Wednesday, August 10, 2022
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Zee News ने पहले चलाई राहुल गांधी पर फेक न्यूज़, अब मांगनी पड़ी माफी

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फेक न्यूज फैलाने के एक मामले को लेकर जी न्यूज एक बार फिर विवादों में है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जुड़े इस मामले पर अब जी न्यूज ने माफी भी मांग ली है।

शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में पहुंचे थे। जहां कांग्रेस दफ्तर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। हमलावरों को लेकर पूछे जाने पर राहुल गांधी ने हिंसा का जवाब अहिंसा से देते हुए कहा कि मैं उन्हें बच्चा समझता हूं। राहुल ने आगे कहा कि , ‘जिन लड़कों ने उनके ऑफिस में तोड़-फोड़ की वो बच्चे हैं। ये अच्छा नहीं है, लड़कों ने गैर-ज़िम्मेदाराना हरकत की है।’
जिसके बाद जी न्यूज ने इस वीडियो क्लिप को उदयपुर हत्याकांड को लेकर राहुल की प्रतिक्रिया के रूप में प्रसारित किया। जी न्यूज के डीएनए कार्यक्रम के दौरान एंकर रोहित रंजन कहते हैं, ‘इस बर्बरता को देश का हर वर्ग सीधे-सीधे कह रहा है कि ये ग़लत है और इसको कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। राहुल गांधी विपक्ष के सबसे बड़े नेता हैं और उनका कहा सबके सामने बहुत मायने रखता है। लेकिन राहुल गांधी अगर उन आरोपियों को बच्चा कह रहे हैं तो फिर सोचिये कि ये आगे क्या सन्देश लेकर जाता है…क्या कन्हैया को मारने वाला, बेरहमी से उसका क़त्ल करने वाला बच्चा था?’

इसके बाद बीजेपी के सांसद, विधायक और मंत्री इस झूठे वीडियो को प्रचारित करने लगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने लिखा कि, ‘ सुनिए आतंकी इनके लिए बच्चे हैं, कल इन्हें मासूम कहेंगे, परसों इनके समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।’ इसी तरह कई जिम्मेदार लोगों ने कांग्रेस और राहुल के खिलाफ दुर्भावना से ग्रसित ट्वीट किया। हालांकि, थोड़े ही देर में इसका सच सामने भी आ गया।

इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स जी न्यूज समेत अन्य बीजेपी नेताओं को आइना दिखाने लगे। झूठ का भंडाफोड़ होते ही जी न्यूज ने अगली सुबह माफी मांग ली। वहीं नेताओं ने ट्वीट डिलीट कर लिए। एंकर राहुल रंजन ने कहा कि ये एक मानवीय भूल थी, जिसके लिए हमारी टीम क्षमा प्रार्थी है। हम इसके लिए खेद जताते हैं।

सचिन पायलट को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, बोले- सत्य राहुल गांधी के साथ, घबरा गए हैं मोदी

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राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट को आज दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।एआईसीसी के मुख्यालय जा रहे सचिन पायलट को दिल्ली पुलिस ने एंट्री नहीं दी और हिरासत में ले लिया। पायलट के साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थकों को भी हिरासत में लिया गया है।

हिरासत में लिए जाने के बाद पायलट ने कहा कि पता नहीं पुलिस कहा लेकर जा रही है, यह लोकतंत्र के लिए गलत है। हम अपनी बात रखना चाहते हैं। हमें अपनी पार्टी के कार्यालय में जाने से रोका जा रहा है। मैं समझता हूं, लोकतंत्र के लिए यह ठीक नहीं है।


सचिन पायलट ने ट्वीट कर लिखा- केंद्र सरकार जो नफरत और बदले की राजनीति कर रही है। वह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। असत्य, अन्याय और अनीति द्वारा सत्य को दबाने के भाजपा के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। सत्य राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ है जो किसी भी अत्याचार के समक्ष न झुकेगा और न डरेगा।

राहुल गांधी से घबरा गए है पीएम मोदी
सचिन पायलट ने कहा कि पीएम मोदी तानाशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं। सत्ता का घमंड आ गया है। केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। लेकिन लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। राहुल गांधी लगातार भाजपा की कमियों से देशवासियों को अवगत करा रहे हैं। इसलिए पीएम मोदी घबरा गए है। भाजपा बदले की भावना से काम रही है। सचिन पायलट ने कहा कि जिस तरह दिल्ली पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला कर रही है। यह बिलकुल गलत है। कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारा लोकतंत्र में विश्वास है।

AICC मुख्यालय में घुसी दिल्ली पुलिस, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीटा

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नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी एक बार फिर अपना बयान दर्ज कराने ईडी के ऑफिस पहुंचे हैं। वहीं कांग्रेस मुख्यालय के मुख्य गेट पर कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए हैं। इसी बीच दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीयों पर कांग्रेस दफ्तर के अंदर घुसने और पीटने का आरोप लगा है।


कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी, मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस अब गुंडागर्दी पर उतर आई है, AICC के कार्यालय में घुस कर कार्यकर्ताओं और नेताओं को मारना पीटना संयम की सब हदें पार कर गई है। दिल्ली पुलिस के कठपुतली अधिकारी भी जान लें कि यह याद रखा जाएगा।


कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बताया है कि, कल कांग्रेस पूरे देश के अंदर राजभवन का घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि, पार्टी दफ्तर के अंदर घुसने वाले पुलिसवालों पर एफआईआर दर्ज हो। 17 को हर जिला मुख्यालय पर भी कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे।


जल्द हो सकता है बड़ा एलान, सोनिया गांधी के साथ 10 जनपथ में हुई प्रशांत किशोर की बैठक

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भाजपा, टीएमसी, कांग्रेस, शिवसेना, वायएसआर कांग्रेस और जेडीयू जैसे दलों के साथ काम कर चुके रणनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर जल्द ही बड़ा एलान कर सकते है। 10 जनपथ पर प्रशांत की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ हुई मुलाकात हुई। जिसके बाद उनके पार्टी में शामिल होने की अटकले शुरू हो गई है। बता दें कि बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं।

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई यह बैठक करीब 4 घंटे तक चली। बैठक में प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेताओं को प्रेजेंटेशन दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 2024 में होने वाले चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने एक प्रेजेंटेशन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और कुछ बड़े नेताओं के सामने पेश की। इस प्रेजेंटेशन पर समीक्षा के लिए टीम बनाई जाएगी, जो कुछ समय बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसके बाद आखिरी निर्णय लिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने अपने प्रजेंटेशन में कहा कि कांग्रेस पार्टी को 370 सीटों पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस को यूपी, बिहार और ओडिशा में अकेले लड़ना चाहिए। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कांग्रेस को गठबंधन में लड़ना चाहिए। प्रशांत किशोर की बातों पर राहुल गांधी ने भी सहमित जताई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर आने वाले दिनों में कांग्रेस में शामिल हो सकते है, लेकिन उन्होंने पार्टी में कोई खास पद नहीं मांगा है।

इस बैठक में शामिल होने वाले नेताओं में मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, मुकुल वासनिक, दिग्विजय सिंह और अजय माकन शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों से अटकलें हैं कि प्रशांत किशोर को गुजरात चुनाव में कांग्रेस बड़ी भूमिका दे सकती है। इससे पहले एक इंटरव्यू में खुद प्रशांत ने मई में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा एलान करने की बात कही थी।

मीडिया में चल रही रिपोर्ट की माने तो प्रशांत किशोर की टीम गुजरात में सर्वे भी कर रही है। इस बैठक से पहले प्रशांत किशोर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मिल चुके हैं।

गुजरात-हिमाचल प्रदेश चुनाव पर नजर

गौरतलब है कि इस साल के अंत में भाजपा के सामने गुजरात और हिमाचल प्रदेश को बचाने की बड़ी चुनौती होगी। दोनों ही राज्यों में उसके सामने कांग्रेस टक्कर में नजर आएगी। ऐसे में सोनिया और राहुल गांधी इन दोनों ही राज्यों में पार्टी की स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे।

कांग्रेस पार्ट्री की कमाई में आई रिकार्ड गिरावट, जानें साल भर में हुई कितनी कमाई

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पिछले साल के मुकाबले पार्टी के खर्च में भी 998.15 करोड़ रुपये की कमी आई है। 30 मार्च को पार्टी द्वारा चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कमाई वित्तीय वर्ष 2020-21 में 58 प्रतिशत से ज्यादा घट गई। पिछले साल में जो कमाई 682.2 करोड़ रुपये थी वह अब घटकर 285.7 करोड़ रुपये हो गई।

पार्टी का खर्च भी पिछले वित्तीय वर्ष में 998.15 करोड़ रुपये से कम होकर 2019 करोंड़ रह गया है। बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 में कांग्रेस की आय 918 करोड़ रुपये थी। तब से इसमें गिरावट जारी है।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी की आय का एक बड़ा हिस्सा “कूपन जारी करने” से आता है। पार्टी ने कहा कि उसे इससे 156.9 करोड़ रुपये मिले। एक अन्य स्रोत, “अनुदान और दान”, ने 95.4 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जबकि 20.7 करोड़ रुपये “शुल्क और सदस्यता” से आए।

एनसीपी की आय वित्त वर्ष 2015 में 85.5 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 21 में 34.9 करोड़ रुपये हो गई। इसका खर्च भी पिछले वित्त वर्ष के 109.18 करोड़ रुपये से गिरकर 2020-21 में 12.17 करोड़ रुपये हो गया।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी जद (यू) ने वित्त वर्ष 2015 में अपनी वार्षिक आय में 23.25 करोड़ रुपये से वित्त वर्ष 2015 में 65.31 करोड़ रुपये की वृद्धि देखी, और इसी अवधि में पार्टी का खर्च भी 10.67 करोड़ रुपये से बढ़कर 24.34 करोड़ रुपये हो गया।

पिछले साल, चुनावी ट्रस्टों द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए आंकड़ों से पता चला कि अन्य राजनीतिक दलों के योगदान में गिरावट आई है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा के लिए उनका हिस्सा बढ़ा है।

जनता को महंगाई का एक और झटका, CNG की कीमतों में हुआ इजाफा

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जनता को महंगाई का एक और झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने दिल्ली में CNG की कीमत 2.5 रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ाकर 66.61 रुपए प्रति किलोग्राम कर दी है। गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में CNG की कीमत 69.18 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी गई है। गुरुग्राम में कीमत 74.94 रुपये प्रति किलोग्राम की गई है।

फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

भारतीय तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में आज 6 अप्रैल को एक बार फिर इजाफा किया गया है. दोनों ही वाहन ईंधनों की कीमत में 80-80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 105.41 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 96.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है.

कांग्रेस संसदीय दल की हुई बैठक, पढ़ें अध्यक्षा सोनिया गांधी का पूरा भाषण

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कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी का भाषण:

खड़गे जी, अधीर रंजन जी, राहुल जी और मेरे साथी सांसदों, हमारे चार सबसे अनुभवी साथी हाल ही में राज्यसभा से रिटायर हुए हैं, और जब हम अगली बार मिलेंगे तो कुछ और साथी भी रिटायर हो चुके होंगे। इन सबने अपने कार्यकाल में पार्टी और देश के लिए बहुत अच्छा योगदान दिया है। मैं उन सभी को धन्यवाद कहना चाहती हूं। मुझे विश्वास है कि वे सभी जनसेवा के कार्यों में उसी तरह लगे रहेंगे और पार्टी को मजबूत करने में योगदान देंगे।
संसद के इस सत्र में बजट पेश किया गया और कई मंत्रियों के कामकाज को लेकर चर्चा की गई। आपमें से अधिकतर लोगों ने इन चर्चाओं में हिस्सा लिया और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी के नजरिए को मजबूती से सामने रखा। संसद के दोनों सदनों में हमारे सांसदों ने जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।


इसमें संदेह नहीं कि सरकार का रवैया बिल्कुल नहीं बदला है। एमएसएमई अभी भी दयनीय स्थिति में हैं। ऐसा कोई संकेत नहीं है कि सरकार ने किसानों से जो वादा किया है उसे किसी तरह पूरा किया जाएगा। रसोई गैस और तेल, पेट्रोल-डीजल, खाद और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों असहनीय स्तर पर पहुंच चुकी हैं और उनमें बढ़ोत्तरी लगातार जारी है। कुछ दिन पहले हमारी पार्टी ने पूरे देश में महंगाई मुक्त भारत आंदोलन शुरु किया, जिसमें आपमें से कई लोगों ने हिस्सा लिया। इसे जारी रखने की जरूरत है।


शासन के मामले में अब यह साबित हो चुका है कि असली काम कुछ लोग करते हैं और संस्थाओं की बुनियाद रखते हैं, लेकिन कुछ लोग उसका श्रेय लेते हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए सरकार की कम से कम दो ऐसे ऐतिहासिक कदमों ने बीते दो साल में देश के करोड़ों लोगों को जीवनदान देने का काम किया है जिनकी प्रधानमंत्री स्तर के लोगों ने सार्वजनिक तौर पर आलोचना की थी। मेरा तात्पर्य निश्चित रूप से खाद्य सुरक्षा कानून और मनरेगा की तरफ है। वैसे तो केंद्रीय मंत्री इस बात से इनकार करते हैं लेकिन मनरेगा की दिहाड़ी चुकाने में जो देरी होती है उससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं और यह गंभीर विषय है।
हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद सरकार हमारी सीमाओं की स्थिति पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। अगर इस मुद्दे पर चर्चा होती है तो सब मिलजुलकर समस्या का समाधान खोज सकते हैं। देश की विदेश नीति के मूलभूत सिद्धांत के रूप में गुटनिरपेक्षता के महत्व की भले ही मौजूदा सरकार आलोचना करती रही हो, लेकिन मुझे यह बताते हुए खुशी है कि इसी सिद्धांत की फिर से बात हो रही है, भले ही इसे इस रूप में स्वीकार नहीं किया जा रहा है।

यूक्रेन से निकाले गए हजारों छात्रों के भविष्य को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने की जरूरत है। और जल्द से जल्द, देश में चिकित्सा शिक्षा के निरंतर बढ़ते खर्च पर रोक लगाकर समाधान निकालने की आवश्यकता है।

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने, जिसमें हमारी इंटक भी शामिल थी, मजदूरों और किसानों को प्रभावित करने वाली केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 28 और 29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। बढ़ती बेरोजगारी और आजीविका की असुरक्षा के समय श्रम कानूनों को कमजोर किया गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संचय यानी पीएफ पर ब्याज दरों में काफी कमी की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को जो अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के रोजगार के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं, उन्हें एसेट मॉनिटाइजेशन का फैंसी नाम देकर बेचा जा रहा है। इसके नतीजे भी वैसे ही होंगे जैसे कि नोटबंदी के हुए थे।
सत्तारूढ़ दल और उसके नेताओं का विभाजनकारी और ध्रुवीकरण करने वाला एजेंडा अब राज्य दर राज्य राजनीतिक विमर्श की एक नियमित विशेषता बन गया है। न केवल प्राचीन बल्कि समकालीन इतिहास को भी – शरारतपूर्ण तरीके से विकृत किया जा रहा है और ऐसे दुर्भावनापूर्ण तथ्य इसमें जोड़े जा रहे हैं जो इनके एजेंडा में ईंधन का काम करते हैं। नफरत और पूर्वाग्रह की इन ताकतों के खिलाफ खड़ा होना और उनका सामना करना हम सभी का कर्तव्य है। हम उन्हें सदियों से हमारे विविध समाज को बनाए रखने और समृद्ध करने वाली मित्रता और सद्भाव के बंधन को नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे।

सत्ता पक्ष लगातार विपक्ष, उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहा है। उनके खिलाफ सरकारी मशीनरी की पूरी ताकत झोंक दी गई है। सत्ता में बैठे लोगों के लिए अधिकतम शासन का मतलब स्पष्ट रूप से अधिकतम भय और धमकी फैलाना है। हम ऐसी धमकियों और हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं। हमें ऐसी धमकियां नहीं डरा सकतीं।

मैं इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हूं कि हाल के चुनाव परिणामों से आप कितने निराश हैं। नतीजे चौंकाने वाले और तकलीफ देने वाले, दोनों रहे हैं। चुनावी नतीजों की समीक्षा के लिए कार्यसमिति की एक बार बैठक हो चुकी है। मैं अन्य साथियों से भी मिली हूं। मुझे अपने संगठन को मजबूत करने के बारे में कई सुझाव मिले हैं। कई प्रासंगिक हैं और मैं उन पर काम कर रही हूं। एक शिविर का आयोजन करना भी एक जरूरी काम है। उसमें ही अधिक संख्या में सहयोगियों और पार्टी प्रतिनिधियों के विचार सामने आते हैं। इसी शिविर से पार्टी द्वारा उठाए जाने वाले तत्काल कदमों पर एक स्पष्ट रोडमैप को आगे बढ़ाने में योगदान मिलेगा कि हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं उनका सर्वोत्तम तरीके से सामना कैसे करें।

आगे की राह पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। हमारा समर्पण और दृढ़ संकल्प, हमारे लचीलापन की भावना की परीक्षा का समय है। हमारे विशाल संगठन के सभी स्तरों पर एकता सर्वोपरि है और अपने लिए बोलते हुए, मैं इसे सुनिश्चित करने के लिए जो कुछ भी आवश्यक है, करने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं। हमारा पुनरुत्थान केवल हमारे लिए ही महत्व का विषय नहीं है – बल्कि हमारे लोकतंत्र और हमारे समाज के लिए भी आवश्यक है।

साथियों, हम अगले तीन महीने तक एक समूह के रूप में एकत्रित नहीं होंगे। तो मैं इस बीच की अवधि के लिए आप सभी को शुभकामनाएं देती हूं। इस बीच, मैं हमारी पार्टी द्वारा शुरू किए जा रहे आगामी अभियानों में आपकी पूर्ण भागीदारी की आशा करती हूं।

धन्यवाद।

नेहरू संग्रहालय का नाम अब होगा पीएम म्यूजियम, 14 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे उद्धघाटन

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नई दिल्ली स्थित नेहरू संग्रहालय (नेहरू मेमोरियल म्यूजियम) का नाम अब ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ होगा। तीन मूर्ति भवन पर बने इस ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को डॉ बाबासाहेब अंबेडकर के जन्मदिन के मौके पर करेंगे। बता दें कि इस नेहरू मेमोरियल म्यूजियम में अब तक केवल भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी यादों को संजोया गया था, मगर इसे प्रधानमंत्री संग्रहालय नाम देने के बाद देश के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों से जुड़ी यादों को अब इस म्यूजियम में जगह दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को भाजपा के संसदीय दल की बैठक में तीन मूर्ति भवन परिसर में बन रहे पूर्व प्रधानमंत्रियों के संग्रहालय के महत्व को रेखांकित किया और सांसदों से कहा कि यह एनडीए गठबंधन की ही सरकार है, जिसने सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान का सम्मान किया है। बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से सामाजिक न्याय को समर्पित ‘सामाजिक न्याय पखवाड़ा’ के तहत अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में छह अप्रैल से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करने को कहा। साथ ही उन्होंने पार्टी सांसदों से अनुसूचित जाति व जनजातियों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रचार करने को भी कहा।

14 अप्रैल को संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती पर पूर्व प्रधानमंत्रियों के संग्रहालय के उद्घाटन से पहले बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्रियों के संग्रहालय का उल्लेख करते हुए कहा कि भले ही इसमें भाजपा का एक प्रधानमंत्री हो, लेकिन देश के हर एक प्रधानमंत्री का योगदान महत्वपूर्ण है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ‘हमारे तो एक ही हैं, बाकी उनके हैं …। वह किसी भी दल के रहे हों, फिर भी हमने पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को सम्मान दिया है। हमें दलगत भावना से ऊपर उठकर सभी प्रधानमंत्रियों का सम्मान करना चाहिए। आप सभी को यहां जाना चाहिए।’ बता दें कि भाजपा अक्सर यह आरोप लगाती रही है कि आजादी के बाद अधिकांश समय कांग्रेस ने देश पर शासन किया और वह सिर्फ गांधी-नेहरू परिवार के प्रधानमंत्रियों का ही गुणगान करती रही थी जबकि अन्य के साथ उसका व्यवहार ठीक नहीं रहा।

यूपी में प्रियंका का हल्ला बोल, वाराणसी में करेंगी विशाल किसान रैली को संबोधित

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लखीमपुर हिंसा के बाद सक्रिय हुई कांग्रेस अब अगले साल होने वाले चुनाव कि तैयारी में लग गई है। जहां एक और राहुल प्रियंका के बाद कांग्रेस के अन्य नेता भी लखीमपुर जाकर मृत किसानों के परिजनों से मुलाकात कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर प्रियंका गांधी ने आगामी चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिसकी शुरुआत प्रियंका प्रधानमंत्री मोदी के ग्रह लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से कर रही है।

10 अक्टूबर को प्रियंका गांधी वाराणसी मैं किसान रैली को संबोधित करने वाली है। यह रैली वाराणसी के रोहनिया विधानसभा के जगतपुर डिग्री कॉलेज मैदान में होगी। रैली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल होंगे।

लखीमपुर हिंसा के रूप में उत्तर प्रदेश में बरसों से सो रही कांग्रेस को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। जिस तरह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को घेरा और अन्य विपक्षी पार्टियों से पहले इस मुद्दे को बनाया उससे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एक नई जान फूंक दी गई है।

सर्वाधिक सक्रिय रही प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी को लखीमपुर जाने के क्रम में सीतापुर पीएसी गेस्ट हाउस में 60 घंटे तक हिरासत में रखा गया। इसके बाद राहुल गांधी समेत भूपेश बघेल, चरणप्रीत सिंह चन्नी, सचिन पायलट समेत बड़े नेताओं ने एक साथ यूपी की सियासत में अपनी धमक दिखाई। इसके बाद बैकफुट पर आई यूपी सरकार ने कांग्रेस के नेताओं को लखीमपुर जाने की इजाजत दी।

1 लाख लोगों को जुटाने का है लक्ष्य

सूत्रों के अनुसार प्रियंका की रैली उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रचार कार्यक्रम की शुरुआत होगी। कांग्रेस इस रैली को ऐतिहासिक बनाना चाहती है। इसके लिए पार्टी ने एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। जिसके लिए वाराणसी के साथी आसपास के जिला जैसे मिर्जापुर सोनभद्र चंदौली भदोही से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भीड़ जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। ।

न नोटबंदी न 370 हटाने का हुआ असर, कश्मीरियों को सुरक्षा देने में सरकार असफल: राहुल गांधी

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कश्मीर में हुई आतंकी घटना जिसमें 2 सरकारी स्कूल के शिक्षकों को गोली मारकर हत्या कर दी गई के बाद सरकार कटघरे में है। इससे पहले एक अन्य घटना में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित माखनलाल बिंदरु समेत तीन लोगों की हत्या कर दी थी।

घटना को लेकर सरकार पर हमलावर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, कश्मीर में हिंसा की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। आतंकवाद ना तो नोटबंदी से रुका ना धारा 370 हटाने से- केंद्र सरकार सुरक्षा देने में पूरी तरह असफ़ल रही है। हमारे कश्मीरी भाई-बहनों पर हो रहे इन हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं व मृतकों के परिवारों को शोक संवेदनाएँ भेजते हैं।

आतंकवादी हमले के बाद आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा कि 56 इंच की छाती पीटने वाले अब खामोश क्यों हैं?

बता दें कि आतंकियों ने गुरुवार सुबह करीब 11:15 दो स्कूल टीचरों कुशीनगर स्थित ईदगाह में गोली मारी। पुलिस ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मृतकों की पहचान अलोची बाग क्षेत्र निवासी सुपिन्दर कौर और जम्मू निवासी दीपक चंद के रूप में हुई है। वे सरकारी बॉयज स्कूल, संगम में टीचर थे।