Sunday, September 24, 2023
Home Tags Madhya pradesh government

Tag: madhya pradesh government

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: लाखों बुजुर्गों के श्रवण कुमार शिवराज

0

भोपाल। हिंदू धर्म में तीर्थों का विशेष महत्व होता है। हर व्यक्ति का सपना होता है कि जीवन में एक बार तीर्थदर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर ले। परंतु धनाभाव एवं आर्थिक विपन्नता इस सपने के साकार होने में बाधा बनती है। गाँव-देहात में मजदूरी करके जीवन यापन करने वालों को भर पेट भोजन मिलना और जीवकोपार्जन के लिए आवश्यक संसाधन जुटाना ही दुष्कर है, ऐसे में दुर्गम स्थानों की यात्रा का सोचना भी मुमकिन नहीं है। यह उनके लिए कभी पूरा न होने वाले सपने के समान था। लेकिन आज यह संभव हो पा रहा है।

जैत के छोटे से गाँव से निकले शिवराज सिंह चौहान ने गाँव, गरीब को नजदीक से देखा व जिया है। इसलिए वह इन मनोभावों को बहुत प्रामाणिक तरीके से महसूस करते हैं। सामाजिक न्याय के उनके विशिष्ट मॉडल में यह दृष्टिगोचर भी होता है। वह गाँव-देहात में बसने वाले लोक के मानस को भली प्रकार समझते हैं। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों का तीर्थ दर्शन का सपना गरीबी की वजह से न टूटे और वह धर्मलाभ ले सकें, इसके लिए मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना लागू की और और देश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों तक के लिए तीर्थदर्शन योजना के तहत ट्रेन चलवाई। लाखों-करोड़ों लोग तीर्थ यात्रा की आकांक्षा के साथ ही इस दुनिया से विदा हो जाते हैं, ऐसे में शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी संसाधनों पर इसे पूरा कराकर लोगों को अपना मुरीद बना लिया है। तीर्थ दर्शन योजना लाखों बुजुर्गों के जीवन की अंतिम मुराद को पूरा करने का माध्यम बन गई है।

वस्तुतः यह एक अनोखी योजना है जो धर्म से अधिक मानवता के धरातल पर समावेशी सोच के साथ चित्रित की गई है। समाजशास्त्री डॉ. अभय गच्छ कहते हैं कि तीर्थदर्शन योजना एक गेम चेंजर स्कीम है क्योंकि यह सामाजिक एवं आध्यात्मिक दोनों ही दृष्टि से बहुत शानदार है। कोई सरकार व्यक्ति के निजी जीवन के इस पक्ष को भी पूरा करने का प्रयास कर सकती है, यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पहले किसी ने सोचा तक नहीं था। यह केवल सरकार की केवल एक योजना भर नहीं है बल्कि जनता और शिवराज सिंह के मध्य भरोसे और प्रेम की ऊंची उड़ान भी है।

तीर्थदर्शन योजना ने मध्यप्रदेश में बीजेपी और खासतौर पर शिवराज सिंह का नया वोटबैंक तैयार किया है जो हर तरह के राजनैतिक दुष्प्रचार से दूर रहता है। यदि इस योजना के राजनैतिक प्रभावों पर गौर करें तो हम पाते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा के जनाधार को स्थाई बनाने में इस योजना का अहम रोल है क्योकि जिस मोहल्ले से बुजुर्गों ने इस यात्रा को किया है वे और उनका पूरा परिवार शिवराज सिंह के सॉलिड कैम्पेनर की तरह काम करते हैं। इस योजना के माध्यम से शिवराज सिंह के प्रति जनता की खुली दीवानगी से खुन्नस खाते हुए कमलनाथ सरकार ने इसे अपने 16 महीने के कार्यकाल में बंद कर दिया था लेकिन शिवराज सिंह ने सत्ता में आते ही फिर इसे बहाल किया और अब हवाई जहाज से तक श्रद्धालुओं को यात्रा करवा रहे हैं।

शिवराज सच्चे अर्थों में जनाकांक्षाओं को समझने एवं उन्हें पूरा करने वाले नेता हैं। वह यह भली भांति जानते हैं कि सरकार का काम जन-चेतनाओं को मूर्तरूप प्रदान करना होता है। आमजन के लिए रोटी-कपड़ा-मकान, शिक्षा-स्वास्थ्य बौर रोजगार जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करना होता है। लेकिन इसके साथ ही आमजन बहुत कुछ चाहता है, अपने धर्म, अपनी संस्कृति, अपनी बोली-वाणी इन सबसे गहरे तक जुड़ना चाहता है। उन्होंने जनता की इस मौन भाषा को पढ़ा और सांस्कृतिक संवर्धन के लिए रूपरेखा बनाई।

चुनावी माहौल में यह कदम शिवराज सिंह चौहान की छवि को और मजबूत करेगा। हवाई जहाज से तीर्थ यात्रा करने वाले श्रद्धालु उन्हें खूब आशीर्वाद एवं आशीष भी दे रहे हैं। बुजुर्गों के कल्याण और उनके सम्मान के लिए जो काम शिवराज कर रहे हैं, उनको देखकर बर्री गाँव के तुलाराम जी सहित पूरे प्रदेश के बुजुर्ग कह रहे हैं कि बेटा हो तो शिवराज जैसा…

शिवराज कैबिनेट ने दी किसानों को बड़ी सौगात , 2 हजार करोड़ की ब्याज राशि की जाएगी माफ

0

भोपाल। किसानों के हित को देखते हुए शिवराज कैबिनेट ने आज किसानों के लिए कई बड़े फैसले लिए। किसानों के लिए गेहूं खरीदी की तारीख 10 मई से बढ़ाकर 20 मई की गई है। 30 अप्रैल तक बेची जाने वाली फसल पर मिलने वाला जीरो प्रतिशत ब्याज का लाभ अब 20 मई तक कर दिया गया है।

प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया गया है। 31 मार्च की 2023 तक में डिफॉल्टर किसान जिनका दो लाख रुपये का कर्ज बकाया है, सरकार उन सभी का ब्याज भरेगी।

जानकारी के अनुसार इसमें 11 लाख 19 हजार डिफॉल्टर किसानों की लगभग 2 हजार करोड़ से अधिक की ब्याज राशि माफ की जाएगी। इसके लिए 12 तारीख को सूची चस्पा की जाएगी। 13 से 15 मई तक पैक्स सोसाइटियों के ज़रिए आवेदन लिए जाएंगे। 16 से 18 मई तक आवेदनों की जांच की जाएगी और 22 मई को बैंकों में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

वहीं 25 मई को राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें प्रदेश के सभी किसानों को बुलाया जाएगा। 26 मई को समितियों के माध्यम से किसानों को डिफॉल्ट मुक्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा। खाद बीज का वितरण 1 जून से किया जाएगा।

जानकारी देते हुए कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कैबिनेट में फैसला लिया गया कि अब गेंहू खरीद की तारीख 10 मई से बढ़ाकर 20 मई कर दी गई है। अब 20 मई तक जो भी किसान फसल बेचेगा उन सभी को जीरो परसेंट का लाभ मिलेगा।

प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि छतरपुर के गौरीहार में नए अनुभाग एवं 11 पद स्वीकृत किए गए हैं। देवास में नए अनुभाग टोंकखुर्द की स्वीकृति एवं इसमें कुल 69 पटवारी हल्के शामिल कर 11 पद स्वीकृत किए गए हैं। 10 मई से मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान पुन: प्रारंभ हो रहा है, इसमें 67 तरह की सेवाएं चिह्नित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि पहले चरण के लंबित प्रकरणों को निपटाया जाएगा एवं सीएम हेल्पलाइन में लंबित समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। साथ ही मणिपुर से प्रदेश के 24 बच्चों को लाने एवं उनसे संवाद स्थापित किया जा रहा है। चीन में मृत हुई रीवा की रहवासी को भारत लाए जाने का खर्च मध्यप्रदेश सरकार उठाएगी।

ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे 7 दिन में पूरा करें : मुख्यमंत्री

0
chief minister shivraj singh chouhan holding meeting in bhopal

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ओलावृष्टि से नुकसान का सर्वे 7 दिन में पूरा करें और 10 दिन के भीतर राहत राशि बाँटना शुरू की जाए। फसल क्षति सर्वे का कार्य पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से किया जाये। फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने की पूरी कार्यवाही गंभीरता से हो। खरीफ फसलों के लिए खाद का अग्रिम भंडारण करें। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूँ विक्रय में असुविधा नहीं होना चाहिए। साथ ही भुगतान समय पर सुनिश्चित हो। ग्रीष्मकाल में पेयजल की व्यवस्था बेहतर एवं सुचारू बनी रहे। प्रतिदिन जल प्रदाय हो, जहाँ पेयजल परिवहन की व्यवस्था करना है, उसकी भी तैयारी अग्रिम रूप से कर लें।

मुख्यमंत्री चौहान आज देर रात निवास कार्यालय में विकास यात्रा के फीडबैक संबंधी बैठक को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मंत्रीगण, विधायक, जन-प्रतिनिधि और जिलों के प्रशासनिक अधिकारी वर्चुअली जुड़े।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विकास यात्राएँ व्यवस्थित और अभूतपूर्व तरीके से हुई हैं। यात्राओं में सरकार के साथ समाज भी जुड़ा। सभी 230 विधानसभाओं में यात्राएँ हुई। सभी ओर यात्रा की प्रशंसा हुई है। कलेक्टर्स ने कई नवाचार किए हैं। यात्रा का स्वरूप अद्भुत था। मुख्यमंत्री ने यात्रा की सफलता के लिए सभी को बधाई दी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यात्रा का फॉलोअप हो। इस दौरान जो कमी मिली हो उसे पूरा किया जाये। शेष रहे कार्यों को भी पूरा करें। यात्रा तभी परफेक्ट होगी जब जीरो डिफेक्ट होगा। यात्रा की रिपोर्ट भेजी जाए, जिससे कमियों को पूरा किया जा सके।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लाड़ली बहना योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो बहनों की जिंदगी बदलने में मील का पत्थर साबित होगी। बहने योजना के लाभ से वंचित नहीं रहें। प्राण-प्रण से योजना का लाभ दिलवाने में जुट जाएँ। गाँव और वार्ड में पहुँचकर बहनों के आवेदन भरवाए जाएँ। बहनों को कोई असुविधा नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस बार गेहूँ उत्पादन अच्छा होने की संभावना है। किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर गेहूँ के उपार्जन की व्यवस्थाएँ अच्छी हों। उपार्जन व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार भी करें।

बीमारियों पर रिसर्च के लिए अलग संस्थान खोलेगी मध्यप्रदेश सरकार, पिंक कैम्पेन की भी होगी शुरुआत

0

वैश्विक महामारी कोरोना के पहले और दूसरे चरण में भयावह हुई स्थिति के बाद जागी शिवराज सरकार अब बीमारियों की रिसर्च के लिए एक पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट की स्थापना करने जा रही है जिसमे अलग-अलग बीमारियों पर रिसर्च किया जाएगा।

मामले की जानकारी देते हुए प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि इस मुद्दे पर मेरी सीएम के साथ चाय पर चर्चा हुई है। इस दौरान मैंने उन्हें अपने विभाग के कार्यो के बारे में भी अवगत कराया है।

पिंक कैम्पेन अभियान की होगी शुरुआत

महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के मामलों पर मंत्री ने कहा कि महिलाओं में कैंसर की बीमारी फैल रही है जिसे महिलाएं सामाजिक ताने-बाने के कारण छुपा जाती हैं। और सही समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह लाइलाज हो जाती है। इसलिए हम पिंक कैम्पेन अभियान की शुरुआत करेंगे। डॉक्टर्स एक्सपर्ट की टीम बनाई जाएगी और महिलाओं में कैंसर की जांच की जाएगी।

प्रदेश सरकार द्वारा 21 जून को करवाये जा रहे कोरोना वैक्सीन के मेगा इवेंट की जानकारी देते हुए सारंग ने कहा कि 21 तारीख को हम हर वर्ग को फ्री वैक्सीन देंगे। प्रदेश में 7 हज़ार सेंटर में 10 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान में सभी वर्गों को जोड़ो जा रहा है।

बढ़ते ब्लैक फंगस के मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि सभी मरीज़ो को इलाज दिया जाएगा। संबंधित दवाइयों के लिए व्यवस्था की गई है। सरकार इसके लिए सभी सकारात्मक कदम उठा रही है।

नदियों और सीवेज में कोरोना संक्रमण पाए जाने पर सारंग ने कहा यह गंभीर विषय है जब तक इस पर शोध नहीं हो जाता टिप्पणी करना सही नहीं है।

मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, कोरोना और ब्लैक फंगस के इलाज पर हो सकता है असर

0

मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टर आज से हड़ताल पर है। हड़ताल के पहले दिन आज सामान्य ओपीडी सहित इमरजेंसी सेवाए बंद रखने का फैसला लिया गया है। आज वे कोविड मरीजों का इलाज करेंगे और 1 जून से पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। जूडो के हड़ताल पर जाने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं तथा कोरोना और ब्लैक फंगस के इलाज पर इसका असर पड़ सकता है।

बता दे कि भोपाल में 11 बजे से जूनियर डॉक्टर्स हमीदिया अस्पताल में डीन कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर बैठे है। जूनियर डॉक्टर्स अपनी छह सूत्रीय मांगे नहीं माने जाने से नाराज हैं। जिसकी लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांगे रखते आए हैं।

वहीं इससे पहले जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार को कल 30 मई तक अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि 30 मई तक आदेश नहीं निकाला गया तो 31 मई से हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी कोई लिखित आदेश नहीं निकला है। 

जूडो ने कहा था कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री को आश्वासन दिये 5 महीने पूरे होने जा रहे है। उन्होंने कहा कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उनकी सारी मांगों के लिखित आदेश नहीं आ जाते।

जूडो की ये है मांगे

  • सरकार की ओर से 6% सालाना मानदेय बढ़ाने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टरों के इलाज की बेहतर व्यवस्था की जाए
  • कोरोना के दौरान प्रति महीने 10 हज़ार रुपये मानदेय देने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टर्स को ग्रामीण सेवा के बंधन से मुक्त किया जाए
  • कोरोना काल में सेवा के लिए प्रशस्ती पत्र दिया जाए जिसका फायदा सरकारी भर्तियों में मिले

राजधानी भोपाल में रहेगा 56 घंटो का कोरोना कर्फ्यू , 25% दुकानें खोलकर किया जाएगा अनलॉक

0

मध्य प्रदेश अब अनलॉक की तरफ बढ़ रहा है। आज जिला क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में राजधानी भोपाल को अनलॉक करने पर कई फैसले लिए गए है। सरकार ने अपनी ओर से गाइडलाइन बनाई है जिसके अनुसार राजधानी को अनलॉक किया जाएगा।

बता दे कि भोपाल में पिछले 10 दिनों में कोरोना की संक्रमण दर 10 फीसद से गिरकर तीन फीसद पर आ गई है। ऐसे में भोपाल के बाजारों की 25 फीसद दुकानें खोलकर अनलॉक किया जाएगा। वहीं निजी दफ्तर 50 फीसद क्षमता के साथ खुल सकेंगे।

इस बीच सप्‍ताह में शुक्रवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक का कोरोना कर्फ्यू जारी रहेगा। यह निर्णय रविवार को वल्‍लभ भवन में हुई जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में लिया गया है। इसके आदेश जल्‍द भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया जारी करेंगे।

वहीं बाजार में इलेक्‍ट्रीकल्‍स, बिल्डिंग मटेरियल और हार्डवेयर की दुकानें भी सप्‍ताह में दो दिन खोले जाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि अभी ये दो दिन कौन से होंगे यह कलेक्‍टर निर्णय लेकर आदेश जारी करेंगे। इसके अलावा राज्‍य सरकार की तमाम गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।

हनीट्रैप की पेन ड्राइव पर बुरे फंसे कमलनाथ, SIT ने भेजा नोटिस, कांग्रेस की बोलती बंद

0

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने कुछ बयान पर फंसते नजर आ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि हनीट्रैप प्रकरण की पेनड्राइव उनके पास है।

बीती 21 मई को कमलनाथ ने उज्जैन की एक पत्रकार वार्ता में यह दावा किया था कि हनीट्रैप प्रकरण की पेन ड्राइव उनके पास है जिस पर प्रदेश सरकार ने उनके ऊपर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है इसी क्रम में एसआईटी ने कमलनाथ को नोटिस भेजकर 2 जून को पूछताछ के लिए उनके बंगले आने की बात कही है।

आपको बता दें कि प्रदेश में कमलनाथ की सरकार के समय हनीट्रैप प्रकरण उजागर हुआ था जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों राजनेताओं और बड़े लोगों के नाम सामने आए थे जिस पर सरकार ने एक एसआईटी का गठन करके इसकी निष्पक्ष जांच कराने की बात कही थी लेकिन कमलनाथ सरकार गिर जाने के बाद इसकी जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी।

पूर्व मंत्री उमंग सिंगार पर अपनी महिला मित्र को आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज होने के बाद विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि उनके पास हनीट्रैप प्रकरण की पेनड्राइव है अगर उन्हें सरकार को ब्लैकमेल करना होता तो वह कब का कर चुके होते जिसके बाद प्रदेश की राजनीति अचानक से गर्म आ गई और अब एसआईटी के जांच अधिकारी शशिकांत चौरसिया ने कमलनाथ को उस पेनड्राइव को देने का नोटिस जारी किया है जिसकी बात कमलनाथ ने पत्रकार वार्ता और विधायक दल की बैठक में कही थी।

मध्यप्रदेश में शुरू होने जा रही है अनलॉकिंग की प्रक्रिया,15 जून तक रहेंगी ये गाइडलाइन

0

मध्य प्रदेश में कोरोना अब काबू में आ रहा है। शिवराज सरकार ने 1 जून से प्रदेश को अनलॉक करने की तैयार कर ली है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूहों ने अनलॉक को लेकर सरकार से सिफारिशें की है।

बता दे कि शुक्रवार को मंत्री समूह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने अपनी सिफारिशों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में संक्रमण दर 5% से कम है, वहां कर्फ्यू में ढील देकर लोगों को राहत दी जा सकती है। वहीं भोपाल और इंदौर मे दर फिलहाल 5% से ज्यादा है। ऐसे में यहां ज्यादा छूट नहीं देने की बात की गई है।

बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव इकबाल सिंह बेंस ने बैठक में कहा कि भोपाल और इंदौर 40 दिन से ज्यादा समय से बंद है, इसलिए यहां भी थोड़ी राहत देनी चाहिए। इस संबंध में एक गाइडलाइन तैयार करने के लिए भी कहा है। इसके आधार पर जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप 31 मई तक बैठक कर निर्णय लें, ताकि 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो सके।

जानकारी मिली है कि होटल व रेस्टोरेंट को फिलहाल बंद ही रखने की बात की गई है। इसके अलावा अन्य ऐसे स्थान जहां भीड़ ज्यादा होती है, उन्हें भी बंद रखा जाएगा। वहीं शादियों में दोनों पक्षों के 20-20 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है।

दरअसल सरकार अनलॉक की गाइडलाइन शनिवार तक जिलों को भेज देगी। यह गाइडलाइन 1 जून से 15 जून तक लागू रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 15 जून के बाद फिर से समीक्षा कर नई गाइडलाइन जारी की जाएगी।

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने का पोस्टर हुआ वायरल

0

मध्य प्रदेश में कोरोना और ब्लैक फंगस के कहर के बीच बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के विदेश जाने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सिंधिया चार दिन ही पहले प्राइवेट जेट से दुबई के लिए रवाना हो गए है। जिसके बाद ग्वालियर में एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें जगजीत सिंह द्वारा गाई मशहूर गजल “चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वह कौन सा देश, जहां तुम चले गए” लिखा हुआ है।

बता दे कि इस पोस्टर को ग्वालियर से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने भी साझा किया है। पाठक ने शायराना अंदाज में तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘मत ढूंढो इन्हें संकट के समय मध्य प्रदेश में, सिंधिया जी अपने निजी कार्यों से हैं विदेश में। अपने शहर में जब सब कुछ सामान्य हो जाएगा, इनका कारवाँ तभी यहाँ आएगा। आप तो बैठिए दुबई, जनता है भरोसे राम के, अभी चुनाव थोड़ी है अभी आम लोग आपके क्या काम के।’

प्रदेश की समस्त जनता को निवेदक बताने वाले इस पोस्टर में लिखा गया है कि, ‘महाराज कहां हो आप? भारतीय जनता पार्टी की सरकार मौत के आंकड़ें छिपा रही है। आपके उसूलों पर आंच कब आएगी, आप सड़क पर कब उतरेंगे?’ इसी के साथ 80 के दशक का मशहूर गजब चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गए लिखा हुआ है।

वहीं कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘जनता चौखट से बाहर निकले तो डंडा, —और ये महाराज बहादुर दुबई की सैर पर..? शिवराज जी, आपके नेताओं को जनता से कोई सरोकार क्यों नहीं बचा..?भारत में उतरने को सड़कें थीं कम, इसलिये दुबई में जनसेवा करेंगे हम।’

दरअसल सिंधिया के विदेश जाने की बात सामने आने के बाद लोगों के मन में एक यह सवाल भी है कि जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगे हुए हैं तो सिंधिया दुबई कैसे गए? दरअसल, एयर बबल के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चल रही हैं। इस व्यवस्था के तहत चयनित देशों के बीच द्विपक्षीय विमानों का संचालन हो रहा है।

मध्य प्रदेश के 7 जिले रहेंगे लॉकडाउन, 45 जिलों में मिलेगी राहत

0

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाम प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर के साथ भोपाल में 1 जून से कर्फ्यू नहीं खुलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी शक्ति के साथ इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि 1 जून से मध्यप्रदेश में जनजीवन सामान्य बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए, परंतु आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश के 7 जिले लॉकडाउन रहेंगे। शेष 45 जिलों में कर्फ्यू में ढील दी जाएगी।

बता दे कि इंदौर के अलावा भोपाल, सागर, रतलाम, रीवा, अनूपपुर तथा सीधी में लॉकडाउन जारी रहेगा। सीएम का कहना है कि इन जिलों की साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से अधिक है। डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन के अनुसार साप्ताहिक औसत संक्रमण की दर 5 फीसदी से कम होने की स्थिति में ही कर्फ्यू में ढील दी जा सकती है।

यह भी कहा सीएम ने

  • 1 जून से कर्फ्यू में ढील देंगे, लेकिन अचानक न घर से निकलना है और न ही बड़े आयोजन करना है। इससे स्थिति बिगड़ सकती है।
  • वैज्ञानिक तरीके से लॉकडाउन खोला जाएगा। तीसरी लहर की भी बात आ रही है। अगर असावधान रहे तो संक्रमण बढ़ेगा। तीसरी लहर को नहीं आने देना है।
  • शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, राजनीतिक रैली जैसे बड़े आयोजन नहीं आयोजित होंगे।
  • समाज इसे अपना आंदोलन बनाए। धर्मगुरु अपने अनुयायियों को और राजनीतिक संगठन अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित रहने का संदेश दें।