Saturday, June 19, 2021
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भारत के मशहूर वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने कोविड पैनल के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा

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कोरोना के इस कठिन समय में देश के मशहूर वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने वैज्ञानिकों के सलाहकार समूह के फोरम से इस्तीफा दे दिया है। यह फोरम कोरोना वायरस के विभिन्न वैरिएंट का पता लगाने के लिए गठित किया गया था। बताया जा रहा है कि उन्हें SARS-CoV-2 वायरस के जीनोम स्ट्रक्चर की पहचान करने हेतु वैज्ञानिक सलाहकार ग्रुप का प्रमुख बनाया गया था। लेकिन उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।

बता दे कि जमील ने कई हफ्तों पहले कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के सरकार के तौरतरीकों पर सवाल उठाए थे। वहीं कोरोना संकट के बीच डॉ शाहिद जमील को सरकार की ओर से अहम जिम्मेदारी दी गई थी।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जमील ने कहा है कि इसकी वजह बताना उनकी मजबूरी नहीं है। हालांकि मंत्रालय की सचिव रेणु स्वरूप ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया अभी नहीं दी है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के वैरिएंट B.1.617 को भारत में कोरोना की दूसरी भयानक लहर का सबसे बड़ा जिम्मेदार माना जा रहा है।

कोरोना की दवा 2डीजी अगले हफ्ते से होगी उपलब्ध

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देश में कोरोना वायरस का कहर अभी भी जारी है और इस बीच वैक्सीनशन पर अधिक जोर दिया जा रहा है। देश में अभी कोवैक्‍सीन या कोविशील्‍ड वैक्सीन लगाई जा रही है। रूस में निर्मित स्पूतनिक V के टीके भी बाजार में जल्दी ही उपलब्ध हो जाएंगे। इसके अलावा कोरोना की एक और वैक्सीन बाजार में आने वाली है जिससे कोरोना से लोगों को काफी राहत मिल सकती है।

दरअसल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अधिकारियों के कहा कि कोरोना की दवा 2 डीजी की 10,000 खुराक का पहला खेप अगले सप्ताह से बाजार में उपलब्ध हो जाएगा। ये दवा कोरोना के मरीजों को जल्द ठीक करती है और उसके साथ साथ उनकी ऑक्सीजन पर निर्भरता कम करती है।

बता दे कि डीआरडीओ के निर्माताओं ने कहा है कि दवा निर्माता अपने उत्पादन पर तेजी लाने पर काम कर रहे हैं जिससे भविष्य में कोई परेशानी ना हो। आपको बता दें कि इस दवा को डीआरडीओ की एक टीम ने विकसित किया है। संकट के इस समय में वरदान मानी जा रही इस दवा को तैयार करने के पीछे तीन वैज्ञानिकों की मेहनत रही है जिनमे डॉ. सुधीर चांदना, डॉ. अनंत नारायण भट्ट और डॉ. अनिल मिश्रा शामिल है।

2-डीजी (2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज) दवा को ऐसे समय मंजूरी मिली है जब भारत कोरोना वायरस की महामारी की दूसरी लहर से घिरा हुआ है और देश के स्वास्थ्य अवसंरचना पर भारी दबाव है। खास बात यह है कि यह दवा पाउडर के रूप में पैकेट में आती है, इसे पानी में घोलकर पीना होता है।

इस दवा को लेकर रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि कोविड-19 की चल रही दूसरी लहर की वजह से बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है। इस दवा से अधिक लोगों के बचने की उम्मीद है क्योंकि यह दवा संक्रमित कोशिकाओं पर काम करती है। यह कोविड-19 मरीजों के अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम करती है।

कोरोना से मुकाबला करने के लिए ट्विटर कंपनी ने भारत को दिए 1.5 cr dollar

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ट्विटर ने भारत में कोविड-19 संकट का मुकाबला करने के लिए 1.5 करोड़ डॉलर दिए है। ट्विटर के सीईओ जैक पैट्रिक डोर्सी ने सोमवार को ट्वीट किया कि यह राशि तीन गैर-सरकारी संगठनों- केयर, एड इंडिया और सेवा इंटरनेशनल यूएसए को दान की गई है।

उन्होंने कहा कि सेवा इंटरनेशनल एक हिंदू आस्था आधारित मानवीय और गैर-लाभकारी सेवा संगठन है। सेवा इंटरनेशनल के हेल्प इंडिया डिफीट कोविड-19 अभियान के तहत ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, बायपैप मशीनों जैसे जीवन रक्षक उपकरणों को खरीदा जाएगा।’

उन्होंने आगे कहा कि सेवा की प्रशासनिक लागत लगभग पांच प्रतिशत है जिसका अर्थ है कि दान में मिले प्रत्येक 100 डॉलर सें 95 डॉलर उन लोगों पर खर्च किया जाता है। ह्यूस्टन मुख्यालय वाले सेवा यूएसए ने अब तक भारत में कोविड-19 राहत कार्यों के लिए 1.75 करोड़ अमरीकी डालर जुटाए है।

अस्पताल में भर्ती होने के लिए अब कोरोना की रिपोर्ट की ज़रूरत नहीं

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कोरोना को लेकर अब सरकार ने नई गाइडलाइन बनाई गई है। अब मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाए जाने के लिए कोविड-19 की पॉजिटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी।

बता दे कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड रोगियों को अस्पताल में भर्ती किए जाने की राष्ट्रीय नीति में बदलाव किया है। अब कोविड वायरस से संक्रमित किसी भी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने के लिए पॉजिटिव सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी। पहले अस्पतालों में भर्ती करवाने के लिए कोविड की पॉजिटिव रिपोर्ट या फिर सीटी-स्कैन की जरूरत होती थी।

दरअसल गंभीर मामले वाले मरीज को केस की गंभीरता के मुताबिक संदिग्ध वॉर्ड सीसीसी, डीसीएचसी और डीएचसी में भर्ती किया जाएगा। किसी भी मरीज को किसी भी वजह से सेवाएं देने से मना नहीं किया जाएगा। उसके साथ ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएं जैसी दवाएं शामिल है।

इस नीति के मुताबिक किसी भी मरीज को उस शहर में जहां अस्पताल स्थित है वैध पहचान पत्र न उपलब्ध करा पाने में सक्षम न होने पर प्रवेश देने से मना नहीं किया जाएगा। अब अस्पताल में प्रवेश जरूरत के आधार पर दिया जाएगा।

भारत को मिल सकती है कोरोना के खिलाफ एक और वैक्सीन

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भारत को कोरोना के खिलाफ चौथे वैक्सीन के मिलने की संभावना है। अहमदाबाद की कंपनी ज़ाइडस कैडिला इस महीने भारत में अपनी कोविड-19 वैक्सीन ‘ZyCoV-D’ के आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी पाने के लिए आवेदन दे सकती है।

बता दे अगर मंजूरी मिली तो ZyCoV-D भारत के Covid-19 टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल होने वाली चौथी वैक्सीन होगी। ZyCoV-D के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी जाती है तो देश के टीकाकरण अभियान में आ रही कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।

इससे पहले अप्रैल में Zydus Cadila ने घोषणा की थी कि उसकी दवा Virafin को Covid-19 के हल्के मामलों के उपचार के लिए भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल से प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिली है।

कोरोना की तीसरी लहर आना तय, विजयराघवन ने कहीं ये बात

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केंद्र सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के विजयराघवन ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बड़ी बात कही है। बता दे हर शाम होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के साथ मौजूद विजयराघवन ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर का आना तय है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है उसे देखते हुए ये कहा जा सकता है कि तीसरी लहर आएगी। लेकिन ये स्पष्ट नहीं कह सकते कि यह कितनी ख़तरनाक होगी और कब आएगी। साथ ही साथ उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमें तीसरी लहर के लिए तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन कोरोना के इस नए वेरिएंट के ख़िलाफ़ भी असरदार है। कोरोना का नया वेरिएंट पूरी दुनिया में पैदा होगा और भारत में भी लेकिन जिस वेरिएंट के कारण संक्रमण बढ़ रहा है वो कम भी होगा।

उन्होंने ये भी कहा कि भारत और पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस प्रकार के वैरिएंट्स को पहले से ही पहचानने और उनके खिलाफ कारगर दावा बनाने में काम कर रहे है।

स्पूतनिक V का पहला खेप पहुचा भारत

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स्पूतनिक V की पहली खेप भारत पहुंच गई है। 1.5 लाख डोज लेकर रूसी विमान शनिवार को करीब 4 बजे हैदराबाद में लैंड किया। आज ही देश में टीकाकरण के पहले फेज की शुरुआत हुई है जिसे स्पूतनिक V के आने से तेजी मिलेगी।

वैक्सीन की पहली खेप भारत पहुंचने के बाद रूसी कंपनी ने कहा, ”स्पूतनिक V वैक्सीन की पहली खेप हैदराबाद पहुंच गई है। ठीक उसी दिन जब देश ने कोरोना के खिलाफ सभी व्यस्क आबादी के टीकाकरण की मुहिम शुरू की है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के द्वारा कहा गया है कि स्पूतनिक V वैक्सीन महामारी के खिलाफ जंग में भारतीय शस्त्रागार से जुड़ेगा। यह तीसरा विकल्प हमारी वैक्सीन क्षमता को बढ़ाएगा और टीकाकरण में तेजी लाएगा।

स्पुतनिक V मानव एडेनोवायरल वैक्टर पर आधारित है और तीन वैक्सीन में से एक है जिनमें कोरोनो के खिलाफ 90% से अधिक प्रभावकारिता है। इसे 12 अप्रैल को भारत में विनियामक अनुमोदन या आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी।

स्पुतनिक V को भारत में मिली मंजूरी

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भारत(India) को कोरोना(corona) की खिलाफ लड़ाई में एक और वैक्सीन मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने रूस की वैक्सीन स्पुतनिक v(Sputnik V) को इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन की अनुमति दे दी है। अब तक कुल तीन वैक्सीन को भारत मे इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन मिल चुकी है। जिसमें कोवैक्सीन(Covaxin) और कोविशील्ड(covishield) है।

इस वैक्सीन को नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ऑफ मिनिस्ट्री ऑफ हैल्थ ऑफ रशियन फेडरेशन ने तैयार की है। भारत में इसका क्लीनिकल ट्रायल डॉ रेड्डी लेबोरेटरी ने किया है।

भारत में इस वैक्सीन का फेज 2 और 3 का ट्रायल किया गया है और उसके नतीजों के आधार पर पहले सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी ने इस मंजूरी देने की सिफारिश की है। जिसके बाद सोमवार को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इसे मंजूरी दी है. इस वैक्सीन को दुनिया भर के 30 देशों में अप्रूवल मिला है।

इस वैक्सीन की भी दो डोज लेनी होगी। पेहली डोज और दूसरी डोज के बीच 21 दिन का अंतर होगा। जबकि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन में पहली डोज और दूसरी डोज के बीच 4 से 6 हफ्ते का गैप है. वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड में पहली और दूसरी डोज के बीच 6 से 8 हफ्ते का अंतराल है।

दत्तात्रेय होसबाले बने सरकार्यवाह, भैया जी जोशी का पूरा हुआ कार्यकाल

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने शुक्रवार को शुरू हुई दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन शनिवार को सर्वसम्मति से संघ का नया सरकार्यवाह चुन लिया। प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले (Dattatreya Hosabale) को यह जिम्मेदारी सौंप दी। वह सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी (Suresh Bhaiyaji Joshi) का स्थान लेंगे। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सन 2009 से ही सह सरकार्यवाह की जिम्मेदारी निभा रहे थे। अब वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में नंबर दो की पोजीशन पर पहुंच गए हैं।

दत्तात्रेय होसबाले (Dattatreya Hosabale) न केवल 2024 के चुनावों तक इस पद पर रहेंगे बल्कि 2025 में संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में संघ का संगठनात्मक मार्गदर्शन करेंगे। वह कर्नाटक के शिमोगा से आते हैं। उनका नाम पहले से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह के लिए चल रहा था और उसके बाद अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के दूसरे दिन उनके नाम को सहमति दे दी गई है ।

अब तक सरकार्यवाह की जिम्मेदारी सभाल रहे सुरेश भैयाजी जोशी 2009 से ये जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने 2018 में पद छोड़ने की पेशकश की थी लेकिन कुछ कारण वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था। वैसे सरकार्यवाह का कार्यकाल तीन साल का होता है लेकिन सुरेश भैयाजी जोशी ने अपने चार वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है।

भारत के संगीतकार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान अब इस दुनिया मे नही रहे

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भारतीय शास्त्रीय संगीतकार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का आज निधन हो गया । उनकी बहू नम्रता गुप्ता खान ने यह दुखद जानकारी साझा की है। उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का जन्म 3 मार्च 1931 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। वह रामपुर सहसवान घराने से ताल्लुक रखते थे । संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वह महान दिग्गज सिंगर सोनू निगम के गुरु थे।

उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के निधन पर लता मंगेशकर ने दुख जताया और उन्होंने ट्वीट कर लिखा मुझे अभी यह दुखद खबर मिली है कि महान शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब इस दुनिया में नहीं रहे । यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ वह गायक तो अच्छे थे ही पर इंसान भी बहुत अच्छे थे। उन्होंने आगे लिखा मेरी भांजी ने भी खान साहब से संगीत सीखा है, मैंने भी उनसे थोड़ा संगीत सीखा था। उनके जाने से संगीत की बहुत हानि हुई है। मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि- उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के चले जाने से हमारे सांस्कृतिक संसार को क्षति पहुंची है। वे संगीत की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कलाकार थे। उनकी कला काफी विविध थी जिसने दुनियाभर के लोगों को प्रेरित किया और वे कई पीढ़ियों के प्रिय बन। मेरे जेहन में उनसे मुलाकात की सुखद यादें ताजा हैं। उनके परिवार और करीबियों के प्रति मेरी संवेदनाएं।

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया-उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान भारतीय शास्त्रीय संगीत के लेजेंड थे। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे 2018 में उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित करने का मौका मिला। उनके जाने से संगीत की दुनिया ने न सिर्फ अपना अगुआ खो दिया बल्कि नई पीढ़ी ने मेन्टॉर भी खोया है। उनके परिजनों, दोस्तों और शिष्यों के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं।