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शुक्रवार, मार्च 5, 2021
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगवाई दूसरे चरण में कोरोना की वैक्सीन

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देश में आज कोरोना वैक्सिनेशन(Corona Vaccine) का दूसरा चरण(Second Phase) शुरू हो गया है। दूसरे चरण में 60 साल से अधिक उम्र और किसी भी बीमारी से ग्रस्त 45 साल से ज्यादा की उम्र वाले व्यक्ति को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही हैं।आज इसी चरण में देश के प्रधानमंत्री(Prime Minister) नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई है। l

प्रधानमंत्री मोदी ने Covaxin की पहली डोज़ लगवाई है। वैक्सीन की इस डोज के बाद वह 35 मिनट तक डॉक्टरों की निगरानी में रहे और उसके बाद वहां से अपने निवास के लिए रवाना हो गए। वैक्सीन लगवाने प्रधानमंत्री बिना किसी सुरक्षा के एम्स पहुंचे थे। उन्हें वैक्सीन का दूसरा डोज 28 दिन बाद लगाया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने उसके बाद कहा कि, जिस तेज़ी से हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए काम किया है वह उल्लेखनीय है। प्रधानमंत्री ने यह भी अपील की है कि योग्य व्यक्तियों से ही वैक्सीन लगवाएं। उन्होंने कहा कि हमे साथ मिल कर भारत को कोरोना से मुक्त बनाते है।

केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच नहीं बन पा रही है कृषि कानून को लेकर सहमति

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बुधवार को किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच 10वें दौर की बातचीत खत्म हो गई और किसी भी नतीजे पर नहीं पहुची। बैठक के दौरान सरकार ने सहमति बनने तक कृषि कानूनों को स्थगित करने का प्रस्ताव दिया है। सरकार के प्रस्ताव को लेकर किसान नेताओं ने विज्ञान भवन में अलग से बैठक की। कुछ देर बैठक करने के बाद किसान नेताओं ने तय किया कि वह गुरुवार को अन्य किसानों से बातचीत करने के बाद ही फैसला लेंगे।

केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच होने वाली 10वें दौर की वार्ता आज नई दिल्ली में विज्ञान भवन में सम्पन्न हुई। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश के अलावा विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पत्रकारों को बताया कि बातचीत के दौरान सरकार की ओर से यह कहा गया कि तीनों कृषि कानूनों पर एक या डेढ़ साल के लिए अमल को रोका जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि किसान संगठनों ने इस बात को गंभीरता से लिया है और वह इस प्रस्ताव पर कल विचार करके अपना फैसला 22 जनवरी को होने वाली बैठक में स्पष्ट करेंगे। तोमर ने कहा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अगले दौर की बातचीत में किसानों से संबंधित मुद्दों पर कोई संभावित हल निकाल लिया जाएगा।

अर्नब की व्हाट्सऐप चैट पर कांग्रेस हमलावर, चार पूर्व मंत्रियों ने कहा- इसमें नहीं मिल सकती माफी

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रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी BARC के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता की कथित व्हाट्सऐप चैट को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों एके एंटनी, सुशील कुमार शिंदे और सलमान खुर्शीद के साथ प्रेस वार्ता की।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ये बेहद गंभीर मामला है, इसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इस मामले में प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे अभियान की जानकारी सरकार में शीर्ष पदों पर बैठे कुछ लोगों को होती है और ऐसे में इसका पता लगना चाहिए कि यह संवेदनशील जानकारी कैसे लीक हुई।

अर्नब गोस्वामी की चैट में बालाकोट हमले से पहले इसका जिक्र होने को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, 73 साल के इतिहास में राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ होते हुए इस देश ने नहीं देखा। आजाद हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री, उनका कार्यालय, गृहमंत्री एवं पूरी सरकार की मर्यादा को छिन्न-भिन्न होते हुए भी यह देश देख रहा है। बड़े-बड़े दिखने वाले लोग कितने बौने हो जाते हैं कि अपना ईमान एक ऐसे व्यक्ति के साथ मिलकर जो अपने आप को पत्रकार कहता है, बेच रहे हैं। देश के साथ जो खिलवाड़ प्रधानमंत्री, अमित शाह और अर्नब गोस्वामी ने मिलकर जो किया वो पूरा देश स्तब्ध होकर देख रहा है। इस मामले में किसने ये जानकारी लीक की, पता चलना जरूरी है।

पूर्व रक्षामंत्री एंटनी ने कहा, ये व्हाट्सएप बातचीत पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। हर देशभक्त भारतीय स्तब्ध है क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है। यह हमारे सशस्त्र बलों खासकर वायु सेना के जवानों की सुरक्षा से जुड़ा है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी और बहुत संवेदनशील जानकारी कुछ ऐसे लोगों के पास थी जिनके पास नहीं होनी चाहिए। सरकार में शीर्ष पदों पर बैठे सिर्फ चार-पांच लोगों को इस तरह के अभियान के बारे में पता होता है, ऐसे में बालाकोट एयर स्ट्राइक से कुछ दिनों पहले एक पत्रकार को इस बारे में कैसे पता चला? सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करना राष्ट्र विरोधी कृत्य और राष्ट्रद्रोह है।

पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा, हम संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे। सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत जो करना चाहिए था वो नहीं किया। मुझे उम्मीद है कि जांच होगी और जो गुनाह हुआ है उसकी सजा मिलेगी। इस मामले में माफी नहीं दी जा सकती है।

पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि सरकार में, संविधान और हमारी व्यवस्था में आप सभी भली-भांति जानते हैं कि न्यायपालिका का क्या महत्व है। हम सभी लोग जहां इस देश में एक तरफ पार्लियामेंट पर निर्भर हैं तो दूसरी ओर न्यायपालिका पर हमारा विश्वास हैसमय-समय पर बहुत सारी बातें उठती हैं, अफवाहें उठती हैं लेकिन हमेशा हमारा यह मत रहा है अगर हमने न्यायपालिका पर विश्वास खो दिया तो फिर कुछ नहीं बचेगा। न्यायपालिका को लेकर जो कुछ इस बातचीत में कही गई है, इससे कई सवाल उठते हैं। इसमें जज के बिकने जैसी बातें हैं। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के बारे में जो बातें की गई हैं वो बहुत दुखद हैं। ये बातें बहुत विचिलित करती हैं।

बता दें कि अर्नब गोस्वामी और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता के बीच हुई एक कथित व्हाट्सऐप चैट लीक हुई है। ये व्हाट्सऐप चैट 23 फरवरी, 2019 की हैं। इनसे पता चलता है कि अर्नब को पहले से पता था कि भारतीय सेना का बालाकोट में स्ट्राइक का प्लान है। इसी को लेकर विपक्षी दल सरकार को घेर रहे हैं और कह रहे हैं कि केंद्र सरकार ने देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया है।

पीएम मोदी से ज्यादा समझदार हैं किसान, उन्हें पता कि देश में क्या हो रहा है: राहुल गांधी का सरकार पर हमला

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश की आम जनता की लड़ाई आज किसान लड़ रहे हैं। वे हमारे भोजन की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें उनका पूरा समर्थन करना चाहिए। अभी तक खेती में किसी का एकाधिकार नहीं था। इन कृषि कानूनों से किसानों का हाल आजादी से पहले वाला हो जाएगा। सरकार को इन तीनों कानून को वापस लेना होगा। हम सरकार पर दबाव बना रहे हैं। ये प्रेस कॉन्फ्रेस भी सरकार पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। किसानों को न थकाया जा सकता है और न ही बेवकूफ बनाया जा सकता है। किसान प्रधानमंत्री मोदी से ज्यादा समझदार हैं। उन्हें पता है कि देश में क्या हो रहा है।

“आज देश के सामने एक त्रासदी आ गई है, सरकार देश की समस्या नजरअंदाज करना चाहती है और गलत सूचना दे रही है। मैं अकेले किसानों के बारे में बोलने वाला नहीं हूं क्योंकि यह त्रासदी का हिस्सा है। यह युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। यह वर्तमान के बारे में नहीं बल्कि आपके भविष्य के बारे में है।”

केंद्रीय मंत्री ने गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड पर पुर्नविचार की अपील की

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ग्वालियर पहुंचे नरेंद्र सिंह तोमर से सोमवार को संवाददाताओं ने जब किसान आंदोलन और किसानों के गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने के ऐलान को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सभी किसान यूनियनों से आग्रह करता हूं कि 26 जनवरी हमारा गणतंत्र दिवस है, यह राष्ट्रीय त्योहार है, यह आजादी बड़ी कुर्बानी के बाद देश को मिली है, किसान के किसी भी कदम से गणतंत्र दिवस की गरिमा प्रभावित न हो यह जिम्मेवारी किसान की भी है।

किसानों की माली हालत सुधारने के लिए बीते छह सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कई कदम उठाए हैं। किसानी का क्षेत्र फायदे का क्षेत्र बने, नए नौजवान भी इस ओर आकर्षित हो सकें, किसान तकनीक का उपयोग करके महंगी फसलों की ओर जा पाए। इसके लिए दो नए कानून और एक बिल में संशोधन कुल मिलाकर तीन नए कानून बनाए गए हैं।

किसान यूनियनों से हर बार यही कहा गया है कि, वह प्रावधान पर चर्चा करें, जिस प्रावधान से किसान को तकलीफ है उस पर विचार करने के लिए और उसमें संशोधन करने के लिए सरकार खुले मन से चर्चा कर रही है और करना चाहती है मगर यूनियन की तरफ से प्रावधान पर चर्चा नहीं हो पा रही है।

भारत के संगीतकार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान अब इस दुनिया मे नही रहे

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भारतीय शास्त्रीय संगीतकार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का आज निधन हो गया । उनकी बहू नम्रता गुप्ता खान ने यह दुखद जानकारी साझा की है। उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का जन्म 3 मार्च 1931 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। वह रामपुर सहसवान घराने से ताल्लुक रखते थे । संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वह महान दिग्गज सिंगर सोनू निगम के गुरु थे।

उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के निधन पर लता मंगेशकर ने दुख जताया और उन्होंने ट्वीट कर लिखा मुझे अभी यह दुखद खबर मिली है कि महान शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब इस दुनिया में नहीं रहे । यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ वह गायक तो अच्छे थे ही पर इंसान भी बहुत अच्छे थे। उन्होंने आगे लिखा मेरी भांजी ने भी खान साहब से संगीत सीखा है, मैंने भी उनसे थोड़ा संगीत सीखा था। उनके जाने से संगीत की बहुत हानि हुई है। मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि- उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के चले जाने से हमारे सांस्कृतिक संसार को क्षति पहुंची है। वे संगीत की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कलाकार थे। उनकी कला काफी विविध थी जिसने दुनियाभर के लोगों को प्रेरित किया और वे कई पीढ़ियों के प्रिय बन। मेरे जेहन में उनसे मुलाकात की सुखद यादें ताजा हैं। उनके परिवार और करीबियों के प्रति मेरी संवेदनाएं।

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया-उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान भारतीय शास्त्रीय संगीत के लेजेंड थे। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे 2018 में उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित करने का मौका मिला। उनके जाने से संगीत की दुनिया ने न सिर्फ अपना अगुआ खो दिया बल्कि नई पीढ़ी ने मेन्टॉर भी खोया है। उनके परिजनों, दोस्तों और शिष्यों के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं।

बंगाल प्रचार के लिए भाजपा ने शुरू की “एक मुट्ठी चावल” योजना

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (bjp national president) जे पी नड्डा(J.P. Nadda) के बंगाल दौरे के दौरान उनके काफिले पर हमला हुआ था। इसे देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत रखी गई है। नड्डा की पर्सनल सिक्योरिटी की जिम्मेदारी सीआरपीएफ हाथों में है।

जेपी नड्डा बंगाल में पार्टी के ‘एक मुट्ठी चावल’ कार्यक्रम की शुरुआत की। एक मुट्ठी चावल’ कार्यक्रम के तहत बीजेपी कार्यकर्ता राज्य के 48,000 गांवों में किसानों के घरों में जाकर चावल एकत्र करेंगे और उन्हें नए कृषि कानूनों के बारे में बताएंगे ।

जेपी नड्डा ने कहा, पश्चिम बंगाल की जनता अपना मन बना लिया है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि सरकार बनाएं और जनता का आशीर्वाद ले। उन्होंने यह भी कहा कि आज हमने एक मुट्ठी चावल अभियान की शुरुआत की है और हमारे कार्यकर्ता गांव गांव जाएंगे एक मुट्ठी चावल लेंगे और सौगंध दुर्गा मां की खाएंगे कि उनकी लड़ाई बीजेपी का कार्यकर्ता लड़ेगा।

नड्डा ने यह भी कहा कि अभी हमने गीत सुना, मोदी तुम आगे बढ़ो, किसान तुम्हारे साथ हैं। जब से मोदी जी प्रधानमंत्री बनें हैं किसानों के लिए और खेती के लिए केंद्र सरकार ने छह गुना बढ़ा दिया है।यही यूपीए की सरकार का कृषि बजट 22 हजार करोड़ रुपये था और उसके बाद मोदी जी ने इसे बढ़ाकर एक लाख 34 हजार करोड़ कर दिया है।

सरकारी, निजी, डीम्‍ड सभी संस्‍थानों के लिए होंगे समान नियम

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कैबिनेट ने नई शिक्षा नीति (New Education Policy 2020) को हरी झंडी दे दी है। 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है। नई शिक्षा नीति की उल्लेखनीय बातें सरल तरीके की इस प्रकार हैं:

5 Years Fundamental

  1. Nursery 4 Years
  2. Jr KG 5 Years
  3. Sr KG 6 Years
  4. Std 1st 7 Years
  5. Std 2nd 8 Years

3 Years Preparatory

  1. Std 3rd 9 Years
  2. Std 4th 10 Years
  3. Std 5th 11 Years

3 Years Middle

  1. Std 6th 12 Years
    10.Std 7th 13 Years
    11.Std 8th 14 Years

4 Years Secondary
12.Std 9th @15 Years
13.Std SSC @16 Years
14.Std FYJC @17Years
15.STD SYJC @18 Years

खास बातें :

केवल 12वीं क्‍लास में होगा बोर्ड, MPhil होगा बंद, कॉलेज की डिग्री 4 साल की। 10वीं बोर्ड खत्‍म, MPhil भी होगा बंद,अब 5वीं तक के छात्रों को मातृ भाषा, स्थानीय भाषा और राष्ट्र भाषा में ही पढ़ाया जाएगा। बाकी विषय चाहे वो अंग्रेजी ही क्यों न हो, एक सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाएगा। अब सिर्फ 12वींं में बोर्ड की परीक्षा देनी होगी। जबकि इससे पहले 10वी बोर्ड की परीक्षा देना अनिवार्य होता था, जो अब नहीं होगा। वहीं कॉलेज की डिग्री 3 और 4 साल की होगी. यानि कि ग्रेजुएशन के पहले साल पर सर्टिफिकेट, दूसरे साल पर डिप्‍लोमा, तीसरे साल में डिग्री मिलेगी।

9वींं से 12वींं क्लास तक सेमेस्टर में परीक्षा होगी । स्कूली शिक्षा को 5+3+3+4 फॉर्मूले के तहत पढ़ाया जाएगा। 3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए है जिन्हें हायर एजुकेशन नहीं लेना है। वहीं हायर एजुकेशन करने वाले छात्रों को 4 साल की डिग्री करनी होगी।4 साल की डिग्री करने वाले स्‍टूडेंट्स एक साल में MA कर सकेंगे.अब स्‍टूडेंट्स को MPhil नहीं करना होगा। बल्कि MA के छात्र अब सीधे PHD कर सकेंगे।

स्‍टूडेंट्स बीच में कर सकेंगे दूसरे कोर्स. हायर एजुकेशन में 2035 तक ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो 50 फीसदी हो जाएगा। वहीं नई शिक्षा नीति के तहत कोई छात्र एक कोर्स के बीच में अगर कोई दूसरा कोर्स करना चाहे तो पहले कोर्स से सीमित समय के लिए ब्रेक लेकर वो दूसरा कोर्स कर सकता है । हायर एजुकेशन में भी कई सुधार किए गए हैं। सुधारों में ग्रेडेड अकेडमिक, ऐडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल ऑटोनॉमी आदि शामिल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्स शुरू किए जाएंगे।वर्चुअल लैब्स विकसित किए जाएंगे।एक नैशनल एजुकेशनल साइंटफिक फोरम (NETF) शुरू किया जाएगा. बता दें कि देश में 45 हजार कॉलेज हैं।

शिवराज कैबिनेट का विस्तार: सिंधिया समर्थकों के साथ यह भी लेंगे शपथ

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मध्यप्रदेश के राज्य सरकार के कैबिनेट का विस्तार तय हो गया है। शिवराज की टीम में दो मंत्री शामिल किए जाएंगे। रविवार 3 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे राजभवन में होगा शपथ सम्मारोह। मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना मंत्रालय से राजभवन भेजी गई है और इसकी पुष्टि राजभवन ने कर दी है।

कैबिनेट विस्तार में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के साथ मध्यप्रदेश के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक भी शपथ लेंगे। मंत्रियों और नए मुख्य न्यायाधीश को शपथ दिलाने के लिए रविवार सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भोपाल आएंगी।

उपचुनाव के परिणाम 10 नंवबर को आए थे। इसके बाद से शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की चार दौर की बैठकें हुई। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह ही राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार की अनुमति मिली है। इसके बाद कार्यक्रम तय किया गया है।

तुलसी को जल संसाधन व गोविंद को परिवहन व राजस्व विभाग मिलेगा

मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि तुलसी सिलावट को जल संसाधन और गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन व राजस्व विभाग मिलना लगभग तय है। शिवराज सरकार सत्ता में आने के बाद सिलावट और राजपूत को यही विभाग सौंपे गए थे। बीजेपी अब इन दोनों को अन्य विभाग देना चाहती थी, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व और सिंधिया के बीच हुई सहमति के बाद दाेनों को एक बार फिर उन्हीं विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

4 पद रह जाएंगे खाली

शिवराज कैबिनेट के 14 सदस्‍यों गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, डॉ. प्रभुराम चौधरी, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंषाना, हरदीप सिंह डंग, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडौतिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया ने चुनाव लड़ा था। इसमें से इमरती देवी, एदल सिंह कंषाना और गिर्राज दंडोतिया चुनाव हार गए थे। इसमें से 2 तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को छह माह का कार्यकाल पूरा होने पर चुनाव के दौरान ही मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब दोनों को फिर से कैबिनेट में लिया जा रहा है। इसके बाद भी 4 पद खाली रह जाएंगे। यानी आगे भी कैबिनेट विस्तार होगा।

बिहार विधानसभा चुनाव नतीजे लाइव: महागठबंधन और एनडीए में कड़ी टक्कर

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बिहार विधानसभा चुनाव में जारी वोटों की गिनती में लगातार रुझान बदल रहे हैं। 243 सीटों के प्राप्त रुझानों में बीजेपी 77 सीटों पर, आरजेडी 61 सीटों पर, जेडीयू 52 सीटों पर, कांग्रेस 22 सीटों पर, भाकपा-माले 13 सीटों पर, वीआईपी छह सीटों पर, एलजेपी 4 सीटों पर और माकपा तीन सीटों पर आगे चल रही हैं, वहीं भाकपा, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, बसपा एवं एआईएमआईएम एक-एक सीट पर तथा निर्दलीय चार सीटों पर आगे चल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस वक्त करीब 47 सीटों पर 100 वोटों से भी कम का अंतर चल रहा है।

एग्जिट पोल में महागठबंधन की जीत का अनुमान
बिहार विधानसभा चुनाव में अधिकांश एक्जिट पोल में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पांच दलों के महागठबंधन को जीत हासिल होने का पूर्वानुमान व्यक्त किये जाने के बीच मंगलवार को मतगणना होगी । राज्य में मतगणना 38 जिलों के 55 मतगणना केंद्रों पर होगी और इसके परिणाम नीतीश कुमार सरकार का भविष्य तय करेंगे । नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षो से बिहार के मुख्यमंत्री हैं।

महागठबंधन 103 सीटों पर और एनडीए 126 सीटों पर आगे

हरियाणा उपचुनाव: 10वे राउंड के बाद भी कांग्रेस ने बनाए रखी बड़त, योगेश्वर दत्त पीछे

हरियाणा उपचुनाव: 10वे राउंड के बाद भी कांग्रेस ने बनाए रखी बड़त, योगेश्वर दत्त पीछे