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Wednesday, December 2, 2020
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बिहार विधानसभा चुनाव नतीजे लाइव: महागठबंधन और एनडीए में कड़ी टक्कर

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बिहार विधानसभा चुनाव में जारी वोटों की गिनती में लगातार रुझान बदल रहे हैं। 243 सीटों के प्राप्त रुझानों में बीजेपी 77 सीटों पर, आरजेडी 61 सीटों पर, जेडीयू 52 सीटों पर, कांग्रेस 22 सीटों पर, भाकपा-माले 13 सीटों पर, वीआईपी छह सीटों पर, एलजेपी 4 सीटों पर और माकपा तीन सीटों पर आगे चल रही हैं, वहीं भाकपा, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, बसपा एवं एआईएमआईएम एक-एक सीट पर तथा निर्दलीय चार सीटों पर आगे चल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस वक्त करीब 47 सीटों पर 100 वोटों से भी कम का अंतर चल रहा है।

एग्जिट पोल में महागठबंधन की जीत का अनुमान
बिहार विधानसभा चुनाव में अधिकांश एक्जिट पोल में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पांच दलों के महागठबंधन को जीत हासिल होने का पूर्वानुमान व्यक्त किये जाने के बीच मंगलवार को मतगणना होगी । राज्य में मतगणना 38 जिलों के 55 मतगणना केंद्रों पर होगी और इसके परिणाम नीतीश कुमार सरकार का भविष्य तय करेंगे । नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षो से बिहार के मुख्यमंत्री हैं।

महागठबंधन 103 सीटों पर और एनडीए 126 सीटों पर आगे

हरियाणा उपचुनाव: 10वे राउंड के बाद भी कांग्रेस ने बनाए रखी बड़त, योगेश्वर दत्त पीछे

हरियाणा उपचुनाव: 10वे राउंड के बाद भी कांग्रेस ने बनाए रखी बड़त, योगेश्वर दत्त पीछे

हारे ट्रम्प, जो बिडेन बनेंगे राष्ट्रपति, कामाला हैरिस बनेंगी पहली महिला उपराष्ट्रपति

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अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे आ चुके हैं और वाइट हाउस की कमान अब डेमोक्रैट कैंडिडेट जो बाइडेन के हांथों में आना तय है। बाइडेन ने रिपब्लिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप को पीछे छोड़ते हुए पेंसिल्वेनिया अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही उन्हें जरूरी 270 इलेक्टोरल वोट मिल गए।

जीत की रिपोर्ट्स सामने आने के बाद बाइडेन ने ट्वीट किया-‘अमेरिका, मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि आपने देश के नेतृत्व के लिए मुझे चुना है। हमारे आगे का काम मुश्किल होगा लेकिन मैं वादा करता हूं कि मैं सभी देशवासियों का राष्ट्रपति रहूंगा- चाहे आपने मुझे वोट किया हो चा नहीं। आपने जो भरोसा मुझपर दिखाया है, उसे मैं पूरा करूंगा।’ बता दें कि पेंसिल्वेनिया में ट्रंप आगे चल रहे थे लेकिन जैसे-जैसे मेल-इन बैलेट की गिनती की गई, वैसे-वैसे बाइडेन आगे निकलते गए। इससे पहले खबरें आ रही थीं कि फिलेडेल्फिया में फर्जी बैलेट ले जाने के आरोप में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

राहुल गांधी ने भी दी बधाई

अमेरिका में पहली महिला उपराष्ट्रपति बनेंगी कमला हैरिस

कमला हैरिस ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति चुनाव जीत वे ऐसा करने वाली पहली महिला, पहली अश्वेत अमेरिकी और पहली एशियाई अमेरिकी बन गई हैं।

बता दें कि कमला हैरिस के माता और पिता भारत और जमैका से आए थे। कमला ने अपनी पार्टी की ओर से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन किया था और पार्टी के दूसरे उम्मीदवारों बिडेन और अन्य का मुकाबला किया था। हालांकि वे पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो गईं थीं।

जिन्हें अब किया बैन, उन्ही चीनी कंपनियों को लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए भाजपा ने दिए थे करोड़ों

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Modi Xi
Modi Xi

सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने आज भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कई बड़े खुलासे किए है। जारी किए गए तथ्यों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए कई चीनी कंपनियों को करोड़ों रुपये दिए थे। वहीं खुलासे में बड़ी बात यह है कि इन कंपनियों में कई ऐसी कंपनियां भी शामिल है जो भारतीय डेटा को चीन भेजने को लेकर सरकार की रडार पर थी।

आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले की तस्वीर

जिन कंपनियों/एप्प को भारतीय जनता पार्टी ने पैसों का भुगतान किया उनमें शेयर इट (ShareIt), यूसी ब्राउज़र (UC Browser) और टेनसेंट (Tencent) शामिल है।

मिली जानकारी के अनुसार भाजपा ने इन चीनी कंपनियों को अपने प्रचार के लिए लगभग 1.15 करोड़ रुपये का भुगतान किया है कर यह कंपनियां हाल ही में भारत सरकार द्वारा बैन किये गए 59 चीनी एप्प्स में शामिल है।

भाजपा द्वारा चुनाव आयोग को भेजा गया चुनावी खर्च का ब्यौरा

चुनाव आयोग को भाजपा द्वारा 2019 लोकसभा चुनाव में प्रचार-प्रसार पर खर्च किये गए पैसे का शपथ पत्र

1: यूसी वेब ब्राउज़र ( UC Web Browser )

जिन कंपनियों को भाजपा ने अपने प्रचार के लिए पैसे दिए उनमें प्रमुख है यूसी ब्राउज़र। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए यूसी ब्राउज़र को कुल 33,50,793 रुपये का भुगतान किया है।

ज्ञात हो कि साल 2017, मतलब लोकसभा चुनाव के लकगभग 2 साल पहले भारत सरकार ने अलीबाबा ग्रुप के यूसी ब्राउज़र को डेटा लीक करने के शक में सरकार के रडार में रखा गया था।

यूसी ब्राउज़र द्वारा तथाकथित डेटा लीक करने और सरकार के रडार में आने को लेकर समाचार पत्रिका आउटलुक की खबर

2: गम्मा गाना (Gamma Gaana)

यूसी ब्राउज़र के बाद जो दूसरी बड़ी चीनी कंपनी थी जिसे भाजपा ने प्रचार के लिए पैसे दिया, वह थी गम्मा गाना। कंपनी के कई डायरेक्टरों में से एक है, चीनी पो शू युइंग (Po Shu Yueng)। वहीं दिलचस्प बात यह है कि पो शू युइंग एक अन्य कंपनी, 10 सी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (10c India Pvt Ltd) के भी डायरेक्टर है।

गम्मा गाना के डायरेक्टर पो शू युइंग की जानकारी

बता दें कि कंपनी गम्मा गाना, टेनसेंट (चीनी कंपनी) के अनुदान पर चलती है।

अलीबाबा और टेनसेंट का चीनी पार्टी पीपल्स लेबेराशन पार्टी ( Peoples Liberation Party) से कनेक्शन

अंग्रेजी अखबार Economic Times में छपी खबर, जिसमें सरकार ने दावा किया है कि हुआवेई, अलीबाबा और टेनसेंट समेत 7 चीनी कंपनियों के संबंध चीनी राजनैतिक पार्टी पीएलए से है।

3: शेयर इट ( Share IT)

तीसरी और आखरी कंपनी जिसको भाजपा ने अपने प्रचार-प्रसार के लिए लोकसभा चुनाव में पैसा दिया, वह है शेयर इट, (Share IT)।

शेयर इट को भाजपा द्वारा दिया गया पैसा

शेयर इट उन ऍप्लिकेशन्स में से है जिन्हें हाल ही में मोदी सरकार ने देश की अखंडता और संप्रभुता को खतरा बताके बैन किया है।

साकेत गोखले ने उठाए कई अहम सवाल

इन सभी तथ्यों को मीडिया के सामने लाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने कई अहम सवाल भी उठाए है। जिनका जवाब भाजपा को देश की जनता को देना चाहिए।

  • भाजपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान इन चीनी कंपनियों को कितना भारतीय डेटा दिया ?
  • भाजपा को लोकसभा चुनाव जीतने में चीनी सरकार की क्या भूमिका रही ?
  • भाजपा के यह चीनी संपर्क कितने गहरे है ?

चीन ने पीएम मोदी को चुनाव जीतने में की मदद ?

साकेत ने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच समय समय पर मुलाकात होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी भी चीन के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग से 18 बार मिल चुके है।

भाजपा द्वारा लोकसभा चुनाव में किये गए पूरे खर्चे की पूरी लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें

(नोट: लेख में दिए गए सभी तथ्य सामाजित कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले द्वारा उनके ट्विटर एकाउंट पर जाती किये गए है। ऐसे दौर में जब मुख्य मीडिया एक तय प्रोपेगंडा पर काम कर रहा है तो साकेत गोखले जैसे आरटीआई और सामाजिक कार्यकर्ता का यह योगदान सराहनीय है।)

कर्ज नहीं चुकाने वालों को राहत देना चाहती थी सरकार, आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर ने किया खुलासा

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narendra modi nirav modi
Photo Credit: Siasa

आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अपनी नई किताब में मोदी सरकार की नीति को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। किताब में आचार्य ने आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि आरबीआई की स्वायत्तता पर अंकुश लगाने की सरकार की कोशिशों के कारण ही उर्जित पटेल ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।


आचार्य ने किताब में खुलासा करते हुए आगे लिखा है कि मोदी सरकार चाहती थी कि आरबीआई कर्ज न चुकाने वालों के प्रति अपना रुख नरम रखे। साथ ही सरकार कर्ज देने के नियमों में बदलाव भी चाहती थी और बैंकों की तरफ से कर्ज के नियमों में ढील देने के लिए दबाव डाल रही थी। आचार्य ने अधिक आर्थिक मदद के लिए सरकार की ओर से दबाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं और लिखा कि इन्हीं की वजह से आज भारत के वित्तीय सेक्टर की स्थिरता खत्म हो गई।

बता दें कि आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य का अपने पद पर रहते हुए मोदी सरकार से कई मुद्दों को लेकर टकराव हो चुका था। उन्होंने कई बार ब्याज दरों में कटौती के फैसले पर खुलकर अपनी असहमति जताई थी। सरकार के इन्हीं दबावों के कारण आचार्य ने आरबीआई में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा होने से 6 महीने पहले ही जुलाई 2019 में पद से इस्तीफा दे दिया था। आचार्य ने 23 जनवरी 2017 को आरबीआई के डिप्टी गवर्नर के रूप में काम संभाला था।


विरल आचार्य रिजर्व बैंक में रहते हुए केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता बरकरार रखने के प्रबल समर्थक माने जाते थे। मोदी सरकार से टकरावों के बीच आचार्य ने अपने एक भाषण में आरबीआई की स्वायत्तता का खुलकर समर्थन किया था। भाषण में उन्होंने आगाह किया था कि जो सरकार केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता का सम्मान नहीं करती, वह कभी न कभी वित्तीय बाजारों के कोप का शिकार बनती ही है।

लेह में भारतीय सेना प्रधानमंत्री मोदी को संबोधन, पढ़ें संबोधन का मूल पाठ

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Prime minister narendra modi communicating with Indian army
Prime minister narendra modi communicating with Indian army

भारत माता की – जय

भारत माता की – जय

साथियों, आपका ये हौसला, आपका शौर्य, और मां भारती के मान-सम्‍मान की रक्षा के लिए आपका समर्पण अतुलनीय है। आपकी जीवटता भी दुनिया में किसी से भी कम नहीं है। जिन कठिन परिस्थितियों में, जिस ऊंचाई पर आप मां भारती की ढाल बन करके उसकी रक्षा करते हैं, उसकी सेवा करते हैं, उसका मुकाबला पूरे विश्‍व में कोई नहीं कर सकता।

आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा है जहां आप तैनात हैं। आपका निश्‍चय उस घाटी से भी सख्‍त है जिसको रोज आप अपने कदमों से नापते हैं। आपकी भुजाएं उन चट्टानों जैसी मजबूत हैं जो आपके इर्द-गिर्द खड़ी हैं। आपकी इच्‍छाशक्ति आसपास के पर्वतों जितनी अटल है। आज आपके बीच आकर मैं इसे महसूस कर रहा हूं। साक्षात अपनी आंखों से इसे देख रहा हूं।

साथियों, जब देश की रक्षा आपके हाथों में है, आपके मजबूत इरादों में है तो एक अटूट विश्‍वास है। सिर्फ मुझे नहीं, पूरे देश को अटूट विश्‍वास है और देश निश्चिंत भी है। आप जब सरहद पर डटे हैं तो यही बात प्रत्‍येक देशवासी को देश के लिए दिन-रात काम करने के लिए प्रेरित करती है। आत्‍मनिर्भर भारत का संकल्‍प आप लोगों के कारण, आपके त्‍याग, बलिदान, पुरुषार्थ के कारण और मजबूत होता है। और अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है, उसने पूरी दुनिया में ये संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्‍या है।

अभी मेरे सामने महिला फौजियों को भी देख रहा हूं। युद्ध के मैदान में, सीमा पर ये दृश्‍य अपने-आपको प्रेरणा देता है।

साथियों, राष्‍ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर जी ने लिखा था-

जिनके सिंहनाद से सहमी। धरती रही अभी तक डोल।।

कलम, आज उनकी जय बोल। कलम आज उनकी जय बोल।।

तो मैं, आज अपनी वाणी से आपकी जय बोलता हूं, आपका अभिनंदन करता हूं। मैं गलवान घाटी में शहीद हुए अपने वीर जवानों को भी पुन: श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इनमें पूरब से, पश्चिम से, उत्‍तर से, दक्षिण से, देश के हर कोने के वीर अपना शौर्य दिखाते थे। उनके पराक्रम, उनके सिंहनाद से धरती अब भी उनका जयकारा कर रही है। आज हर देशवासी का सिर आपके सामने, अपने देश के वीर सैनिकों के सामने आदरपूर्वक नतमस्‍तक हो करके नमन करता है। आज हर भारतीय की छाती आपकी वीरता और पराक्रम से फूली हुई है।

साथियों, सिंधु के आर्शीवाद से ये धरती पुण्‍य हुई है। वीर सपूतों के शौर्य और पराक्रम की गाथाओं को ये धरती अपने-आप में समेटे हुए है। लेह-लद्दाख से लेकर करगिल और सियाचिन तक, रिजांगला की बर्फीली चोटियों से लेकर गलवान घाटी के ठंडे पानी की धारा तक, हर चोटी, हर पहाड़, हर जर्रा-जर्रा, हर कंकड़-पत्‍थर भारतीय सैनिकों के पराक्रम की गवाही देते हैं। 14 corps की जांबाजी के किस्‍से तो हर तरफ हैं। दुनिया ने आपका अदम्‍य साहस देखा है, जाना है। आपकी शौर्य गाथाएं घर-घर में गूंज रही हैं और भारत माता के दुश्‍मनों ने आपकी fire भी देखी है और आपकी fury भी।

साथियों, लद्दाख का तो ये पूरा हिस्‍सा, ये भारत का मस्‍तक, 130 करोड़ भारतीयों के मान-सम्‍मान का प्रतीक है। ये भूमि भारत के लिए सर्वस्‍व त्‍याग करने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले राष्‍ट्रभक्‍तों की धरती है। इस धरती ने कुशॉकबकुला रिनपोंछे जैसे महान राष्‍ट्रभक्‍त देश को दिए हैं। ये रिनपोंछे जी ही, उन्‍हीं के कारण जिन्‍होंने दुश्‍मन के नापाक इरादों में स्‍थानीय लोगों को लामबंद किया। रिनपोंछे की अगुवाई में यहां अलगाव पैदा करने की हर साजिश को लद्दाख की राष्‍ट्रभक्‍त जनता ने नाकाम किया है। ये उन्हीं के प्रेरक प्रयासों का परिणाम था कि देश को, भारतीय सेना को लद्दाख स्‍काउट नाम से Infantry regiment बनाने की प्रेरणा मिली। आज लद्दाख के लोग हर स्‍तर पर- चाहे वो सेना हो या सामान्‍य नागरिक के कर्तव्‍य हों, राष्‍ट्र को सशक्‍त करने के लिए अद्भुत योगदान दे रहे हैं।

साथियों, हमारे यहां कहा जाता है-

खड्गेन आक्रम्य वंदिता आक्रमण: पुणिया, वीर भोग्य वसुंधरा

यानी वीर अपने शस्‍त्र की ताकत से ही धरती की मातृभूमि की रक्षा करते हैं। ये धरती वीर-भोग्‍या है, वीरों के लिए है। इसकी रक्षा-सुरक्षा को हमारा समर्थन और सामर्थ्‍य, हमारा संकल्‍प हिमालय जितना ही ऊंचा है। ये सामर्थ्‍य और ये संकल्‍प, इस समय आपकी आंखों में मैं देख सकता हूं। आपके चेहरों पर ये साफ-साफ नजर आता है। आप उसी धरती के वीर हैं जिसने हजारों वर्षों से अनेकों आक्रांताओं के हमलोंका, अत्‍याचारों का मुंहतोड़ जवाब दिया है। हम, और ये हमारी पहचान है, हम वो लोग हैं जो बांसुरीधारी कृष्‍ण की पूजा करते हैं। हम वही लोग हैं जो सुदर्शन चक्रधारी कृष्‍ण को भी आदर्श मान करके चलते हैं। इसी प्रेरणा से हर आक्रमण के बाद भारत और सशक्‍त होकर उभरा है।

साथियो, राष्‍ट्र की, दुनिया की, मानवता की प्रगति के लिए शांति और मित्रता हर कोई स्‍वीकार करता है, हर कोई मानता है बहुत जरूरी है। लेकिन हम ये भी जानते हैं कि शांति निर्बल कभी नहीं ला सकते। कमजोर शांति की पहल नहीं कर सकते। वीरता ही शांति की पूर्व शर्त होती है। भारत आज जल, थल, नभ और अंतरिक्ष तक अगर अपनी ताकत बढ़ा रहा है तो उसके पीछे का लक्ष्‍य मानव कल्‍याण ही है। भारत आज आधुनिक अस्‍त्र–शस्‍त्र का निर्माण कर रहा है। दुनिया की आधुनिक से आधुनिक तकनीक भारत की सेना के लिए ला रहे हैं तो उसके पीछे की भावना भी यही है। भारत अगर आधुनिक इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर का निर्माण तेजी से कर रहा है तो उसके पीछे का संदेश भी यही है।

विश्‍वयुद्ध को अगर हम याद करें, विश्‍व युद्ध हो या‍ फिर शांति की बात- जब भी जरूरत पड़ी है विश्‍व ने हमारे वीरों का पराक्रम भी देखा है और विश्‍व शांति के उनके प्रयासों को महसूस भी किया है। हमने हमेशा मानवता की, इंसानियत की, humanity की रक्षा और सुरक्षा के लिए काम किया है, जीवन खपाया है। आप सभी भारत के इसी लक्ष्‍य को, भारत की इसी परंपरा को, भारत की इस महिमहान संस्‍कृति को स्‍थापित करने वाले अगुवा लीडर हैं।

साथियो, महान संत तिरूवल्‍लुवर जी ने सैंकड़ो वर्ष पूर्व कहा था-

मरमानम मांड वडिच्चेलव् तेट्रम
येना नान्गे येमम पडईक्कु

यानी शौर्य, सम्‍मान, मर्यादापूर्ण व्‍यवहार की परम्‍परा और विश्‍वसनीयता, ये चार गुण किसी भी देश की सेना का प्रतिबिम्‍ब होते हैं। भारतीय सेनाएं हमेशा से इसी मार्ग पर चली हैं।

साथियों, विस्‍तारवाद का युग समाप्‍त हो चुका है, ये युग विकासवाद का है। तेजी से बदलते हुए समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है। विकासवाद के लिए ही अवसर हैं और विकासवाद ही भविष्‍य का आधार भी है। बीती शताब्दियों में विस्‍तारवाद ने ही मानवता का सबसे ज्‍यादा अहित किया, मानवता को विनाश करने का प्रयास किया। विस्‍तारवाद की जिद जब किसी पर सवार हुई है, उसने हमेशा विश्‍व शांति के सामने खतरा पैदा किया है।

और साथियों, ये न भूलें, इतिहास गवाह है कि ऐसी ताकतें मिट गई हैं या मुड़ने के लिए मजबूर हो गई हैं। विश्‍व का हमेशा यही अनुभव रहा है और इसी अनुभव के आधार पर अब इस बार फिर से पूरे विश्‍व ने विस्‍तारवाद के खिलाफ मन बना लिया है। आज विश्‍व विकासवाद को समर्पित है और विकास की खुली स्‍पर्धा का स्‍वागत कर रहा है।

साथियो, जब-जब मैं राष्‍ट्र रक्षा से जुड़े किसी निर्णय के बारे में सोचता हूं तो मैं सबसे पहले दो माताओं का स्‍मरण करता हूं- पहली हम सभी की भारतमाता, और दूसरी वे वीर माताएं जिन्‍होंने आप जैसे पराक्रमी यौद्धाओं को जन्‍म दिया है, मैं उन दो माताओं को स्‍मरण करता हूं। मेरे निर्णय की कसौटी यही है। इसी कसौटी पर चलते हुए आपके सम्‍मान, आपके परिवार के सम्‍मान और भारत माता की सुरक्षा को देश सर्वोच्‍च प्राथमिकता देता है।

सेनाओं के लिए आधुनिक हथियार होंया आपके लिए जरूरी साजो-सामान, इन सभी पर हम बहुत ध्‍यान देते रहे हैं। अब देश में बॉर्डर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर पर खर्च करीब-करीब तीन गुना कर दिया गया है। इससे बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट और सीमा पर सड़कें, पुल बनाने का काम भी बहुत तेजी से हुआ है। इसका एक बहुत बड़ा लाभ ये भी हुआ है कि अब आप तक सामान भी कम समय में पहुंचता है।

साथियों, सेनाओं में बेहतर समन्‍वय के लिए लंबे समय से जिसकी आशा थी- वो Chief of Defense पद का गठन करने की बात हो या फिर National War Memorial का निर्माण; One rank one pension का फैसला हो या फिर आपके परिवार की देखरेख से लेकर शिक्षा तक की सही व्‍यवस्‍था के लिए लगातार काम, देश आज हर स्‍तर पर अपनी सेनाओं और सैनिकों को मजबूत कर रहा है।

साथियों, भगवान गौतम बुद्ध ने कहा है-

साहस का संबंध प्रतिबद्धता से है, conviction से है। साहस करुणा है, साहस compassion है। साहस वो है जो हमें निर्भीक और अडिग होकर सत्‍य के पक्ष में खड़े होना सिखाए। साहस वो है जो हमें सही को सही कहने और करने की ऊर्जा देता है।

साथियों, देश के वीर सपूतों ने गलवान घाटी में जो अदम्‍य साहस दिखाया, वो पराक्रम की पराकाष्‍ठा है। देश को आप पर गर्व है, आप पर नाज है। आपके साथ ही हमारे आईटीबीपी के जवान हों, बीएसएफ के साथी हों, हमारे बीआरओ और दूसरे संगठनों के जवान हों, मुश्किल हालात में काम कर रहे इंजीनियर हों,श्रमिक हों; आप सभी अद्भुत काम कर रहे हैं। हर कोई कंधे से कंधा मिलाकर मां भारती की रक्षा के लिए, मां भारती की सेवा में समर्पित है।

आज आप सभी की मेहनत से देश अनेक आपदाओं से एक साथ और पूरी दृढ़ता से लड़ रहा है। आप सभी से प्रेरणा लेते हुए हम मिलकर हर चुनौती पर, मुश्किल से मुश्किल चुनौती पर विजय प्राप्‍त करते रहें हैं, विजय प्राप्‍त करते रहेंगे। जिस भारत के सामने, और हम सबने जिस भारत के सपने को लेकर, और विशेष रूप से आप सब सरहद पर देश की रक्षा कर रहे हैं, हम उस सपने का भारत बनाएंगे। आपके सपनों का भारत बनाएंगे। 130 करोड़ देशवासी भी पीछे नहीं रहेंगे, ये मैं आज आपको विश्‍वास दिलाने आया हूं। हम एक सशक्‍त और आत्‍मनिर्भर भारत बनाएंगे, बना करके ही रहेंगे। और आपसे प्रेरणा जब मिलती है तो आत्‍मनिर्भर भारत का संकल्‍प भी और ताकतवर हो जाता है।

मैं फिर एक बार आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं। मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की – जय

भारत माता की – जय

वंदे मातरम – वंदे मातरम – वंदे मातरम

धन्‍यवाद

भारत के दुश्मनों ने हमारी सेना की शक्ति और उसकी प्रचंडता देखी है: प्रधानमंत्री

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Prime minister narendra modi communicating with Indian army
Prime minister narendra modi communicating with Indian army

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारतीय जवानों के साथ बातचीत करने के लिए लद्दाख में निमू की यात्रा की। लद्दाख में निमू वो जगह है जो ज़ांस्कर पहाड़ियों से घिरा हुआ है और यह सिंधु नदी के तट पर स्थित है। प्रधानमंत्री ने वहां भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और बाद में थल सेना,वायु सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ बातचीत की।

जवानों के पराक्रम को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने हमारे सशस्त्र बलों की वीरता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस और भारत माता के प्रति समर्पण अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिक शांति से अपना जीवन जी सकते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि हमारे सशस्त्र बल राष्ट्र की रक्षा के लिए मजबूती से तैनात हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के सप्ताहों में हमारे सशस्त्र बलों ने जो अनुकरणीय बहादुरी दिखाई है, उससे दुनिया ने हमारी ताकत को समझा है।

गलवान घाटी में जवानों के बलिदान का स्मरण

प्रधानमंत्री ने भारत माता के उन सभी गौरवान्वित सुपुत्रों को याद किया जिन्होंने गलवान घाटी में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि जो जवान शहीद हुए हैं वे पूरे भारत से संबंध रखते थे और भारत भूमि की बहादुरी के प्रतीक हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे लेह-लद्दाख,कारगिल या सियाचिन ग्लेशियर हो,चाहे ऊंचे पहाड़ हों या नदियों में बहने वाला बर्फीला ठंडा पानी,ये सब भारत के सशस्त्र बलों की वीरता के प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि भारत के दुश्मनों ने हमारी सेना की शक्ति और उसकी प्रचंडता देखी है।

प्रधानमंत्री ने दो माताओं- भारत माता और भारत के उन सभी बहादुर सैनिकों और सुरक्षा बलों के जवानों की माताओं को सम्मान अर्पित किया जो अद्वितीय परिश्रम के साथ देश की सेवा में जुटे हैं।

शांति के लिए हमारी प्रतिबद्धता हमारी कमजोरी नहीं है

प्रधानमंत्री ने विस्तार से बताते हुए कहा कि शांति,मित्रता और साहस के गुण किस तरह प्राचीन काल से भारत की संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलायाकि भारत ने हमेशा ही उन लोगों को करारा जवाब दिया है जिन्होंने शांति और प्रगति के मौजूदा माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि भारत शांति और मित्रता के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन, शांति के लिए इस प्रतिबद्धता को भारत की कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत आजऔर मजबूत हो रहा है,चाहे वह नौसेना की ताकत हो,वायु सेना की शक्ति हो, या अंतरिक्ष शक्ति हो, सभी बढ़ रही हैं। हमारी सेना की ताकतभी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हथियारों के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास ने हमारी रक्षा क्षमताओं को कई गुना बढ़ा दिया है।

प्रधानमंत्री ने याद करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों का वैश्विक सैन्य अभियानों में बहादुरी और क्षमता का एक लंबा इतिहास रहा हैजिसमें दो विश्व युद्ध भी शामिल हैं।

विकास का युग

प्रधानमंत्री ने कहा कि विस्तारवाद का समय समाप्त हो चुका है और यह विकास का युग है। उन्होंने याद करते हुए कहा कि यह विस्तारवाद की मानसिकता है जिसने बहुत नुकसान किया है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों मेंभारत की सेनाओं की बेहतरी और भारत की सुरक्षा तैयारियों को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसमें आधुनिक हथियारों की उपलब्धता सुनिश्चित करना,सीमावर्ती बुनियादी ढांचे में वृद्धि,सीमा क्षेत्र के विकास और सड़कों का विस्तार करना शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च को तीन गुना बढ़ा दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और हमारे सशस्त्र बलों की बेहतरी सुनिश्चित करने के लिए जा रहे प्रयासोंका भी उल्लेख किया।उन्होंने सीडीएस के गठन, दिल्ली में भव्य राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के निर्माण,दशकों बाद ओआरओपी की मांग को पूरा करने और सशस्त्र बल के जवानों के परिवारों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम जैसे सरकार की हालिया पहलों पर भी प्रकाश डाला।

लद्दाख की संस्कृति को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरानलद्दाख की संस्कृति की महानता के साथ ही कुशोक बकुला रिम्पोछे के महान उपदेशों को भी याद किया। उन्होंने लद्दाख को बलिदान की भूमि बताई और कहा कि लद्दाख ने देश को कई देशभक्त दिए हैं।

प्रधानमंत्री ने दृढतापूर्वक कहा कि भारत के लोग गौतम बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरित हैंजिनके लिए आस्था और करुणा के साथ बहादुरी जुड़ा था।

PM launches Auction process of Coal blocks for Commercial mining

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Prime Minister Shri Narendra Modi launched the auction process of 41 coal blocks for commercial mining through video conference from here today. It was part of the series of announcements made by the Government of India, under the AatmaNirbhar Bharat Abhiyan. The Coal Ministry in association with FICCI launched the process for auction of these coal mines. A two stage electronic auction process is being adopted for allocation of the coal mines.

Speaking on the occasion, Shri Narendra Modi said that India will overcome the COVID -19 Pandemic and the nation will turn this crisis into an opportunity. He said that this crisis has taught India the lesson of becoming  AatmaNirbhar, i.e. Self-Reliant. He said an AatmaNirbhar Bharat means reducing dependency on imports, and saving foreign currency on imports. It entails that India develop resources domestically so that the country does not have to rely on imports. It also means becoming the biggest exporters of the commodities that we now import.

To achieve this, the PM said that each sector, each product, each service, should be kept in mind and worked holistically, to make India self-reliant in the particular area. He said a major step taken today will make India self reliant in the Energy sector. He said that this event marks not only the implementation of reforms concerning one Coal Mining Sector but also  marks the beginning of lakhs of employment opportunities for the youth. He said that today we are not only launching the auction of commercial coal mining today but also freeing the coal sector from decades of lockdown.

He stressed the irony that India, with the world’s fourth largest coal reserve and being the second largest producer, is also the second largest coal importer. He said the situation has lasted for decades now and the coal sector was kept entangled in the mesh of Captive and Non Captive mines. He added that the sector was excluded from competition and transparency was a big problem. Owing to this, he said, the coal sector lacked investment and its efficiency was also questionable.

The Prime Minister said that in 2014, coal linkage was introduced to provide impetus to the coal sector. He said that India has taken a major decision to fully open the coal and mining sector for increased competition, capital, participation and technology. He added that care has been taken to ensure that the new players in the private mining sector do not face the problem of finance. He stressed that self-reliance is not possible without a strong mining and mineral sector as the two  are important pillars of our economy.

The Prime Minister said that after these reforms, coal production and the entire coal sector will become self-reliant. Now the market has been opened for coal, so, any sector can buy coal as per their requirements. PM said, these reforms will not only benefit the coal sector but other sectors such as Steel, Aluminium, Fertilizers and Cement as well. It will also help in increasing the power generation.

PM said that reforms in the minerals sector have got strength from coal mining reforms since minerals like iron, bauxite and other minerals are located very close to the coal reserves. He said that the beginning of auction today for commercial coal mining is a win-win situation for all stakeholders Industries. State governments will get more revenue and a huge population of the country will get employment. There will be a positive impact on every sector.

While implementing coal reforms, PM said that it has been ensured that India’s commitment to protect the environment doesn’t get weakened. He added, “Latest technology can be introduced to make gas from coal and the environment will be protected with steps like coal gasification. Coal gas will be used in transport and cooking while Urea and steel will promote manufacturing industries.” The Prime Minister said that the Government has set a target to gasify around 100-million-ton coal by the year 2030 and four projects have been identified for this purpose and around 20 thousand crore rupees will be invested.

The Prime Minister said that these coal sector reforms will make eastern and central India, our tribal belt in, pillars of development. He added that These areas have a big number of Aspirational Districts and have not been able to reach the desired level of progress and prosperity. He said that 16 aspirational districts in the country have a huge stock of coal but people of these areas have not got adequate benefit of this. People from these places have to migrate to far-flung cities for employment.

The Prime Minister said that the steps taken towards commercial mining will be very helpful to eastern and central India by providing the local population with employment near their homes. He said that the Government has taken a decision to spend 50 thousand crore rupees on creating infrastructure for coal extraction and transportation, which will also create employment opportunities.

The Prime Minister said that reforms and investment in the coal sector will play a big role in easing the lives of tribals. Extra revenue generated through coal production will be used for public welfare schemes in the region. He said that states will also continue to get help from the District Mineral Fund, from which a major chunk would be utilized in development of essential facilities in the surrounding areas.

The Prime Minister said that this auction is taking place at a time when the economic activity is fast returning to normal. Consumption and demand are fast attaining the pre – Covid-19 levels. He listed the sectors where the demand was fast attaining pre-COVID 19 levels such as power consumption, demand for petroleum products, E way bills, Toll collection, Railway freight traffic, digital retail transactions.

He said that the rural economy has also started improving. He added that the crop area under Kharif cultivation and procurement of wheat has also increased this year. This means more money has gone into the pockets of farmers. All these indicators tell us that the Indian economy is ready to bounce back, and march forward.

The Prime Minister wished that India will come out of this crisis as it had come out of a much bigger crisis in the past. PM exuded confidence that India can become AatmaNirbhar and the success and growth of India is certain. He also cited how a few weeks ago how most of our demand for N-95 masks, Corona testing kits, PPE, and Ventilators were met by imports are now fulfilled through Make In India. He also expressed his confidence that very soon we will become an important exporter of medical products. He requested people to keep up their faith and morale so that we can make Aatmanirbhar Bharat.

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने में यह देश मजबूत से क्यों बना मजबूर ?

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यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल को आज भी कॉमनवेल्थ और 2जी घोटालों को लेकर याद किया जाता है। उस समय पूरा देश भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने सड़क पर आ गया था। तब देश विरोध करना और अपने हक़ के लिए आवाज उठाना जानता था। पेट्रोल के दाम में रुपये की वृद्धि करने में भी सरकार का पसीना निकल जाया करता था। सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने का यह भाव जनता के बीच लाने में अरविंद केजरीवाल का “इंडिया अगेंस्ट करप्शन”, अन्ना हजारे का जन लोकपाल आंदोलन और बाबा रामदेव का काला धन के लिए किया गया आंदोलन प्रमुख है।

उस समय एक तरफ अरविंद केजरीवाल देश के युवाओं को सड़क पर ला रहे थे, अन्ना देश की जनता को सत्याग्रह में शामिल कर रहे थे और बाबा रामदेव हर रोज सुबह-सुबह योगा के साथ टीवी पर कालेधन पर बड़े-बड़े आंकड़े दे रहे थे। वहीं दूसरी और नरेंद्र मोदी देश की गरीब जनता को 15-15 लाख रूपये देने की बात कर रहे थे। भ्रष्टाचार मुक्त भारत, कालाधन, जन लोकपाल और 15 लोख, यह 2014 में वोट देने वाले मुद्दे बने।

ऐसे में सवाल उठता है कि भ्रष्टाचार और महँगाई के खिलाफ इतनी बड़ी औऱ लंबी लड़ाई लड़ने वाला देश आज प्रदर्शन तो दूर बल्कि आवाज उठाने से भी कतरा रहा है। हाल ही में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक आरटीआई के जवाब में 50 विलफुल डिफॉल्टर्स की एक सूची जारी की है। यह देश वो बड़े उद्द्योगपति है जो जानबूझ कर बैंकों से लिए कर्ज को नही चुकाना चाहते है। आरबीआई ने आरटीआई में दी गई जानकारी में बताया कि वह 2019 में इन विलफुल डिफॉल्टर्स का 68,607 करोड़ का कर्ज माफ कर चुकी है।

आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त की है सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने। आपको याद ही होगा राहुल गांधी ने संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से 50 सबसे बड़े डिफॉल्टर्स की सूची मांगी थी। तब निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी देने से इनकार कर दिया था। जिसके तुरंत बाद साकेत गोखले ने आरटीआई लगाकर यह जानकारी आरबीआई से मांगी थी। अगर आपको याद नही तो राहुल गांधी ने एक बाद फिर संसद में पूछे गए अपने प्रश्न का वीडियो ट्विटर पे शेयर किया है। उसे आप यहां देश सकते है,

इन 50 विलफुल डिफाल्टर्स की सूची में मेहुल चौकसे की कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड 5,492 करोड़ रुपये की देनदारी के साथ पहले स्थान पर है, दूसरे स्थान पर 4,314 करोड़ रुपए की देनदारी के साथ आरईआई एग्रो लिमिटेड है, जिसके निदेशक संदीप झुनझुनवाला और संजय झुनझुनवाला हैं। इसके बाद भगोड़े हीरा कारोबारी जतिन मेहता की विनसम डायमंड्स एंड ज्वेलरी का नाम है, जिसने 4076 करोड़ रुपये कर्ज ले रखा है, वहीं कानपुर स्थित रोटमैक ग्लोबल 2,850 करोड़ रुपये कर्ज ले रखा है. इसके अलावा सूची कुदोस केमी 2,326 करोड़ रुपए, रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड 2,212 करोड़ रुपए शामिल हैं।


इन सब के साथ ही सरकार ने पूर्व भाजपा सांसद विजय माल्या की कंपनी किंगफ़िशर एयरलाइन्स का भी 1943 करोड़ का कर्ज माफ किया है।

अब आप ध्यान से देखेंगे तो इस सरकार के दो चहरे आपके सामने आएंगे। एक जो यह सरकार कह रही है और एक जो यह कर रही है। सामने से प्रश्न पूछने पर तो यह सरकार नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या जैसे देशद्रोही भगोड़ों पर कठोर कार्यवाही करने की बात करती है। वहीं दूसरी तरफ इन्हें देश से भागने देती है और इनका कर्ज माफ कर जानकारी छिपाती है।

भरष्टाचार की लड़ाई

ऐसा नही है कि मोदी सरकार आने के बाद भ्रष्टाचार बंद हो गया लेकिन शायद भ्रष्टाचार के नाइ परिभाषाएं सामने आ गई है। अच्छा भ्रष्टाचार और बुरा भ्रष्टाचार। अब सरकार द्वारा किया गया भ्रष्टाचार न तो देश के सामने आता है और न ही उसकी जांच होती है। यह भ्रष्टाचार देशहित में हो रहा है और इसकड खिलाफ आवाज़ उठाना अब देशद्रोह है।

कहीं आप देशद्रोही तो नही ?

कोरोना महामारी के बीच टेस्ट किट की खरीद में हुआ घोटाला, सरकार को लगी करोड़ों की चपत

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कोरोना महामारी  के बीच मोदी सरकार द्वारा एक प्राइवेट कंपनी से खरीदी गई रैपिड टेस्ट किट में करोड़ों का घोटाला सामने आ रहा है।  मीडिया में आई रिपोर्ट्स की मानें तो प्राइवेट कंपनी ने चीन से 245 रुपए की रैपिड टेस्टिंग किट खरीदकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को 600 रुपए प्रति के किट के हिसाब से बेच दी है।

मामले को उठाते हुए कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस ने मांग की है कि संकट के समय में मुनाफा कमाने वाली इस कंपनी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, “परीक्षण किटों के आयात पर अराजकता चल रही है और सरकार को बताना चाहिए कि उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गई है।”

दरअसल, मुनाफा कमाने वाली इस कंपनी पर आरोप है कि उसने चीन से किट को 245 रुपए में आयात किया। जिसके बाद उसने आईसीएमआर को 600 रुपये प्रति किट के हिसाब से पांच लाख किट की आपूर्ति की। जिससे कंपनी को 18 करोड़ रुपये से ज़्यादा का मुनाफा हुआ।

जिसके बाद ये मामला अदालत भी पहुंचा। जहां कंपनी को इस मुनाफाखोरी के लिए फटकार लगाई गई। जिसके बाद कंपनी 400 रुपये प्रति किट की दर से आपूर्ति करने के लिए तैयार हो गई।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार से कार्रवाई की मांग की है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, “जब समूचा देश कोरोना वायरस आपदा से लड़ रहा है, तब भी कुछ लोग मुनाफा कमाने से नहीं चूकते। इस भ्रष्ट मानसिकता पर शर्म आती है, घिन आती है। हम पीएम मोदी से मांग करते हैं कि इन मुनाफाखोरों पर जल्द ही कड़ी कार्यवाही की जाए। देश उन्हें कभी माफ़ नहीं करेगा।”

देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, वहीं कुछ लोग मुनाफा कमाने से बाज नही आ रहे : राहुल गाँधी
देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, वहीं कुछ लोग मुनाफा कमाने से बाज नही आ रहे : राहुल गाँधी
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देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, वहीं कुछ लोग मुनाफा कमाने से बाज नही आ रहे : राहुल गाँधी

3 मई तक बड़ा लॉकडाउन, रेलवे और फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ा ऐलान

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कोरोनावायरस महामारी से लोगों को बचाने के लिए केंद्र सरकार की उर से प्रधानमंत्री मोदी ने आज लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने की जानकारी दी है। इसी के मद्देनजर, सरकार ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट साथ ही रेल परिचालन को 3 मई तक रद्द करने का फैसला लिया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक सभी उड़ानें 3 मई रात 11:59 बजे तक रद्द की जाती है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद हवाई यात्रा करने वाले लोगों को कई नए नियमों का पालन करना होगा। सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) ने कुछ नए नियम बनाए हैं। यात्रा से पहले एयरपोर्ट पर सभी पैसेंजर्स की रिपोर्टिंग टाइम 120 मिनट तक बढ़ सकता है। सभी यात्रियों की रिपोर्टिंग के दौरान इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा कि सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए हर चैनल पर यात्रियों की चेकिंग पूरी की जा सके। पैसेंजर्स के लिए निर्देश जारी किया जा सकता है कि यात्रा के दौरान वो व्यक्तिगत सुरक्षा को पूरा खयाल रखें। उनके पास जरूरी प्रोटेक्टिव गियर उपलब्ध हो।

रद्द की ये सभी ट्रेनें


रेलवे के इस अधिकारी ने कहा कि हमने लॉकडाउन की अवधि में हुए विस्तार को देखते हुए यह निर्णय लिया है कि जल्द ही इस बारे में और अपडेट उपलब्ध कराए जाएंगे। बता दें कि इसके पहले सभी पैसेंजर सेवाएं 14 अप्रैल की मध्यरात्रि तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। बता दें कि इससे पहले सरकार ने प्रीमियम ट्रेन, मेल/एक्सप्रेस ट्रेन, पैसेंजर ट्रेन, सबर्बन ट्रेन, कोलकाता मेट्रो रेल और कोंकण रेलवे आदि को 3 मई तक के लिए निलंबित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही आगे कोई भी टिकट बुकिंग नहीं होगी।

तीन मई तक बढ़ा लॉकडाउन


कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। मंगलवार को घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संक्रमण पर रोक लगाने में लॉकडाउन के प्रभावी नतीजे मिले हैं। प्रधानमंत्री ने करीब 25 मिनट के राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि दूसरे चरण में लॉकडाउन का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जायेगा और बुधवार को इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह नये क्षेत्रों में न फैले।