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सोमवार, मार्च 8, 2021
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भारत के संगीतकार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान अब इस दुनिया मे नही रहे

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भारतीय शास्त्रीय संगीतकार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का आज निधन हो गया । उनकी बहू नम्रता गुप्ता खान ने यह दुखद जानकारी साझा की है। उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का जन्म 3 मार्च 1931 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। वह रामपुर सहसवान घराने से ताल्लुक रखते थे । संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वह महान दिग्गज सिंगर सोनू निगम के गुरु थे।

उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के निधन पर लता मंगेशकर ने दुख जताया और उन्होंने ट्वीट कर लिखा मुझे अभी यह दुखद खबर मिली है कि महान शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब इस दुनिया में नहीं रहे । यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ वह गायक तो अच्छे थे ही पर इंसान भी बहुत अच्छे थे। उन्होंने आगे लिखा मेरी भांजी ने भी खान साहब से संगीत सीखा है, मैंने भी उनसे थोड़ा संगीत सीखा था। उनके जाने से संगीत की बहुत हानि हुई है। मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि- उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के चले जाने से हमारे सांस्कृतिक संसार को क्षति पहुंची है। वे संगीत की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कलाकार थे। उनकी कला काफी विविध थी जिसने दुनियाभर के लोगों को प्रेरित किया और वे कई पीढ़ियों के प्रिय बन। मेरे जेहन में उनसे मुलाकात की सुखद यादें ताजा हैं। उनके परिवार और करीबियों के प्रति मेरी संवेदनाएं।

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया-उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान भारतीय शास्त्रीय संगीत के लेजेंड थे। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे 2018 में उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित करने का मौका मिला। उनके जाने से संगीत की दुनिया ने न सिर्फ अपना अगुआ खो दिया बल्कि नई पीढ़ी ने मेन्टॉर भी खोया है। उनके परिजनों, दोस्तों और शिष्यों के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं।

भारत-अमेरिका हिन्दी मैत्री सम्मेलन रविवार को

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इंदौर। हिन्दी भाषा के अंतरराष्ट्रीय प्रचार और अमेरिका में हिन्दी की स्थिति और चुनौतियाँ सहित हिन्दी के मार्ग से भारत-अमेरिका में कैसे बढ़ेगी मैत्री जैसे गंभीर विषयों पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान एवं अमेरिका की हिन्दी प्रचार संस्था हिन्दी यूएसए मिलकर वर्चुअल विमर्श रविवार शाम को आयोजित कर रहे हैं।

इस आयोजन मे हिन्दी यूएसए के संस्थापक देवेंद्र सिंह, आकाशवाणी दिल्ली के पूर्व उपमहानिर्देशक लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ एवं हिन्दी यूएसए के स्वयंसेवक सुशील अग्रवाल बतौर वक्ता सम्मिलित होंगे तथा इस विमर्श का संचालन संस्थान के राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी करेंगे।

इस विमर्श का मुख्य उद्देश्य हिन्दी भाषा का प्रचार-प्रसार करना और भारत और अमेरिकी व्यापारिक संवर्धन में हिन्दी की भूमिका के बारे में दोनों देशों की जनता को जागृत करना हैं।मातृभाषा उन्नयन संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘संस्थान का प्रयास है कि हिन्दी का दायरा सम्पूर्ण विश्व में फैले और लोग हिन्दी के महत्त्व को समझते हुए इसे अपनाएँ।’हिन्दी मैत्री सम्मेलन में अमेरिका और भारत से सैंकड़ो श्रोता जुड़ेंगे। इसका लाइव प्रसारण यूट्यूब आदि माध्यमों पर भी होगा।

जिन्हें अब किया बैन, उन्ही चीनी कंपनियों को लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए भाजपा ने दिए थे करोड़ों

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Modi Xi
Modi Xi

सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने आज भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कई बड़े खुलासे किए है। जारी किए गए तथ्यों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए कई चीनी कंपनियों को करोड़ों रुपये दिए थे। वहीं खुलासे में बड़ी बात यह है कि इन कंपनियों में कई ऐसी कंपनियां भी शामिल है जो भारतीय डेटा को चीन भेजने को लेकर सरकार की रडार पर थी।

आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले की तस्वीर

जिन कंपनियों/एप्प को भारतीय जनता पार्टी ने पैसों का भुगतान किया उनमें शेयर इट (ShareIt), यूसी ब्राउज़र (UC Browser) और टेनसेंट (Tencent) शामिल है।

मिली जानकारी के अनुसार भाजपा ने इन चीनी कंपनियों को अपने प्रचार के लिए लगभग 1.15 करोड़ रुपये का भुगतान किया है कर यह कंपनियां हाल ही में भारत सरकार द्वारा बैन किये गए 59 चीनी एप्प्स में शामिल है।

भाजपा द्वारा चुनाव आयोग को भेजा गया चुनावी खर्च का ब्यौरा

चुनाव आयोग को भाजपा द्वारा 2019 लोकसभा चुनाव में प्रचार-प्रसार पर खर्च किये गए पैसे का शपथ पत्र

1: यूसी वेब ब्राउज़र ( UC Web Browser )

जिन कंपनियों को भाजपा ने अपने प्रचार के लिए पैसे दिए उनमें प्रमुख है यूसी ब्राउज़र। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए यूसी ब्राउज़र को कुल 33,50,793 रुपये का भुगतान किया है।

ज्ञात हो कि साल 2017, मतलब लोकसभा चुनाव के लकगभग 2 साल पहले भारत सरकार ने अलीबाबा ग्रुप के यूसी ब्राउज़र को डेटा लीक करने के शक में सरकार के रडार में रखा गया था।

यूसी ब्राउज़र द्वारा तथाकथित डेटा लीक करने और सरकार के रडार में आने को लेकर समाचार पत्रिका आउटलुक की खबर

2: गम्मा गाना (Gamma Gaana)

यूसी ब्राउज़र के बाद जो दूसरी बड़ी चीनी कंपनी थी जिसे भाजपा ने प्रचार के लिए पैसे दिया, वह थी गम्मा गाना। कंपनी के कई डायरेक्टरों में से एक है, चीनी पो शू युइंग (Po Shu Yueng)। वहीं दिलचस्प बात यह है कि पो शू युइंग एक अन्य कंपनी, 10 सी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (10c India Pvt Ltd) के भी डायरेक्टर है।

गम्मा गाना के डायरेक्टर पो शू युइंग की जानकारी

बता दें कि कंपनी गम्मा गाना, टेनसेंट (चीनी कंपनी) के अनुदान पर चलती है।

अलीबाबा और टेनसेंट का चीनी पार्टी पीपल्स लेबेराशन पार्टी ( Peoples Liberation Party) से कनेक्शन

अंग्रेजी अखबार Economic Times में छपी खबर, जिसमें सरकार ने दावा किया है कि हुआवेई, अलीबाबा और टेनसेंट समेत 7 चीनी कंपनियों के संबंध चीनी राजनैतिक पार्टी पीएलए से है।

3: शेयर इट ( Share IT)

तीसरी और आखरी कंपनी जिसको भाजपा ने अपने प्रचार-प्रसार के लिए लोकसभा चुनाव में पैसा दिया, वह है शेयर इट, (Share IT)।

शेयर इट को भाजपा द्वारा दिया गया पैसा

शेयर इट उन ऍप्लिकेशन्स में से है जिन्हें हाल ही में मोदी सरकार ने देश की अखंडता और संप्रभुता को खतरा बताके बैन किया है।

साकेत गोखले ने उठाए कई अहम सवाल

इन सभी तथ्यों को मीडिया के सामने लाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने कई अहम सवाल भी उठाए है। जिनका जवाब भाजपा को देश की जनता को देना चाहिए।

  • भाजपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान इन चीनी कंपनियों को कितना भारतीय डेटा दिया ?
  • भाजपा को लोकसभा चुनाव जीतने में चीनी सरकार की क्या भूमिका रही ?
  • भाजपा के यह चीनी संपर्क कितने गहरे है ?

चीन ने पीएम मोदी को चुनाव जीतने में की मदद ?

साकेत ने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच समय समय पर मुलाकात होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी भी चीन के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग से 18 बार मिल चुके है।

भाजपा द्वारा लोकसभा चुनाव में किये गए पूरे खर्चे की पूरी लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें

(नोट: लेख में दिए गए सभी तथ्य सामाजित कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले द्वारा उनके ट्विटर एकाउंट पर जाती किये गए है। ऐसे दौर में जब मुख्य मीडिया एक तय प्रोपेगंडा पर काम कर रहा है तो साकेत गोखले जैसे आरटीआई और सामाजिक कार्यकर्ता का यह योगदान सराहनीय है।)

30 सालों में इस साल सबसे ज्यादा सुस्त होगी भारतीय अर्थव्यवस्था: वर्ल्ड बैंक

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विश्व बैंक अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास की दर 30 साल के निचले स्तर पर आ सकती है। विश्व बैंक ने कहा है कि वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की जीडीपी ग्रोथ की दर 1.5 फीसद से 2.8 फीसद के बीच रह सकती है। बैंक ने कोरोनवायरस महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में मची उथल-पुथल को विकास दर में भारी कमी का कारण बताया है। विश्व बैंक ने अपनी ‘साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस रिपोर्ट’ में यह बात कही है। विश्व बैंक का अनुमान अगर सही बैठता है तो देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार 1991 के बाद के निचले स्तर पर आ जाएगी। साल 1991 में देश ने उदारवादी आर्थिक नीतियों को अपनाया था।

विश्व बैंक का अनुमान है कि 31 मार्च, 2020 को समाप्त वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी विकास की दर 4.8 फीसद से 5 फीसद के बीच रहेगी। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी ऐसे समय में फैली है जब भारत की इकोनॉमी पहले से सुस्ती का सामना कर रही थी।

कोरोनावायरस महामारी को रोकने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू किया है। इसके तहत कारखानों और तमाम व्यवसाय को बंद कर दिया गया है। साथ ही उड़ानों, ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। इसके साथ ही लोगों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लागू की गई हैं।

विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन की वजह से घरेलू आपूर्ति और मांग में कमी की वजह से वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास दर में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।

वैश्विक स्तर पर जोखिम एवं भारत के वित्तीय क्षेत्र को लेकर फिर से पैदा हुए चिंताओं के कारण घरेलू निवेश में फिर से तेजी आने में समय लगेगा। विश्व बैंक ने कहा है कि कोविड-19 के प्रभाव के खत्म होने एवं वित्तीय और मौद्रिक नीतिगत मदद की वजह से अगले वित्त वर्ष (2021-22) में देश की जीडीपी वृद्धि दर पांच फीसद के आसपास रहने का अनुमान है।

कोविड-19 से जुड़ी चिंताओं के कारण हाल में कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत के आर्थिक विकास से जुड़े अनुमान में कटौती की है।

देश के इन राज्यों में बढ़ाया गया लॉक डाउन, देखें पूरी लिस्ट

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आज पूरा विश्व कोरोना की चपेट में है दुनिया के लगभग सभी देशों में कोरोना(covid-19) ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई है जिस कारण से विश्व के लगभग सभी देशों ने संक्रमण को रोकने और अपनी जनता के सुरक्षा हेतु लॉक डाउन जैसे जरूरी कदम उठाए हैं इसी कड़ी में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी देश से 14 अप्रैल तक लॉक डाउन करने की अपील की थी प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री ने देश की जनता का आव्हान करते हुए कहा था कि आज जब पूरा विश्व को रोना जैसे लाइलाज संक्रमण की चपेट में है और पूरे देश को इस समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए और पूरे देश में अत्यावश्यक सुविधाओं को छोड़कर सभी चीजें बंद की जानी चाहिए।

जिसके बाद से भारत में लॉक डाउन को 14 अप्रैल तक बढ़ाया गया है इसके बावजूद भी कई राज्यों में कोरोना रुकने का नाम नहीं ले रहा है यही कारण है की राज्य सरकारें केंद्र सरकार में आदेश के बाद भी लॉकडाउन की अवधि बढ़ा रही हैं।

इन राज्यों में बढ़ाया गया लॉकडाउन

  1. उड़ीसा( 14अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल)
  2. पंजाब(14 अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल

उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लॉक डाउन बढ़ाए जाने की पहल करते हुए कहा कि हमने लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। पटनायक ने कहा कि क्योंकि कोरोना एक गंभीर बीमारी है और अभी पूरे विश्व में इससे निपटने के लिए कोई दवा को ईजाद नहीं किया गया है इसलिए हम लॉकडाउन की अवधि को 14 अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर रहे हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि हमने लॉक डाउन की अवधि को 14 से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया है। लॉकडाउन बढ़ाए जाने पर तर्क देते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने कहा की आज पंजाब की 58% जनता इस संक्रमण की चपेट में आने की ओर है हमें आशंका है कि प्रदेश में आने वाले दिनों में 58% से ज्यादा जनता इसकी जद में आ जाएगी इसीलिए हम लॉकडाउन को 14 अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर रहे हैं जिससे हम कोरोना के संक्रमण को राज्य मे रोकने में सफल रहें।

Nepal objects to India’s inclusion of Kalapani in their new map

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By: Talat Mohsin

After India released a new map which showed Kalapani as part of the country, Nepal has responded negatively, saying that Kalapani is a part of their country.

The Nepal Government has released a statement, saying that the media reports surrounding the map had brought its attention to the matter. A report in the local media said that the Kalapani is a part of the Darchula District of Nepal, while the Indian maps showed it as a part of the Pithoragarh district in the state of Uttarakhand.

The foreign ministry of India responded to the situation, saying, “Our map accurately depicts the sovereign territory of India. The new map has in no manner revised our boundary with Nepal. The boundary delineation excercise with Nepal is ongoing under the existing mechanism.”

The foreign ministries of both countries have been assigned the duty “to resolve the remaining border-related issues between Nepal and India in consultation with concerned technicians” according to the Nepalese Government.

There are some new changes in the new map of India. I’m the map, the Pakistan controlled Kashmir is the part of the newly created Union Territory of Jammu and Kashmir. The map also shows Gilgit-Baltistan as a part of the Union Territory of Ladakh.

Pegasus spyware attack: Experts have proof that Indian Government knew about it

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By: Talat Mohsin

Several cyber experts have put up online evidence which proves that a computer emergency team working with the Union Ministry of Information and Technology knew about the spyware when it was first reported in May 2019. This shocking evidence emerged a day after the Centre denied having information about the spyware.

A Non-governmental organization named Internet Freedom Foundation (IFF) has posted an arch-rival link of a webpage of the CERT, which shows a “buffer overflow vulnerability in WhatsApp.”

On the CERT’s website, the ‘vulnerability’ of the virus was termed as ‘high’. The web page of the CERT where the details of the vulnerability were given under Vulnerability Notes has since been taken down, but the electronic traces of the page still remain.

The incident report contains a link, which directs users to a webpage hackernews.com, which clearly states that “Whatsapp has recently patched a severe vulnerability that was being exploited by attackers to remotely install surveillance malware.” The site clearly states the name of the spyware Pegasus, and also mentioned that it’s discovered, sold and weaponized by Israeli company NSO group.

IFF executive director Apar Gupta said –“An incident report online mentioned NSO group’s malware and it was incumbent upon CERT to investigate the exploitation further since it indicated that the security and privacy of Indian users could have been compromised. WhatsApp is used by millions in India.

There was clearly a lack of proper investigation in dealing with the incident report.” On the incident, cyber expert Srinivas Kodali tweeted- “Remember @IndianCERT is computer emergency response team. It’s an emergency response team and they forgot about the emergency in May with #Whatsapp.” Aditi Agarwal, a senior research executive at Medianama, called out the Government on their denial, tweeting-“So can CERT claim any kind of ignore. I would say know. Can they blame WhatsApp for not informing? Nope. Not just because WhatsApp (did) inform the Govt and the proof is in the now taken down webpage.”

Over two dozen people in India were targeted by spyware in India. This list contains the name of Human Rights Activist Nihal Singh Rathod, Adivasi activist Bela Bhatia, former BBC journalist Shubhranshu Chaudhary among others.

Brazil says that it will no longer require Indians, Chinese to have visa to visit the country

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By: Talat Mohsin

On Thursday, Brazilian President Jair Bolsonaro announced that the country would no longer require Indians and Chinese citizens to have visa to visit it.

The Brazilian President had made it a policy to reduce visa requirements from a number of developed countries. Earlier this year, Brazil had ended visa requirements from the United States, Canada, Japan, and Australia. However, these countries have not in return dropped the visa requirements from Brazilian citizens.

Bolsonaro announced the news on his official visit to China. This policy is being viewed as the first towards developing countries.

After the announcement, the Brazilian embassy said-“The Government of Brazil intends to bring in a policy to facilitate easier entry for Indian tourists and business persons from India as we want to boost people to people contact between the two countries and increase foreign investment into Brazil.”

The announcement from the South American country has come just before the BRICS summit, which is expected to boost intra-BRICS ties.

India wins the last test match too, clean sweeps South Africa in the test series

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By: Talat Mohsin

India has defeated South Africa in the 3 rd test match of the series, winning the whole test series against the visitors by 3-0. The victory was achieved on day 4 of the match when South Africa when Shahbaz Nadim was able to dismiss the last two players of the South African batting line up in within the second over of the morning.

This is the first time ever that India has been successful in whitewashing the Africans in a test series. It was a 202 run victory and an inning. After his smashing performance in the series, Rohit Sharma was awarded both Man of the Match and Player of the Series award.

This is India’s sixth-biggest victory. With this series, this is India’s fifth consecutive win in the ICC test championship with a total of 240 points on the scoreboard. At this stage, it’s at the top of the table. It was also India’s eleventh successive series triumph at home.

In the post-match presentation, the star of the series Rohit Sharma said-“the support of the coach and captain helps. I am thankful for the opportunity to the management for that opening slot.”

India the lowest ranking Asian country at the Hunger Index 2019; ranked 102 out of 117

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By: Talat Mohsin

The Hunger Index is out now, and it doesn’t look good for India. According to the report, India is on 102 nd rank out the total 117 countries. It’s been left behind by its counterparts Pakistan, Nepal, and Bangladesh.

The GHI score reflects on the data provided by the countries from the years 2014 to 2019 and they were judged on four parameters- undernourishment, child wasting, child stunting and child mortality rate under 5 years. The GHI scores the countries on a 100 point severity scale where zero is the place with no hunger and 100 is the worst. India’s score was 30.3.

Not only was India the lowest-ranked Asian countries, at some parameters it performed even worse than some of the Sub-Saharan African countries. The report says: “Because of its large population, India’s GHI indicator values have an outsized impact on the indicator values for the region. India’s child wasting rate is extremely high at 20.8%- the highest wasting rate of any country in this report.”

In 2000, India was at the 83 rd spot among 113 countries. After steady improvement, India’s rank began deteriorating from 2015 when it was on the 93 rd rank. Nepal and Bangladesh have performed exceedingly well in the Index. Even Pakistan, who was the only South Asian country behind India, has improved its rank.

Seventeen countries with a GHI of less than 5 tied for the first rank. They included the names of Belarus, Kuwait, Ukraine, Turkey, and Cuba. The report has stated that there’s no denying the fact that the world has come a long way since 2000, the world still has a lot to do to achieve its “zero hunger” target.