Home Tags Rahul gandhi

Tag: Rahul gandhi

महाराष्ट्र: कांग्रेस और एनसीपी के बाच गठबंधन का फॉर्मुला तय, जानें किसको मिला कितनी सीटें

0

उत्तर प्रदेश के बाद देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य महाराष्ट्र से कांग्रेस के किए खुशखबरी आ रही है । सूत्रों ते अनुसार महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के बीच गठबंधन का फॉर्मुला तय हो गया है। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार कांग्रेस ने अपने पास 26 सीटें बरकरार रखी हैं, वहीं एनसीपी को 22 सीटें दी गई है। इसके साथ ही बताया गया कि गठबंधन में शामिल छोटी पार्टियों को कितनी सीटें दी जाएंगी समेत अन्य मुद्दों का जल्द ही समाधान निकला जाएगा। महाराष्ट्र में यूपी के बाद देश में सबसे ज्यादा 48 लोकसभा सीटें हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इनमें से 41 पर एनडीए ने जीत दर्ज की थी, वहीं कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को केवल छह सीटें मिली थीं।


ज्ञात हो कि पिछले महीने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि आगामी लोकसभा में भाजपा के खिलाफ महाराष्ट्र में महागठबंधन के लिए कोशिश जारी हैं। उन्होंने कहा था, ‘हम आरएसएस से लगातार लड़ाई लड़ते रहेंगे। हम उनकी विचारधारा को नहीं मनाते, एक समान विचारधारा वाली पार्टियों को इससे लड़ने के लिए एक साथ आना चाहिए।’

महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव चार चरणों में होंगे। पहले चरण यानी 11 अप्रैल को विदर्भ क्षेत्र में मतदान होगा, जबकि मुंबई की सभी सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव आयोग ने रविवार को बताया कि आम चुनाव का कार्यक्रम सात चरणों में मुकम्मल होगा जिसका शंखनाद 11 अप्रैल से होगा। आयोग ने बताया कि पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल, दूसरे का 18 अप्रैल, तीसरे का 23 अप्रैल, चौथे का 29 अप्रैल, पांचवें का छह मई, छठे का 12 मई और अंतिम यानी सातवें चरण का मतदान 19 मई को होगा। वहीं सभी चरणों के लिए मतगणना एक ही दिन 23 मई को होगी।

किस लोकसभा सीट पर कब होगी वोटिंग


महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आने वाली वर्धा, रामटेक, नागपुर, भंडारा गोंदिया, गढचिरौली-चिमौर, चंद्रपुर और यवतमाल-वाशिम सीटों पर 11 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं बुलढाणा, अकोला, अमरावती,हिंगोली, नादेड़, परभणी, बीड, उस्मानाबाद, लातूर, सोलापुर सीटों पर दूसरे चरण यानी 18 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इनमें से अधिकतर सीटें मराठवाड़ा क्षेत्र में पड़ती हैं। 23 अप्रैल को तीसरे चरण के तहत राज्य की कुल 14 लोकसभा सीटों पर वोट पड़ेंगे। इनमें जलगांव, रावेर, जलना, औरंगाबाद, रायगढ़, पुणे, बारामति, अहमदनगर, मढ़ा, सांगली, सतारा, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर और हातकणंगले सीटें शामिल हैं। महाराष्ट्र में अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें 17 सीटें आएंगी। इन लोकसभा सीटों में नंदुरबार, धुले, डिंडोरी, नासिक, पालघर, भिवंडी, कल्याण, ठाणे, मुंबई उत्तर, मुंबई उत्तर-पश्चिम, मुंबई उत्तर-मध्य, मुंबई दक्षिण-मध्य, मुंबई दक्षिण, मावल, शीरूर और शिरडी शामिल हैं।

महाराष्ट्र की इन लोकसभा सीटों पर होगी सबकी निगाहें


आम चुनाव में महाराष्ट्र की कम से कम तीन लोकसभा सीटों पर सबकी नजरें रहेंगी। इनमें से एक सीट पर राकांपा प्रमुख शरद पवार चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, इससे पहले पवार ने चुनावी राजनीति से खुद को दूर रखने का फैसला किया था। चुनाव के दौरान मढ़ा, नागपुर तथा सोलापुर सीटों पर सभी की नजरें रहेंगी। शरद पवार के मढ़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की उम्मीद है। फिलहाल इस सीट से पार्टी नेता विजय सिंह मोहिते पाटिल सांसद हैं। पवार फिलहाल राज्यसभा के सदस्य हैं। इससे पहले उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपना फैसला बदल लिया।

वहीं, नागपुर सीट पर भी सभी की नजरें टिकी हैं, जहां से फिलहाल केंद्रीय परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी सांसद हैं। वह आगामी चुनाव में भी यहीं से चुनाव लड़ सकते हैं। भाजपा के पूर्व सांसद नाना पटोले इस सीट पर कांग्रेस के टिकट पर गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं।

केरल में दो कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या, राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि

0

केरल में युवा कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं की हत्या का मामला सामने आया है। यह दोनों कार्यकर्ता केरल के कासरगोड के रहने वाले है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में मृत कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देते हुए न्याय की मांग की है।

राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा “केरल के कासरगोड में हमारे युवा कांग्रेस परिवार के दो सदस्यों की नृशंस हत्या चौंकाने वाली है। कांग्रेस पार्टी इन दोनों युवकों के परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी हुई है और मैं उनकी हत्या पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। हम तब तक आराम नहीं करेंगे जब तक हत्यारों को सजा और मृत कांग्रेस कार्यकर्ताओं के परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।

मेक इन इंडिया: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर पलटवार

0

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी द्वारा मेक इन इंडिया पर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी एक प्रमुख कार्यक्रम पर हमला किया है जो किसी राजनीतिक दल से नहीं बल्कि भारत की जनता से संबंधित है। मेक इन इंडिया भारतीय आत्मनिर्भरता के बारे में है।

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि यह सभी भारतीय तकनीकी ज्ञान के बारे में है, जो हमारे लोग भारत में माल का उत्पादन करने के लिए करते हैं। मुझे खेद है कि राहुल गांधी ने यह नहीं पहचाना कि पहली बार भारत ने स्वदेशी तौर पर एक ट्रेनसेट विकसित किया है, जो दुनिया के कुछ देशों में बमुश्किल बनता है।

बता दें कि राहुल गांधी ने हाल ही में वंदे भारत एक्सप्रेस में हुई खराबी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए कहा था कि मेक इन इंडिया को एक गंभीर पुनर्विचार की जरूरत है।

अल्पसंख्यक अधिवेशन में बोले राहुलः डरपोक है मोदी, मेरे सामने 5 मिनट नही टिक पाएंगे

0

गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के जेएलएन स्टेडियम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अल्पसंख्यक अधिवेशन को संबोधित करते हुए आरएसएस, भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि वह प्रधानमंत्री मोदी को मेरे साथ बहस के लिए एक मंच पर खड़ा करें । मैं नरेंद्र मोदी जी से 5 साल से लड़ रहा हूं। मैं उन्हें अच्छी तरीके से जान गया हूं। नरेंद्र मोदी मेरे साथ बहस में 5 मिनट टिक नहीं पाएंगे, भाग जाएंगे।

राहुल ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी डरपोक आदमी हैं, वह डरते हैं। मेरे सामने राफेल समेत किसी मुद्दे भी मुद्दे पर बहस में टिक नहीं सकते हैं। आरएसएस और उससे जुड़े लोग भी डरपोक और कायर हैं।

हमारे लाईव ब्ल़ॉग पर पढ़ें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अल्पसंख्यक अधिवेशन की सभी खबरें

कल भोपाल में राहुल की किसान रैली, लगे भावी प्रधानमंत्री के होर्डिंग

0

भोपाल में कल होने वाली प्रस्तावित किसान रैली में हिस्सा लेने आ रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के स्वागत में लगाए गए होर्डिग में उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताया गया है। राजधानी के जम्बूरी मैदान में कांग्रेस ने शुक्रवार को किसानों की रैली आयोजित की है। रैली में हिस्सा लेने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी आ रहे हैं। वह यहां किसानों से संवाद करने के साथ उन्हें संबोधित भी करेंगे। राहुल के स्वागत में राजधानी के कई हिस्सों में होर्डिग और पोस्टर लगाए गए हैं। कांग्रेस के प्रदेश दफ्तर के बाहर लगा एक होर्डिग खासा चर्चा में है। इसमें उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताया गया है।

होर्डिंग लगाने वाले कांग्रेस प्रवक्ता शहरयार ने बुधवार को कहा, “राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने तीन राज्यों में जीत दर्ज की है। उन्होंने पटना की रैली में कांग्रेस के केंद्र में सत्ता में आने पर किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही। मध्य प्रदेश में किसानों का कर्ज माफी हो चुका है। देश का किसान व नौजवान उनकी ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है। राहुल गांधी देश के भावी प्रधानमंत्री हैं, देश की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। इसलिए उनका भावी प्रधानमंत्री के तौर पर स्वागत किया गया है।”

उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल को शिव और रामभक्त बताने वाले पेास्टर व होर्डिंग लगाए गए थे। अब उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताने वाला होर्डिंग लगाया गया है।

कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग ने की बैठक

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में राहुल गांधी जी की प्रस्तावित भोपाल यात्रा के सफल आयोजन के संबंध में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग की बैठक हुई। बैठक में राहुल गांधी की रैली में पिछड़ा वर्ग विभाग की ज़िम्मेदारी निभाने पर विचार किया गया। जिसमें सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने राहुल गांधी की रैली को सफल बनाने पर रणनीति तैयार की। बैठक में बताया कि मोटर साइकल तथा ऑटो के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया जाएगा तथा लोगों को सभा स्थल तक लाया जाएगा,प्रचार प्रसार के लिए एक अलग टीम का गठन किया गया ।

11 फरवरी को इस शहर में रोड शो कर मिशन 2019 का आगाज करेंगी प्रियंका

0

सक्रिय राजनीति में धमाकेदार एंट्री करने के बाद अब प्रियंका गांधी अब मिशन 2019 के लिए चुनाव प्रचार शुरु करने वाली है। मंगलवार को भाई राहुल गांधी के घर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में शिमिल हुई प्रयंका ने आगामी चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा की।

सूत्रों के अनुसार प्रियंका मिशन यूपी की शुरुआत लखनऊ में एक बड़े रोडशो के साथ करेंगी। जिसके लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी फरवरी को लखनऊ पहुंचेंगी।

मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ में प्रियंका गांधी सबसे पहले कांग्रेस मुख्यालय में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। जानकारों के अनुसार प्रियंका का यह रोडशो 2019 के लोकसभा चुनाव का आगाज होगा।

इससे पहले तक माना जा रहा था कि 10 फरवरी को प्रियंका लखनऊ जाएंगी, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के घर पर मंगलवार शाम को हुई बैठक में तय हुआ कि मिशन यूपी की शुरुआत प्रियंका 11 फरवरी से करेंगी।

प्रियंका गांधी के इलाहाबाद में 10 फरवरी को ही कुंभ में डुबकी लगाने की भी खबरें थीं, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

मंगलवार को ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने औपचारिक रूप से कांग्रेस की पहली बैठक में हिस्सा लिया। जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा कुछ और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस महासचिव के रूप में ताजपोशी के बाद राहुल के साथ प्रियंका ने पहली बार उत्तर प्रदेश में आगे की रणनीति बनाई। प्रदेश में वेंटिलेटर पर पड़ी कांग्रेस को प्रियंका के आने के नई ताकत मिली है और कार्यकर्ताओं में जोश आ गया है। उन्हें उम्मीद है कि भाई-बहन की इस जोड़ी से वे एक बार फिर दिल्ली में सरकार बनाएंगे। इसी जोश का परिणाम है कि उत्साही कार्यकर्ता उन्हें कई बार पोस्टर में दुर्गा के रूप में दिखा चुके हैं।

इस बैठक से ठीक पहले प्रियंका ने राहुल के घर के पीछे स्थित झुग्गी में पहुंचकर सभी को चौंका दिया। मंगलवार शाम को प्रियंका बैठक से पहले झुग्गी बस्ती में एक दिव्यांग बच्चे से मिलने पहुंची थीं। उन्होंने बच्चे से वादा किया है कि वे उसकी हर संभव मदद करेंगी। प्रियंका का ये अंदाज नया नहीं है। अपनी मां और भाई के संसदीय क्षेत्र अमेठी और रायबरेली में भी जब वे जाती हैं तो ऐसे ही आम लोगों की तरह उनसे बातें करतीं हैं। प्रियंका का यही अंदाज उन्हें खास बनाता है। प्रियंका के इस रूप को देखकर ही लोग उनमें उनकी दादी इंदिरा गांधी का अक्स देखते हैं।

भवानीपटना से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लाईवः चौकीदार चोर है, नवीन पटनायक रिमोट कंट्रोल है

0

ओडिशा के भवानीपटना में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मैं यहां पर एक नेता के तौर पर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के रूप में आया हूं। यूपीए की सरकार ने ओडिशा के लिए बेहतर काम किया, ओडिशा के लोगों के हितों की रक्षा की। केंद्र की मोदी सरकार किसान और अदिवासी विरोधी है। किसानों के लिए 17 रुपये प्रतिदिन की राशि का ऐलान कर मोदी सरकार अपना पीठ थपथपा रही ही। मोदी जी उद्योगपति मित्रों को हजारों करोड़ बांट रहे हैं और किसानों को सिर्फ 17 रुपये दे रहे हैं। रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंच से राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और भारतीय जनता पार्टी, दोनो पर हमला बोला। राहुल ने कहा कि नवीन पटनायक जी और भाजपा आपसे आपकी जमीन छीनना चाहते हैं। कांग्रेस पार्टी, भूपेश बघेल, निरंजन पटनायक जी, ये सभी आदिवासियों की जमीन की रक्षा करेंगे। आपका जो हक है, चाहे वो जीमन हो या फिर आपका जंगल उसे हम दिलाएंगे।

लाईव ब्लाग पर पढ़े राहुल गांधी की भवानीपटना रैली की हर अपडेट

राहुल ने की तरीफ, गडकरी का पलटवार

0

सोशल मीडिया पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा नेता नितिन गडकरी के ट्वीट्स काफी चर्चाओं में है। इन सब के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तंज कसते हुए गडकरी की तारीफ की है तो वहीं गडकरी ने राहुल को जवाब देते हुए नसीहत दे दी है। उन्होंने कहा कि मेरी हिम्मत के लिए मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं।


दरअसल केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने रविवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं से कहा है कि मैं कई ऐसे लोगों से मिला हूं जो कहते हैं कि हम भाजपा और देश के लिए अपना जीवन समर्पित करना चाहते हैं। मैं ऐसे लोगों से कहता हूं कि आप क्या कर रहे हैं? और आपके परिवार में और कौन लोग हैं? केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह उनसे पहले अपने घर की देखभाल करने के लिए कहते हैं क्योंकि जो अपना घर नहीं संभाल सकता, वह देश भी नहीं संभाल सकता है।


गडकरी ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि सबसे पहले अपना घर संभालें और अपने बच्चे और संपत्ति देखने के बाद ही पार्टी और देश के लिए काम करें। कुछ मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद पार्टी मुस्लिम समुदाय की प्रगति सुनिश्‍चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि जानकार मानते है कि गडकरी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए था इसके पहले भी वह मोदी के खिलाफ परोक्ष रूप से बयान दे चुके है।

इस बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर भाजपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री नितिन गडकरी के बयान को लेकर पीएम मोदी पर तंज कसा। राहुल गांधी ने कहा कि गडकरी जी, भाजपा में एक आप ही हैं जिनमें बोलना की हिम्मत है। उन्होंने गडकरी से राफेल सौदे में घोटाले और अनिल अंबानी के अलावा किसानों की दुर्दशा व संस्थाओं को निशाना बनाने को लेकर भी बयान देने को कहा है।

इसे लेकर अब भाजपा नेता गडकरी ने राहुल गांधी पर पटलवार किया है। गडकरी ने ट्वीट्स की एक श्रंखला में कहा कि राहुल गांधी जी, मेरी हिम्मत के लिए मुझे आप के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है लेकिन आश्‍चर्य इस बात का है की एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष होने बाद भी हमारी सरकार पर हमला करने के लिए आपको मीडिया द्वारा ट्विस्ट किए गए खबरों का सहारा लेना पड़ रहा है।

गडकरी ने कहा कि यही मोदी जी और हमारे सरकार की कामयाबी है की आप को हमला करने के लिए कंधे ढूंढने पड़ रहे हैं। रही बात आपके उठाए गए मुद्दों की तो मैं डंके की चोट पर कहता हूं की राफेल में हमारी सरकार ने देश हित सामने रख कर सबसे पारदर्शक व्यवहार किया है।
इसी के साथ केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पार्टी और उसकी नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आपकी नीतियों ने किसानों को जिस बदतर स्थिति में खड़ा किया उससे उनको बाहर निकालने की ईमानदार कोशिश मोदीजी कर रहे हैं और हम इसमें कामयाब भी हो रहे है। आप समेत कुछ लोगों को मोदीजी का प्रधानमंत्री बनना सहन नहीं हो रहा इसलिए आपको असहिष्णुता व संवैधानिक संस्थाओं पर हमले का सपना आता है।

अगर प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बनारस से चुनाव लड़ेंगी तो क्या होगा ?

0

राजनीति में प्रियंका गांधी की औपचारिक सक्रियता की घोषणा के बाद भी उनके बारे में अटकलों का दौर खत्म नहीं हुआ है। प्रियंका को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी महासचिव बनाने के अलावा उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी नियुक्त किया है। पूर्वांचल का प्रभार प्रियंका गांधी को देने के बाद से यह अटकल जोर पकड़ रही है कि वे लोकसभा चुनावों में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं।

वाराणसी या बनारस को पूर्वांचल की राजनीति का केंद्र माना जाता है। यहां की राजनीति का असर न सिर्फ पूर्वांचल बल्कि बिहार की कुछ लोकसभा सीटों पर भी होता है। यही वजह थी कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बनारस की सीट को चुना था। पूर्वी उत्तर प्रदेश की 40 लोकसभा सीटों में से अधिकांश पर भारतीय जनता पार्टी को 2014 में कामयाबी हासिल हुई थी। भाजपा ने नरेंद्र मोदी के बनारस से लोकसभा चुनाव लड़ने को इसकी एक प्रमुख वजह के तौर पर पेश किया था।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रियंका गांधी को बनारस से चुनाव लड़ाने की बात चल रही है। इस बारे में बनारस के कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी प्रियंका गांधी से औपचारिक अपील करके उनसे इस सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। बनारस के कुछ कांग्रेस नेताओं की मानें तो आने वाले दिनों में यहां के कुछ प्रबुद्ध लोगों और मुस्लिम समाज की ओर से भी प्रियंका गांधी से लोकसभा चुनाव लड़ने की अपील की जा सकती है।

कांग्रेस आलाकमान की ओर से अब तक ऐसा संकेत नहीं दिया गया है कि प्रियंका गांधी बनारस से चुनाव लड़ सकती हैं। लेकिन, जमीनी स्तर से जो सूचनाएं मिल रही हैं उनसे यही लगता है कि पार्टी इसकी तैयारी पूरी कर रही है कि अगर प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ना पड़े तो उस वक्त कोई दिक्कत नहीं आए।

ऐसे में सवाल उठता है कि अगर प्रियंका गांधी वाराणसी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ती हैं तो इसके क्या राजनीतिक मायने होंगे। इससे पूरे चुनावी परिदृश्य पर क्या असर पड़ सकता है? जो लोग बनारस से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की वकालत कर रहे हैं, उनका कहना है कि इससे न सिर्फ पूरे पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर सकारात्मक असर पड़ेगा बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी पार्टी को इससे फायदा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों राज्यों में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा संकट यही है कि उसके कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार घटी है और नतीजतन पार्टी का सांगठनिक ढांचा कमजोर हुआ है। जो लोग पार्टी में हैं भी, वे भी सिर्फ पार्टी के नाम पर चुनावी जीत हासिल करने की उम्मीद कम ही रखते हैं। स्थानीय नेताओं के मुताबिक ऐसे में प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने की खबर भर से जमीनी कार्यकर्ताओं में उत्साह का जो माहौल बना है वह उनके वाराणसी से चुनावी मैदान में उतरने से और तेजी से बढ़ सकता है।

प्रियंका गांधी के नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनावी मैदान में उतरने का दूसरा असर यह होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर नरेंद्र मोदी बनाम प्रियंका गांधी का विमर्श खड़ा हो जाएगा। कांग्रेस इस विमर्श को आगे नहीं भी बढ़ाना चाहेगी तब भी यह विमर्श चल पड़ेगा। इससे भाजपा और उसके सहयोगी दलों का वह विमर्श फीका पड़ सकता है जिसमें वे 2019 के लोकसभा चुनावों को नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी करके विकल्पहीनता को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाते हुए नरेंद्र मोदी के पक्ष में गोलबंदी करना चाहते हैं। नरेंद्र मोदी के सामने प्रियंका गांधी के उतरते ही आम लोगों में चाहे-अनचाहे यह संदेश चला जाएगा कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी भी एक सशक्त विकल्प हैं।

वाराणसी से नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी के चुनाव में उतरने का एक असर यह भी हो सकता है कि मोदी को वाराणसी में ही उलझाकर रखने के मकसद से सपा-बसपा गठबंधन इस सीट पर अपना उम्मीदवार न उतारे। पहले भी इस गठबंधन ने राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी में और सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली में उम्मीदवार न उतारने की घोषणा कर दी है। ऐसे में अगर प्रियंका बनारस से चुनाव लड़ती हैं और सपा-बसपा अपना उम्मीदवार नहीं उतारते हैं तो नरेंद्र मोदी के लिए यह सीट आसान नहीं रहेगी। तब नतीजा किसी भी ओर जा सकता है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो प्रियंका गांधी अगर बनारस से लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के खिलाफ उतरती हैं तो इससे न सिर्फ इस सीट पर रोचक चुनावी संघर्ष देखने को मिलेगा, बल्कि इसका असर पूरे उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा।

(सत्याग्रह के लिए हिमांशु शेखर द्वारा लिखे गए आलेख के संपादित अंश साभार)

राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद संभालने के लिए सक्षम और योग्य: तेजस्वी यादव

0

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजश्वी यादव ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी में देश के प्रधानमंत्री बनने की सारी खूबियां है।

कांग्रेस द्वारा आज पटना में आयोजिय जन आकांशा रैली में तेजश्वी ने कहा कि राहुल गांधी पीएम का पद संभालने में सक्षम और योग्य हैं

राजद नेता ने दोहराया कि आगामी लोकसभा चुनाव में सभी समान विचारधारा वाले दलों को भारतीय जनता पार्टी और एनडीए को हराने के लिए एकजुट होना चाहिए।

तेजश्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान किए गए सभी वादों को भूल गए और उनमें से किसी को भी पूरा करने में विफल रहे।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

38,210FansLike
0FollowersFollow
1,236FollowersFollow
1FollowersFollow
1,256FollowersFollow
789FollowersFollow

ताजा ख़बरें