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मार्केट में आई कार के फीचर वाली मोटरसाइकिल, कीमत भी काफी कम !

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अब तक आपने कई सारी मोटरसाइकिल से लेकर सुपर बाइक्स तक के लगभग अलग अलग मॉडल देखे होंगे। लेकिन आज जो मॉडल हम आपको दिखाएंगें वह एक फॉरेन कंपनी ने लॉन्च किया नया इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर है। जिसे देखकर आप दंग रह जाएंगे।
इस नए मॉडल में आपको कार व बाइक दोनों का लुफ्त मिलेगा। ये बाइक आपको बारिश व धूप दोनों से बचाएगी। क्योंकि ये पूरी तरह से कवर्ड है। इस मॉडल की कीमत है मात्र 80000 रूपए।
बाइक्स के शौक़ीनो के लिए यह अच्छी खबर है की अमेरिका में 2 व्हीलर कार लॉन्च सहित कई देशों में इस मॉडल को लॉन्च किया गया है। असल में यह मॉडल बाइक की तरह दिखता है पर यह उस से बेहतर है। ये बाइक एक इलेक्ट्रिक कार हैं जिसे एक बार चार्ज करने पर आप लगभग 400 किमी तक इसे चला सकते है।

आरटीआई अधिनियम में बदलाव की तैयारी कर रही सरकार, विरोध हुआ शुरू।

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केंद्र सरकार ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 में बदलाव का नया मसौदा तैयार कर लिया है. इसके लिए 15 अप्रैल तक आम जनता की राय मांगी गई है.

नरेंद्र मोदी सरकार सूचना का अधिकार (आरटीआई) क़ानून में बड़ा बदलाव करने जा रही है. सरकार की योजना आरटीआई आवेदन के दौरान अधिकतम 500 शब्दों के नियम के साथ आवेदनकर्ता से अभी लिए जाने वाली फीस को भी बढ़ाने की है.

सरकार ने क़ानून में बदलाव का मसौदा तैयार कर लिया है और 15 अप्रैल तक आम जनता से इस पर राय भी मांगी है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण (डीओपीटी) ने अपनी वेबसाइट पर जनता के सुझाव प्राप्त करने के लिए इंतज़ाम किया है.

आरटीआई कार्यकर्ता इस बदलाव से काफ़ी नाराज़ हैं और सरकार पर आरटीआई क़ानून को कमज़ोर करने का भी आरोप लगा दिया है. आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश बतरा ने पीटीआई को बयान दिया है कि सरकार की नीयत साफ़ है, उसने आम जनता के लिए सूचना का अधिकार पाना मुश्किल कर दिया है.

आरटीआई को लेकर नए मसौदे में यह भी कहा गया है कि आवेदनकर्ता की मृत्यु के बाद आरटीआई आवेदनकर्ता का मामला आयोग के सामने ख़त्म माना जाएगा. सरकार के प्रस्तावित बदलाव के मुताबिक, सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (सीआईसी) को यह अधिकार दिया जाएगा कि वह किसी भी शिकायत को दूसरी अपील का दर्जा दे सकता है.

नए मसौदे के अनुसार, आयोग अपने विवेक से शिकायत में संशोधन को भी स्वीकार कर सकता है. जिनमें मौजूद उपचारों के समाप्त होने पर शिकायत को दूसरी अपील में बदलना शामिल है. नए नियम के अनुसार अब ऑनलाइन आवेदन करने का भी प्रावधान है.

आरटीआई के नए नियम के अनुसार, आवेदनकर्ता आरटीआई के जवाब के 135 दिनों के भीतर ही शिकायत दर्ज कर सकता है, साथ ही देरी होने पर माफ़ी मांगनी पड़ सकती है. नए नियम में आवेदनकर्ता अपना आवेदन वापस भी ले सकता है.

आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी और सूचना के लिए अब आवेदनकर्ता को प्रति कॉपी 2 रुपये चुकाने पड़ेंगे. वहीं, आर्थिक सर्वे और नेशनल सैम्पल्स सर्वे के आंकड़ों के लिए ज्यादा क़ीमत चुकानी पड़ेगी.

भारत सरकार ने लागू करे ट्रैफिक के नए नियम। पढ़ लें वरना पकडे जाने पर पछतायेंगे!

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भारत में अक्सर लोग गाडी-मोटर चलाते हुए लापरवाही बरतते हैं जिसकी वजह से हर वर्ष लाखों लोगों की जान चली जाती है और इसका दोष सरकार पर डाला जाता है, भारत सरकार हमेशा लापरवाह लोगों को नियम फॉलो करने की चेतावनी देती है लेकिन लोग सोचते हैं कि नियम तोड़ने पर अगर ट्रैफिक पुलिस वाले पकड़ेंगे तो 100-50 देकर काम चला लेंगे लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे।

अब अगर आपने नियम तोडा और ट्रैफिक पुलिस के हाथ लग गए तो बहुत पछतायेंगे क्योंकि आज ने भारत सरकार ने ट्रैफिक के लिए नया नियम लागू कर दिया है और जुर्माने की राशि पांच गुना बढ़ा दी है –

  • नशे में ड्राइविंग करने वालों पर – 10,000 रुपये का जुर्माना
  • बिना हेलमेट गाडी चलाने पर – 2500 रुपये जुर्माना
  • अगर किशोरों को गाडी सौंपी तो रजिस्ट्रेशन रद्द होगा
  • किशोर की गाडी से किसी की मौत हुई तो 25 हजार जुरमाना और 3 साल की कैद
  • सीट बेल्ट ना लगाने पर – 5000 रुपये जुर्माना
  • गाडी चलाते वक्त मोबाइल पर बात करने पर – 5000 रुपये जुर्माना साथ में रजिस्ट्रेशन रद्द होगा
  • नशे में गाडी चलाते वक्त किसी की मौत होने पर – 10 साल की सजा
  • अगर सरकारी कर्मचारी नियम तोड़ेंगे तो सामान्य से दोगुना जुर्माना
  • लाल बत्ती पार करने पर 1000 रुपये का जुर्माना, तीन महीनों के लिए लाइसेंस रद्द
  • हिट एंड रन मामले में किसी की मौत होने पर सजा के अलावा 2 लाख जुर्माना, थोड़ी चोट लगने पर 50 हजार का जुर्माना

महिलाओं के सम्मान में भाजपा मैदान में, सेक्स रैकेट चला रही थी भाजपा की महिला नेता, जबरन करवाती थी देह व्यापार।

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महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता ने महिलाओं को रोज़गार प्रदान करने का नया तरीका ही इज़ाद कर दिया एव जबरन महिलाओं से देह व्यापार करवाते हुए पकड़ी गयी। प्रतापगढ़ जिले की बीजेपी की महिला नेता और पूर्व सभासद सेक्स रैकेट का कारोबार प्रतापगढ़ में चला रही थी और पुलिस को कानों कान खबर नहीं हुई।

राष्ट्रीय महिला आयोग में जब एक युवती ने जबरन देह व्यापार कराने की शिकायत दर्ज कराई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। महिला ने प्रतापगढ़ के मीरा भवन की रहने वाली पूर्व सभासद और बीजेपी नेता रमा मिश्रा के खिलाफ देह व्यापार का आरोप लगाया है।

दिल्ली के गोविंदपुरी थाने में भाजपा नेत्री रमा मिश्रा समेत पांच पर देह व्यापार का केस दर्ज किया गया है। साल 2015 से जनपद के साथ गैर जनपदों में भी देह व्यापार का धंधा चल रहा था।

वहीं पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई करते हुए जब बीजेपी नेता के घर पर छापेमारी की, तो वह फरार हो गई। पुलिस बीजेपी नेता की तलाश में जुटी है।

सावधान! 1 अप्रैल से मोदी सरकार कर रही है नए नियम लागू…पढ़िए वरना पछताएंगे !

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1 अप्रैल से मोदी सरकार नए नियम लागू करने जा रही है। इन नियमों की तरफ आपका ध्यान देना बेहद जरूरी है। आप भी जानिए कि क्या क्या बदलाव होने जा रहे हैं।
1 अप्रैल से देश में बहुत कुछ बदलने वाला है। मोदी सरकार 1 अप्रैल से नए नियम लागू करने जा रही है। इन नियमों के बारे में हम आपको बता रहे हैं। इस बीच अगर आप सोना बेचकर नकद में कीमत पाना चाहते हैं तो ये काम 31 मार्च तक किसी भी हाल में निपटा लें। 1 अप्रैल से आपको 10 हजार रुपये से ज्यादा कैश नहीं मिलेगा। दरअसल, भारत सरकार ने इसकी सीमा 20,000 रुपये से घटाकर अब 10,000 रुपये कर दी है। कुल मिलाकर बात ये है कि 10,000 रुपये से ज्यादा रुपया विक्रेता के खाते में नहीं डाल सकेंगे। अगर ज्वेलर्स ने 10 हजार रुपये से ज्यादा कीमत के सोने के लिए अलग-अलग इनवॉइस बनाए तो उन्हें टैक्स अधिकारियों को जवाब देना पड़ेगा। हो सकता है कि उन पर कार्रवाई भी हो।

इसके अलावा स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए भी हम बड़ी खबर लाए हैं। देश की तमाम टेलिकॉम कंपनिया यानी रिलायंस जियो, वोडाफोन, एयरटेल, आइडिया जैसी कंपनियों का अनलिमिटेड फ्री डेटा और कॉलिंग वाला ऑफर 31 मार्च को खत्म हो रहा है। अब आप फैसला कर सकते हैं कि आपको कौन सा प्लान लेना है। इसके अलावा आयकर विभाग की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 31 मार्च तक अपनी अघोषित आय को बताने का आपके पास आखिरी मौका होगा। इस अघोषित आय पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। लेकिन एक अप्रैल के बाद इस अघोषित आय पर आपको 137 फीसदी तक का जुर्माना देना होगा। बेहतर है कि आप समय सीमा के अंदर इसे जमा कर दें।

इसके अलावा खास बात ये है कि दो-पहिया और छोटे वाहनों का इंश्योरेंस रिन्यू करवा लें, 1 अप्रैल से इंश्योरेंस कराने पर अब आपको ज्यादा रकम देनी पड़ेगी। 1 अप्रैल से मोटरसाइकिल, कार जैसे वाहनों के बीमा महंगा होने जा रहे हैं। इसके अलावा आपको बता दें कि 2015-16 फाइनैंशियल ईयर के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2017 है। बिना देर किये आप रिटर्न फाइल करें। उसके बाद इनकम टैक्स विभाग आपका टैक्स रिटर्न फाइल करने से इनकार कर सकता है। अगर आपने 2015-16 का टैक्स रिटर्न 31 मार्च से पहले फाइल नहीं करवाया तो इसके लिए आप पर 5000 रुपये की पेनल्टी भी लगाई जा सकती है। कुछ और बातें भी हैं, जिनका ध्यान रखना आपको बेहद जरूरी है।

इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि 31 मार्च तक केवाईसी के रूप में आधार कार्ड और पैन कार्ड बैंक में जमा जरूर कराएं। जिनके पास पैनकार्ड नहीं है, वो अपने बैंक की ब्रांच से फॉर्म 60 लेकर उसे जमा कर दें। इसके अलावा खास बात ये भी है कि वित्त विधेयक के पास होने के साथ ही लोकसभा ने आम बजट 2017-18 के कामों का निपटारा कर दिया है। बजट में प्रस्तावित टैक्स से जुड़े नियम अब 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। कुल मिलाकर ये वो बातें है, जिनका आपको ध्यान रखना बेहद जरूरी है। मोदी सरकार नए नियमों को लागू कर रही है और 1 अप्रैल से इन्हें लागू कर दिया जाएगा। अगर आप इन नियमों के तहत पहले ही अपने काम नहीं निपटाएंगे तो हो सकता है कि आने वाले वक्त में आपको बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इन बातों का ध्यान रखें और सबसे पहले ये काम निपटा लें।

सरकार की लापरवाही की वजह से लीक हुई आपकी गोपनीय जानकारी।

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अगर आपका नाम, पता, आधार कार्ड नंबर, डेट ऑफ बर्थ और अकाउंट नंबर कोई जान ले, वो भी एक गूगल सर्च के जरिए. हैरानी की बात है, लेकिन ऐसा हो रहा है. देश के हजारों नागरिकों की ये पर्सनल जानकारियां गूगल पर आसानी से उपलब्ध हैं और वो भी सरकारी वेबसाइट के जरिए.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट से ऐसे डेटा ऐक्सेल शीट आसानी से गूगल के जरिए डाउनलोड की जा सकती है. आप इसे चूक करें या लापरवाही, लेकिन इतने नागरिकों का घर तक का पता किसी के पास भी हो सकता है.

St Hill नाम के एक ट्विटर यूजर ने इस ओर ध्यान आकर्षित किया है कि आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कैसे हो सकता है. या यों कहें की हो रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सिक्योर रखे जाने वाले इन पर्सनल जानकारियों की लिस्ट Ms. Excel शीट में गूगल के जरिए आसानी से डाउनलोड करने को उपल्बध हैं. इन डेटा में लगभग हजारों नागरिकों के पैन कार्ड नंबर, जाती और धर्म की जानकारियां आसानी से मिल जाएगी.

हालांकि ये डेटा आधार की वेबसाइट से नहीं लीक हो रहे,बल्कि केंद्र सरकार की दूसरी वेबसाइट्स से डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं. दरअसल सरकार की कुछ स्कीम में इन डेटा की जरुरत होती है और इसकी एक्सेल शीट मेंटेन की जाती है. लेकिन ये सभी जानकारियां मंत्रालयों के लिए ही होती हैं. लेकिन ये डेटा फिलहाल आम पब्लिक के लिए डाउनलोड के लिए उपलब्ध है जो बड़े सवाल खड़ा करता है. 

क्या आधार नंबर को पब्लिक करना सही है? 
आधार ऐक्ट 2016 के मुताबिक किसी नागरिक का आधार डेटा पब्लिश नहीं किया जा सकता. यानी मंत्रालय की वेबसाइट इन डेटा को सिक्योर रखने में नाकामयाब हो रही हैं.

आधार ऐक्ट 2016 के तहत कलेक्ट किया गया कोई भी आधार नंबर या कोर बायोमैट्रिक इनफॉर्मेशन पब्लिक नहीं किया जा सकता और न ही इसे किसी पब्लिक प्लैटफॉर्म पर पोस्ट किया जा सकता है. हालांकि इसके इस्तेमाल कानून के तहत शामिल की गईं एजेंसियां और संस्थाएं कर सकती हैं.

दी वायर की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक महीने पहले डेटा रिसर्चर श्रीनीवास कोडाली ने थर्ड पार्टी वेबसाइट के द्वारा गलती लीक किए गए 5-6 लाख लोगों के पर्सनल डेटा के बारे में बताया था. इस डेटा में आधार नंबर, नाम, कास्ट, जेंडर और फोटोज शामिल थे. 

दु:खद: हर साल 100 से ज्यादा जवान कर रहे है आत्महत्या।

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देश के सैनिकों का एक दु:खद सच यह भी है कि हर साल 100 से ज्यादा जवान आत्महत्या कर लेते हैं। साल 2016 में विभिन्न परिस्थितियों में 125 जवानों ने आत्महत्याएं कीं। शुक्रवार को लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा, ‘101 सैनिक, 19 एयरमैन और 5 नाविकों ने पिछले साल आत्महत्याएं कीं।’ इस के अलावा साथी जवानों की हत्याओं के भी 3 गंभीर मामले सामने आए।

इस साल 13 आर्मी जवान आत्महत्याएं कर चुके हैं। इसी तरह एयरफोर्स से भी 2 ऐसे मामले संज्ञान में आए हैं। दुर्गम इलाकों में देश की सेवा के लिए तत्पर सैनिक तनाव के चलते आत्महत्या कर रहे हैं।

भामरे ने बताया, ‘सरकार ने दिक्कतों को दूर करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इनमें गुजर-बसर की स्थिति, बेहतर रहन-सहन और परिजनों को भी सेवाओं का लाभ शामिल है।’ बताया गया कि तनाव मिटाने के लिए योग व मेडिटेशन कार्यक्रमों की भी शुरुआत की गई है।

वह कहते हैं, ‘बड़ी संख्या में अफसरों को जवानों व उनके परिजनों की काउंसलिंग के लिए लगाया जाता है। इस के साथ-साथ बाहर के मनोवैज्ञानिकों की भी इस मुहिम में मदद ली जा रही है।’ एक अफसर ने बताया कि आजकल के दौर में जवानों का घर से मोबाइल फोन के जरिए सीधे जुड़े रहना, उनके भीतर कई बार तनाव पैदा कर देता है।

सावधान! बस एक मैसेज से हो सकता है आपका whatsapp हैक।

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WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप की सिक्योरिटी को लेकर इंजरायल की सिक्योरिटी फर्म चेक प्वॉइंट ने बड़ा खुलासा है। चेक प्वाइंट के दावे के मुताबिक सिर्फ एक मैसेज भेजकर आपके व्हाट्सऐप और टेलीग्राम मैसेंजर को हैक किया जा सकता है।

कंपनी ने इसकी जानकारी व्हाट्सऐप और टेलीग्राम को दे दी है और बताया है कि हैकर्स एक इमेज भेजकर यूजर्स के मैसेज में सेंध लगा सकते हैं। दावे के मुताबिक हैकर्स एक मासूम से दिखने वाली इमेज यूजर्स को मैसेज में भेजते हैं और यूजर्स के इमेजे के डाउनलोड करते ही हैकर्स फोटो, शेयर्ड फाइल, चैट हिस्ट्री तक पढ़ सकते हैं। हालांकि कंपनी ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हैक करने का तरीका नहीं बताया है।

चेक प्वाइंट ने इस बात का खुलास नहीं किया है कि कितने अकाउंट हैकर्स के कब्जे में हैं, हालांकि यह खतरा ब्राउजर में व्हाट्सऐप और टेलीग्राम यूज करने वाले अकाउंट ही हैक हो सकते हैं। कंपनी के मुताबकि ऐप पूरी तरह से सुरक्षित है।

बता दें कि हाल ही में चेक प्वॉइंट ने दावा किया था कि सैमसंग, ओप्पो, शाओमी और गूगल जैसी कंपनियों के 38 डिवाइस में प्री-इंस्टॉल मालवेयर आ रहे हैं जिसे हटाना यूजर्स के बस की बात नहीं है।

जवाब न दें! अगर फ़ोन पर आपसे कोई कहे ये बात।

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आजकल मार्केट में लोगों को ठगने के नए-नए तरीके आ गए हैं। कोई ऑनलाइन क्लिक्स के नाम पर ठग रहा है तो कोई पुराना चिट फण्ड का सहारा ले रहा है। लोग भी इस मामले में ज़रा सी कोताही बरतते हैं और उनको भारी नुकसान झेलना पड़ता है।

लोग अब फ़ोन कर के भी आपको ठगने की फ़िराक में हैं। हम एटीएम का पिन पूछने वाले गिरोह की बात नहीं कर रहे बल्कि ये नए अपराधी आपसे ही हामी भरवा कर आपका पैसा गायब कर देने का हुनर जानते हैं। ये लोग आपसे कुछ ऐसा कहते हैं जिसका जवाब आपको बिल्कुल नहीं देना चाहिए।

आमतौर पर जब आप किसी को फ़ोन करते हैं या आपको किसी का फ़ोन आता है तो लोग कहते हैं ‘हेलो’। जिसके जवाब में सामने वाला भी हेलो कहता है। लेकिन अब ये ठग आपसे ‘हां’ कहलवाने की फ़िराक में रहते हैं। अगर कोई आपसे फ़ोन पर कहे ‘कैन यू हियर मी?’ तो इस बात का जवाब कभी मत दीजिए।

सीबीएस न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार आप इस सवाल के बदले जो हामी भरते हैं उसका प्रयोग कुछ लोग आपका पैसा लूटने में कर सकते हैं। इस सवाल का प्रयोग करके बहुत से लोग दूसरों को बेवकूफ बना रहे हैं। वो आपके जवाब जो कि हां में होता है को रिकॉर्ड कर लेते हैं और फिर उसका प्रयोग गलत तरह से करते हैं।

जवाब न दें

आप ऐसे वक़्त में कोई जवाब न दें। आपको फ़ोन काट देना चाहिए। ऐसा आप तब करें जब आपके पास कोई अंजान फ़ोन कॉल आए। आपकी एक हां को स्कैम करने वाले इस रूप में प्रयोग कर सकते हैं जैसे आपने किसी बात के लिए हां कहा हो। भले ही आप बाद में मना करें लेकिन ये लोग आपके रिकॉर्ड किए गए ‘हां’ के जवाब को बाद में इस्तेमाल करके बच सकते हैं।इसके अलावा अगर सामने वाला व्यक्ति आपको कोई ख़ास नंबर एंटर करने के लिए बोलता है तब भी ऐसा न करें क्योंकि इससे उनके पास आपकी कई दूसरी जानकारियां भी पहुंच सकती हैं। ऐसे फ़ोन कॉल से बचने के लिए आप अपने फ़ोन में डू नॉट डिस्टर्ब एक्टिवेट करवा सकते हैं।

कोशिश करिए कि कोई भी अंजान व्यक्ति अगर आपसे किसी तरह की कोई जानकारी मांगने की कोशिश कर रहा है तो आप खुद उससे पूछ ताछ करना शुरू कर दें। ऐसे में सामने वाला डर जाएगा और आपको जागरुक देखकर खुद बा खुद पीछे हट जाएगा।

खतरनाक हो सकता है आपकी  पेंट की जेब में रखा स्मार्टफोन।

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आजककल की लाइफस्टाइल में मोबाइल उन महती आवश्यकत्ताओं में से एक हो गया है जिसके बिना शायद वे अपने जीवन की कल्पना ना कर सके। दिन के हर वक्त वे अपने साथ इसे लिए रहते है। अक्सर इसे लोग अपने पेंट की जेब में रखते है। लेकिन शायद ही आपको इस बात की खबर हो कि जेब में रखा ये फोन आपके लिए कितना घातक हो सकता है।

जी हां एक रिसर्च के मुताबिक जो पुरुष अपना मोबाइल पेंट की जेब में रखना पसंद करते है उनके लिए यही मोबाइल स्पर्म नष्ट होने का कारण बना हुआ है। रिसर्च में ये बात सामने आई है कि, आम आबादी में स्पर्म में गिरावट की समस्या से जूझने वाले लोगो में जेब में मोबाइल रखने वाले 47 पर्सेंट इस समस्या से ग्रसित हैं।

हाइफा में टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मार्टिन डिर्नफेल्ड के मुताबिक, रिसर्च में पाया गया है कि फोन और उसकी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऐक्टिविटी के कारण मोबाइल की लत वाले पुरुषों में ऐक्टिव स्विमिंग स्पर्म और उसकी गुणवत्ता दोनों में ही भारी गिरावट आई है। इस स्टडी टीम ने बताया है कि 100 से ज्यादा पुरुष एक साल में फर्टिलिटी क्लिनिक पहुंच रहे हैं।

आपको बता दें कि यह रिपोर्ट जनरल रिप्रोडक्टिव बायोमेडिसिन में पब्लिश हुई है। इसमें लंबे समय की उस आशंका पर गहन अध्ययन किया गया है कि पुरुषों में फर्टिलिटी पर सेलुलर फोन का क्या प्रभाव पड़ता है।

अधिकत्तर लोग मोबाइल फोन अपनी थाई के पास रखते हैं। जिससे स्पर्म की क्वॉलिटी में भी भारी गिरावट आ रही है। पश्चिम के ज्यादातर सभी देशों में स्पर्म की क्वॉलिटी प्रभावित हुई है। जिसका सीधा कारण मोबाइल की लत को बताया जा रहा है। 40 पर्सेंट कपल्स को गर्भ धारण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल लंदन के प्रफेसर गेडिस ग्रॉजिंसकस ने बताया कि, पुरुषों को मोबाइल की लत से बाहर निकलने की जरूरत है। वह मोबाइल के चक्कर में अपनी अहम चीज को खो सकते हैं।

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