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राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, बैलट पेपर से हो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने आज चुनाव आयोग को पत्र लिखते हुए जनता के बीच एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।

चुनाव को भेजे ख़त में राज ठाकरे ने लिखा, पिछले कुछ वर्षों से देश में जिस तरह से चुनाव हो रहे है उससे जनता के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर असंतोष पैदा हुआ है। ईवीएम को लेकर भी कई तरह के सवाल जनता के बीच शंका पैदा कर रहे है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव करवाने के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाए।

ज्ञात हो की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी कुछ दिनों पहले अपना इस्तीफ़ा सार्वजानिक करते समय चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे। राहुल ने अपने ख़त में लिखा था कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सरकार कब्ज़ा कर रही है। चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए राहुल गाँधी ने कहा था की आने वाले समय में चुनाव सिर्फ औपचारिकता मात्र रह जाएँगे।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुई उर्मिला मातोंडकर

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बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई हैं। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने उर्मिला का पार्टी में स्‍वागत किया। उर्मिला ने दिल्‍ली में राहुल गांधी से मिलकर कांग्रेस की सदस्‍यता ली। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस उन्‍हें मुंबई नॉर्थ सीट से लोकसभा चुनाव 2019 के दंगल में उतार सकती है। हालांकि कांग्रेस और उर्मिला की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

उर्मिला ने बयान करी करते हुए कहा कि “राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़े सभी लोगों का शुक्रिया जिन्‍होंने मेरा यहां इतना अच्‍छा स्‍वागत किया। ये दिन मेरे लिए बेहद महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि मैं आज सक्रिय राजनीति में कदम रख रही हूं। दरअसल, बचपन से मेरी सोच महात्‍मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्‍लभ भाई पटेल के विचारों से मेल खाती है। मेरी पूरी पर्सनालिटी इनके विचारों से काफी मिलती- जुलती है। इसलिए मैंने कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया है।”

पार्टी में शामिल होते ही उन्‍होंने मोदी सरकार पर हमला करना भी शुरू कर दिया। उन्‍होंने कहा कि संविधान पर कहीं न कहीं आज प्रहार हो रहा है। साथ ही उर्मिला ने यह भी साफ कर दिया कि वह कांग्रेस की विचारधारा से प्रभावित होकर राजनीति में आई हैं और कहीं जाने वाली नहीं हैं। वह लंबे समय तक राजनीति में रहेंगी।

बता दें कि मुंबई नॉर्थ सीट पर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना का दबदबा रहा है। इसलिए कांग्रेस को इस सीट के लिए हमेशा कड़ा मुकाबला करना पड़ा है। इस सीट से पिछली बार कांग्रेस के संजय निरूपम को भारी मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। बताया जा रहा है कि ऐश्‍वर्या जोशी और शिल्‍पा शिंदे जैसी अभिनेत्रियों के नाम पर भी मुंबई नॉर्थ सीट के लिए चर्चा हुई, लेकिन पार्टी ने इन नामों को गंभीरता से नहीं लिया।

गौरतलब है कि मुंबई की 6 लोकसभा सीटों के लिए चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। इसी दिन राज्य की 17 अन्य सीटों के लिए भी वोट डाले जाएंगे। यदि उर्मिला मातोंडर को उम्मीदवार बनाया जाता है तो उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा सांसद गोपाल शेट्टी से होगा।

गोविंद भी मुंबई नॉर्थ से लड़ चुके हैं चुनाव अभिनेता गोविंदा ने साल 2004 में पूर्व पेट्रोलियम मंत्री राम नाईक को मुंबई नॉर्थ से पराजित किया था। नाईक इस समय उत्तर प्रदेश के राज्यपाल हैं। नाईक को वर्ष 2009 में संजय निरूपम के हाथों फिर हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन साल 2014 में मोदी लहर के दौरान गोपाल शेट्टी ने निरूपम को पराजित कर दिया। इसके बाद संजय निरूपम मुंबई नॉर्थ-वेस्‍ट सीट पर शिफ्ट हो गए, जहां उनकी अच्‍छी पकड़ है।

महाराष्ट्र: कांग्रेस और एनसीपी के बाच गठबंधन का फॉर्मुला तय, जानें किसको मिला कितनी सीटें

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उत्तर प्रदेश के बाद देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य महाराष्ट्र से कांग्रेस के किए खुशखबरी आ रही है । सूत्रों ते अनुसार महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के बीच गठबंधन का फॉर्मुला तय हो गया है। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार कांग्रेस ने अपने पास 26 सीटें बरकरार रखी हैं, वहीं एनसीपी को 22 सीटें दी गई है। इसके साथ ही बताया गया कि गठबंधन में शामिल छोटी पार्टियों को कितनी सीटें दी जाएंगी समेत अन्य मुद्दों का जल्द ही समाधान निकला जाएगा। महाराष्ट्र में यूपी के बाद देश में सबसे ज्यादा 48 लोकसभा सीटें हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इनमें से 41 पर एनडीए ने जीत दर्ज की थी, वहीं कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को केवल छह सीटें मिली थीं।


ज्ञात हो कि पिछले महीने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि आगामी लोकसभा में भाजपा के खिलाफ महाराष्ट्र में महागठबंधन के लिए कोशिश जारी हैं। उन्होंने कहा था, ‘हम आरएसएस से लगातार लड़ाई लड़ते रहेंगे। हम उनकी विचारधारा को नहीं मनाते, एक समान विचारधारा वाली पार्टियों को इससे लड़ने के लिए एक साथ आना चाहिए।’

महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव चार चरणों में होंगे। पहले चरण यानी 11 अप्रैल को विदर्भ क्षेत्र में मतदान होगा, जबकि मुंबई की सभी सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव आयोग ने रविवार को बताया कि आम चुनाव का कार्यक्रम सात चरणों में मुकम्मल होगा जिसका शंखनाद 11 अप्रैल से होगा। आयोग ने बताया कि पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल, दूसरे का 18 अप्रैल, तीसरे का 23 अप्रैल, चौथे का 29 अप्रैल, पांचवें का छह मई, छठे का 12 मई और अंतिम यानी सातवें चरण का मतदान 19 मई को होगा। वहीं सभी चरणों के लिए मतगणना एक ही दिन 23 मई को होगी।

किस लोकसभा सीट पर कब होगी वोटिंग


महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आने वाली वर्धा, रामटेक, नागपुर, भंडारा गोंदिया, गढचिरौली-चिमौर, चंद्रपुर और यवतमाल-वाशिम सीटों पर 11 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं बुलढाणा, अकोला, अमरावती,हिंगोली, नादेड़, परभणी, बीड, उस्मानाबाद, लातूर, सोलापुर सीटों पर दूसरे चरण यानी 18 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इनमें से अधिकतर सीटें मराठवाड़ा क्षेत्र में पड़ती हैं। 23 अप्रैल को तीसरे चरण के तहत राज्य की कुल 14 लोकसभा सीटों पर वोट पड़ेंगे। इनमें जलगांव, रावेर, जलना, औरंगाबाद, रायगढ़, पुणे, बारामति, अहमदनगर, मढ़ा, सांगली, सतारा, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर और हातकणंगले सीटें शामिल हैं। महाराष्ट्र में अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें 17 सीटें आएंगी। इन लोकसभा सीटों में नंदुरबार, धुले, डिंडोरी, नासिक, पालघर, भिवंडी, कल्याण, ठाणे, मुंबई उत्तर, मुंबई उत्तर-पश्चिम, मुंबई उत्तर-मध्य, मुंबई दक्षिण-मध्य, मुंबई दक्षिण, मावल, शीरूर और शिरडी शामिल हैं।

महाराष्ट्र की इन लोकसभा सीटों पर होगी सबकी निगाहें


आम चुनाव में महाराष्ट्र की कम से कम तीन लोकसभा सीटों पर सबकी नजरें रहेंगी। इनमें से एक सीट पर राकांपा प्रमुख शरद पवार चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, इससे पहले पवार ने चुनावी राजनीति से खुद को दूर रखने का फैसला किया था। चुनाव के दौरान मढ़ा, नागपुर तथा सोलापुर सीटों पर सभी की नजरें रहेंगी। शरद पवार के मढ़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की उम्मीद है। फिलहाल इस सीट से पार्टी नेता विजय सिंह मोहिते पाटिल सांसद हैं। पवार फिलहाल राज्यसभा के सदस्य हैं। इससे पहले उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपना फैसला बदल लिया।

वहीं, नागपुर सीट पर भी सभी की नजरें टिकी हैं, जहां से फिलहाल केंद्रीय परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी सांसद हैं। वह आगामी चुनाव में भी यहीं से चुनाव लड़ सकते हैं। भाजपा के पूर्व सांसद नाना पटोले इस सीट पर कांग्रेस के टिकट पर गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं।

हां, भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए मेरा इस्तेमाल कियाः अन्ना हजारे

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हां, भाजपा ने 2014 में मेरा इस्तेमाल किया। हर कोई जानता है कि लोकपाल के लिए मेरा आंदोलन ही था जिसने भाजपा और आम आदमी पार्टी को सत्ता में पहुंचाया। लेकिन अब मैंने उनसे सब संबंध खत्म कर दिए हैं। 30 जनवरी से अपने गांव रालेगण-सिद्धि में भूख हड़ताल पर बैठे समाजसेवी अन्ना हजारे ने मीडिया को संबोधित करते हुए बात कही। अन्ना हजारे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार केवल देश के लोगों को गुमराह कर रही है और देश को निरंकुशता की ओर अग्रसर कर रही है। केन्द्र के साथ ही महाराष्ट्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए अन्ना ने कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार पिछले चार सालों से झूठ बोल रही थी। यह झूठ कब तक जारी रहेगा? राज्य सरकार का दावा है कि मेरी 90 प्रतिशत मांगें भी गलत हैं। इस सरकार ने देश के लोगों को निराश किया है।

समाजसेवी हजारे ने आगे कहा कि वह लोग जिनको 2011 और 2014 में उनके आंदोलन को लाभ हुआ, अब उन्होने इन मांगों से मुंह मोड़ लिया और पिछले पांच वर्षों में उन्हें लागू करने के लिए कुछ नहीं किया। अन्ना ने भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वह कहते रहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री आएंगे और मेरे साथ मुद्दों पर चर्चा करेंगे। लेकिन मैं उन्हें मना कर देता हूं क्योंकि इसेसे लोग भ्रमित होंगे। वह लोग पहले खुद निर्णय लें और मुझे लिखित रूप में सब कुछ दें क्योंकि मैने उनके आश्‍वासनों पर विश्‍वास खो दिया है।

मंत्रियों सहित मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री फडणवीस

भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे से मिलने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे उनके गांव रालेगन सिद्धी पहुंचे। इससे पहले भी राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ अन्ना की बैठक हुई थी। हालांकि, ये दोनो मुलाकातें बेअसर नजर आईं, क्योंकि अन्ना हजारे से साफ तौर पर कहा है कि वे अपनी भूख हड़ताल फिलहाल खत्म करने वाले नहीं हैं। अन्ना के आंदोलन पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र और राज्य ने हजारे की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनकी मांगों के अनुसार, हमने राज्य में लोकायुक्तों के कार्यान्वयन के लिए एक संयुक्त समिति नियुक्त की है। इसी प्रकार केंद्र ने भी लिखित में अपना आश्‍वासन दिया है। मुझे यकीन है कि वह महाराष्ट्र के लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए वे जल्द से जल्द अनशन खत्म करेंगे।

समर्थन में उतरीं शिवसेना-मनसे

इस बीच हजारे का समर्थन करते हुए शिवसेना ने कहा कि सरकार को एक बुजुर्ग इंसान के जीवन के साथ नहीं खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बयान में कहा कि उपवास के बजाय, हजारे को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक आंदोलन का नेतृत्व करना चाहिए और उनकी पार्टी पूरी ईमानदारी के साथ उनका समर्थन करेगी। उधर, मनसे भी हजारे के समर्थन में उतर आई है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को हजारे से मुलाकात भी की। बैठक के बाद राज ने कहा कि हजारे को अपना उपवास खत्म कर देना चाहिए और इसके बजाय भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने उनसे कहा कि इन लोगों के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी को शेर और विपक्ष को बताया कुत्ते-बिल्ली

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रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने रविवार को भाजपा युवा मोर्चा के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जंगल का राजा बताते हुए विपक्ष की तुलना कुत्ते- बिल्ली से की। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा के खिलाफ जुटे विपक्ष में एक भी राष्ट्रीय स्तर का नेता नहीं है।

देवेन्द्र फडणवीस ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोलता हुए कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ प्रस्तावित गठबंधन के पास पीएम पद का उम्मीदवार नहीं है। वहां हर दिन एक नया प्रधानमंत्री उम्मीदवार होता है। यह लोग सिर्फ सत्ता के लिए साथ आए हैं। इनके पास देश के लिए कार्य करने की कोई योजना या इच्छाशक्ति नहीं है।

मोदी को बताया जंगल का राजा

फडणवीस का आगे विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि डीएमके के नेता एमके स्टालिन, बसपा सुप्रीमों मायावती, एनसीपी प्रमुख शरद पवार या फिर पश्‍चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ये सभी अपने राज्यों में नेता है। वहीं पीएम मोदी जहां भी जाते हैं लाखों लोगों को अपनी तरफ खींचते हैं। वहीं कुत्ते- बिल्ली सिर्फ अपने क्षेत्रों में राज करते हैं। मोदी जंगल के राजा हैं।

बजट की तारीफ करते हुए देवेन्द्र फडणवीस ने कार्यक्रम में कहा कि मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट गरीब, किसान और आम आदमी के हित के मुताबिक बनाया गया है।

शिवसेना ने भाजपा से तोड़ा गठबंधन, 2019 में भाजपा के खिलाफ लड़ेगी चुनाव।

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भाजपा की सबसे पुरानी सहियोगी शिवसेना ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए एनडीए गठबंधन से अपने आपको अलग कर लिया है। एनडीए से अलग होंते ही शिवसेना ने ऐलान किया कि वह 2019 का लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। मंगलवार को हुई एक अहम बैठक में शिवसेना ने यह फैसला लिया।

शिवसेना का कहना है कि भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद उसे हमेशा समझौता ही करना पड़ा है। भाजपा हमेशा उसे नीचा दिखाने का कोई मौका नही छोड़ती। शिवसेना अब अपने आत्मसम्मान और गरिमा के साथ चलना चाहती है। पार्टी अपने आत्मसम्मान से कोई समझौता नही करेगी।

गठबंधन से अलग होने के बाद शिवसेना ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री मोदी की 56 इंच की छाती पर तंज कसा । शिवसेना ने। ट्विटर पर लिखा कि ” यह। महत्वपूर्ण नही कि छाती कितने इंच की है, महत्वपूर्ण यह है कि आपमे बहादुरी कितनी है।

यह कोई पहली बार नही है जब शिवसेना ने भाजपा पर हमला बोला हो। इससे पहले भी शिवसेनाके मुद्दों पर मोदी सरकार पर हमलावर रही है।

भाजपा के पूर्व संसद नाना पटोले ने थामा कांग्रेस का हाँथ, राहुल गांधी ने किया स्वागत !

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पिछले काफी दिनों से पार्टी से नाराज चल रहे पूर्व सांसद नाना पटोले ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस का हाँथ थाम लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नाना पटोले का कांग्रेस में स्वागत किया है।

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4. 4 जनवरी को किया था ऐलान

इससे पहले नाना पटोले ने 4 जनवरी को ऐलान किया था कि वो जल्द ही औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। महाराष्ट्र में दलित विवाद के कारण उन्हें कांग्रेस जॉइन करने में देरी हुई है। 2014 लोकसभा चुनाव में नाना पटोले ने गोंदिया सीट पर जीत दर्ज की थी।

https://twitter.com/INCIndia/status/951383908716658688

अगले पेज पर जानें भाजपा के और कितने नेता है पार्टी की नीतियों से परेशान और कांग्रेस में हो सकते है शामिल।

 

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खुलासा: बीजेपी आईटी सेल में काम कर चुका यह कंप्यूटर इंजीनियर है ईवीएम हैकिंग का मास्टर माइंड !

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उत्तरप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव के दौरान ईवीएम गड़बड़ी की कई खबरें सामने आई है। इसी बीच शिमला पुलिस ने सचिन राठौर नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा है। सचिन राठौर का दावा है कि वह भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम को आसानी से हैक करके किसी भी उम्मीदवार को जिता सकता है।

हिमाचल प्रदेश चुनाव में किया था नेताओं से संपर्क।
आरोपी सचिन राठौर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कई नेताओं से संपर्क करके यह दावा किया था कि वह ईवीएम हैक कर सकता है। आरोपी ने चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से उनको जिताने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की थी। जिसके बाद कुछ नेताओं ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की थी। जिसके बाद शिमला पुलिस से इस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

एफआईआर दर्ज करने के बाद शिमला पुलिस ने एक टीम का गठन किया और आरोपी सचिन राठौर को महाराष्ट्र के नांदेड़ जेल के किंवट से गरफ्तार किया। जिसके बाद आरोपी को शिमला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया है।

 

पुलिस से दर्ज किया देशद्रोह का मामला।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 502(2) के तहत गलत जानकारी देने और 1424(ए) के तहत देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया की आरोपी सचिन राठौर ने हिमाचल के करीब 30 नेताओं को मैसेज भेजकर संपर्क किया था। अब यह जानना बाकी है कि कितने नेता आरोपी की बातों में आए और कितने नही आए।

भाजपा आईटी सेल में काम करने का दावा। 

हिंदी न्यूज़ वेबसाइट newshindi के अनुसार आरोपी सचिन राठौर कंप्यूटर इंजीनियर है और बीजेपी आईटी सेल में काम करता था। अब देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस इस मामले की कितनी गहराई से छानबीन करती है और यह मामला क्या मोड़ लेता है।

पिछले 3 साल में महाराष्ट्र में 9,000 किसानों ने की आत्महत्या : राहुल गांधी

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महाराष्ट्र के नांदेड़ में जनसभा को संबोधित करते हुए आज राहुल गांधी ने देश की नरेंद्र सरकार और प्रदेश की देवेंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला । राहुल गांधी ने किसान का मुद्दा उठाते भाजपा को किसान विरोधी बताया । राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि –

  • में समझता हूं कि देश को उठयोगपतिओं की जरूरत है पर देश को किसानों की भी उतनी ही जरूरत है ।
  • पिछले 3 साल में महाराष्ट्र में 9000 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है ।

महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा कोई नया नही हौ । हर साल हजारों की संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे है । प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फेडनवीस सरकार में आने के बाद से किसानों की आत्महत्या रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे । 

राहुल गांधी का यह दौरा प्रदेश सरकार के ऊपर दबाव बड़ा सकता है म देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश सरकार राहुल गांधी के इस वार पर क्या पलटवार करती है । 

​सामने आए महाराष्ट्र निकाय चुनाव के Exit Poll, जानें किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें !

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Newbuzzindia : देश के सबसे अमीर नगर निगम बृहणमुंबई म्‍यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) में मंगलवार को वोट डाले गए। इस नगर निगम में पिछले करीब दो दशक से बीजेपी और शिवसेना गठबंधन का कब्जा है। इस बार दोनों पार्टी अलग अलग चुनाव में उतरी है। पिछले कई बार की तुलना में बीएमसी चुनाव का मतदान इसबार कुछ बेहतर रहा है। इस बार के नगर निगम चुनाव में 52.17 प्रतिशत मतदान रहा। यह प्रतिशत पिछले तीन बार के चुनावों में सबसे ज्यादा है।
 चुनाव के नतीजे 23 फरवरी को आने हैं। बृहणमुंबई म्‍यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के नतीजे राज्य में चल रही शिवसेना बीजेपी गठबंधन सरकार के और शिवसेना बीजेपी के आपसी रिश्तों पर फर्क डालने वाले होंगे। मंगलवार देश शाम अंग्रेजी न्यूज चैन इंडिया टूडे ने चुनाव से जुड़ा एक्सिट पोल जारी किया है। इस एक्सिट पोल के अनुसार 227 सीटों वाले नगरनिगम की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभर सकती है। लेकिन बहुमत से काफी पीछे रहेगी।
पोल के अनुसार शिवसेना 86-92 सीट जीत सकती है। पिछले चुनाव में शिवसेना को 75 सीटें मिली थी। ऐसे में शिवसेना को अकेले लड़ने का कोई खास फायदा होना नहीं दिख रहा है। तो वहीं बीजेपी शिवसेना को कांटे की टक्कर देती दिख रही है। बीजेपी 80 से 88 सीटें अपने नाम कर सकती है। पीछली बार बीजेपी 31 सीट ही जीतने में कामयाब रही थी। 
मतलब बीजेपी अपना आंकड़ा दो गुने से भी ज्यादा करने में कामयाब हो सकती है।। कांग्रेस 30-14 सीट जीत सकती है। एमएनएस 5-7 सीटें जीत सकती है तो वहीं एनसीपी 3-6 सीट ही जीत सकती है। अगर वोट शेयर की बात करे तो बीजेपी और शिवसेना को 32-32 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। वहीं कांग्रेस 16 वोट और एमएनएस 8 प्रतिशत वोट अपने प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा बीजेपी राज्य के दूसर नगर निगम में अपना दबदबा बढ़ा सकती है। एक्जित पोल के अनुसार राज्य के दूसरे दो बड़े शहर नागपुर और पुणे में बीजेपी बहुमत प्राप्त कर सकती है तो शिवसेना ठाणे में बहुमत प्राप्त कर सकती है।

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