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गौरक्षा के नाम पर मॉबलीचिंग या हिंसा बर्दाश्‍त नहीं : कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमारी सरकार गौरक्षा करने में सक्षम। हम ना गौमाता को सड़क पर तड़पने देंगे ना उस पर किसी को अत्याचार करने देंगे। हमने गौवंश की रक्षा के लिये 1000 गौशालाएँ प्रदेश में खोलने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने हाल ही में गौवध करने वालों पर भी कड़ी कार्यवाही की है। लेकिन हमारी सरकार में गौरक्षा के नाम पर वसूली व गुंडागर्दी का खेल नहीं चलेगा। नाथ ने कहा कि गौरक्षा व गौमाता के नाम पर मॉबलीचिंग या किसी भी प्रकार की हिंसा व गुंडागर्दी की घटनाएँ प्रदेश में बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व गुना में गोरक्षा के नाम पर तथाकथित गोरक्षकों की गुंडागर्दी व तोड़फोड़ की घटना सामने आयी है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को गम्भीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन से ली जानकारी। पुलिस ने ख़ुद बैल व बछड़ों से भरे एक ट्रक को पकड़ा। उस पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्यवाही की। कुछ युवक ख़ुद को गौरक्षक बताते हुए पहुँचे। माहौल ख़राब करने की कोशिश की।उन्होंने हंगामा किया, तोड़फोड़ व गुंडागर्दी की। क़ानून हाथ में लेने की कोशिश की। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी भी पूर्व में ऐसे लोगों पर कड़ी कार्यवाही का कह चुके है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि यदि किसी के पास गौ तस्करी या गौवध की सूचना है तो वह ज़िम्मेदार प्रशासन के अधिकारी को जानकारी दे।हमारी सरकार ऐसे लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करेगी। किसी को बख्शेगी नहीं।लेकिन क़ानून हाथ में लेने की किसी को इजाज़त नहीं देगी।गौरक्षा के नाम पर कुछ असामाजिक तत्वों का वर्षों से चल रहा वसूली व गुंडागर्दी का खेल अब नहीं चलेगा। पिछले 15 वर्षों में गौवंश की रक्षा के लिये क्या क़दम उठाये गये, यह सभी जानते है। उन्होंने प्रदेश के डीजीपी को कहा है कि जो गौ तस्करी व गौ अत्याचार रोकने में जो क़ानून सम्मत तरीक़े से मदद करते है,जानकारी देते है,ऐसे लोगों को छोड़कर गौ रक्षा के नाम पर वसूली व गुंडागर्दी का खेल खेलने वालों को क़तई बख़्शा नहीं जाए। इस आड़ में माहौल ख़राब करने की कोशिश करने वालों को बख़्शा नहीं जावे। ऐसे लोगों की ज़िलावार सूची बनायी जाये।

प्रत्येक पात्र किसान का ऋण माफ होः कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना में पात्र प्रत्येक किसान का ऋण माफ हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकाला गया है, वे बगैर किसी भय के सामने आयें, सरकार उन्हें न्याय दिलायेगी और दोषियों को दंडित करेगी। श्री नाथ आज मंत्रालय में फसल ऋण माफी योजना की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सहकारिता एवं सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती एवं वित्त, कृषि और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि फसल ऋण माफी योजना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ हर उस किसान को मिलना चाहिए, जो योजना की परिधि में शामिल हैं। उन्होंने किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकालने के प्रकरणों पर नाराजी व्यक्त की। उन्होंने किसानों से अपील की कि अगर उनके नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकाला गया है तो वे निर्भय होकर बतायें, सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिये कि फर्जी ऋण प्रकरणों के मामलों को गंभीरता से लें और इसकी सूक्ष्मता से जाँच करवायें। जो भी दोषी पाया जाये उसके खिलाफ सख्त कार्रावाई की जाये।

बैठक में बताया गया कि ऋण माफी योजना में 50 लाख 61 हजार आवेदन भरे गए हैं। इसमें से 45 लाख 9 हजार आवेदन ऑनलाइन किये गये हैं। ऋण माफी की यह प्रक्रिया 22 फरवरी तक पूरी हो जायेगी और किसानों के खाते में राशि पहुँचना शुरू हो जायेगी। योजना में लघु एव सीमांत किसानों के ऋण प्राथमिकता में माफ किये जायेंगे।

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अल्पसंख्यक अधिवेशन में बोले राहुलः डरपोक है मोदी, मेरे सामने 5 मिनट नही टिक पाएंगे

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गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के जेएलएन स्टेडियम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अल्पसंख्यक अधिवेशन को संबोधित करते हुए आरएसएस, भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि वह प्रधानमंत्री मोदी को मेरे साथ बहस के लिए एक मंच पर खड़ा करें । मैं नरेंद्र मोदी जी से 5 साल से लड़ रहा हूं। मैं उन्हें अच्छी तरीके से जान गया हूं। नरेंद्र मोदी मेरे साथ बहस में 5 मिनट टिक नहीं पाएंगे, भाग जाएंगे।

राहुल ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी डरपोक आदमी हैं, वह डरते हैं। मेरे सामने राफेल समेत किसी मुद्दे भी मुद्दे पर बहस में टिक नहीं सकते हैं। आरएसएस और उससे जुड़े लोग भी डरपोक और कायर हैं।

हमारे लाईव ब्ल़ॉग पर पढ़ें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अल्पसंख्यक अधिवेशन की सभी खबरें

कल भोपाल में राहुल की किसान रैली, लगे भावी प्रधानमंत्री के होर्डिंग

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भोपाल में कल होने वाली प्रस्तावित किसान रैली में हिस्सा लेने आ रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के स्वागत में लगाए गए होर्डिग में उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताया गया है। राजधानी के जम्बूरी मैदान में कांग्रेस ने शुक्रवार को किसानों की रैली आयोजित की है। रैली में हिस्सा लेने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी आ रहे हैं। वह यहां किसानों से संवाद करने के साथ उन्हें संबोधित भी करेंगे। राहुल के स्वागत में राजधानी के कई हिस्सों में होर्डिग और पोस्टर लगाए गए हैं। कांग्रेस के प्रदेश दफ्तर के बाहर लगा एक होर्डिग खासा चर्चा में है। इसमें उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताया गया है।

होर्डिंग लगाने वाले कांग्रेस प्रवक्ता शहरयार ने बुधवार को कहा, “राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने तीन राज्यों में जीत दर्ज की है। उन्होंने पटना की रैली में कांग्रेस के केंद्र में सत्ता में आने पर किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही। मध्य प्रदेश में किसानों का कर्ज माफी हो चुका है। देश का किसान व नौजवान उनकी ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है। राहुल गांधी देश के भावी प्रधानमंत्री हैं, देश की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। इसलिए उनका भावी प्रधानमंत्री के तौर पर स्वागत किया गया है।”

उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल को शिव और रामभक्त बताने वाले पेास्टर व होर्डिंग लगाए गए थे। अब उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताने वाला होर्डिंग लगाया गया है।

कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग ने की बैठक

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में राहुल गांधी जी की प्रस्तावित भोपाल यात्रा के सफल आयोजन के संबंध में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग की बैठक हुई। बैठक में राहुल गांधी की रैली में पिछड़ा वर्ग विभाग की ज़िम्मेदारी निभाने पर विचार किया गया। जिसमें सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने राहुल गांधी की रैली को सफल बनाने पर रणनीति तैयार की। बैठक में बताया कि मोटर साइकल तथा ऑटो के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया जाएगा तथा लोगों को सभा स्थल तक लाया जाएगा,प्रचार प्रसार के लिए एक अलग टीम का गठन किया गया ।

महासचिव बनने के बाद पहली बार कांग्रेस दफ्तर पहुंचीं प्रियंका, रॉबर्ट वाड्रा पर बोलीं- दुनिया जानती है कि क्या हो रहा

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मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से ईडी के दफ्तर में तीन अफसर सवाल- जवाब कर रहे है। अपने पति रॉबर्ट को ईडी दफ्तर के गेट पर छोड़कर प्रियंका वहां से सीधे कांग्रेस मुख्यालय पहुंची और पदभार संभाला। मुख्यालय पहुंची प्रियंका को वहां पत्रकारों ने घेर लिया। कांग्रेस महासचिव बनने पर उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि राहुल जी ने ये जिम्मेदारी मुझे सौंपी है।

वहीं रॉबर्ट वाड्रा के सवाल पर प्रियंका ने कहा कि पूरी दुनिया को पता है कि क्या हो रहा है।
बता दें कि पेशी के लिए वाड्रा कल ही अमेरिका से लौटे हैं। वह लंदन में अपनी मां का इलाज करा रहे थे और फिर वहां से अमेरिका गए थे। मनी लॉन्ड्रिंग केस में वाड्रा को अग्रिम जमानत पर हैं।

वाड्रा ने गिरफ्तारी की आशंका के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। जिसपर कोर्ट ने 16 फरवरी तक गिरफ्तारी से राहत भी दी है। वाड्रा मोदी सरकार पर बदने की भावना से कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं तो बीजेपी कानून के राज की दुहाई दे रही है।

प्रियंका गांधी के पती रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ लंदन में संपति खरीद में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। यह प्रॉपर्टी 19 लाख पाउंड में खरीदी गई है। आरोपों के अनुसार भगोड़े हथियार कारोबारी संजय भंडारी ने इस प्रॉपर्टी को खरीदी और 2010 में इसे इसी कीमत पर वाड्रा को बेच दी। ईडी ने हाल में ही वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। इसी गिरफ्तारी के बाद वाड्रा पर शिकंजा कसने की अटकलें लगाई जा रही थीं।

11 फरवरी को इस शहर में रोड शो कर मिशन 2019 का आगाज करेंगी प्रियंका

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सक्रिय राजनीति में धमाकेदार एंट्री करने के बाद अब प्रियंका गांधी अब मिशन 2019 के लिए चुनाव प्रचार शुरु करने वाली है। मंगलवार को भाई राहुल गांधी के घर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में शिमिल हुई प्रयंका ने आगामी चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा की।

सूत्रों के अनुसार प्रियंका मिशन यूपी की शुरुआत लखनऊ में एक बड़े रोडशो के साथ करेंगी। जिसके लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी फरवरी को लखनऊ पहुंचेंगी।

मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ में प्रियंका गांधी सबसे पहले कांग्रेस मुख्यालय में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। जानकारों के अनुसार प्रियंका का यह रोडशो 2019 के लोकसभा चुनाव का आगाज होगा।

इससे पहले तक माना जा रहा था कि 10 फरवरी को प्रियंका लखनऊ जाएंगी, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के घर पर मंगलवार शाम को हुई बैठक में तय हुआ कि मिशन यूपी की शुरुआत प्रियंका 11 फरवरी से करेंगी।

प्रियंका गांधी के इलाहाबाद में 10 फरवरी को ही कुंभ में डुबकी लगाने की भी खबरें थीं, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

मंगलवार को ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने औपचारिक रूप से कांग्रेस की पहली बैठक में हिस्सा लिया। जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा कुछ और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस महासचिव के रूप में ताजपोशी के बाद राहुल के साथ प्रियंका ने पहली बार उत्तर प्रदेश में आगे की रणनीति बनाई। प्रदेश में वेंटिलेटर पर पड़ी कांग्रेस को प्रियंका के आने के नई ताकत मिली है और कार्यकर्ताओं में जोश आ गया है। उन्हें उम्मीद है कि भाई-बहन की इस जोड़ी से वे एक बार फिर दिल्ली में सरकार बनाएंगे। इसी जोश का परिणाम है कि उत्साही कार्यकर्ता उन्हें कई बार पोस्टर में दुर्गा के रूप में दिखा चुके हैं।

इस बैठक से ठीक पहले प्रियंका ने राहुल के घर के पीछे स्थित झुग्गी में पहुंचकर सभी को चौंका दिया। मंगलवार शाम को प्रियंका बैठक से पहले झुग्गी बस्ती में एक दिव्यांग बच्चे से मिलने पहुंची थीं। उन्होंने बच्चे से वादा किया है कि वे उसकी हर संभव मदद करेंगी। प्रियंका का ये अंदाज नया नहीं है। अपनी मां और भाई के संसदीय क्षेत्र अमेठी और रायबरेली में भी जब वे जाती हैं तो ऐसे ही आम लोगों की तरह उनसे बातें करतीं हैं। प्रियंका का यही अंदाज उन्हें खास बनाता है। प्रियंका के इस रूप को देखकर ही लोग उनमें उनकी दादी इंदिरा गांधी का अक्स देखते हैं।

भवानीपटना से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लाईवः चौकीदार चोर है, नवीन पटनायक रिमोट कंट्रोल है

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ओडिशा के भवानीपटना में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मैं यहां पर एक नेता के तौर पर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के रूप में आया हूं। यूपीए की सरकार ने ओडिशा के लिए बेहतर काम किया, ओडिशा के लोगों के हितों की रक्षा की। केंद्र की मोदी सरकार किसान और अदिवासी विरोधी है। किसानों के लिए 17 रुपये प्रतिदिन की राशि का ऐलान कर मोदी सरकार अपना पीठ थपथपा रही ही। मोदी जी उद्योगपति मित्रों को हजारों करोड़ बांट रहे हैं और किसानों को सिर्फ 17 रुपये दे रहे हैं। रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंच से राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और भारतीय जनता पार्टी, दोनो पर हमला बोला। राहुल ने कहा कि नवीन पटनायक जी और भाजपा आपसे आपकी जमीन छीनना चाहते हैं। कांग्रेस पार्टी, भूपेश बघेल, निरंजन पटनायक जी, ये सभी आदिवासियों की जमीन की रक्षा करेंगे। आपका जो हक है, चाहे वो जीमन हो या फिर आपका जंगल उसे हम दिलाएंगे।

लाईव ब्लाग पर पढ़े राहुल गांधी की भवानीपटना रैली की हर अपडेट

राहुल ने की तरीफ, गडकरी का पलटवार

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सोशल मीडिया पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा नेता नितिन गडकरी के ट्वीट्स काफी चर्चाओं में है। इन सब के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तंज कसते हुए गडकरी की तारीफ की है तो वहीं गडकरी ने राहुल को जवाब देते हुए नसीहत दे दी है। उन्होंने कहा कि मेरी हिम्मत के लिए मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं।


दरअसल केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने रविवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं से कहा है कि मैं कई ऐसे लोगों से मिला हूं जो कहते हैं कि हम भाजपा और देश के लिए अपना जीवन समर्पित करना चाहते हैं। मैं ऐसे लोगों से कहता हूं कि आप क्या कर रहे हैं? और आपके परिवार में और कौन लोग हैं? केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह उनसे पहले अपने घर की देखभाल करने के लिए कहते हैं क्योंकि जो अपना घर नहीं संभाल सकता, वह देश भी नहीं संभाल सकता है।


गडकरी ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि सबसे पहले अपना घर संभालें और अपने बच्चे और संपत्ति देखने के बाद ही पार्टी और देश के लिए काम करें। कुछ मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद पार्टी मुस्लिम समुदाय की प्रगति सुनिश्‍चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि जानकार मानते है कि गडकरी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए था इसके पहले भी वह मोदी के खिलाफ परोक्ष रूप से बयान दे चुके है।

इस बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर भाजपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री नितिन गडकरी के बयान को लेकर पीएम मोदी पर तंज कसा। राहुल गांधी ने कहा कि गडकरी जी, भाजपा में एक आप ही हैं जिनमें बोलना की हिम्मत है। उन्होंने गडकरी से राफेल सौदे में घोटाले और अनिल अंबानी के अलावा किसानों की दुर्दशा व संस्थाओं को निशाना बनाने को लेकर भी बयान देने को कहा है।

इसे लेकर अब भाजपा नेता गडकरी ने राहुल गांधी पर पटलवार किया है। गडकरी ने ट्वीट्स की एक श्रंखला में कहा कि राहुल गांधी जी, मेरी हिम्मत के लिए मुझे आप के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है लेकिन आश्‍चर्य इस बात का है की एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष होने बाद भी हमारी सरकार पर हमला करने के लिए आपको मीडिया द्वारा ट्विस्ट किए गए खबरों का सहारा लेना पड़ रहा है।

गडकरी ने कहा कि यही मोदी जी और हमारे सरकार की कामयाबी है की आप को हमला करने के लिए कंधे ढूंढने पड़ रहे हैं। रही बात आपके उठाए गए मुद्दों की तो मैं डंके की चोट पर कहता हूं की राफेल में हमारी सरकार ने देश हित सामने रख कर सबसे पारदर्शक व्यवहार किया है।
इसी के साथ केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पार्टी और उसकी नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आपकी नीतियों ने किसानों को जिस बदतर स्थिति में खड़ा किया उससे उनको बाहर निकालने की ईमानदार कोशिश मोदीजी कर रहे हैं और हम इसमें कामयाब भी हो रहे है। आप समेत कुछ लोगों को मोदीजी का प्रधानमंत्री बनना सहन नहीं हो रहा इसलिए आपको असहिष्णुता व संवैधानिक संस्थाओं पर हमले का सपना आता है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिल्ली में की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की है।

अगर प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बनारस से चुनाव लड़ेंगी तो क्या होगा ?

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राजनीति में प्रियंका गांधी की औपचारिक सक्रियता की घोषणा के बाद भी उनके बारे में अटकलों का दौर खत्म नहीं हुआ है। प्रियंका को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी महासचिव बनाने के अलावा उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी नियुक्त किया है। पूर्वांचल का प्रभार प्रियंका गांधी को देने के बाद से यह अटकल जोर पकड़ रही है कि वे लोकसभा चुनावों में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं।

वाराणसी या बनारस को पूर्वांचल की राजनीति का केंद्र माना जाता है। यहां की राजनीति का असर न सिर्फ पूर्वांचल बल्कि बिहार की कुछ लोकसभा सीटों पर भी होता है। यही वजह थी कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बनारस की सीट को चुना था। पूर्वी उत्तर प्रदेश की 40 लोकसभा सीटों में से अधिकांश पर भारतीय जनता पार्टी को 2014 में कामयाबी हासिल हुई थी। भाजपा ने नरेंद्र मोदी के बनारस से लोकसभा चुनाव लड़ने को इसकी एक प्रमुख वजह के तौर पर पेश किया था।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रियंका गांधी को बनारस से चुनाव लड़ाने की बात चल रही है। इस बारे में बनारस के कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी प्रियंका गांधी से औपचारिक अपील करके उनसे इस सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। बनारस के कुछ कांग्रेस नेताओं की मानें तो आने वाले दिनों में यहां के कुछ प्रबुद्ध लोगों और मुस्लिम समाज की ओर से भी प्रियंका गांधी से लोकसभा चुनाव लड़ने की अपील की जा सकती है।

कांग्रेस आलाकमान की ओर से अब तक ऐसा संकेत नहीं दिया गया है कि प्रियंका गांधी बनारस से चुनाव लड़ सकती हैं। लेकिन, जमीनी स्तर से जो सूचनाएं मिल रही हैं उनसे यही लगता है कि पार्टी इसकी तैयारी पूरी कर रही है कि अगर प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ना पड़े तो उस वक्त कोई दिक्कत नहीं आए।

ऐसे में सवाल उठता है कि अगर प्रियंका गांधी वाराणसी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ती हैं तो इसके क्या राजनीतिक मायने होंगे। इससे पूरे चुनावी परिदृश्य पर क्या असर पड़ सकता है? जो लोग बनारस से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की वकालत कर रहे हैं, उनका कहना है कि इससे न सिर्फ पूरे पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर सकारात्मक असर पड़ेगा बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी पार्टी को इससे फायदा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों राज्यों में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा संकट यही है कि उसके कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार घटी है और नतीजतन पार्टी का सांगठनिक ढांचा कमजोर हुआ है। जो लोग पार्टी में हैं भी, वे भी सिर्फ पार्टी के नाम पर चुनावी जीत हासिल करने की उम्मीद कम ही रखते हैं। स्थानीय नेताओं के मुताबिक ऐसे में प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने की खबर भर से जमीनी कार्यकर्ताओं में उत्साह का जो माहौल बना है वह उनके वाराणसी से चुनावी मैदान में उतरने से और तेजी से बढ़ सकता है।

प्रियंका गांधी के नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनावी मैदान में उतरने का दूसरा असर यह होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर नरेंद्र मोदी बनाम प्रियंका गांधी का विमर्श खड़ा हो जाएगा। कांग्रेस इस विमर्श को आगे नहीं भी बढ़ाना चाहेगी तब भी यह विमर्श चल पड़ेगा। इससे भाजपा और उसके सहयोगी दलों का वह विमर्श फीका पड़ सकता है जिसमें वे 2019 के लोकसभा चुनावों को नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी करके विकल्पहीनता को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाते हुए नरेंद्र मोदी के पक्ष में गोलबंदी करना चाहते हैं। नरेंद्र मोदी के सामने प्रियंका गांधी के उतरते ही आम लोगों में चाहे-अनचाहे यह संदेश चला जाएगा कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी भी एक सशक्त विकल्प हैं।

वाराणसी से नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी के चुनाव में उतरने का एक असर यह भी हो सकता है कि मोदी को वाराणसी में ही उलझाकर रखने के मकसद से सपा-बसपा गठबंधन इस सीट पर अपना उम्मीदवार न उतारे। पहले भी इस गठबंधन ने राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी में और सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली में उम्मीदवार न उतारने की घोषणा कर दी है। ऐसे में अगर प्रियंका बनारस से चुनाव लड़ती हैं और सपा-बसपा अपना उम्मीदवार नहीं उतारते हैं तो नरेंद्र मोदी के लिए यह सीट आसान नहीं रहेगी। तब नतीजा किसी भी ओर जा सकता है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो प्रियंका गांधी अगर बनारस से लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के खिलाफ उतरती हैं तो इससे न सिर्फ इस सीट पर रोचक चुनावी संघर्ष देखने को मिलेगा, बल्कि इसका असर पूरे उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा।

(सत्याग्रह के लिए हिमांशु शेखर द्वारा लिखे गए आलेख के संपादित अंश साभार)

राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद संभालने के लिए सक्षम और योग्य: तेजस्वी यादव

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बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजश्वी यादव ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी में देश के प्रधानमंत्री बनने की सारी खूबियां है।

कांग्रेस द्वारा आज पटना में आयोजिय जन आकांशा रैली में तेजश्वी ने कहा कि राहुल गांधी पीएम का पद संभालने में सक्षम और योग्य हैं

राजद नेता ने दोहराया कि आगामी लोकसभा चुनाव में सभी समान विचारधारा वाले दलों को भारतीय जनता पार्टी और एनडीए को हराने के लिए एकजुट होना चाहिए।

तेजश्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान किए गए सभी वादों को भूल गए और उनमें से किसी को भी पूरा करने में विफल रहे।

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