Monday, August 2, 2021
Home Tags Madhya pradesh government

Tag: madhya pradesh government

बीमारियों पर रिसर्च के लिए अलग संस्थान खोलेगी मध्यप्रदेश सरकार, पिंक कैम्पेन की भी होगी शुरुआत

0

वैश्विक महामारी कोरोना के पहले और दूसरे चरण में भयावह हुई स्थिति के बाद जागी शिवराज सरकार अब बीमारियों की रिसर्च के लिए एक पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट की स्थापना करने जा रही है जिसमे अलग-अलग बीमारियों पर रिसर्च किया जाएगा।

मामले की जानकारी देते हुए प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि इस मुद्दे पर मेरी सीएम के साथ चाय पर चर्चा हुई है। इस दौरान मैंने उन्हें अपने विभाग के कार्यो के बारे में भी अवगत कराया है।

पिंक कैम्पेन अभियान की होगी शुरुआत

महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के मामलों पर मंत्री ने कहा कि महिलाओं में कैंसर की बीमारी फैल रही है जिसे महिलाएं सामाजिक ताने-बाने के कारण छुपा जाती हैं। और सही समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह लाइलाज हो जाती है। इसलिए हम पिंक कैम्पेन अभियान की शुरुआत करेंगे। डॉक्टर्स एक्सपर्ट की टीम बनाई जाएगी और महिलाओं में कैंसर की जांच की जाएगी।

प्रदेश सरकार द्वारा 21 जून को करवाये जा रहे कोरोना वैक्सीन के मेगा इवेंट की जानकारी देते हुए सारंग ने कहा कि 21 तारीख को हम हर वर्ग को फ्री वैक्सीन देंगे। प्रदेश में 7 हज़ार सेंटर में 10 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान में सभी वर्गों को जोड़ो जा रहा है।

बढ़ते ब्लैक फंगस के मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि सभी मरीज़ो को इलाज दिया जाएगा। संबंधित दवाइयों के लिए व्यवस्था की गई है। सरकार इसके लिए सभी सकारात्मक कदम उठा रही है।

नदियों और सीवेज में कोरोना संक्रमण पाए जाने पर सारंग ने कहा यह गंभीर विषय है जब तक इस पर शोध नहीं हो जाता टिप्पणी करना सही नहीं है।

मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, कोरोना और ब्लैक फंगस के इलाज पर हो सकता है असर

0

मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टर आज से हड़ताल पर है। हड़ताल के पहले दिन आज सामान्य ओपीडी सहित इमरजेंसी सेवाए बंद रखने का फैसला लिया गया है। आज वे कोविड मरीजों का इलाज करेंगे और 1 जून से पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। जूडो के हड़ताल पर जाने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं तथा कोरोना और ब्लैक फंगस के इलाज पर इसका असर पड़ सकता है।

बता दे कि भोपाल में 11 बजे से जूनियर डॉक्टर्स हमीदिया अस्पताल में डीन कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर बैठे है। जूनियर डॉक्टर्स अपनी छह सूत्रीय मांगे नहीं माने जाने से नाराज हैं। जिसकी लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांगे रखते आए हैं।

वहीं इससे पहले जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार को कल 30 मई तक अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि 30 मई तक आदेश नहीं निकाला गया तो 31 मई से हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी कोई लिखित आदेश नहीं निकला है। 

जूडो ने कहा था कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री को आश्वासन दिये 5 महीने पूरे होने जा रहे है। उन्होंने कहा कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उनकी सारी मांगों के लिखित आदेश नहीं आ जाते।

जूडो की ये है मांगे

  • सरकार की ओर से 6% सालाना मानदेय बढ़ाने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टरों के इलाज की बेहतर व्यवस्था की जाए
  • कोरोना के दौरान प्रति महीने 10 हज़ार रुपये मानदेय देने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टर्स को ग्रामीण सेवा के बंधन से मुक्त किया जाए
  • कोरोना काल में सेवा के लिए प्रशस्ती पत्र दिया जाए जिसका फायदा सरकारी भर्तियों में मिले

राजधानी भोपाल में रहेगा 56 घंटो का कोरोना कर्फ्यू , 25% दुकानें खोलकर किया जाएगा अनलॉक

0

मध्य प्रदेश अब अनलॉक की तरफ बढ़ रहा है। आज जिला क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में राजधानी भोपाल को अनलॉक करने पर कई फैसले लिए गए है। सरकार ने अपनी ओर से गाइडलाइन बनाई है जिसके अनुसार राजधानी को अनलॉक किया जाएगा।

बता दे कि भोपाल में पिछले 10 दिनों में कोरोना की संक्रमण दर 10 फीसद से गिरकर तीन फीसद पर आ गई है। ऐसे में भोपाल के बाजारों की 25 फीसद दुकानें खोलकर अनलॉक किया जाएगा। वहीं निजी दफ्तर 50 फीसद क्षमता के साथ खुल सकेंगे।

इस बीच सप्‍ताह में शुक्रवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक का कोरोना कर्फ्यू जारी रहेगा। यह निर्णय रविवार को वल्‍लभ भवन में हुई जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में लिया गया है। इसके आदेश जल्‍द भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया जारी करेंगे।

वहीं बाजार में इलेक्‍ट्रीकल्‍स, बिल्डिंग मटेरियल और हार्डवेयर की दुकानें भी सप्‍ताह में दो दिन खोले जाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि अभी ये दो दिन कौन से होंगे यह कलेक्‍टर निर्णय लेकर आदेश जारी करेंगे। इसके अलावा राज्‍य सरकार की तमाम गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।

हनीट्रैप की पेन ड्राइव पर बुरे फंसे कमलनाथ, SIT ने भेजा नोटिस, कांग्रेस की बोलती बंद

0

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने कुछ बयान पर फंसते नजर आ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि हनीट्रैप प्रकरण की पेनड्राइव उनके पास है।

बीती 21 मई को कमलनाथ ने उज्जैन की एक पत्रकार वार्ता में यह दावा किया था कि हनीट्रैप प्रकरण की पेन ड्राइव उनके पास है जिस पर प्रदेश सरकार ने उनके ऊपर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है इसी क्रम में एसआईटी ने कमलनाथ को नोटिस भेजकर 2 जून को पूछताछ के लिए उनके बंगले आने की बात कही है।

आपको बता दें कि प्रदेश में कमलनाथ की सरकार के समय हनीट्रैप प्रकरण उजागर हुआ था जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों राजनेताओं और बड़े लोगों के नाम सामने आए थे जिस पर सरकार ने एक एसआईटी का गठन करके इसकी निष्पक्ष जांच कराने की बात कही थी लेकिन कमलनाथ सरकार गिर जाने के बाद इसकी जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी।

पूर्व मंत्री उमंग सिंगार पर अपनी महिला मित्र को आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज होने के बाद विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि उनके पास हनीट्रैप प्रकरण की पेनड्राइव है अगर उन्हें सरकार को ब्लैकमेल करना होता तो वह कब का कर चुके होते जिसके बाद प्रदेश की राजनीति अचानक से गर्म आ गई और अब एसआईटी के जांच अधिकारी शशिकांत चौरसिया ने कमलनाथ को उस पेनड्राइव को देने का नोटिस जारी किया है जिसकी बात कमलनाथ ने पत्रकार वार्ता और विधायक दल की बैठक में कही थी।

मध्यप्रदेश में शुरू होने जा रही है अनलॉकिंग की प्रक्रिया,15 जून तक रहेंगी ये गाइडलाइन

0

मध्य प्रदेश में कोरोना अब काबू में आ रहा है। शिवराज सरकार ने 1 जून से प्रदेश को अनलॉक करने की तैयार कर ली है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूहों ने अनलॉक को लेकर सरकार से सिफारिशें की है।

बता दे कि शुक्रवार को मंत्री समूह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने अपनी सिफारिशों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में संक्रमण दर 5% से कम है, वहां कर्फ्यू में ढील देकर लोगों को राहत दी जा सकती है। वहीं भोपाल और इंदौर मे दर फिलहाल 5% से ज्यादा है। ऐसे में यहां ज्यादा छूट नहीं देने की बात की गई है।

बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव इकबाल सिंह बेंस ने बैठक में कहा कि भोपाल और इंदौर 40 दिन से ज्यादा समय से बंद है, इसलिए यहां भी थोड़ी राहत देनी चाहिए। इस संबंध में एक गाइडलाइन तैयार करने के लिए भी कहा है। इसके आधार पर जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप 31 मई तक बैठक कर निर्णय लें, ताकि 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो सके।

जानकारी मिली है कि होटल व रेस्टोरेंट को फिलहाल बंद ही रखने की बात की गई है। इसके अलावा अन्य ऐसे स्थान जहां भीड़ ज्यादा होती है, उन्हें भी बंद रखा जाएगा। वहीं शादियों में दोनों पक्षों के 20-20 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है।

दरअसल सरकार अनलॉक की गाइडलाइन शनिवार तक जिलों को भेज देगी। यह गाइडलाइन 1 जून से 15 जून तक लागू रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 15 जून के बाद फिर से समीक्षा कर नई गाइडलाइन जारी की जाएगी।

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने का पोस्टर हुआ वायरल

0

मध्य प्रदेश में कोरोना और ब्लैक फंगस के कहर के बीच बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के विदेश जाने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सिंधिया चार दिन ही पहले प्राइवेट जेट से दुबई के लिए रवाना हो गए है। जिसके बाद ग्वालियर में एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें जगजीत सिंह द्वारा गाई मशहूर गजल “चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वह कौन सा देश, जहां तुम चले गए” लिखा हुआ है।

बता दे कि इस पोस्टर को ग्वालियर से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने भी साझा किया है। पाठक ने शायराना अंदाज में तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘मत ढूंढो इन्हें संकट के समय मध्य प्रदेश में, सिंधिया जी अपने निजी कार्यों से हैं विदेश में। अपने शहर में जब सब कुछ सामान्य हो जाएगा, इनका कारवाँ तभी यहाँ आएगा। आप तो बैठिए दुबई, जनता है भरोसे राम के, अभी चुनाव थोड़ी है अभी आम लोग आपके क्या काम के।’

प्रदेश की समस्त जनता को निवेदक बताने वाले इस पोस्टर में लिखा गया है कि, ‘महाराज कहां हो आप? भारतीय जनता पार्टी की सरकार मौत के आंकड़ें छिपा रही है। आपके उसूलों पर आंच कब आएगी, आप सड़क पर कब उतरेंगे?’ इसी के साथ 80 के दशक का मशहूर गजब चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गए लिखा हुआ है।

वहीं कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘जनता चौखट से बाहर निकले तो डंडा, —और ये महाराज बहादुर दुबई की सैर पर..? शिवराज जी, आपके नेताओं को जनता से कोई सरोकार क्यों नहीं बचा..?भारत में उतरने को सड़कें थीं कम, इसलिये दुबई में जनसेवा करेंगे हम।’

दरअसल सिंधिया के विदेश जाने की बात सामने आने के बाद लोगों के मन में एक यह सवाल भी है कि जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगे हुए हैं तो सिंधिया दुबई कैसे गए? दरअसल, एयर बबल के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चल रही हैं। इस व्यवस्था के तहत चयनित देशों के बीच द्विपक्षीय विमानों का संचालन हो रहा है।

मध्य प्रदेश के 7 जिले रहेंगे लॉकडाउन, 45 जिलों में मिलेगी राहत

0

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाम प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर के साथ भोपाल में 1 जून से कर्फ्यू नहीं खुलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी शक्ति के साथ इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि 1 जून से मध्यप्रदेश में जनजीवन सामान्य बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए, परंतु आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश के 7 जिले लॉकडाउन रहेंगे। शेष 45 जिलों में कर्फ्यू में ढील दी जाएगी।

बता दे कि इंदौर के अलावा भोपाल, सागर, रतलाम, रीवा, अनूपपुर तथा सीधी में लॉकडाउन जारी रहेगा। सीएम का कहना है कि इन जिलों की साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से अधिक है। डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन के अनुसार साप्ताहिक औसत संक्रमण की दर 5 फीसदी से कम होने की स्थिति में ही कर्फ्यू में ढील दी जा सकती है।

यह भी कहा सीएम ने

  • 1 जून से कर्फ्यू में ढील देंगे, लेकिन अचानक न घर से निकलना है और न ही बड़े आयोजन करना है। इससे स्थिति बिगड़ सकती है।
  • वैज्ञानिक तरीके से लॉकडाउन खोला जाएगा। तीसरी लहर की भी बात आ रही है। अगर असावधान रहे तो संक्रमण बढ़ेगा। तीसरी लहर को नहीं आने देना है।
  • शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, राजनीतिक रैली जैसे बड़े आयोजन नहीं आयोजित होंगे।
  • समाज इसे अपना आंदोलन बनाए। धर्मगुरु अपने अनुयायियों को और राजनीतिक संगठन अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित रहने का संदेश दें।

कमलनाथ के ऊपर हुई FIR का पूरे मध्यप्रदेश में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी तरीके से किया विरोध प्रदर्शन

0

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के एक बयान को आधार बना कर भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने कल भोपाल क्राइम ब्रांच में एक ज्ञापन सौपा,जिसके बाद शिवराज सरकार के इशारे पर कमलनाथ जी के ऊपर एक मुकदमा दर्ज कर लिया जाता है। इसके विरोध में आज मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में गांधीवादी तरीके से अपना विरोध प्रदर्शित किया।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने अपने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कोरोना गाइडलाइन का पालन कर अपने जिले/विधानसभा/ब्लॉक में गांधीजी या अंबेडकरजी की प्रतिमा/चित्र के सामने धरना देने को कहा। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने कोरोनो गाइडलाइन का पालन करते हुए काली पट्टी बांध कर धरना दिया।

विक्रांत भूरिया झाबुआ जिले में गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। डॉ भूरिया ने शिवराज सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कमलनाथ पर हुए FIR को तत्काल वापस लेकर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान पर FIR किये जाने की मांग की है। उन्होंने कहा की सरकार पूरे प्रदेश में कोरोना महामारी में लाखो मृतको की जिम्मेदार है।

वहीं भोपाल में युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल के साथ क्राइम ब्रांच थाने जा कर शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर शिवराज चौहान पर FIR की मांग की है। विवेक त्रिपाठी ने बीजेपी पर घ्रणित राजनीति करने का आरोप लगाया है। त्रिपाठी ने सवाल पूछा की जो भाजपा के नेता और विधयाक कल कमलनाथ पर fIR करवाने थाने आगये थे वे अस्पतालों की मनमाने बिलो की शिकायत ले कर,रेमडीसीवेर इंजेक्शन,ऑक्सीजन,की काला बाजारी,या हमीदिया हॉस्पिटल से चोरी गए इंजेक्शन के मामले में थाने क्यों नही गए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पे राजनीति का आरोप लगाने वाले बीजेपी के नेता पहले अपने गिरेबान देखे। त्रिपाठी ने कहा की कमलनाथ पर FIR करना शिवराज सरकार की विपक्ष को दबाने की कायराना हरकत है जिसका हम मुँह तोड़ जवाब देंगे।

कमलनाथ पर हुई एफआईआर के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ क्राइम ब्रांच को सौपा आवेदन

0

मध्य प्रदेश में कोरोना से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस जहां सरकार पर लगातार वार कर रही है वहीं बीजेपी भी चुप बैठने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले में पूर्व सीएम कमलनाथ पर एफआईआर के बाद अब अब कांग्रेस सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी।

बता दे कि कांग्रेस ने प्रशासन से सीएम चौहान पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक आरिफ मसूद, पूर्व महापौर विभा पटेल, विधायक कुणाल चौधरी सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एफआईआर के लिए क्राइम ब्रांच में आवेदन सौंपा है।

वहीं शिवराज सिंह पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस क्राइम ब्रांच में शिकायती आवेदन सौंपेगी। तो दूसरी तरफ बीजेपी फिर आज दूसरे जिलों में कमलनाथ के खिलाफ सोमवार को एफआईआर दर्ज कराएगी।

कमलनाथ पर हुई एफआईआर के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेताओं में दिखा आक्रोश, शिवराज के खिलाफ खोला है मोर्चा

0

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के खिलाफ भोपाल में एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी को कोरोना संक्रमण से हुई अब तक की मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस इस मामले को लेकर अब सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाएगी।

बता दे कि पूरा कांग्रेस खेमा अब सक्रिय हो गया है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा है कि एफआईआर उन लोगों पर होनी थी जिनके कारण इतनी मौतें हुई है। उन्होंने कहा कि जनता के सामने सरकार का असली चेहरा आ रहा है। इसी को लेकर प्रदेशभर में मुख्यमंत्री के खिलाफ कांग्रेस केस दर्ज करवाएगी।

वहीं अरुण यादव ने ट्विटर पर ट्वीट किया है कि एफआईआर सीएम शिवराज की तिलमिलाहट को बताता है। उन्होंने लिखा कि सरकार ने मौत के हजारों आंकड़े छुपाए है। पूरी कांग्रेस कमलनाथ द्वारा सरकार पर लगाए आरोपों का समर्थन करती है.