शुक्रवार, जनवरी 22, 2021
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महबूबा मुफ्ती का भाजपा पर हमला, बोलीं- इनके साथ वही होगा जो ट्रंप के साथ हुआ


पीडीपी प्रमुख और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, “मैं तेजस्वी को बधाई देना चाहूंगी कि इतना छोटा होने के बावजूद, विपक्ष में होने पर उसने नेरेटिव सेट किया रोटी, कपड़ा, रोजी, मकान और इनकी 370, 35ए, जमीन खरीदो नहीं चला। आज इनका वक्त है, कल हम सबका वक्त आएगा और वही होगा जो ट्रंप के साथ हुआ है।”

Magsaysay awardee claims he was put under house arrest by UP police over J&K protest


By: Talat Mohsin

On Sunday , Magsaysay award winning social activist Sandeep Pandey claimed that he , along with his wife and fellow activist Arundhati Dharu ,was put under house arrest in his Lucknow home. He alleged that it was done to keep them from organising a protest to express solidarity with the people of Kashmir. However, according to the couple, the “house arrest” was lifted after a short time.

Mr Pandey was originally supposed to lead the protest at the GPO park on Sunday evening. According to the reports published by the news agency IANS-“All of a sudden, the police arrived at our residence in four vans and told us that we cannot stage the demonstration because of prohibitory orders that would be in place until Independence Day. So I told them that we will stage our demonstration after the orders are lifted. But they remained standing outside my house not allowing anybody to enter or leave the house.”

Meanwhile, District Magistrate Kaushal Raj Sharma denied all the allegations. He said that the police had only asked Mr Pandey to shift the venue from Gandhi statue in Hazratganj to Eco gardens. Senior Superintendent of Police SSP Kalanidhi Naithani also denied the charges.

The protest march was held to oppose the center’s decision to nullify Article 370 in Jammu and Kashmir and turning it and Ladakh into union territories.

Pandey had won the Ramon Magsaysay award in 2002 in the emergent leadership category. But he later returned the cash received due to disapprovals of the fact that they were funded by the Ford Foundation, a US based organisation.

कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के मुद्दे पर भाजपा के समर्थन में खड़ी हुई बसपा

bsp chief mayawati

बहुजन समाज पार्टी के सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के मोदी सरकार के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए आज संसद में कहा कि हम इसका समर्थन करते हैं क्योंकि इसकी अवधि खत्म हो रही है।

बता दें की कांग्रेस के साथ कई विपक्षी दलों ने कश्मीर में लड़े राष्ट्रपति शासन को बढ़ाने का विरोध करते हुए कहा था कि कश्मीर में बड़ी हिंसा के लिए भाजपा और पीडीपी गठबंधन जिम्मेदार है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर कश्मीर में शांतिपूर्वक लोकसभा चुनाव हो सकते है तो विधानसभा क्यों नही ?

शाह ने लोकसभा में रखा कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का प्रस्ताव, कांग्रेस ने दिया जवाब


ग्रह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में जम्मू कश्मीर में लगे राष्ट्रपति शासन को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव रखते हुए शाह ने कहा ” मेरा प्रस्ताव है कि 20 दिसंबर से जम्मू-कश्मीर में लगे राष्ट्रपति शासन को 6 महीने के लिए और बढ़ाना चाहिए।”

इसके साथ ही शाह ने कहा कि रमज़ान और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को देखते हुए इस साल के अंत तक कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते है।

कांग्रेस ने किया प्रस्ताव का विरोध

गृहमंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में पेश किए गए इस प्रस्ताव का कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने विरोध करते हुए कहा कि “कश्मीर में आज यह हालत हो गयी है कि हर 6 महीने में वहां राष्ट्रपति शासन बढ़ाना पड़ रहा है। इसका कारण 2015 में भाजपा और पीडीपी के बीच हुआ गठबंधन है।”

तिवारी ने आगे कहा कि आतंकवाद के खिलाफ आपकी इस लड़ाई में हम आपके साथ है लेकिन आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में आप तभी जीत सकते हो जब लोग आपके साथ हों।

लोकसभा चुनाव हो सकते है तो विधानसभा चुनाव क्यों नही ? : तिवारी

शाह द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए तिवारी ने कहा कि अगर कश्मीर में शांतिपूर्वक लोकसभा चुनाव करवाए जा सकते है तो फिर विधानसभा चुनाव क्यों नही ?

CRPF Jawan Injured by Grenade thrown at Camp in Pulwama


The violence in the valley doesn’t seem to stop. Militants fired a grenade at the camp, injuring a personnel of the force who was guarding the camp, officials said, adding that an under-barrel grenade launcher bullet was fired at the Tral-based camp of the 180th battalion of the Central Reserve Police Force.

The recent times has seen an increase in the violence incidences in Pulwama. Earlier this month, four Lashkar-e-Taiba terrorists were killed in an encounter between militants and security forces in the Jammu and Kashmir district. Three security personnel were injured in the incident. In March, one of the three militants killed in an encounter in Kulgam district also had plans to carry out a suicide attack similar to the February 14 Pulwama terror strike. Luckily, their plan failed.

Major Martyred While Trying to Defuse IED Near LoC in Nowshera


The news is horrifying as just 2 days have passed and we get another news of terrorist attack attempt. Major Chitresh Singh Bisht received martyrdom when he was diffusing a landmine. A soldier also received serious injuries and is admitted to the hospital.

Defence Ministry spokesman Lieutenant Colonel Devender Anand said, “At about 3 p.m. today during sanitization of a track in Naushera Sector, mines were detected on the track.

“Major Chitresh Singh Bisht, leading a bomb disposal team, defused one of the mines successfully. While neutralizing another mine, the device got activated and the officer suffered grievous injuries and attained martyrdom,” said the spokesman.

Major Bisht, 31, belonged to Dehradun in Uttarakhand and is survived by his parents. May the brave soul rest in peace.

Pulwama attack: 44 soldiers martyred on the day of love


On valentine’s day, like every normal being, everyone expects peace and love except few animals in human skins. 44 of our brave soldiers lost their lives in Pulwama district due to a coward terrorist strike. It is the biggest terrorist attack after Uri. India responded bravely after Uri incident with surgical strike to avenge the deaths of its soldiers.

The terror strike took place when an explosive-laden vehicle crashed into CRPF convoy. There were 70 vehicles in the convoy and one of the vehicles came under attack. Two buses were targeted in an high-intensity IED blast. CRPF DG RR Bhatnagar has informed that there were 2500 personnel in the convoy. “Senior officers are currently at the spot, the investigation is underway. Injured being taken care of,” Bhatnagar told ANI.

The bus in which security personnel were travelling was blown up by an improvised explosive device explosion on Srinagar-Jammu highway in Awantipora. The blast was followed by gunshots by terrorists. The attack happened in Goripora area of Awantipora in district Pulwama.

Terrorist organisation Jaish-e-Mohammad has claimed responsibility for the attack. India appeals countries to list Masood Azhar a designated terrorist. Cabinet Committee on Security to meet tomorrow. Meanwhile, Indian government also removed Pakistan’s tag of the Most Favoured Nation (MFN).

Life gone can never be returned. Let’s mourn for the martyrs and make the terrorist and terrorist supporting nations pay for their acts.

सेना के जवानों के साथ कश्मीर में हुए बेहद घटिया बर्ताव के वायरल वीडियो के पीछे का सच।


सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में सेना के कुछ जवानों के साथ कश्मीर में बेहद बुरा बर्ताव हो रहा है लेकिन जवान धैर्य के साथ हर बदतमीजी को सहन करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में भीड़ जवानों पर नफरत का गुबार निकाल रही है लेकिन हमारे शूरवीर पलट कर कुछ भी नहीं कर रहे हैं. वीडियो के जरिए दावा है कि देश के जवानों के साथ ये बर्ताव कश्मीर में हो रहा है।

इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए न्यूबज़्ज़ इंडिया ने इस वीडियो की पड़ताल की. पड़ताल में सामने आया कि ये वीडियो 9 अप्रैल का है. जो श्रीनगर के बाहरी हिस्से पुलवामा का हैं. 9 अप्रैल को कश्मीर में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स यानि सीआरपीएफ के जवान राज्य में हुए उपचुनाव में चुनाव सुरक्षा ड्यूटी करने के बाद अपने बैरक में लौट रहे थे. इसी दौरान कश्मीर के युवकों ने उनके साथ ये बर्ताव किया.

इस पूरे मामले पर कश्मीर वैली में सीआरपीएफ के पीआरओ ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि जवानों का संयम उनके शौर्य के बराबर है.
जवान देश की रक्षा के लिए हैं अपमान का घूंट पीने के लिए नहीं लेकिन कश्मीर जैसे संवेदनशील जगह पर शांति बनी रहे इसलिए हमारे देश के जवान अदम्य साहस के साथ अटूट धैर्य का परिचय देते हैं.

सीआरपीएफ मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इतनी भीड़ पर गोली नहीं चलायी जा सकती थी,चलती तो कुछ भी हो सकता था. भारत अपने सुरक्षाबलों को दुश्मन पर वार करना सिखाता है अपने लोगों पर नहीं. शायद स्थानीय लोगों के ये बात समझ में नहीं आती है.


‘मोदी के रहते भारत-पाक रिश्तों के सुधरने की कोई उम्मीद नहीं।’


NewBuzzIndia:  सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि मोदी जब तक भारत के वजीर-ए-आजम रहेंगे, तब तक भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधर नही सकते।

अजीज ने कहा कि पाकिस्तान की संसद ने सर्वसम्मति से भारत के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें कश्मीर में ‘बर्बरता’ की निंदा, सिंधु जल समझौते को रद्द करने की भारत की धमकी की निंदा और बलूचिस्तान में भारत के हस्तक्षेप भारत द्वारा नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन, भारत द्वारा कश्मीर को अभिन्न अंग मानने को नकारना जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अजीज ने आरोप लगाया कि कश्मीर हिंसा से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भारत ने उरी में खुद ही हमला कराया, लेकिन इससे कश्मीर में हुई बर्बरता को छिपाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भारत के आधिपत्यवादी रुख का पाकिस्तान विरोध करता रहा है और बराबरी के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की मांग करता रहा है। अजीज ने कहा कि पाकिस्तानी संसद के निंदा प्रस्ताव का मकसद दुनिया को यह बताना है कि पूरा पाकिस्तान भारतीय आक्रमण के खिलाफ एकजुट है।

भारत के केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा साल 2018 तक पाकिस्तान से लगी भारत की सीमा को पूरी तरह सील कर दिए जाने के एलान पर अजीज ने कहा कि अगर लोगों की आवाजाही व व्यापारिक संबंध बरकरार रहा, तो पाकिस्तान-भारत सीमा को सील कर देने में कोई बुराई नहीं है।

बड़ी खबर: नही माने आतंकी, बारामूला में सेना पर हुआ आत्मघाती हमला! 


Newbuzzindia: उरी अटैक का बदला भारत ने अभी कुछ दिन पहले ही लिया है और उम्मीद थी की अब कुछ दिन तक आतंकवादी बिल में छुप जाएंगे और किसी तरह की आतंक की घटना को अंजाम नही देंगे। पर हुआ इसके बिलकुल विपरीत।

पाकिस्तान की ओर से आतंकियों के द्वारा सेना के कैंप पर आत्मघाती हमला किया गया है। बताया जा रहा है कि यह हमला सेना के राष्ट्रीय राइफल कैंप पर किया गया है। इस हमले में दो जवान घायल हो गए है तो वहीँ एक जवान की हालत गंभीर बतायी जा रही है।

आतंकियों और सेना के बीच लगातार मुठभेड़ और गोलीबाजी जारी है। सूत्रों के मुताबिक सेना ने आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन छेड़ दिया है साथ ही इंडियन आर्मी की क्विक आपरेशन टीम ने भी अपनी जगह ले ली है।