Saturday, December 3, 2022
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Zee News ने पहले चलाई राहुल गांधी पर फेक न्यूज़, अब मांगनी पड़ी माफी

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फेक न्यूज फैलाने के एक मामले को लेकर जी न्यूज एक बार फिर विवादों में है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जुड़े इस मामले पर अब जी न्यूज ने माफी भी मांग ली है।

शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में पहुंचे थे। जहां कांग्रेस दफ्तर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। हमलावरों को लेकर पूछे जाने पर राहुल गांधी ने हिंसा का जवाब अहिंसा से देते हुए कहा कि मैं उन्हें बच्चा समझता हूं। राहुल ने आगे कहा कि , ‘जिन लड़कों ने उनके ऑफिस में तोड़-फोड़ की वो बच्चे हैं। ये अच्छा नहीं है, लड़कों ने गैर-ज़िम्मेदाराना हरकत की है।’
जिसके बाद जी न्यूज ने इस वीडियो क्लिप को उदयपुर हत्याकांड को लेकर राहुल की प्रतिक्रिया के रूप में प्रसारित किया। जी न्यूज के डीएनए कार्यक्रम के दौरान एंकर रोहित रंजन कहते हैं, ‘इस बर्बरता को देश का हर वर्ग सीधे-सीधे कह रहा है कि ये ग़लत है और इसको कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। राहुल गांधी विपक्ष के सबसे बड़े नेता हैं और उनका कहा सबके सामने बहुत मायने रखता है। लेकिन राहुल गांधी अगर उन आरोपियों को बच्चा कह रहे हैं तो फिर सोचिये कि ये आगे क्या सन्देश लेकर जाता है…क्या कन्हैया को मारने वाला, बेरहमी से उसका क़त्ल करने वाला बच्चा था?’

इसके बाद बीजेपी के सांसद, विधायक और मंत्री इस झूठे वीडियो को प्रचारित करने लगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने लिखा कि, ‘ सुनिए आतंकी इनके लिए बच्चे हैं, कल इन्हें मासूम कहेंगे, परसों इनके समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।’ इसी तरह कई जिम्मेदार लोगों ने कांग्रेस और राहुल के खिलाफ दुर्भावना से ग्रसित ट्वीट किया। हालांकि, थोड़े ही देर में इसका सच सामने भी आ गया।

इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स जी न्यूज समेत अन्य बीजेपी नेताओं को आइना दिखाने लगे। झूठ का भंडाफोड़ होते ही जी न्यूज ने अगली सुबह माफी मांग ली। वहीं नेताओं ने ट्वीट डिलीट कर लिए। एंकर राहुल रंजन ने कहा कि ये एक मानवीय भूल थी, जिसके लिए हमारी टीम क्षमा प्रार्थी है। हम इसके लिए खेद जताते हैं।

जल्द हो सकता है बड़ा एलान, सोनिया गांधी के साथ 10 जनपथ में हुई प्रशांत किशोर की बैठक

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भाजपा, टीएमसी, कांग्रेस, शिवसेना, वायएसआर कांग्रेस और जेडीयू जैसे दलों के साथ काम कर चुके रणनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर जल्द ही बड़ा एलान कर सकते है। 10 जनपथ पर प्रशांत की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ हुई मुलाकात हुई। जिसके बाद उनके पार्टी में शामिल होने की अटकले शुरू हो गई है। बता दें कि बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं।

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई यह बैठक करीब 4 घंटे तक चली। बैठक में प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेताओं को प्रेजेंटेशन दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 2024 में होने वाले चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने एक प्रेजेंटेशन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और कुछ बड़े नेताओं के सामने पेश की। इस प्रेजेंटेशन पर समीक्षा के लिए टीम बनाई जाएगी, जो कुछ समय बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसके बाद आखिरी निर्णय लिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने अपने प्रजेंटेशन में कहा कि कांग्रेस पार्टी को 370 सीटों पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस को यूपी, बिहार और ओडिशा में अकेले लड़ना चाहिए। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कांग्रेस को गठबंधन में लड़ना चाहिए। प्रशांत किशोर की बातों पर राहुल गांधी ने भी सहमित जताई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर आने वाले दिनों में कांग्रेस में शामिल हो सकते है, लेकिन उन्होंने पार्टी में कोई खास पद नहीं मांगा है।

इस बैठक में शामिल होने वाले नेताओं में मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, मुकुल वासनिक, दिग्विजय सिंह और अजय माकन शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों से अटकलें हैं कि प्रशांत किशोर को गुजरात चुनाव में कांग्रेस बड़ी भूमिका दे सकती है। इससे पहले एक इंटरव्यू में खुद प्रशांत ने मई में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा एलान करने की बात कही थी।

मीडिया में चल रही रिपोर्ट की माने तो प्रशांत किशोर की टीम गुजरात में सर्वे भी कर रही है। इस बैठक से पहले प्रशांत किशोर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मिल चुके हैं।

गुजरात-हिमाचल प्रदेश चुनाव पर नजर

गौरतलब है कि इस साल के अंत में भाजपा के सामने गुजरात और हिमाचल प्रदेश को बचाने की बड़ी चुनौती होगी। दोनों ही राज्यों में उसके सामने कांग्रेस टक्कर में नजर आएगी। ऐसे में सोनिया और राहुल गांधी इन दोनों ही राज्यों में पार्टी की स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे।

कांग्रेस पार्ट्री की कमाई में आई रिकार्ड गिरावट, जानें साल भर में हुई कितनी कमाई

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पिछले साल के मुकाबले पार्टी के खर्च में भी 998.15 करोड़ रुपये की कमी आई है। 30 मार्च को पार्टी द्वारा चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कमाई वित्तीय वर्ष 2020-21 में 58 प्रतिशत से ज्यादा घट गई। पिछले साल में जो कमाई 682.2 करोड़ रुपये थी वह अब घटकर 285.7 करोड़ रुपये हो गई।

पार्टी का खर्च भी पिछले वित्तीय वर्ष में 998.15 करोड़ रुपये से कम होकर 2019 करोंड़ रह गया है। बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 में कांग्रेस की आय 918 करोड़ रुपये थी। तब से इसमें गिरावट जारी है।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी की आय का एक बड़ा हिस्सा “कूपन जारी करने” से आता है। पार्टी ने कहा कि उसे इससे 156.9 करोड़ रुपये मिले। एक अन्य स्रोत, “अनुदान और दान”, ने 95.4 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जबकि 20.7 करोड़ रुपये “शुल्क और सदस्यता” से आए।

एनसीपी की आय वित्त वर्ष 2015 में 85.5 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 21 में 34.9 करोड़ रुपये हो गई। इसका खर्च भी पिछले वित्त वर्ष के 109.18 करोड़ रुपये से गिरकर 2020-21 में 12.17 करोड़ रुपये हो गया।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी जद (यू) ने वित्त वर्ष 2015 में अपनी वार्षिक आय में 23.25 करोड़ रुपये से वित्त वर्ष 2015 में 65.31 करोड़ रुपये की वृद्धि देखी, और इसी अवधि में पार्टी का खर्च भी 10.67 करोड़ रुपये से बढ़कर 24.34 करोड़ रुपये हो गया।

पिछले साल, चुनावी ट्रस्टों द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए आंकड़ों से पता चला कि अन्य राजनीतिक दलों के योगदान में गिरावट आई है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा के लिए उनका हिस्सा बढ़ा है।

कांग्रेस संसदीय दल की हुई बैठक, पढ़ें अध्यक्षा सोनिया गांधी का पूरा भाषण

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कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी का भाषण:

खड़गे जी, अधीर रंजन जी, राहुल जी और मेरे साथी सांसदों, हमारे चार सबसे अनुभवी साथी हाल ही में राज्यसभा से रिटायर हुए हैं, और जब हम अगली बार मिलेंगे तो कुछ और साथी भी रिटायर हो चुके होंगे। इन सबने अपने कार्यकाल में पार्टी और देश के लिए बहुत अच्छा योगदान दिया है। मैं उन सभी को धन्यवाद कहना चाहती हूं। मुझे विश्वास है कि वे सभी जनसेवा के कार्यों में उसी तरह लगे रहेंगे और पार्टी को मजबूत करने में योगदान देंगे।
संसद के इस सत्र में बजट पेश किया गया और कई मंत्रियों के कामकाज को लेकर चर्चा की गई। आपमें से अधिकतर लोगों ने इन चर्चाओं में हिस्सा लिया और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी के नजरिए को मजबूती से सामने रखा। संसद के दोनों सदनों में हमारे सांसदों ने जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।


इसमें संदेह नहीं कि सरकार का रवैया बिल्कुल नहीं बदला है। एमएसएमई अभी भी दयनीय स्थिति में हैं। ऐसा कोई संकेत नहीं है कि सरकार ने किसानों से जो वादा किया है उसे किसी तरह पूरा किया जाएगा। रसोई गैस और तेल, पेट्रोल-डीजल, खाद और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों असहनीय स्तर पर पहुंच चुकी हैं और उनमें बढ़ोत्तरी लगातार जारी है। कुछ दिन पहले हमारी पार्टी ने पूरे देश में महंगाई मुक्त भारत आंदोलन शुरु किया, जिसमें आपमें से कई लोगों ने हिस्सा लिया। इसे जारी रखने की जरूरत है।


शासन के मामले में अब यह साबित हो चुका है कि असली काम कुछ लोग करते हैं और संस्थाओं की बुनियाद रखते हैं, लेकिन कुछ लोग उसका श्रेय लेते हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए सरकार की कम से कम दो ऐसे ऐतिहासिक कदमों ने बीते दो साल में देश के करोड़ों लोगों को जीवनदान देने का काम किया है जिनकी प्रधानमंत्री स्तर के लोगों ने सार्वजनिक तौर पर आलोचना की थी। मेरा तात्पर्य निश्चित रूप से खाद्य सुरक्षा कानून और मनरेगा की तरफ है। वैसे तो केंद्रीय मंत्री इस बात से इनकार करते हैं लेकिन मनरेगा की दिहाड़ी चुकाने में जो देरी होती है उससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं और यह गंभीर विषय है।
हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद सरकार हमारी सीमाओं की स्थिति पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। अगर इस मुद्दे पर चर्चा होती है तो सब मिलजुलकर समस्या का समाधान खोज सकते हैं। देश की विदेश नीति के मूलभूत सिद्धांत के रूप में गुटनिरपेक्षता के महत्व की भले ही मौजूदा सरकार आलोचना करती रही हो, लेकिन मुझे यह बताते हुए खुशी है कि इसी सिद्धांत की फिर से बात हो रही है, भले ही इसे इस रूप में स्वीकार नहीं किया जा रहा है।

यूक्रेन से निकाले गए हजारों छात्रों के भविष्य को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने की जरूरत है। और जल्द से जल्द, देश में चिकित्सा शिक्षा के निरंतर बढ़ते खर्च पर रोक लगाकर समाधान निकालने की आवश्यकता है।

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने, जिसमें हमारी इंटक भी शामिल थी, मजदूरों और किसानों को प्रभावित करने वाली केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 28 और 29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। बढ़ती बेरोजगारी और आजीविका की असुरक्षा के समय श्रम कानूनों को कमजोर किया गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संचय यानी पीएफ पर ब्याज दरों में काफी कमी की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को जो अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के रोजगार के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं, उन्हें एसेट मॉनिटाइजेशन का फैंसी नाम देकर बेचा जा रहा है। इसके नतीजे भी वैसे ही होंगे जैसे कि नोटबंदी के हुए थे।
सत्तारूढ़ दल और उसके नेताओं का विभाजनकारी और ध्रुवीकरण करने वाला एजेंडा अब राज्य दर राज्य राजनीतिक विमर्श की एक नियमित विशेषता बन गया है। न केवल प्राचीन बल्कि समकालीन इतिहास को भी – शरारतपूर्ण तरीके से विकृत किया जा रहा है और ऐसे दुर्भावनापूर्ण तथ्य इसमें जोड़े जा रहे हैं जो इनके एजेंडा में ईंधन का काम करते हैं। नफरत और पूर्वाग्रह की इन ताकतों के खिलाफ खड़ा होना और उनका सामना करना हम सभी का कर्तव्य है। हम उन्हें सदियों से हमारे विविध समाज को बनाए रखने और समृद्ध करने वाली मित्रता और सद्भाव के बंधन को नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे।

सत्ता पक्ष लगातार विपक्ष, उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहा है। उनके खिलाफ सरकारी मशीनरी की पूरी ताकत झोंक दी गई है। सत्ता में बैठे लोगों के लिए अधिकतम शासन का मतलब स्पष्ट रूप से अधिकतम भय और धमकी फैलाना है। हम ऐसी धमकियों और हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं। हमें ऐसी धमकियां नहीं डरा सकतीं।

मैं इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हूं कि हाल के चुनाव परिणामों से आप कितने निराश हैं। नतीजे चौंकाने वाले और तकलीफ देने वाले, दोनों रहे हैं। चुनावी नतीजों की समीक्षा के लिए कार्यसमिति की एक बार बैठक हो चुकी है। मैं अन्य साथियों से भी मिली हूं। मुझे अपने संगठन को मजबूत करने के बारे में कई सुझाव मिले हैं। कई प्रासंगिक हैं और मैं उन पर काम कर रही हूं। एक शिविर का आयोजन करना भी एक जरूरी काम है। उसमें ही अधिक संख्या में सहयोगियों और पार्टी प्रतिनिधियों के विचार सामने आते हैं। इसी शिविर से पार्टी द्वारा उठाए जाने वाले तत्काल कदमों पर एक स्पष्ट रोडमैप को आगे बढ़ाने में योगदान मिलेगा कि हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं उनका सर्वोत्तम तरीके से सामना कैसे करें।

आगे की राह पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। हमारा समर्पण और दृढ़ संकल्प, हमारे लचीलापन की भावना की परीक्षा का समय है। हमारे विशाल संगठन के सभी स्तरों पर एकता सर्वोपरि है और अपने लिए बोलते हुए, मैं इसे सुनिश्चित करने के लिए जो कुछ भी आवश्यक है, करने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं। हमारा पुनरुत्थान केवल हमारे लिए ही महत्व का विषय नहीं है – बल्कि हमारे लोकतंत्र और हमारे समाज के लिए भी आवश्यक है।

साथियों, हम अगले तीन महीने तक एक समूह के रूप में एकत्रित नहीं होंगे। तो मैं इस बीच की अवधि के लिए आप सभी को शुभकामनाएं देती हूं। इस बीच, मैं हमारी पार्टी द्वारा शुरू किए जा रहे आगामी अभियानों में आपकी पूर्ण भागीदारी की आशा करती हूं।

धन्यवाद।

राहुल का पीएम मोदी पर हमला, बताई पीएम की Daily To Do List

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कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर महंगाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर देश में तेल की बढ़ती कीमतों, गैस के दाम में बढ़ोतरी, बेरोज़गारी, सरकारी कंपनी को बेचने और किसानों के मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला है।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर बताया है कि पीएम मोदी का हर दिन क्या करने का काम रहता है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा” प्रधानमंत्री की Daily To-Do List”

1. पेट्रोल-डीज़ल-गैस का रेट कितना बढ़ाऊँ

2. लोगों की ‘खर्चे पे चर्चा’ कैसे रुकवाऊँ

3. युवा को रोज़गार के खोखले सपने कैसे दिखाऊं

4. आज किस सरकारी कंपनी को बेचूँ

5. किसानों को और लाचार कैसे करूँ

बता दें कि पिछले 9 दिन में बुधवार को 8वीं बार पेट्रोल डीजल के दामों में इजाफा किया गया। चौंकाने वाली बात ये है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं।

न नोटबंदी न 370 हटाने का हुआ असर, कश्मीरियों को सुरक्षा देने में सरकार असफल: राहुल गांधी

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कश्मीर में हुई आतंकी घटना जिसमें 2 सरकारी स्कूल के शिक्षकों को गोली मारकर हत्या कर दी गई के बाद सरकार कटघरे में है। इससे पहले एक अन्य घटना में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित माखनलाल बिंदरु समेत तीन लोगों की हत्या कर दी थी।

घटना को लेकर सरकार पर हमलावर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, कश्मीर में हिंसा की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। आतंकवाद ना तो नोटबंदी से रुका ना धारा 370 हटाने से- केंद्र सरकार सुरक्षा देने में पूरी तरह असफ़ल रही है। हमारे कश्मीरी भाई-बहनों पर हो रहे इन हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं व मृतकों के परिवारों को शोक संवेदनाएँ भेजते हैं।

आतंकवादी हमले के बाद आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा कि 56 इंच की छाती पीटने वाले अब खामोश क्यों हैं?

बता दें कि आतंकियों ने गुरुवार सुबह करीब 11:15 दो स्कूल टीचरों कुशीनगर स्थित ईदगाह में गोली मारी। पुलिस ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मृतकों की पहचान अलोची बाग क्षेत्र निवासी सुपिन्दर कौर और जम्मू निवासी दीपक चंद के रूप में हुई है। वे सरकारी बॉयज स्कूल, संगम में टीचर थे।

झुकी सरकार, कुछ देर में लखीमपुर पहुंच मृत किसानों के परिजनों से मिलेंगे कांग्रेस नेता

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लखीमपुर जाने वाले नेताओं की गिरफ्तारी पर विवाद के बाद अब सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। कई कांग्रेस और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने के बाद अब सरकार ने राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को लखीमपुर जाने की इजाजत दे दी है। राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, दीपेंदर हुड्डा, भूपेश बघेल के साथ कई कांग्रेस नेता जल्द ही किसानों के परिजनों से मुलाकात करने वाले है।

बता दें कि सबसे पहले किसानों से मिलने निकली प्रियंका गांधी के साथ दीपेंदर हुड्डा को यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। लगभग 2 दिन हिरासत में रखने के बाद आज पुलिस ने प्रियंका को रिहा किया है।

अखिलेश यादव का लखीमपुर दौरा कल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कल लखीमपुर खीरी पहुंच रहे हैं।

– दोपहर 01.00 बजेः  किसान नक्षत्र सिंह को श्रद्धांजलि एवं परिवार से शोक संवेदना प्रकट करने उनके आवास ग्राम लहबड़ी थाना धौरहरा जाएंगे. 
– दोपहर 2:15 बजे:  पत्रकार रमन कश्यप को श्रद्धांजलि एवं परिवार से शोक संवेदना प्रकट करने उनके आवास निघासन जाएंगे. 
– दोपहर 3:45 बजे:  किसान लवप्रीत सिंह को श्रद्धांजलि एवं परिवार से शोक संवेदना प्रकट करने उनके आवास पलिया जाएंगे. 

आरएसएस के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की बड़ी जीत, 29 में से 21 और 16 में से 9 पर जीत

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नागपुर में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली है। यहां जिला परिषद की 16 सीटों में से कांग्रेस को 9 सीटें, भाजपा को 3, एनसीपी को दो और अन्य को दो सीटें मिली हैं। पंचायत समिति की 31 सीटों में से 29 सीटों के चुनाव परिणाम आ गए हैं। इसमें कांग्रेस ने 21 सीटें, भाजपा ने पांच, एनसीपी ने दो और अन्य ने एक सीट जीती है।

पालघर में शिवसेना को बढ़त
पालघर में शिवसेना का जलवा देखने को मिला है। इस चुनाव में यहां भारतीय जनता पार्टी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठबंधन का ज्यादा असर नहीं दिखा है। यहां शिवसेना ने बाजी मारी है।

वाशिम जिले में भी कांग्रेस आगे

वाशिम जिले में 14 सीटों के लिए मतदान हुआ है। अब तक बीजेपी का खाता भी नहीं खुला है। कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं। एनसीपी को 1 मिली है। शिवसेना को 1 सीट मिली है।

राहुल गांधी का तंज- आज से पेट्रोल पंप पर दिखेगा मोदी सरकार का ‘महंगाई वाला विकास’

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देशभर में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज से मोदी सरकार का मंहगाई वाला विकास पट्रोल पंप पर बिल देते समय दिखाई देगा।

राहुल ने ट्वीट में लिखा कि, ‘कई राज्यों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो रही है। पेट्रोल पंप पर बिल देते समय आपको मोदी सरकार द्वारा किया गया महंगाई में विकास दिखेगा। टैक्स वसूली महामारी की लहरें लगातार आती जा रही हैं।

इसके पहले कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि को ‘अत्यधिक सार्वजनिक लूट’ करार दिया और कहा कि इसके लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है।

सुरजेवाला के अनुसार पिछले 13 महीनों में पेट्रोल-डीजल में 25.72 रुपये और 23.93 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। सुरजेवाला ने ट्वीट कर लिखा,’कुछ राज्यों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर गया है’। बता दें कि पेट्रोल- डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार की आलोचना कर रही है।

आपको बता दें कि इसके पहले भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पेट्रोल-डीजल के अलावा कई मुद्दों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी से लेकर वैक्सीनेशन अभियान तक राहुल गांधी केंद्र सरकार से कई सवालों के जवाब मांगते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने जनता से भी फ्री वैक्सीनेशन की मांग उठाने की अपील की थी।

पीएम मोदी को राहुल गांधी का खत, आपकी विफलता के कारण आई कोरोना की सुनामी, दिए यह सुझाव

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rahul gandhi corona scam
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राहुल गांधी ने शुक्रवार को पीएम मोदी को पत्र लिखकर सरकार की विफलता को कोरोना महामारी को कारण बताया। साथ ही राहुल ने सरकार से आग्रह किया कि कोरोना वायरस के सभी स्वरूपों का वैज्ञानिक तरीकों से पता लगाने के साथ ही पूरी दुनिया को इस बारे में अवगत कराया जाए तथा सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द टीका लगाया जाए।

गरीबों की तुरंत करें आर्थिक मदद

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की ‘विफलता’ के कारण देश एक बार फिर से राष्ट्रीय स्तर के लॉकडाउन के मुहाने पर खड़ा हो गया है। ऐसे में गरीबों को तत्काल आर्थिक मदद दी जाए ताकि उन्हें पिछले साल की तरह पीड़ा से नहीं गुजरना पड़े। पत्र में राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैं आपको एक बार फिर पत्र लिखने के लिए विवश हुआ हूं क्योंकि हमारा देश कोविड सुनामी की गिरफ्त में बना हुआ है।


देश की पीड़ा को समझें पीएम मोदी: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता ने कहा कि  इस तरह के अप्रत्याशित संकट में भारत के लोग आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होने चाहिए। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप देश के लोगों को इस पीड़ा से बचाने के लिए जो भी संभव हो, वह करिए।’’उन्होंने कहा कि दुनिया के हर छह लोगों में से एक व्यक्ति भारतीय है। 

कोरोना को लेकर राहुल ने जताई चिंता

पत्र में राहुल ने कहा कि इस महामारी से अब यही पता चला है कि हमारा आकार, आनुवांशिक विविधता और जटिलता से भारत में इस वायरस के लिए बहुत ही अनुकूल माहौल मिलता है कि वह अपने स्वरूप बदले तथा अधिक खतरनाक स्वरूप में सामने आए। मुझे डर इस बात का है कि जिस ‘डबल म्यूटेंट’ और ‘ट्रिपल म्यूटेंट’ को हम देख रहे हैं, वह शुरुआत भर हो सकती है। उनके मुताबिक, इस वायरस का अनियंत्रित ढंग से प्रसारित होना न सिर्फ हमारे देश के लोगों के लिए घातक होगा, बल्कि शेष दुनिया के लिए भी होगा।


केंद्र पर लगाए कई आरोप
कांग्रेस नेता ने  प्रधानमंत्री को सुझाव दिया, ‘‘इस वायरस एवं इसके विभिन्न स्वरूपों के बारे में वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जाए। सभी नए म्यूटेशन के खिलाफ टीकों के असर का आकलन किया जाए। सभी लोगों को तेजी से टीका लगाया जाए। पारदर्शी रहा जाए और शेष दुनिया को हमारे निष्कर्षों के बारे में अवगत कराया जाए।’’राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास कोविड के खिलाफ टीकाकरण को लेकर कोई स्पष्ट रणनीति नहीं हैं और सरकार ने उसी समय इस महामारी पर विजय की घोषणा कर दी जब यह वायरस फैल रहा था।


राहुल गांधी ने दिया गरीबों की मदद का सुझाव
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इस स्थिति को देखते हुए कमजोर तबकों के लोगों को वित्तीय मदद और खाद्य सामाग्री उपलब्ध कराई जाए ताकि लॉकडाउन के कारण गरीबों को उस पीड़ा को न झेलना पड़े जो उन्हें पिछले साल के लॉकडाउन के समय झेलनी पड़ी थी। उन्होंने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में पूरे सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस संकटकाल में विभिन्न पक्षों को विश्वास में लिया जाए ताकि सब मिलकर भारत को सुरक्षित रखने के लिए काम कर सकें।