Monday, September 26, 2022
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धुर विरोधी को शिवराज ने बनाया OSD, कांग्रेस बोली योगी के बाद अब यही लगाएंगे मोदी का बेड़ा पार?

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ऐसे व्यक्ति को अपना ओएसडी(OSD) नियुक्त किया है जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हमेशा खिलाफत की है। कल मध्य प्रदेश के समान प्रशासन विभाग ने तुषार पांचाल को मुख्यमंत्री का विशेष कर्तव्य अधिकारी नियुक्त करने के आदेश जारी किए जिसके बाद से तुषार का एक ट्वीट सोशल मीडिया और कांग्रेसी नेताओं के हैंडल पर खूब वायरल हो रहा है।

दरअसल मुख्यमंत्री के नई नवेली ओएसडी बने तुषार पांचाल ने कुछ लिखा ही ऐसा था कि उस पर बवाल कटना तय है उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित अपने एक ट्वीट में लिखा ‘ किस्मत हो तो मोदी जैसी हो। सवाल पूछने के लिए ऑफिस में विपक्ष का नेता नहीं घर में बीवी नहीं। I am sure this is old, but just read it.’

मुख्यमंत्री के OSD तुषार पांचाल का ट्वीट जिसपर बवाल कटा हुआ है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के मीडिया सलाहकार नरेंद्र सलूजा ने इस पर तंज कसते हुए ट्वीट किया ‘ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नए OSD, मीडिया सलाहकार के उच्च विचार..? इससे शिवराज जी का मोदी प्रेम साफ झलक रहा है..?

कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा का ट्वीट

वही सामाजिक कार्यकर्ता और वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अजय दुबे ने भी अपने फेसबुक अकाउंट पर नए नवेले ओएसडी तुषार पांचाल के इस ट्वीट को पोस्ट करते हुए लिखा ‘मध्यप्रदेश सरकार के नए सलाहकार तुषार सोशल मीडिया पर छा गए 😀’

सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे का फेसबुक पोस्ट

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल सोशल मीडिया के एक्सपर्ट और बीते 6 सालों से उनके साथ उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स को चलाने वाले तुषार पांचाल को संविदा आधार पर नियुक्ति प्रदान करवाई है। हालांकि पहले से भी मुख्यमंत्री के पास सत्येंद्र खरे OSD के पद पर कार्यरत हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मोदी विरोधी को अपना एचडी बनाए जाने पर मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने तंज कसते कहा कि जिस प्रकार से शिवराज जी मोदी के विरोध में अपनी नई टीम तैयार कर रहे हैं इससे यह जाहिर होता है कि मोदी जी के बहुत ज्यादा ‘अच्छे दिन’ अब पार्टी में बचे नहीं हैं क्योंकि कुछ अच्छे दिनों को कम करने का ठेका तो योगी जी पहले ही ले चुके है।

हनीट्रैप की पेन ड्राइव पर बुरे फंसे कमलनाथ, SIT ने भेजा नोटिस, कांग्रेस की बोलती बंद

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने कुछ बयान पर फंसते नजर आ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि हनीट्रैप प्रकरण की पेनड्राइव उनके पास है।

बीती 21 मई को कमलनाथ ने उज्जैन की एक पत्रकार वार्ता में यह दावा किया था कि हनीट्रैप प्रकरण की पेन ड्राइव उनके पास है जिस पर प्रदेश सरकार ने उनके ऊपर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है इसी क्रम में एसआईटी ने कमलनाथ को नोटिस भेजकर 2 जून को पूछताछ के लिए उनके बंगले आने की बात कही है।

आपको बता दें कि प्रदेश में कमलनाथ की सरकार के समय हनीट्रैप प्रकरण उजागर हुआ था जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों राजनेताओं और बड़े लोगों के नाम सामने आए थे जिस पर सरकार ने एक एसआईटी का गठन करके इसकी निष्पक्ष जांच कराने की बात कही थी लेकिन कमलनाथ सरकार गिर जाने के बाद इसकी जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी।

पूर्व मंत्री उमंग सिंगार पर अपनी महिला मित्र को आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज होने के बाद विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि उनके पास हनीट्रैप प्रकरण की पेनड्राइव है अगर उन्हें सरकार को ब्लैकमेल करना होता तो वह कब का कर चुके होते जिसके बाद प्रदेश की राजनीति अचानक से गर्म आ गई और अब एसआईटी के जांच अधिकारी शशिकांत चौरसिया ने कमलनाथ को उस पेनड्राइव को देने का नोटिस जारी किया है जिसकी बात कमलनाथ ने पत्रकार वार्ता और विधायक दल की बैठक में कही थी।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश युवा कांग्रेस की बैठक ली

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोरोना काल के दौरान युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने युवा कांग्रेस के किए गए कार्यों की सराहना भी की। साथ ही युवा कांग्रेस से जोड़ने, बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन और कोरोना काल में दिवंगत हुए लोगों के परिवार को न्याय दिलाने के बारे में विस्तृत चर्चा कर दिशा निर्देश दिए है।

वहीं प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भुरिया ने कमलनाथ के निर्देशासनुसार कार्ययोजना तैयार कर सभी पदाधिकारियों को संगठन कार्य और सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरुद्ध कमर कसने के निर्देशित दिए है।

इस बैठक में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मनीष चौधरी, एकता ठाकुर, प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी, सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष चंचलेश व्यास उपस्थित थे।

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने का पोस्टर हुआ वायरल

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मध्य प्रदेश में कोरोना और ब्लैक फंगस के कहर के बीच बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के विदेश जाने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सिंधिया चार दिन ही पहले प्राइवेट जेट से दुबई के लिए रवाना हो गए है। जिसके बाद ग्वालियर में एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें जगजीत सिंह द्वारा गाई मशहूर गजल “चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वह कौन सा देश, जहां तुम चले गए” लिखा हुआ है।

बता दे कि इस पोस्टर को ग्वालियर से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने भी साझा किया है। पाठक ने शायराना अंदाज में तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘मत ढूंढो इन्हें संकट के समय मध्य प्रदेश में, सिंधिया जी अपने निजी कार्यों से हैं विदेश में। अपने शहर में जब सब कुछ सामान्य हो जाएगा, इनका कारवाँ तभी यहाँ आएगा। आप तो बैठिए दुबई, जनता है भरोसे राम के, अभी चुनाव थोड़ी है अभी आम लोग आपके क्या काम के।’

प्रदेश की समस्त जनता को निवेदक बताने वाले इस पोस्टर में लिखा गया है कि, ‘महाराज कहां हो आप? भारतीय जनता पार्टी की सरकार मौत के आंकड़ें छिपा रही है। आपके उसूलों पर आंच कब आएगी, आप सड़क पर कब उतरेंगे?’ इसी के साथ 80 के दशक का मशहूर गजब चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गए लिखा हुआ है।

वहीं कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘जनता चौखट से बाहर निकले तो डंडा, —और ये महाराज बहादुर दुबई की सैर पर..? शिवराज जी, आपके नेताओं को जनता से कोई सरोकार क्यों नहीं बचा..?भारत में उतरने को सड़कें थीं कम, इसलिये दुबई में जनसेवा करेंगे हम।’

दरअसल सिंधिया के विदेश जाने की बात सामने आने के बाद लोगों के मन में एक यह सवाल भी है कि जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगे हुए हैं तो सिंधिया दुबई कैसे गए? दरअसल, एयर बबल के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चल रही हैं। इस व्यवस्था के तहत चयनित देशों के बीच द्विपक्षीय विमानों का संचालन हो रहा है।

कमलनाथ के ऊपर हुई FIR का पूरे मध्यप्रदेश में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी तरीके से किया विरोध प्रदर्शन

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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के एक बयान को आधार बना कर भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने कल भोपाल क्राइम ब्रांच में एक ज्ञापन सौपा,जिसके बाद शिवराज सरकार के इशारे पर कमलनाथ जी के ऊपर एक मुकदमा दर्ज कर लिया जाता है। इसके विरोध में आज मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में गांधीवादी तरीके से अपना विरोध प्रदर्शित किया।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने अपने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कोरोना गाइडलाइन का पालन कर अपने जिले/विधानसभा/ब्लॉक में गांधीजी या अंबेडकरजी की प्रतिमा/चित्र के सामने धरना देने को कहा। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने कोरोनो गाइडलाइन का पालन करते हुए काली पट्टी बांध कर धरना दिया।

विक्रांत भूरिया झाबुआ जिले में गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। डॉ भूरिया ने शिवराज सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कमलनाथ पर हुए FIR को तत्काल वापस लेकर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान पर FIR किये जाने की मांग की है। उन्होंने कहा की सरकार पूरे प्रदेश में कोरोना महामारी में लाखो मृतको की जिम्मेदार है।

वहीं भोपाल में युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल के साथ क्राइम ब्रांच थाने जा कर शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर शिवराज चौहान पर FIR की मांग की है। विवेक त्रिपाठी ने बीजेपी पर घ्रणित राजनीति करने का आरोप लगाया है। त्रिपाठी ने सवाल पूछा की जो भाजपा के नेता और विधयाक कल कमलनाथ पर fIR करवाने थाने आगये थे वे अस्पतालों की मनमाने बिलो की शिकायत ले कर,रेमडीसीवेर इंजेक्शन,ऑक्सीजन,की काला बाजारी,या हमीदिया हॉस्पिटल से चोरी गए इंजेक्शन के मामले में थाने क्यों नही गए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पे राजनीति का आरोप लगाने वाले बीजेपी के नेता पहले अपने गिरेबान देखे। त्रिपाठी ने कहा की कमलनाथ पर FIR करना शिवराज सरकार की विपक्ष को दबाने की कायराना हरकत है जिसका हम मुँह तोड़ जवाब देंगे।

कमलनाथ पर हुई एफआईआर के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ क्राइम ब्रांच को सौपा आवेदन

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मध्य प्रदेश में कोरोना से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस जहां सरकार पर लगातार वार कर रही है वहीं बीजेपी भी चुप बैठने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले में पूर्व सीएम कमलनाथ पर एफआईआर के बाद अब अब कांग्रेस सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी।

बता दे कि कांग्रेस ने प्रशासन से सीएम चौहान पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक आरिफ मसूद, पूर्व महापौर विभा पटेल, विधायक कुणाल चौधरी सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एफआईआर के लिए क्राइम ब्रांच में आवेदन सौंपा है।

वहीं शिवराज सिंह पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस क्राइम ब्रांच में शिकायती आवेदन सौंपेगी। तो दूसरी तरफ बीजेपी फिर आज दूसरे जिलों में कमलनाथ के खिलाफ सोमवार को एफआईआर दर्ज कराएगी।

कमलनाथ पर हुई एफआईआर के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेताओं में दिखा आक्रोश, शिवराज के खिलाफ खोला है मोर्चा

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मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के खिलाफ भोपाल में एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी को कोरोना संक्रमण से हुई अब तक की मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस इस मामले को लेकर अब सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाएगी।

बता दे कि पूरा कांग्रेस खेमा अब सक्रिय हो गया है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा है कि एफआईआर उन लोगों पर होनी थी जिनके कारण इतनी मौतें हुई है। उन्होंने कहा कि जनता के सामने सरकार का असली चेहरा आ रहा है। इसी को लेकर प्रदेशभर में मुख्यमंत्री के खिलाफ कांग्रेस केस दर्ज करवाएगी।

वहीं अरुण यादव ने ट्विटर पर ट्वीट किया है कि एफआईआर सीएम शिवराज की तिलमिलाहट को बताता है। उन्होंने लिखा कि सरकार ने मौत के हजारों आंकड़े छुपाए है। पूरी कांग्रेस कमलनाथ द्वारा सरकार पर लगाए आरोपों का समर्थन करती है.

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हुई एफआईआर

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मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के खिलाफ भोपाल की क्राइम ब्रांच पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। क्राइम ब्रांच ने धारा 188 और डिजास्टर मैनेजमेंट की धारा 54 की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

बता दे कि बीजेपी ने क्राइम ब्रांच को कमलनाथ के खिलाफ अपराध दर्ज करने का ज्ञापन सौंपा था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि कमलनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस में कोरोना को इंडियन वैरिएंट कहकर देश की छवि को धूमिल करने का काम किया है।

दरअसल पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए कहा था। कमलनाथ ने सरकार पर कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा छिपाने का सरकार पर आरोप लगाया था।

पूर्व सीएम कमलनाथ की शिकायत करने पहूंची बीजेपी प्रतिनिधि मंडल

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मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के बयान के खिलाफ रविवार को भोपाल में बीजेपी प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन सौपा है। भोपाल के एएसपी ने कहा कि थाना प्रभारी को ज्ञापन दिया गया है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि कमलनाथ ने कोरोना को लेकर शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि दुनियाभर में देश की पहचान इंडियन कोरोना के नाम से बन गई है। इसी बयान के बाद राजनीति गर्मा गई जिसके चलते आज उनके खिलाफ ज्ञापन सौपा गया है।

कमलनाथ ने ये भी कहा था कि इसकी शुरुआत चीनी कोरोना से हुई थी। अब यह भारतीय वेरिएंट कोरोना है। आज भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कोविड-19 के भारतीय संस्करण से डरते है। और हमारे ही देश के वैज्ञानिक इसे भारतीय संस्करण कह रहे है। सिर्फ बीजेपी के सलाहकार ही नहीं मान रहे।

उन्होंने मौत के आकड़ो पर कहा कि मैंने गणना की है, अखबारों में 26 जिलों की जानकारी थी और बाकी जिलों से जानकारी जुटा रहा हूं । मार्च और अप्रैल में दाहगृहों में लगभग एक लाख 27 हजार शव पहुंचे थे। उन्होंने ये दावा किया कि इनमें से 80 फीसदी लोगों की मौत कोविड की वजह से हुई थी।

कमलनाथ ने बीजेपी को कहा कोविड माफिया

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ शनिवार को उज्जैन के दौरे पर है। यहां उन्होंने बाबा महाकाल के शिखर दर्शन किए। इस दौरान कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा और बीजेपी को कोविड माफिया बताया।

कमलनाथ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूरा प्रदेश इस महामारी में शासन भरोसे नहीं भगवान भरोसे है। ऐसे में मंत्रायल और कार्यालय में जाने से कुछ नहीं होने वाला है। उन्होंने आगे कहा कि भारत पूरे विश्व में बदनाम हो रहा है। कोरोना चीनी वायरस था लेकिन आज विश्व में लोग इसे इंडियन वैरियंट कह रहे है।

उन्होंन कहा कि सरकार कोरोना से नहीं आलोचना से लड़ रहे है। सरकार आज कोविड मैनेजमेंट में नहीं बल्कि इमेज मैनेजमेंट में लगी है। आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार लाशों को दबाने और छिपाने की राजनीति न करें, कितनी लाशें श्मशान घाट और कब्रिस्तान में आई सरकार इसकी रिकॉर्ड दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 80 फीसदी मौतें कोरोना से हुई है।