दिल्ली से चले हैं, उन्हें राजस्थान जाना चाहिये था। जहां भी ऐसी घटना होती है, वह जघन्य अपराध होता है। राजस्थान में भी वारदात हुई थी, मगर कांग्रेस हाथरस की घटना पर गंदी राजनीति कर रही है।’

उधर, हाथरस जिलाधिकारी पी।के। लक्षकार ने बताया कि जिले में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है, जो आगामी 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गयी हैं।

गौरतलब है कि गत 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था। लड़की को रीढ़ की हड्डी में चोट और जीभ कटने की वजह से पहले अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उसके बाद उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई थी।

इस घटना को लेकर देश भर में जगह—जगह प्रदर्शन किये गये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन करके इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिये विशेष जांच दल गठित किया है।

हो गई सुलह, राष्ट्रीय स्तर पर सचिन पायलट को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

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राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और हाल ही में पार्टी से बागी हुए सचिन पायलट की आज राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से हुई मुलाकात के बाद घर वापसी की राह दिख रही है। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, मुलाकात में सचिन पायलट को राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी देने पर सहमति बनी है।

हालांकि कुछ समय बाद सचिन एक बार फिर राजस्थान में सक्रिय हो सकेंगे। आज हुई मुलाकात के बाद राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के ऊपर से खतरा फिलहाल टल चुका है।

हालांकि अभी तक इस बारे में कोई अधिकारिक घोषणा पार्टी की तरफ से नही की गई है।

वहीं समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सकचिन पायलट खेमे के विधायक भावन शर्मा ने भी आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की है।

दिल्ली में राहुल और प्रियंका से हुई सचिन पायलट की मुलाकात, टल सकता है सरकार पर से खतरा

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rahul gandhi with sachin pilot
rahul gandhi with sachin pilot

आज सुबह से ही राजस्थान में सियासी हलचल तेज है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट कुछ अन्य बागी विधायकों के साथ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात करने वाले हैं।

मीडिया में जारी खबरों के अनुसार इस मुलाकात में पायलट और पार्टी के बीच उपजी कड़वाहट को मिटाने की कोशिश की जाएगी। सूत्रों के अनुसार कुछ दिनों पहले एनसीआर में प्रियंका गांधी और सचिन पायलट के बीच मुलाकात हुई थी। जिसके बाद यह तय हो पाया है। प्रियंका और सचिन की मुलाकात के बाद कई स्तरों पर बातचीत भी हो चुकी है।

ताजा घटनाक्रम विधानसभा सत्र बुलाए जाने के पांच दिन पहले हुआ है। जहां अशोक गहलोत अपना बहुमत साबित करने का दावा कर रहे हैं और अपने विरोधियों पर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार गिराने के प्रयास का आरोप लगाया था।


वहीं इस जानकारी के उलट पायलट खेमा अपनी पुरानी बात पर अड़ा हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस की कामयाबी के दावे को खारिज करते हुए पायलट खेमे का कहना है कि हमारा मुख्य मुद्दा अभी भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पद से हटाना ही है।