Sunday, September 24, 2023
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रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे MP के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न, खेला रस्साकशी का खेल

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मध्यप्रदेश की राजनीति में अपना अलग अंदाज रखने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर इन दिनों विधानसभा क्षेत्र के नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं को साधने में जुटे हैं। दरअसल, तोमर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मंडल बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने रस्साकशी खेला। तोमर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ रस्सी खींचते हुए नजर आए।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ऊर्जा मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। तोमर के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के नाराज कार्यकर्ताओं को मनाना है। इसी को देखते हुए अब वे लगातार बैठकें आयोजित कर रहे हैं। प्रद्युम्न सिंह तोमर ने राजा मानसिंह तोमर मंडल में बैठक आयोजित की जिसमें बीजेपी के सभी सिंधिया समर्थक और मूल कार्यकर्ताओं को बुलाया गया। बैठक में तोमर ने कहा कि कुछ ही समय में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में हम सबको नाराज़गी दूर करके पार्टी के काम में लगना चाहिए।

तोमर ने आगे कहा कि हो सकता है मुझसे या पार्टी से कुछ गलतियां हो गई हों, जिससे आप नाराज हों। लेकिन शिकवे दूर कर हमें अब चुनावी मैदान में आ जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं के बिना पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती। आप सभी की मेहनत है, जिस कारण शहर में विकास प्रगति पर है और जिस कार्यकर्ता को किसी भी तरह की कोई परेशानी है तो वह कभी भी मेरे पास आ सकता है। हम सब मिलकर परेशानियां दूर करने का प्रयास करेंगे।

BJP पदाधिकारियों पर बरसे प्रदेशाध्यक्ष वी डी शर्मा , बूथों की संख्या न बताने पर लगाई क्लास

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कटनी। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने सोमवार को कटनी पहुंचकर चुनाव संचालन समिति की बैठक ली। शर्मा ने ये बैठक सर्किट हाउस में ली। इसके साथ ही बड़वारा विधानसभा के पदाधिकारियों से भी चर्चा की। इस दौरान बूथों की जानकारी नहीं बता पाने पर पदाधिकारी पर प्रदेशाध्यक्ष नाराज हो गए। दरअसल, पदाधिकारी एक महीने से कटनी में हैं, लेकिन उनके विधानसभा क्षेत्र में कितने बूथ हैं वे ये नहीं बता सके।

वीडी शर्मा ने कहा कि एक महीने से आप यहां क्या कर रहे हैं। बता दें, बड़वारा विधानसभा कांग्रेस की सीट है, जिस पर फोकस किया जा रहा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह मध्यप्रदेश है और भाजपा के कार्यकर्ताओं का गढ़ है। मोदी जी की योजनाओं का गढ़ है। मैं कॉन्फिडेंट होकर कह रहा हूं, बीजेपी के कार्यकर्ता इन्हें आईना दिखाते रहे हैं और फिर आईना दिखाएंगे।

मध्यप्रदेश में 51% वोट शेयर है, 200 पार का नारा दिया है। इतने ही वोट और सीट बीजेपी को मिलेंगी। 2023 साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं जिसे लेकर जोर शोर से तैयारियां की जा रही हैं। इसके अलावा 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं। उसके लिए भी मेहनत करनी पड़ेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 9 वर्ष पूरे होने पर बीजेपी जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेगी।

NCP अध्यक्ष पद छोड़ने का शरद पवार ने किया ऐलान

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महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने इस्तीफा देने का ऐलान किया।

दरअसल शरद पवार के बाद अब पार्टी का मुखिया कौन होगा फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को पवार का उत्तराधिकारी माना जाता है। फिलहाल एनसीपी के अध्यक्ष पद के लिए उनके भतीजे अजित पवार भी प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखे जाते हैं।

बता दें कि शरद पवार ने अध्यक्ष पद छोड़ने की वजह नहीं बताई। 4 दिन पहले गुरुवार को ही शरद पवार ने कहा था कि अब रोटी पलटने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि किसी ने मुझसे कहा कि रोटी सही समय पर पलटनी है। न पलटे तो कड़वी हो जाती है।

जानकारी के अनुसार शरद पवार ने सन 1999 में कांग्रेस से अलग होकर एनसीपी बनाई थी। जिसके बाद से ही वे पार्टी के अध्यक्ष हैं। पवार के इस ऐलान के बाद पार्टी कार्यकर्ता उनके समर्थन में नारे लगाने लगे और अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

BJP के निलंबित नेता टी राजा ने बताया ओवैसी को देशद्रोही, कहा- चुनावी क्षेत्र में लोगों को डराना-धमकाना ही ओवैसी का काम

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बीजेपी के निलंबित नेता टी राजा ने सांसद एवं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोला है। उन्होंने ओवैसी को देशद्रोही कहा है। टी राजा BJP से निलंबित नेता हैं और हैदराबाद के गोशामहल से विधायक हैं। दरअसल वे एक कार्यक्रम में शामिल होने नरसिंहपुर जा रहे थे। उसी दौरान उन्होंने जबलपुर के पाटन में मीडिया से बात करते हुए ये बयान दिया।

टी राजा के अनुसार अतीक अहमद जैसे गद्दार को वह अपनी पार्टी में मिलाते हैं। गैंगस्टर की मौत जैसी होनी चाहिए थी वैसे ही हुई है, लेकिन उस पर भी असदुद्दीन ओवैसी राजनीति करते हैं। टी राजा ने आगे कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति हमेशा से ऐसी रही है कि जहां-जहां चुनाव होते हैं वहां की जनता को डराना धमकाना, राजनीतिक पार्टियों को ब्लैकमेल करना ही उनका काम है।

टी राजा तेलंगाना से जबलपुर एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र से असदुद्दीन ओवैसी सांसद हैं उस क्षेत्र के ही मुसलमान आज अपने आप को असहज महसूस कर रहे हैं। वहां के रहने वाले मुसलमानों का ही ओवैसी भला नहीं कर रहे हैं तो देश का भला क्या करेंगे।

टी राजा ने कहा कि ओवैसी चाहे कितनी ही ताकत लगा लें, उनके चुनाव लड़ने से भाजपा को किसी भी तरह से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जनता चाहती है कि केंद्र में भी और राज्य में भी बीजेपी की सरकार रहनी चाहिए। कुछ महीने बाद मध्यप्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, कर्नाटक में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में ओवैसी जैसे कितने ही नेता कुछ भी कर लें लेकिन भाजपा को नुकसान नहीं पहुंचा सकते।

सिद्धार्थ मलैया को गुरुवार को BJP ने फिर किया पार्टी में शामिल, बागी नेताओं को साध रही BJP

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आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई ने पार्टी से निष्कासित नेता सिद्धार्थ मलैया को गुरुवार को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया।
विद्रोह की आशंका और हाल ही में हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जैसे उथल-पुथल से बचने के लिए, जहां पार्टी के कई बड़े नेता अन्य दलों में चले गए, वहीं भाजपा विद्रोहियों को पार्टी की तह में वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
सिद्धार्थ मलैया को 2022 में उनकी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था। बता दें सिद्धार्थ मलैया पूर्व मंत्री जयंत मलैया के पुत्र हैं।

कुछ समय पहले तक ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि सिद्धार्थ मलैया अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कांग्रेस में जा सकते हैं, क्योंकि उस समय वे खुले तौर पर भाजपा नेतृत्व की आलोचना कर रहे थे। हालांकि, सिद्धार्थ मलैया राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ भाजपा मुख्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुए।

भाजपा में शामिल होने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में सिद्धार्थ मलैया ने कहा कि मुझे खुशी है कि पार्टी ने मुझे काम करने का एक और मौका दिया और इसके लिए मैं भाजपा को धन्यवाद देता हूं। राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि सिद्धार्थ मलैया को पार्टी में फिर से शामिल करना बीजेपी का डर बयां करता है। दरअसल, बीजेपी को पिछले महीने झटका लगा जब तीन बार के बीजेपी विधायक देशराज सिंह यादव के बेटे यादवेंद्र सिंह यादव ने पार्टी छोड़ दी और वे कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके अलावा खरगोन के पूर्व सांसद माखन सिंह सोलंकी भी हाल ही में कांग्रेस में शामिल हो गए।

14 राज्य और केंद्रीय भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को पार्टी के दिग्गजों सहित हर संभावित बागी तक पहुंचने का काम सौंपा गया था, ताकि उन्हें भाजपा के साथ बने रहने के लिए राजी किया जा सके। सूत्रों के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट बीजेपी के लिए अच्छी नहीं थी, जिसके बाद सिद्धार्थ मलैया को फिर से शामिल किया गया।हालांकि, अभी भी भाजपा नेताओं की एक लंबी सूची है, जो पिछले कुछ वर्षों से दरकिनार कर दिए गए हैं। वहीं बीजेपी के कई बागियों के कांग्रेस में शामिल होने की भी चर्चा है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह को कहा देश विरोधी, ट्वीट लिखकर कही ये बात…

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भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Union Minister Jyotiraditya Scindia) ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) पर हमला बोला है। दिग्विजय सिंह के उज्जैन में दिए बयान पर पलटवार करते हुए सिंधिया ने कहा है, “हे प्रभु महाकाल, कृपया दिग्विजय सिंह जी जैसे देश-विरोधी और मध्य प्रदेश के बंटाधार, भारत में पैदा ना हों।”

आगामी चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने कमर कस ली है। दिग्गज नेता हर जिले में जाकर मंडल वार्ड स्तर के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। इसी सिलसिले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह गुरुवार देर रात उज्जैन पहुंचे। शुक्रवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

पत्रकारों ने जब दिग्विजय सिंह से पूछा कि, यदि इस बार भी कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कोई नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह बीजेपी में शामिल हो जाएगा तो कांग्रेस क्या करेगी? इसका जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि, हे महाकाल, कांग्रेस में कोई दूसरा ज्योतिरादित्य सिंधिया पैदा ना हो।

उन्होंने ये भी कहा कि जब कमलनाथ सरकार को गिराया गया उस समय राजा महाराजा बीजेपी के हाथों बिक गए। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर पलटवार करते हुए अब सिंधिया ने भी हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर दिग्विजय पर निशाना साधा है।

मदरसों को लेकर सख्त हुई प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर नजर रखने के दिए निर्देश

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भोपाल। मध्यप्रदेश में मदरसों को लेकर सरकार अब सख्त कदम उठाने जा रही है। बुधवार को हुई कानून व्यवस्था की बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि कट्टरता का पाठ पढ़ाने वाले संस्थानों और अवैध मदरसों का अब सरकार रिव्यु कराएगी। एमपी में कट्टरता और आंतकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर नजर रखने को कहा है।

दरअसल सीएम शिवराज ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी बैठक की। इस दौरान बेहतर रूप से काम करने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को बधाई दी। वहीं कट्टरता का पाठ पढ़ाने वाले अवैध मदरसों और संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए। सीएम ने कहा कि मुझे मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है। पुलिस ने पिछले दिनों अच्छा काम किया है। बालाघाट में नक्सलवादियों से निपटने में पुलिस भी भागीदारी काबिल-ए-तारीफ रही है।

बुरहानपुर के नेपानगर में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस का काम सराहनीय था। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि इस तरह की समस्याओं को मूल रूप से खत्म करना होगा। पिछले दिनों पुलिस की मुस्तैदी की वजह से त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हुए। नई शराब नीति के तहत अहाते बंद हो गए हैं, और अब असामाजिक तत्व सार्वजनिक जगहों पर शराब न पिएं, इस पर नजर रखने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री के अवैध मदरसों पर दिए बयान को लेकर कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अब्बास हफीज ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब 20 साल सत्ता में रहने के बाद स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गार, महगाई जैसे मुद्दों पर सरकार फेल हो जाए तो चुनाव जीतने के लिए हिंदू-मुस्लिम के सिवा कोई फॉर्मूला नहीं रह जाता है। मध्यप्रदेश मरदसा बोर्ड को पिछले 15 साल में अपंग करने वाले मुख्यमंत्री आज मदरसे की बात कर रहे हैं। आज प्रदेश में मदरसा बोर्ड पूरी तरह बंद पड़ा है।

किन्नर समाज हुआ सरकार से नाराज, ओबीसी वर्ग में शामिल करने पर जताई अपनी नाराजगी

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मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस अब आमने-सामने आ गई हैं। शिवराज सरकार ने प्रदेश में निवास कर रहे करीब 30 हजार से ज्यादा किन्नरों को ओबीसी वर्ग में शामिल किए जाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किन्नर समाज ने भी इस फैसले पर अपना विरोध दर्ज कराया है। जानकारी के अनुसार ओबीसी वर्ग में शामिल किए जाने पर किन्नर समाज ने सरकार से दूरी बना रखी थी, लेकिन भोपाल के मंगलवारा में निवास कर रहे किन्नरों की गुरु सुरैया ने बताया कि जब सरकार ने हमें थर्ड जेंडर में जोड़ा तब भी हमसे नहीं पूछा।

अब सरकार ने हमें ओबीसी वर्ग में जोड़ा तब भी हमसे नहीं पूछा गया। हमारे यहां लोग सभी जाति समाज वर्ग से आते हैं और हमें ओबीसी समाज में जोड़ दिया गया। सुरैया ने बताया कि सरकार किन्नरों से ध्यान हटाकर दूसरी तरफ ध्यान दे। किन्नर आज से नहीं राजा महाराजा के पहले से हैं। किन्नरों ने कभी सरकार से कोई मांग नहीं की है चाहे नौकरी हो या पेंशन।

किन्नरों ने अब सरकार से मांग करते हुए कहा कि दूसरे राज्यों में राज्यमंत्री का दर्जा (minister of state status) दिया गया है। अगर कुछ देना है तो प्रदेश में बोर्ड बनाकर पद दिया जाए। अगर सरकार को इस वर्ग में रखना है तो हमें सभी विधानसभा सीटों पर प्रतिनिधित्व करने दें। आपको बता दें कि प्रदेश के मुखियां शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के सभी ट्रांसजेंडर्स को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की है। किन्नरों को यह लाभ ओबीसी वर्ग को मिलने वाले आरक्षण में से दिया जाएगा।

हाईकोर्ट ने बढ़ाई पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह की चिंता ! अपहरण कर मारपीट करने का लगा आरोप

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मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां चरम पर हैं। इसी बीच कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मारपीट और धमकाने के मामले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बेटे व कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह (Jaivardhan Singh) को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

दरअसल मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ (Gwalior Bench) ने इस मामले में जयवर्धन सिंह को पक्षकार बनाया है। पुलिस ने एफआईआर में पूर्व मंत्री जयवर्धन को आरोपी नहीं बनाया था। जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला 2015-16 का है। विजयपुर की फैक्ट्री में लेबर सप्लायर विश्वंभर लाल के साथ राघोगढ़ के किले में मारपीट हुई थी। जिसके बाद विश्वंभर ने जयवर्धन सिंह पर अपहरण कर मारपीट का आरोप लगाया था, उसने थाने में भी शिकायत की।

लेकिन पुलिस ने एफआईआर में जयवर्धन को आरोपी नहीं बनाया था। जिसके बाद पीड़ित ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहीं विश्वंभर लाल ने वकील के माध्यम से एक याचिका दायर की। बुधवार को ग्वालियर हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए जयवर्धन को भी अब पक्षकार बनाया है। बताया जा रहा है कि इस मामले की सुनवाई दो दिन बाद यानी 21 अप्रैल को होगी।

MP भाजपा संगठन की बढ़ीं मुश्किलें! नेताओं द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर हुई गंभीर चर्चा

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मध्यप्रदेश में आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा ने अपनी कमर कस ली है। इस तैयारी के बीच ही भाजपा के 14 नेताओं द्वारा पेश की गई रिपोर्ट ने संगठन को चिंता में डाल दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं की मानसिकता को समझने के लिए 14 नेताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया था। जिसके बाद पार्टी की कोर कमेटी ने मंगलवार को इस रिपोर्ट पर चर्चा की। बैठक के दौरान यह बताया गया कि लाड़ली बहना योजना का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, लेकिन कई जिलों के कार्यकर्ताओं में नाराज़गी नज़र आ रही है जो आगामी चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है।

सूत्रों की मानें तो पार्टी कार्यकर्ताओं को सत्ता विरोधी लहर दिख रही है और इस समय उनसे संवाद जरूरी है। बताया जा रहा है कि कोर कमेटी की बैठक से पहले भाजपा के सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने उन नेताओं के साथ बैठक की। जहां नेताओं ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया कि राज्य में सरकार बनाने के लिए हालात सुधारना जरूरी होगा। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में नेताओं के बीच भ्रष्टाचार को सरकार के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं के गुस्से का एक कारण भी बताया गया है।

जानकारी के अनुसार निचली नौकरशाही में भ्रष्टाचार के कारण भी लोग सरकार से नाराज हैं। पार्टी कार्यकर्ता नाराज हैं, क्योंकि अधिकारी शायद ही उन्हें महत्व देते हैं। जिसके बाद शिवप्रकाश ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कहा कि वे कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी शिकायतें दूर करें। इसके साथ ही बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सीनियर नेताओं को ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों को संभाग स्तर पर जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि वे स्थानीय नेताओं के संपर्क में रहें और अपना काम करें। अलग-अलग जगहों पर प्रभावशाली नेताओं का संयुक्त दौरा भी आयोजित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर तथा प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ग्वालियर-चंबल अंचल का दौरा करेंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के साथ मालवा-निमाड़ क्षेत्र का दौरा करेंगे।

संगठन अब केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस करेगा। इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं को यह बताने का प्रयास किया जाएगा कि राज्य में सरकार बनाना कितना जरूरी है। साथ ही डबल इंजन की सरकार पर प्रचार भी होगा। कोर कमेटी ने अगले पांच महीने के लिए पार्टी का एजेंडा तय कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के नौ साल अगले महीने पूरे हो रहे हैं, जिसके लिए एक महीने का अभियान चलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात की 100वीं कड़ी 30 अप्रैल को बूथ स्तर पर मनाई जाएगी। उस दिन भाजपा नेता बूथों पर जाएंगे और हर बूथ पर 100 कार्यकर्ता मन की बात सुनेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं का महाकुंभ 25 सितंबर को होगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। साथ ही निष्क्रिय पड़े विभिन्न संगठनों का भी सम्मेलन होगा और इसमें वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे।