Home Tags Priyanka Gandhi

Tag: Priyanka Gandhi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दी श्रद्धाजंलि

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी की जयंती पर ट्वीट करते हुए उन्हें श्रद्धाजंलि दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा की “हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि”।

प्रधानमंत्री मोदी के अलावा पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने भी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

सोनभद्र मामले के बाद कांग्रेस में उठी प्रियंका गाँधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग

0
congress general secretory priyanka gandhi while protesting on sonbhadra voilence in uttar pradesh

सोनभद्र हिंसा के बाद जिस तरह प्रियंका गाँधी ने राज्य सरकार से लोहा लिया और पीड़ितों से मिलने के लिए धरने पर बैठ गयी और आखिर में जिस सरकार और प्रशासन को झुकाकर उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की उससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक बार फिर उर्जा का संचार हुआ हैं। उत्तरप्रदेश के साथ ही पूरे देश में अब प्रियंका गाँधी को कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व सौंपने की मांग उठ गयी है।

कई छोटे-बड़े नेताओं के बाद अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने सोनभद्र मामले में प्रियंका के फैसले का ज़िक्र करते हुए कहा कि “वह पार्टी को संभालने में सक्षम हैं। आपने देखा होगा कि उन्होंने उत्तरप्रदेश में क्या किया।, वह सोनभद्र मामले को लेकर वहां टिकी रहीं और जो चाहती थीं उसे हासिल कर लिया”

नटवर सिंह ने आगे राहुल गाँधी के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि “राहुल को अपने इस फैसले को बदलना होगा कि कांग्रेस का नेतृत्व गांधी परिवार के बाहर का कोई शख्स करे। गाँधी परिवार को अब यह फैसला उलटना होगा कि कांग्रेस का नेतृत्व कोई गैर गांधी करे। सिंह ने आगे कहा कि अगर गाँधी के बाहर का कोई शख्स अगर कांग्रेस का नेतृत्व करता है तो 24 घंटे के भीतर कांग्रेस बिखर जाएगी।

प्रियंका जहां एक ओर अपना पूरा ध्यान उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव पर लगा रखी है तो वहीं राहुल गाँधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देते समय ही साफ़ कर दिया था कांग्रेस पार्टी का अगला अध्यक्ष गाँधी परिवार से नही होगा।

आखिरकार पीड़ितों से मिली प्रियंका, योगी सरकार ने घुटने टेके

0

सोनभद्र हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से प्रियंका गांधी को मिलने न देने पर अड़ी योगी सरकार ने आखिरकार अपने घुटनें टेक दिए। धरने पर बैठी प्रियंका ने उभ्भा गांव में हुए नरसंहार के पीड़ितों से मुलाकात की। मुलाकात के बाद प्रियंका भावुक हो गई और उन्होने पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।  

पीड़ितों से मिलने बाद प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि “आखिरकार उभ्भा गांव में हुए नरसंहार के पीड़ितों से मुलाकात हो गई। जो उन्होंने बताया कि वह अकल्पनीय रूप से क्रूर और अन्यायपूर्ण है। हर एक भारतीय को मानवता के नाम पर उनके साथ खड़ा होना चाहिए।”

https://twitter.com/priyankagandhi/status/1152507200088289281

बता दें कि प्रियंका पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए कल सोनभद्र जा रही थी। जिसके सरकार के आदेश पर पुलिस ने प्रियंका को गिरफ्तार करके एक रेंस्ट हाउस में रोक दिया था, जहां प्रियंका ने रात गुजारी। रात गुजारने के बाद भी प्रियंका वापिस नही गई औऱ पीड़ितों से मिलने की मांग पर अड़ी रही।

मिर्ज़ापुर के पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल सपा छोड़ कांग्रेस में हुए शामिल

0

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और मिर्ज़ापुर लोकसभा से संसद रहे बाल कुमार पटेल ने आज समाजवादी पार्टी छोड़ कांग्रेस का हाँथ थाम लिया। पटेल को कांग्रेस की सदस्यता दिलवाते समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद थे।

कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पटेल का पार्टी में स्वागत करते हुए ट्विटर पर लिखा “मिर्जापुर से सपा सांसद रहे बाल कुमार पटेल जी आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी महासचिव प्रियंका गांधी जी व यूपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर जी के समक्ष कांग्रेस परिवार में सम्मलित हुए-यूपी में आपके साथ से कांग्रेस के हाथ को और अधिक मज़बूती मिलेगी।”

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस बाल कुमार पटेल अब कांग्रेस की टिकट पर मिर्ज़ापुर से अपना दल की अनुप्रिया पटेल के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।

मायावती के तंज पर प्रियंका का जवाब, बोली हम चुनाव लड़ रहे है..

0

बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा कांग्रेस पर किये गए तंज पर अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पलटवार किया है। प्रियंका ने मायावती पर पलटवार किया है।

दरअसल बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा था और कहा था कि ” कांग्रेस पार्टी उत्तरप्रदेश में 7 सीटें भी क्यों छोड़ रही है, उसे सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। सपा-बसपा और आरएलडी का गठबंधन भाजपा को हराने के लिए काफी है।”

मायावती के इस बयान को कांग्रेस को लेकर उनके गुस्से के तौर पर देखा जा रहा था। जानकारों का कहना है कि जिस तरह कांग्रेस ने उत्तरप्रदेश में अपनी सक्रियता बड़ाई है और जिस तरह प्रियंका गांधी ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद से मुलाकात की तजि उससे मायावती को अपने वोट बैंक पर खतरा नजर आ रहा है।

प्रियंका ने मायावती के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा-बसपा गठबंधन भाजपा को हराने के लिए काफी है। हम अकेले चुनाव लड़ रहे है, हमें किसी को परेशान नही करना है। हमारा उद्देश्य भाजपा को हराना है और उनका उद्देश्य भी भाजपा को हराना है।

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1107648698924687360?s=19

Live: मनैया घाट से शुरु हुई प्रियंका की गंगा यात्रा, देखें तस्वीरें

0

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज उत्तरप्रदेश के त्रिवेणी संगम से आज अपनी तीन दिन लंबी गंगा यात्रा की शुरुआत करेंगी। प्रियंका की यह यात्रा 3 दिन बाद वाराणसी स्थित अस्सी घाट पर खत्म होगी।

अपनी पहली चुनावी यात्रा में बीजेपी को घेरने के लिए वह पीएम मोदी के ‘चाय पे चर्चा’ की तर्ज पर ‘बोट पे चर्चा’ का आगाज करेंगी। इसके जरिए वह प्रयागराज के छात्रों के शिष्टमंडल से बात करेंगी। प्रयागराज से वाराणसी तक चुनाव यात्रा को ‘सांची बात, प्रियंका के साथ’ नाम दिया है। प्रियंका रविवार शाम को ही प्रयागराज पहुंच गईं जहां उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार के पैतृक आवास आनंद भवन का दौरा किया।

Picture Tweeted by @Ani on twitter

रॉबर्ट वाड्रा से ईडी ने पिछले तीन दिनों में 24 घंटे की पूछताछ

0

हवाला से जुड़े एक मामले में सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रोबर्ट वाड्रा से ईडी की पूछताछ लगातार जारी है। आज भी रोबर्ट वाड्रा से ईडी के अफसरों ने घाटों पूछताछ की। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पिछले 3 दिनों में ईडी के अफसरों ने रोबर्ट वाड्रा से लगभग 24 घंटे पूछताछ की है।

https://twitter.com/ANI/status/1094250158097920000

महासचिव बनने के बाद पहली बार कांग्रेस दफ्तर पहुंचीं प्रियंका, रॉबर्ट वाड्रा पर बोलीं- दुनिया जानती है कि क्या हो रहा

0

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से ईडी के दफ्तर में तीन अफसर सवाल- जवाब कर रहे है। अपने पति रॉबर्ट को ईडी दफ्तर के गेट पर छोड़कर प्रियंका वहां से सीधे कांग्रेस मुख्यालय पहुंची और पदभार संभाला। मुख्यालय पहुंची प्रियंका को वहां पत्रकारों ने घेर लिया। कांग्रेस महासचिव बनने पर उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि राहुल जी ने ये जिम्मेदारी मुझे सौंपी है।

वहीं रॉबर्ट वाड्रा के सवाल पर प्रियंका ने कहा कि पूरी दुनिया को पता है कि क्या हो रहा है।
बता दें कि पेशी के लिए वाड्रा कल ही अमेरिका से लौटे हैं। वह लंदन में अपनी मां का इलाज करा रहे थे और फिर वहां से अमेरिका गए थे। मनी लॉन्ड्रिंग केस में वाड्रा को अग्रिम जमानत पर हैं।

वाड्रा ने गिरफ्तारी की आशंका के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। जिसपर कोर्ट ने 16 फरवरी तक गिरफ्तारी से राहत भी दी है। वाड्रा मोदी सरकार पर बदने की भावना से कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं तो बीजेपी कानून के राज की दुहाई दे रही है।

प्रियंका गांधी के पती रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ लंदन में संपति खरीद में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। यह प्रॉपर्टी 19 लाख पाउंड में खरीदी गई है। आरोपों के अनुसार भगोड़े हथियार कारोबारी संजय भंडारी ने इस प्रॉपर्टी को खरीदी और 2010 में इसे इसी कीमत पर वाड्रा को बेच दी। ईडी ने हाल में ही वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। इसी गिरफ्तारी के बाद वाड्रा पर शिकंजा कसने की अटकलें लगाई जा रही थीं।

11 फरवरी को इस शहर में रोड शो कर मिशन 2019 का आगाज करेंगी प्रियंका

0

सक्रिय राजनीति में धमाकेदार एंट्री करने के बाद अब प्रियंका गांधी अब मिशन 2019 के लिए चुनाव प्रचार शुरु करने वाली है। मंगलवार को भाई राहुल गांधी के घर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में शिमिल हुई प्रयंका ने आगामी चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा की।

सूत्रों के अनुसार प्रियंका मिशन यूपी की शुरुआत लखनऊ में एक बड़े रोडशो के साथ करेंगी। जिसके लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी फरवरी को लखनऊ पहुंचेंगी।

मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ में प्रियंका गांधी सबसे पहले कांग्रेस मुख्यालय में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। जानकारों के अनुसार प्रियंका का यह रोडशो 2019 के लोकसभा चुनाव का आगाज होगा।

इससे पहले तक माना जा रहा था कि 10 फरवरी को प्रियंका लखनऊ जाएंगी, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के घर पर मंगलवार शाम को हुई बैठक में तय हुआ कि मिशन यूपी की शुरुआत प्रियंका 11 फरवरी से करेंगी।

प्रियंका गांधी के इलाहाबाद में 10 फरवरी को ही कुंभ में डुबकी लगाने की भी खबरें थीं, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

मंगलवार को ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने औपचारिक रूप से कांग्रेस की पहली बैठक में हिस्सा लिया। जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा कुछ और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस महासचिव के रूप में ताजपोशी के बाद राहुल के साथ प्रियंका ने पहली बार उत्तर प्रदेश में आगे की रणनीति बनाई। प्रदेश में वेंटिलेटर पर पड़ी कांग्रेस को प्रियंका के आने के नई ताकत मिली है और कार्यकर्ताओं में जोश आ गया है। उन्हें उम्मीद है कि भाई-बहन की इस जोड़ी से वे एक बार फिर दिल्ली में सरकार बनाएंगे। इसी जोश का परिणाम है कि उत्साही कार्यकर्ता उन्हें कई बार पोस्टर में दुर्गा के रूप में दिखा चुके हैं।

इस बैठक से ठीक पहले प्रियंका ने राहुल के घर के पीछे स्थित झुग्गी में पहुंचकर सभी को चौंका दिया। मंगलवार शाम को प्रियंका बैठक से पहले झुग्गी बस्ती में एक दिव्यांग बच्चे से मिलने पहुंची थीं। उन्होंने बच्चे से वादा किया है कि वे उसकी हर संभव मदद करेंगी। प्रियंका का ये अंदाज नया नहीं है। अपनी मां और भाई के संसदीय क्षेत्र अमेठी और रायबरेली में भी जब वे जाती हैं तो ऐसे ही आम लोगों की तरह उनसे बातें करतीं हैं। प्रियंका का यही अंदाज उन्हें खास बनाता है। प्रियंका के इस रूप को देखकर ही लोग उनमें उनकी दादी इंदिरा गांधी का अक्स देखते हैं।

अगर प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बनारस से चुनाव लड़ेंगी तो क्या होगा ?

0

राजनीति में प्रियंका गांधी की औपचारिक सक्रियता की घोषणा के बाद भी उनके बारे में अटकलों का दौर खत्म नहीं हुआ है। प्रियंका को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी महासचिव बनाने के अलावा उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी नियुक्त किया है। पूर्वांचल का प्रभार प्रियंका गांधी को देने के बाद से यह अटकल जोर पकड़ रही है कि वे लोकसभा चुनावों में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं।

वाराणसी या बनारस को पूर्वांचल की राजनीति का केंद्र माना जाता है। यहां की राजनीति का असर न सिर्फ पूर्वांचल बल्कि बिहार की कुछ लोकसभा सीटों पर भी होता है। यही वजह थी कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बनारस की सीट को चुना था। पूर्वी उत्तर प्रदेश की 40 लोकसभा सीटों में से अधिकांश पर भारतीय जनता पार्टी को 2014 में कामयाबी हासिल हुई थी। भाजपा ने नरेंद्र मोदी के बनारस से लोकसभा चुनाव लड़ने को इसकी एक प्रमुख वजह के तौर पर पेश किया था।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रियंका गांधी को बनारस से चुनाव लड़ाने की बात चल रही है। इस बारे में बनारस के कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी प्रियंका गांधी से औपचारिक अपील करके उनसे इस सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। बनारस के कुछ कांग्रेस नेताओं की मानें तो आने वाले दिनों में यहां के कुछ प्रबुद्ध लोगों और मुस्लिम समाज की ओर से भी प्रियंका गांधी से लोकसभा चुनाव लड़ने की अपील की जा सकती है।

कांग्रेस आलाकमान की ओर से अब तक ऐसा संकेत नहीं दिया गया है कि प्रियंका गांधी बनारस से चुनाव लड़ सकती हैं। लेकिन, जमीनी स्तर से जो सूचनाएं मिल रही हैं उनसे यही लगता है कि पार्टी इसकी तैयारी पूरी कर रही है कि अगर प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ना पड़े तो उस वक्त कोई दिक्कत नहीं आए।

ऐसे में सवाल उठता है कि अगर प्रियंका गांधी वाराणसी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ती हैं तो इसके क्या राजनीतिक मायने होंगे। इससे पूरे चुनावी परिदृश्य पर क्या असर पड़ सकता है? जो लोग बनारस से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की वकालत कर रहे हैं, उनका कहना है कि इससे न सिर्फ पूरे पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर सकारात्मक असर पड़ेगा बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी पार्टी को इससे फायदा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों राज्यों में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा संकट यही है कि उसके कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार घटी है और नतीजतन पार्टी का सांगठनिक ढांचा कमजोर हुआ है। जो लोग पार्टी में हैं भी, वे भी सिर्फ पार्टी के नाम पर चुनावी जीत हासिल करने की उम्मीद कम ही रखते हैं। स्थानीय नेताओं के मुताबिक ऐसे में प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने की खबर भर से जमीनी कार्यकर्ताओं में उत्साह का जो माहौल बना है वह उनके वाराणसी से चुनावी मैदान में उतरने से और तेजी से बढ़ सकता है।

प्रियंका गांधी के नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनावी मैदान में उतरने का दूसरा असर यह होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर नरेंद्र मोदी बनाम प्रियंका गांधी का विमर्श खड़ा हो जाएगा। कांग्रेस इस विमर्श को आगे नहीं भी बढ़ाना चाहेगी तब भी यह विमर्श चल पड़ेगा। इससे भाजपा और उसके सहयोगी दलों का वह विमर्श फीका पड़ सकता है जिसमें वे 2019 के लोकसभा चुनावों को नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी करके विकल्पहीनता को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाते हुए नरेंद्र मोदी के पक्ष में गोलबंदी करना चाहते हैं। नरेंद्र मोदी के सामने प्रियंका गांधी के उतरते ही आम लोगों में चाहे-अनचाहे यह संदेश चला जाएगा कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी भी एक सशक्त विकल्प हैं।

वाराणसी से नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी के चुनाव में उतरने का एक असर यह भी हो सकता है कि मोदी को वाराणसी में ही उलझाकर रखने के मकसद से सपा-बसपा गठबंधन इस सीट पर अपना उम्मीदवार न उतारे। पहले भी इस गठबंधन ने राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी में और सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली में उम्मीदवार न उतारने की घोषणा कर दी है। ऐसे में अगर प्रियंका बनारस से चुनाव लड़ती हैं और सपा-बसपा अपना उम्मीदवार नहीं उतारते हैं तो नरेंद्र मोदी के लिए यह सीट आसान नहीं रहेगी। तब नतीजा किसी भी ओर जा सकता है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो प्रियंका गांधी अगर बनारस से लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के खिलाफ उतरती हैं तो इससे न सिर्फ इस सीट पर रोचक चुनावी संघर्ष देखने को मिलेगा, बल्कि इसका असर पूरे उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा।

(सत्याग्रह के लिए हिमांशु शेखर द्वारा लिखे गए आलेख के संपादित अंश साभार)

सोशल मीडिया पर जुड़ें

37,916FansLike
0FollowersFollow
1,196FollowersFollow
1FollowersFollow
1,256FollowersFollow
787FollowersFollow

ताजा ख़बरें