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राम मंदिर को लेकर शिवसेना का पीएम मोदी पर तीखा हमला, बोले- अभी नही तो कब बनेगा राम मंदिर

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राम मंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए शिवसेना ने गुरुवार को कहा कि उसे इस बात पर ताज्जुब है कि अगर भाजपा के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राम मंदिर का निर्माण नहीं होगा तो फिर कब होगा। शिवसेना ने कहा कि अगर राम मंदिर का निर्माण 2019 चुनावों से पहले नहीं हुआ तो यह देश के लोगों को धोखा देने जैसा होगा जिसके लिए भाजपा और संघ को उनसे माफी मांगनी होगी।

केन्द्र की मोदी सरकार और महाराष्ट्र की राज्य सरकार में भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 1 जनवरी को दिए इंटरव्यू में राम मंदिर पर पीएम मोदी के बयान को लेकर उनपर हमला बोला है। दरअसल इंटरव्यू में मोदी ने कहा था कि मंदिर निर्माण पर सरकार कोई भी कदम न्यायिक प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही उठाएगी। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में शिवसेना ने कहा, वह (मोदी) राम के नाम पर सत्ता में आए थे हालांकि उनके मुताबिक भगवान राम कानून से बड़े नहीं हैं। अब सवाल यह है कि अगर बहुमत वाली सरकार में मंदिर का निर्माण नहीं होगा तो कब बनेगा।’’

संपादकीय में शिवसेना ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की भव्य प्रतिमा बनाई है लेकिन राम मंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सरदार’ वाला साहस नहीं दिखा पाए। संपादकीय में आगे कहा कि राम मंदिर के लिए आंदोलन 1991-92 में शुरू हुआ था और सैकड़ों ‘कारसेवकों’ ने अपनी जान गंवाई थी। इसमें पूछा गया, किसने यह नरसंहार किया और क्यों? एक ओर सैकड़ो हिंदू कारसेवक मारे गए साथ ही मुंबई बम धमाकों में दोनों पक्ष ( हिंदू एवं मुस्लिम समुदाय) के सैकड़ों लोग मारे गए। अगर फैसला उच्चतम न्यायालय को ही करना था तो यह नरसंहार एवं खूनखराबा क्यों?’’

उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने आगे पूछा कि क्या भाजपा एवं आरएसएस इन हत्याओं एवं खूनखराबे की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। संपादकीय में कहा गया, सिखों के नरसंहार (1984 के सिख विरोधी दंगों के बाद) के लिए जिस तरह से कांग्रेस को माफी मांगनी पड़ी उसी प्रकार हमें भी उन लोगों की भावनाओं को समझना होगा जो हिंदुओ के नरसंहार के लिए (भाजपा से) माफी की मांग करते हैं।’’

भारत का रूस के साथ S-400 रक्षा सौदे पर हो सकता है समझौता,बढ़ी अमेरिका की चिंता

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को दो दिन की यात्रा पर भारत आ रहे हैं। पुतिन अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दोनों नेता ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के मद्देनजर कच्चे तेल की स्थिति समेत विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं। इस दौरान रूस के साथ एस-400 वायु प्रतिरक्षा प्रणाली सौदे पर समझौता हो सकता है। 19वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता रूसी रक्षा कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध की पृष्टभूमि में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की भी समीक्षा कर सकते हैं। पुतिन की भारत यात्रा के दौरान मुख्य जोर एस-400 वायु प्रतिरक्षा प्रणाली सौदे पर समझौते पर केंद्रित रहेगा।

5 अरब डॉलर से ज्यादा का है एस-400 सौदा

व्लादिमीर पुतिन की इस यात्रा की मुख्य विशेषता एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौते पर दस्तखत करना होगा और यह करार पांच अरब डॉलर की राशि से ज्यादा का होगा। पुतिन के शीर्ष विदेश नीति सलाहकार युरी उशाकोव ने कहा कि राष्ट्रपति 4 अक्टूबर को भारत रवाना हो रहे हैं और इस दौरान एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौते पर जोर होगा। इस खरीद से अमेरिका के काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन एक्ट (सीएएटीएसए) का उल्लंघन होगा। हालांकि इससे छूट मिलने की संभावना है।

अमेरिका की भारत को चेतावनी,रूस से हथियारों का सौदा करने पर लग सकते हैं प्रतिबंध

पुतिन के दौरे का असर अमेरिका और भारत के संबंधों पर भी देखने को मिल सकता है। अमेरिका ने पुतिन के दौरे से पहले भारत को चेतावनी दी है। उसने कहा है कि मॉस्को के साथ किसी भी तरह का रक्षा सौदा करने पर भारत को अप्रत्यक्ष प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

अमेरिकी प्रतिबंध कॉउंटरिंग अमेरिकास एडवर्सरीज़ थ्रू सैंक्शन एक्ट (CAATSA) कानून का हिस्सा हैं। यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने कहा कि साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में रूसी हस्तक्षेप, सीरियाई विद्रोह में रूस की भूमिका और क्रीमिया पर कब्जा करने के लिए रूस को सजा देने के लिए इस कानून को लाया गया है। हम अपने सभी साथियों और साझेदारों से आग्रह करते हैं कि वह रूस के साथ ऐसा कोई लेन-देन नहीं करे, जिससे उसके खिलाफ CAATSA लगाना पड़े। अमेरिकी राष्ट्रपति इसमें छूट दे सकते हैं यदि यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए कोई खतरा नहीं हो।

आंबेडकर का मानना था 10 साल के लिए हो आरक्षण,हर दस साल के लिए बढ़ाया जाता है:सुमित्रा महाजन

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लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने आरक्षण को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। रांची में आयोजित एक कार्यक्रम में महाजन ने कहा कि आंबेडकर जी ने खुद कहा था कि आरक्षण की जरूरत महज 10 सालों के लिए है। उन्होंने 10 साल के भीतर समतामूलक समाज की कल्पना की थी। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। अब भी हम हर 10 साल पर इसे अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ा देते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे आरक्षण मिला, मैं कुछ जीवन में बन गया तो मैंने जीवन के कितने क्षण ऐसे बिताए सोचने में कि मैंने मेरे समाज को बांटा कितना है।

हमे ये सोचना बहुत जरूरी है कि क्या उसका फायदा है। क्या आरक्षण की यही कल्पना था। महाजन ने कहा कि समाज और देश में सामाजिक सौहार्द के लिए बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संदेश को मानना होगा और उनके रास्ते का अनुसरण करना होगा। छोटी जातियों में सुरक्षा की भावना होनी चाहिए आरक्षण को लेकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि अगर किसी को दी हुई चीज को तुरंत छीना जाए तो विस्फोट हो सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक स्थिति ठीक नहीं है, पहले एक वर्ग विशेष के साथ अन्याय किया गया तो इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरे वर्ग के साथ भी अन्याय किया जाए। उन्होंने कहा कि हमे अन्याय की बराबरी नहीं करनी चाहिए। हमे लोगों को न्याय देना चाहिए, लोगों के मन में इस बात की भावना होनी चाहिए कि छोटी जातियों के साथ अन्याय नहीं होगा, उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।

 

ये समय की मांग है अब लोग इस बात को बिना किसी पूर्वाग्रह या राजनीति से ऊपर उठकर सोचें कि आखिर वो कौन सी व्यवस्था हो सकती है जिसके जरिए सही माएने में जिन्हें फायदा नहीं मिला है वो लोग भी इस व्यवस्था का हिस्सा बनकर मूल धारा से जुड़ सकें। बता दें कि भविष्य का भारत कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि आरक्षण के जरिए हम समाज के उन तबकों को मुख्यधारा में शामिल कर सकते हैं जो सदियों से पिछड़े हुए हैं।

थम गया प्रचार, रविवार को डाले जाएंगे वोट।

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दिल्ली की 272 सीटों के लिए प्रचार का दौर शुक्रवार शाम थम गया। अब प्रमुख राजनीतिक दल व निर्दलीय प्रत्याशी केवल घर – घर जाकर ही वोट मांग सकेंगे। चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशियों को दिए गए समय की सीमा शुक्रवार को शाम 5.50 बजे समाप्त हो गयी। राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इन चुनावों के लिए आयोग की तैयारियां पूर्ण हो गई है। मतदाताओं से अपील है कि वे बढ़चढ़ कर वोट दें।निगम चुनाव में करीब 1.32 करोड़ लोग वोट दे सकेंगे। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा और शाम 5.30 तक चलेगा। आयोग के मुताबिक किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचाने के लिए आयोग को करीब 70 हजार से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है। इस बार करीब 14000 मतदान केंद्रों पर मतदान की व्यवस्था होगी। जबकि अब से पूर्व हुए एमसीडी चुनावों में 11500 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
ईपीआईसी नंबर से पता चलेगा मतदान केंद्र : आयोग मतदाताओं की सुविधा के लिए एक नया सिस्टम भी तैयार कर रहा है। इस सिस्टम पर कोई भी मतदाता अपना ईपीआईसी नंब डालेगा तो उसे यह पता चल जाएगा कि उसके मतदान के लिए कहां पर जाना है। मतदाता की सुविधा के लिए पहली बार यह व्यवस्था जारी की जा रही है। इसमें मतदाताओं को मतदान केंद्र व बूथ नंबर की जानकारी एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। मतदाता किसी भी अन्य जानकारी के लिए आयोग की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एसईसी डॉट दिल्लीजीओवीटी डॉट एनआईसी डॉट इन पर जा सकते हैं।

विधानसभा और लोकसभा चुनावों में दिल्ली में कुछ जगहों पर मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे। ठीक उसी तर्ज पर निगम चुनाव में भी ऐसे पोलिंग स्टेशन दिखाई देंगे। उत्तरी और पूर्वीनिगम के प्रवक्ता योगेंद्र सिंह मान ने बताया कि 26 मतदान केंद्र नॉर्थ और 16 पूर्वीनिगम के विभिन्न इलाकों में बनाए जाएंगे। बाकी दक्षिणी निगम इलाकों में। इसके लिए दिल्ली राज्य चुनाव आयोग से आदेश उनके पास आया है।

रविवार को सुबह चार बजे से चलेगी मेट्रो
दिल्ली मेट्रो रविवार सुबह मतदान के दिन सुबह चार बजे से चलेगी। डीएमआरसी के अनुसार, मतदान अधिकारियों और कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 23 अप्रैल को सुबह चार बजे से सभी लाइनों पर मेट्रो का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। सामान्य दिनों में मेट्रो सुबह छह बजे से चलती है।
अंतिम समय में ऑनलाइन माध्यम से प्रचार में आप, स्वराज इंडिया, कांग्रेस और भाजपा की साइबर सेल जुट गईहैं।
रंजीत नगर के वार्ड नंबर 96 से कांग्रेस प्रत्याशी गौरव अरोड़ा ने व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर का सहारा लिया है।
पांडव नगर से निर्दलीय प्रत्याशी अजय कुमार जैन भी सक्रिय हैं।

10 मर्इ के बाद हर रविवार बंद रहेंगे पेट्रोल पंप।

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तेल कंपनियों की लगातार अनदेखी से गुस्साए कंसोरटियम आॅफ इंडियन पेट्रोलियम डीलर्स यानी सीआर्इपीडी ने 10 मर्इ के बाद प्रत्येक रविवार को पेट्रोल पंप बंद रखने का एेलान कर दिया है।

इतना ही नहीं यदि इसके बाद भी पेट्रोलियम कंपनियों ने सुध नहीं ली तो पेट्रोल पंपों को रात में भी बंद रखा जाएगा। इस फैसले के लागू होने के बाद देशभर में करीब 53000 पेट्रोल पंपों पर केवल दिन के समय ही पेट्रोल आैर डीजल मिल सकेेगा।

उधर, ये निर्णय लागू होता है तो इससे सबसे ज्यादा मुश्किल आम लोगों को होगी। माना जा रहा है कि इससे पेट्रोल पंपों पर भीड़ तो बढ़ेगी ही साथ ही रविवार  के दिन पेट्रोल या डीजल खत्म होता है तो उन्हें अगले दिन तक का इंतजार करना होगा।

सीआर्इपीडी के इस निर्णय के बाद पेट्रोलियम कंपनियों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आर्इ है। हालांकि बाजार के जानकार मान रहे हैं कि पेट्रोल पंपों के एेसा कदम उठाने से पहले ही सुलह का रास्ता निकल सकता है।

बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के विलय का ऐलान।

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कुमार मंगलम बिड़ला के स्वामित्व वाली देश की तीसरे नंबर की टेलिकॉम कंपनी आइडिया सेल्युलर ने वोडाफोन इंडिया के साथ विलय का ऐलान कर दिया। कंपनी ने सोमवार को बताया कि उसके बोर्ड ने इस विलय-प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इसके तहत वोडाफोन इंडिया और इसके पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज लिमिटेड और आदित्य बिड़ला ग्रुप के आइडिया सेल्युलर का विलय हो जाएगा और नई कंपनी भारती एयरटेल को पछाड़कर देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बन जाएगी।

आज के ऐलान के मुताबिक, आइडिया और वोडाफोन की विलय प्रक्रिया अगले साल पूरी हो जाएगी। नई कंपनी में वोडाफोन की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत जबकि आइडिया की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत होगी। आगे जाकर आदित्य बिड़ला ग्रुप और वोडाफोन का हिस्सा बराबर हो जाएगा। आइडिया का वैल्युएशन 72,200 करोड़ रुपया आंका गया है। फाइलिंग के मुताबिक, एबी ग्रुप के पास 130 रुपये प्रति शेयर की दर से नई कंपनी के 9.5 प्रतिशत खरीदने का अधिकार होगा। शुरुआती कारोबार में 15 प्रतिशत उछले आइडिया के शेयर बीएसई पर सुबह 10.16 बजे 4.8% नीचे आ गए थे।

ब्रोकरेज कंपनी सीएलएसए की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नई कंपनी का रेवेन्यू 80,000 करोड़ से भी ज्यादा का होगा जो देश की टेलिकॉम इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू का 43 प्रतिशत होगा। इसके साथ ही, नई कंपनी के पास भारतीय बाजार के कुल 40 प्रतिशत मोबाइल सब्सक्राइबर्स होंगे। इतना ही नहीं, कुल आवंटित स्पेक्ट्रम का 25 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी कंपनी के पास होगा। ऐसे में इसे 1 प्रतिशत स्पेक्ट्रम बेचना होगा ताकि इसकी सीमा से जुड़े नियम का पालन हो सके।

पहले एक रिपोर्ट में इकनॉमिक टाइम्स ने अनुमान लगाया था कि कंसॉलिडेशन की वजह से टेलिकॉम इंडस्ट्री में 10,000 रोजगार कम हो सकते हैं। ये नौकरियां कई टेलिकॉम ऑपरेटर और इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में खत्म हो सकती हैं। इस बीच, वोडाफोन ने ऐनुअल ऑफसाइट को टाल दिया है, जिसे मार्च महीने की शुरुआत में फाइन किया जाता है और यह अप्रैल के आखिर में होता है। कुछ ब्रैंड और मार्केटिंग खर्चों को भी रोक दिया गया है।
विलय में वोडाफोन और आइडिया के सभी शेयरों का विलय होगा, लेकिन इंडस टावर्स में वोडाफोन के 42 प्रतिशत शेयर इस विलय से अलग होंगे। आइडिया के नए शेयरों को वोडाफोन में जारी करने के साथ विलय लागू हो जाएगा और वोडाफोन इंडिया अपनी पैरंट कंपनी से अलग हो जाएगा। आइडिया और वोडाफोन के प्रमोटरों के पास तीन-तीन डायरेक्टर्स नामित करने के अधिकार होंगे। आइडिया जहां चेयरमैन पद के लिए अपनी नॉमिनी देगा, वहीं वोडाफोन की ओर से सीएफओ पद पर नॉमिनी देने का अधिकार होगा जबकि सीईओ और सीओओ के पद दोनों कंपनियों के साझी सहमति के बाद निर्धारित होंगे।

देश के टेलिकॉम मार्केट में पिछले साल आई कंपनी रिलायंस जियो बड़ी तेजी से पांव जमा रही है। कंपनी ने पहले वेलकम ऑफर और फिर हैपी न्यू इयर ऑफर के तहत फ्री वॉइस और डेटा सर्विसेज देकर बड़े पैमाने पर ग्राहकों को जोड़ने में कामयाब रही है। तब से देश के टेलिकॉम मार्केट में हलचल मची है। पिछले महीने भारती एयरटेल ने भी शेयर बाजार को सूचित किया था कि वह नॉर्वे की कंपनी टेलिनॉर की भारतीय इकाई के ऐसेट्स खरीदेगा।

गुजरात में हुआ परीक्षा में पास करवाने वाले पेन का आविष्कार!

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मार्च का महीना आते ही पता नहीं क्यों एक डर लगने लगता है। ऐसा लगता है जैसे आबोहवा में एग्जाम की खुशबू फैलने लगी हो। एग्जाम के इस मौसम को हम कई सालों तक महसूस करते हैं और ये हमारे अंदर कुछ इस तरह घर कर जाता है कि बड़े होने पर भी मौसम बदलने पर हमें अपने बचपन की याद आ जाती है।

लोग अपने बच्चों की परीक्षाओं को लेकर काफ़ी घबराए रहते हैं। बहुतों के लिए ये ज़िंदगी और मौत के सवाल जैसा होता है। कई बच्चे पूरे साल पढ़ने के बावजूद स्ट्रेस में आ जाते हैं और उनके मां-बाप भी काफ़ी परेशान दिखाई पड़ते हैं।

गुजरात से एक पम्फलेट की तस्वीर सामने आई है

 

लेकिन गुजरात में इस समस्या को दूर करने का एक नया तरीका निकाला गया है। वहां एग्जाम देने वाले बच्चों के लिए एक ऐसा पेन सेट तैयार किया गया ही जो एग्जाम को पास कराने की गारंटी देता है।

जी हां हम मज़ाक नहीं कर रहे। गुजरात से एक पम्फलेट की तस्वीर सामने आई है जिसमें इस बात काका वादा करा गया है कि अगर लोग अमुक पेन सेट ख़रीदते हैं तो उस पेन का प्रयोग करने वाला बच्चा निश्चित तौर पर पास हो जाएगा।

ये पेन गुजरात का एक मंदिर बनाता है। इस मंदिर का नाम है कष्टभंजन मंदिर और ये पंचमहल जिले में स्थित है। इस पेन सेट की कीमत मात्र 1900 रुपए है। और ये एग्जाम पास करवाने की 100% गारंटी देता है।

पूरे पैसे लौटा दिए जाएंगे

बात यहीं ख़त्म नहीं होती, इसमें ये दावा भी किया गया है कि इसके इस्तेमाल के बाद अगर बच्चा पास नहीं होता है तो पूरे पैसे लौटा दिए जाएंगे। लेकिन ये पेन आपको इतनी आसानी से नहीं मिलेगा। इसके लिए आपको अपना फ़ोन नंबर, हॉल टिकेट की फोटोकॉपी आदि डॉक्यूमेंट्स मुहैया करवाने होंगे।

ऐसा दावा किया गया है कि इस पेन को ख़ास यज्ञ करके बनाया गया है। साथ ही ये स्ट्रेस को कम करने का भी कार्य करता है।

अमर्त्य सेन ने नोटेबंदी को बताया ‘निरंकुश कार्यवाही’, कहा ‘देश को नहीं होगा कोई फायदा।’

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Newbuzzindia:​ भारत रत्न और नोबेल पुरस्कार के विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने मोदी सरकार के 500 और 1000 वाले नोट बैन को निरंकुश कार्रवाई जैसा बताया है। एक अखबार को दिए अपने इंटरव्यू में प्रोफेसर सेन ने कहा, “लोगों को अचानक यह कहना कि आपके पास जो करेंसी नोट हैं वो किसी काम का नहीं है, उसका आप कोई इस्तेमाल नहीं कर सकते, यह अधिनायकवाद की एक अधिक जटिल अभिव्यक्ति है, जिसे कथित तौर पर सरकार द्वारा जायज ठहराया जा रहा है क्योंकि ऐसे कुछ नोट कुछ कुटिल लोगों द्वारा काला धन के रूप में जमा किया गया है।” उन्होंने कहा, “सरकार की इस घोषणा से एक ही झटके में सभी भारतीयों को कुटिल करार दे दिया गया जो वास्तविकता में ऐसा नहीं हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या नोटबंदी का कुछ सकारात्मक असर दिखेगा जैसा कि प्रधानमंत्री दावा कर रहे हैं तो उन्होंने कहा, “यह मुश्किल लगता है। यह ठीक वैसा ही लगता है जैसा कि सरकार ने विदेशों में पड़े काला धन भारत वापस लाने और सभी भारतीयों को एक गिफ्ट देने का वादा किया था और फिर सरकार उस वादे को पूरा करने में असफल रही।”

नोटेबंदी पर भाजपा नेता का प्रधानमंत्री मोदी पर फूटा गुस्सा, कहा ‘देश को भिखारी बना दिया है।’

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Newbuzzindia: देश में बड़े नोटों पर प्रतिबंध लगाने के बाद बैंकों में आम जनता को हो रही परेशानियों पर भारतीय जनता पार्टी की एक वरिष्ठ नेत्री ने रविवार को कहा कि बिना तैयारी के ही सरकार ने यह घोषणा कर दी है और सरकार के इस फैसले ने आवाम को भिखारी बना दिया है। केंद्र की सत्ताधारी भाजपा पार्टी की पूर्व उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांता चावला ने अपने बयान में कहा, ‘देश में काले धन के प्रवाह को बंद करने के लिए केंद्र सरकार ने एक हजार और पांच सौ रूपये के नोटों को रद्द कर एक अच्छा काम किया है लेकिन देश की मौजूदा हालात देख कर ऐसा लगता है कि सरकार अभी इस निर्णय के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी। सरकार ने बिना तैयारी के ही इस आशय की घोषणा कर दी है । मुझे लगता है कि सरकार को पहले बैंकों में पर्याप्त नोटो की आपूर्ति करानी चाहिए थी और उसके बाद मौजूदा नोटों का प्रचलन समाप्त किया जाता।’
बैंकों में जनता के सहूलियत के लिए अतिरिक्त काउंटर की वकालत करते हुए लक्ष्मीकांता ने आगे कहा, ‘जिन लोगों का पैसा बैंकों में जमा है उन्हें उनके आवश्यकता अनुसार धन मिलने की व्यवस्था बैंकों में होनी चाहिए थी । एक दिन में चार हजार के निर्णय ने आवाम को भिखारी बना दिया है क्योंकि उन्हें रोज कतार में खड़ा होना पड़ता है। बैंकों में और अधिक संख्या में काउंटर होने चाहिए । पर्याप्त संख्या में नोट, खास कर छोटे नोट होने चाहिए ताकि कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़े । इसके अलावा प्रति दिन दी जाने वाली राशि भी कम से कम दस हजार होनी चाहिए।

‘मोदी के रहते भारत-पाक रिश्तों के सुधरने की कोई उम्मीद नहीं।’

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NewBuzzIndia:  सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि मोदी जब तक भारत के वजीर-ए-आजम रहेंगे, तब तक भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधर नही सकते।

अजीज ने कहा कि पाकिस्तान की संसद ने सर्वसम्मति से भारत के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें कश्मीर में ‘बर्बरता’ की निंदा, सिंधु जल समझौते को रद्द करने की भारत की धमकी की निंदा और बलूचिस्तान में भारत के हस्तक्षेप भारत द्वारा नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन, भारत द्वारा कश्मीर को अभिन्न अंग मानने को नकारना जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अजीज ने आरोप लगाया कि कश्मीर हिंसा से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भारत ने उरी में खुद ही हमला कराया, लेकिन इससे कश्मीर में हुई बर्बरता को छिपाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भारत के आधिपत्यवादी रुख का पाकिस्तान विरोध करता रहा है और बराबरी के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की मांग करता रहा है। अजीज ने कहा कि पाकिस्तानी संसद के निंदा प्रस्ताव का मकसद दुनिया को यह बताना है कि पूरा पाकिस्तान भारतीय आक्रमण के खिलाफ एकजुट है।

भारत के केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा साल 2018 तक पाकिस्तान से लगी भारत की सीमा को पूरी तरह सील कर दिए जाने के एलान पर अजीज ने कहा कि अगर लोगों की आवाजाही व व्यापारिक संबंध बरकरार रहा, तो पाकिस्तान-भारत सीमा को सील कर देने में कोई बुराई नहीं है।

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