Saturday, December 3, 2022
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गुजरात

भारत को मिल सकती है कोरोना के खिलाफ एक और वैक्सीन

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भारत को कोरोना के खिलाफ चौथे वैक्सीन के मिलने की संभावना है। अहमदाबाद की कंपनी ज़ाइडस कैडिला इस महीने भारत में अपनी कोविड-19 वैक्सीन ‘ZyCoV-D’ के आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी पाने के लिए आवेदन दे सकती है।

बता दे अगर मंजूरी मिली तो ZyCoV-D भारत के Covid-19 टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल होने वाली चौथी वैक्सीन होगी। ZyCoV-D के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी जाती है तो देश के टीकाकरण अभियान में आ रही कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।

इससे पहले अप्रैल में Zydus Cadila ने घोषणा की थी कि उसकी दवा Virafin को Covid-19 के हल्के मामलों के उपचार के लिए भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल से प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिली है।

गुजरात मॉडल की उड़ी धज्जियाँ, सूरत में एक चिता पर जलाई जा रहीं 5 लाशें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट गुजरात मॉडल (Gujarat Model) की धज्जियाँ उन्ही के राज्य के आला अधिकारियों द्वारा उड़ाई जा रही हैं। मामला गुजरात मे कोरोना संक्रमण (Covid-19) से होने वाली मौतों से जुड़ा हुआ है।

देश के अन्य प्रदेशों की तरह गुजरात मे भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नही दे पा रही यही कारण है आये दिन संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस गुजरात मॉडल को पूरे देश मे लागू करने के दम पर 2014 के आम चुनावों में विजय पाई थी आज कोरोना संक्रमण ने उसकी परत दर परत खोलकर रख दी है। प्रदेश में कोरोना से लगातार मौतें हो रही हैं लेकिन शासन प्रशासन के अधिकारी ‘आपदा में अवसर’ तलाश रहे हैं।

गुजरात के वडोदरा स्थिति एक अस्पताल में पिछले नौ दिनों में 180 लोगों की मौत हुई हैं।सूरत,वडोदरा,अहमदाबाद और राजकोट के नगर निगमों द्वारा जारी किए गए बुलेटिन के आंकड़े देखें तो रोज महज 25 मौतों का दावा किया जा रहा है जबकि मृत्युदर का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

सूरत के एक श्मशान घाट में तो बुधवार की रात अति हो गई जब बढ़ती लाशों को कम करने के लिए अधिकारियों ने एक ही चिता पर पांच लाशें जलवा दी। इसके पीछे तर्क दिया गया चूंकि श्मशान घाट में लाशों की संख्या अधिक है इसलिए सामूहिक दाह करने में समय कम लगेगा और दाह संस्कार जल्दी हो जाएगा। यह हाल सिर्फ सूरत का नहीं है पूरे गुजरात के श्मशान घाटों का यही हाल है।

पूरे गुजरात मे कोई भी ऐसा श्मशान घाट नही है जो 24 घंटे न सुलगता हो इतने के बाद भी लाशों की कतारें कम नही हो रही। अधिकांश लाशें कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की आ रही है। लेकिन अधिकारी यहाँ भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दम्भ भरती सरकार की हां में हां मिलाते हुए चालबाजी करके सरकारी आंकड़ों में कम मौत दर्ज कर रहे हैं।

18 फ़ीट लम्बी और 8 फिट चौड़ी है सामूहिक चिता

सूरत नगर निगम के गुरुवार को जारी आंकड़े में 25 मौतें दिखाई गईं हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि ‘यह सच है कि सरकारी आंकड़ों में कोरोना की मौतें कम दिखाई जा रही हैं।’ सूरत में, एक बार में पांच शवों को जलाने के लिए 18 फीट लम्बी और आठ फीट चौड़ी चिता बनाई गई है। इसमें एक साथ शवों को कुछ-कुछ दूरी पर रखकर जलाया जा रहा है।

दैनिक भास्कर गुजरात का कमाल, बनाई कुछ ऐसी हेडलाइन कि सोशल मीडिया पर हो रही है वायरल

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कोरोना का प्रकोप पूरे विश्व में देखने को मिल रहा है। ऐसे में गुजरात के पत्रकारों ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से पूछा कि 5000 Remdesiver इंजेक्शन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के पास कैसे पहुंच गए जबकि जनता परेशान है तो मुख्यमंत्री ने जवाब दिया “उन्हीं से पूंछे”। ऐसे में दैनिक भास्कर के गुजरात संस्करण ने अपने फ्रंट पेज पर प्रदेश अध्यक्ष का फ़ोन नंबर ही डाल दिया ।

पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से फिर सवाल पूंछा तो मुख्यमंत्री यही जवाब देते रहे कि “आप प्रदेश अध्यक्ष से पूछें”। हर बार जब यही जवाब मुख्यमंत्री से मिला कि “प्रदेश अध्यक्ष से पूछें” तो दैनिक भास्कर के गुजरात संस्करण दिव्य-भास्कर ने बहुत ही क्रांतिकारी हेड लाइन बनाते हुए प्रदेश अध्यक्ष महोदय का फोन नंबर ही हेड-लाइन के रूप में छाप दिया।

ऐसे में गुजरात भास्कर के स्टेट एडिटर ने ट्वीट करते हुए कहा कि “लोग इंजेक्शन के लिए घंटों लाइन में लग रहे, लेकिन इंजेक्शन नहीं मिल रहा, फिर भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटील के पास 5000 इंजेक्शन कहां से आए? किसने दिए? कैसे दिए? सरकार जवाब दे। ये नंबर इंजेक्शन के सरकार सीआर पाटील का है! इंजेक्शन के लिए परेशान जनता सीधे इन्हें फोन लगाए और इंजेक्शन मांगे।”

9 अगस्त को अहमदाबाद कोर्ट के सामने पेश होंगे राहुल गांधी, कोर्ट ने भेजा समन

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राहुल गांधी को अहमदाबाद की एक अदालत ने 9 अगस्त को पेश होने को लेकर समन भेजा है। अप्रैल को एक चुनावी रैली में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी को लेकर दायर मानहानि के मुकदमे के सिलसिले में यह समन जारी किया गया है।

क्या है पूरा मामला ?

राहुल ने मध्यप्रदेश में चुनावी रैली के दौरान अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्प्णी करते हुए उन्हें ‘हत्या का आरोपी’ कहा था। राहुल ने 23 अप्रैल को हुई इस रैली में अमित शाह के खिलाफ हत्या के मामले का हवाला देकर राहुल गाँधी ने हमला बोला था। इस मामले में शाह पांच साल पहले बरी हो चुके हैं। राहुल ने शाह के बेटे जय शाह पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

रैली में अमित शाह पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा था, “हत्या के आरोपी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह… वाह! क्या आपने जय शाह का नाम सुना है? वह जादूगर हैं, उन्होंने तीन महीने में 50 हजार रुपये को 80 करोड़ रुपये में बदल दिया।”

एक गैंगस्टर शोहराबुद्दीन शेख के कथित फर्जी मुठभेड़ से जुड़े मामले में अमित शाह का नाम आया था। ये मामला 2005 का है। हालांकि 2014 में कोर्ट ने कहा कि उन्हें शाह के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है।

भाजपा को झटका, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वघेला यूपीए में हुए शामिल

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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वघेला ने मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी की सदस्यता लेते हुए वाघेला ने कहा कि ऐसे वक़्त जब भाजपा के शासन में देश के लोकतंत्र को ख़तरा है, मैंने भाजपा के ख़िलाफ़ लड़ने और भाजपा विरोधी ताकतों का हाथ मज़बूत करने के लिए एनसीपी में शामिल होने का फैसला किया है। बता दें कि वाघेला ने मंगलवार को शरद पवार की मौजूदगी में उनकी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सदस्यता ली। जिसके बाद वघेला को एनसीपी को राष्टीय महासचिव बनाया गया है।

वघेला का स्वागत करते हुए पवार ने कहा कि राकांपा गुजरात में और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की प्रगति के लिए वाघेला के राजनीतिक अनुभवों का इस्तेमाल करेगी। मैंने वाघेला को गुजरात के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर राकांपा की प्रगति के लिए अपना योगदान देने को कहा है। वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव होंगे। गुजरात में हम भाजपा विरोधी ताकतों को मज़बूत करना चाहते हैं और वाघेला को लाकर हमने ऐसी कोशिश की है।

लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पर वघेला ने कहा कि इसका फैसला पार्टी को करना है। वहीं जानकारों का कहना है कि बघेला के एनसीपी में शामिल होने से गुजरात में लोकसभा की कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।

गुजरात में लोकसभा की सभी 26 सीटों पर फिलहाल भारतीय जनता पार्टी का क़ब्ज़ा है। 78 वर्षीय क्षत्रिय नेता ने 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस छोड़ दी थी। इससे पहले उन्होंने और उनके समर्थक कुछ विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल के ख़िलाफ़ वोट दिया था और भाजपा समर्थित उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत का समर्थन किया था।

हालांकि, वाघेला सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल नहीं हुए और दिसंबर 2017 के राज्य विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों को उतारा था लेकिन उनके सारे उम्मीदवार हार गए। हाल में उन्होंने दिल्ली सहित कई स्थानों का दौरा किया और कहा कि वह केंद्र में भाजपा नीत सरकार को हराने के लिए काम करेंगे. वाघेला 1996 में कांग्रेस के समर्थन से राज्य के मुख्यमंत्री बने थे।

गुजरात मे बाहरी लोगों को नही मिलेगा सवर्ण आरक्षण का लाभ

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मोदी सरकार द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण को लेकर कानून बनाने के बाद गुजरात पहला राज्य था जिसने इस कानून को राज्य में लागू किरने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद बुधवार को गुजरात सरकार ने इसके लिए निर्धारित नियमों को भी मंजूरी दे दी, जिसमें घर या जमीन के मालिकाना हक के मापदंडों को शामिल नहीं किया गया है। गुजरात सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों के मुताबिक राज्य में 1978 के पहले से रह रहे लोग ही इस आरक्षण का लाभ उठा पाएंगें। सरकार का कहना है कि आरक्षण में गुजरातियों कोे प्राथमिकता देने के उद्देश से 1978 से पहले तक दूसरे शहरों से आकर गुजरात में बसे लोगों को ही इस आरक्षण के योग्य माना जाएगा। जिसका मतलब है कि 1978 के बाद देश के किसी भी राज्य से यदि कोई व्यक्ति गुजरात जाकर बसा है तो उसे या उसके बच्चों को इस आरक्षण का लाभ नही मिलेगा।

सरकार का कहना है कि 1978 की कटऑफ डेट जारी करने का मकसद गुजरातियों के हितों की रक्षा करना है। इसका मतलब है कि सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण उन लोगों पर लागू होगा जो 1978 से पहले गुजारत में बसे हैं। सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के उच्च सूत्रों ने कहा कि यह शर्त अपने आप लाखों गैर-गुजरातियों को आरक्षण के लिए अयोग्य साबित कर देगा।

इन सभी को मिलेगा आरक्षण का लाभ

डेप्युटी सीएम नितिन पटेल ने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोग कोटा के लिए सेंट्रल जॉब में अप्लाई कर सकते हैं। जमीन, प्लॉट या फ्लैट का मालिकाना हक आरक्षण की योग्यता को प्रभावित नहीं करेगा। हमारा मकसद युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने और उच्च शिक्षा के लिए मदद करना है।’ उन्होंने जोर दिया कि सरकार अतिरिक्त सीटें बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों को अतिरिक्त अनुदान देगी।

10% में भी 33% महिला आरक्षण

चुनाव से पहले आरक्षण लागू करने करके 10 फीसदी वर्ग में महिलाओं के 33 फीसदी आरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। 2015 में गुजरात सरकार ने 33 फीसदी पुलिस नौकरी महिलाओं के लिए आरक्षित करने का फैसला किया था। पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल राज्य की गुजरात अनारक्षित शिक्षा और आर्थिक विकास निगम द्वारा जारी की गई विभिन्न योजनाओं के लिए 4.5 लाख रुपये और 6 लाख रुपये का आय मानदंड जारी रहेगा।

भाजपा से नाराज चल रहे उपमुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल ने दिया बड़ा बयान।

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गुजरात में भाजपा की नवनिर्वाचित सरकार की शुरुवात उम्मीद के अनुसार नहीं थी। दरअसल गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल को पिछली बार महत्वपूर्ण विभाग दिए गए थे लेकिन इस बार उनको साधारण विभाग दिए गये थे जिसको लेकर वो नाराज़ थे और कार्यालय का कार्यभार नहीं संभाल रहे थे। अब पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने नितिन पटेल से बात करके उन्हें मना लिया है और उन्हें बड़े विभाग देने का आश्वासन भी दिया है।

नितिन पटेल को मिला वित्त मंत्रालय
गौरतलब है कि पिछली सरकार में नितिन पटेल को वित्त, शहरी विकास और पेट्रोरसायन जैसे मंत्रालय दिए गए थे, जबकि नई सरकार में उन्हें सड़क, इमारत और स्वास्थ्य जैसे विभागों का भार सौंपा गया है। इसी कारण वह पार्टी से नाराज़ थे और अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी अमित शाह से बात हुई और उन्होंने नितिन पटेल को मना लिया है।
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से हुई बात: पटेल
रिपोर्ट्स के अनुसार उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल को वित्त मंत्रालय दे दिया गया है। इससे पहले पटेल ने कहा कि, ‘मुझे उचित पद मिलने का आश्वासन दिया गया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मेरी फोन पर बात हुई। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। नितिन पटेल ने कहा कि, ‘चूंकि अमित शाह जी ने मेरे ऊपर भरोसा जताया है, इसलिए मैं पदभार संभाल रहा हूं। कैबिनेट की मीटिंग हुई थी। मैंने सीएम के साथ इसमें हिस्सा लिया और अनुशासन बनाए रखा। मैंने हाई कमान से कहा था कि अगर मुझे महत्वपूर्ण मंत्रालय नहीं दिए गए तो एक मंत्री की जिम्मेदारी से मुझे मुक्त कर दिया जाए।’

पार्टी को दिया था 3 दिन का समय
इससे पहले नितिन पटेल ने शनिवार (30 दिसंबर) को कहा था कि अब यह उनके आत्म सम्मान का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि ‘मैंने पार्टी हाईकमान को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है और मुझे उम्मीद है कि वे मेरी भावनाओं पर उचित प्रतिक्रिया देंगे।’ बता दें कि नितिन पटेल मेहसाना से विधायक हैं।

हार्दिक पटेल ने दिया था कांग्रेस में शामिल होने का ऑफर
गौरतलब है कि हार्दिक पटेल ने शनिवार को अहमदाबाद गुजरात के उपमुख्यमंत्री को ऑफर देते हुए कहा थ कि, ‘अगर वह (नितिन पटेल) और अन्य 10 विधायक पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल होते हैं तो मैं और मेरे समर्थक पार्टी में नितिन पटेल का स्वागत करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत करने के लिए तैयार हैं।’

मोदीजी का जो मॉडल है, उसे गुजरात के लोग नहीं मानते, वो अंदर से खोखला है : राहुल गांधी

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गुजरात चुनाव परिणाम के बाद राहुल गांधी ने आज मीडिया से बात की । मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने गुजरात की जनता और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी का जो गुजरात मॉडल है वो अंदर से खोखला है, मार्केटिंग और प्रोपोगेंडा बहुत अच्छा है।

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी के पास चुनाव प्रचार के दौरान कहने के लिए कुछ बचा नही था। प्रचार के दौरान मोदी जी सिर्फ अपनी और कांग्रेस की बात कर रहे थे। प्रचार के दौरान मोदी जी ने ना विकास की बात की और ना ही गुजरात मॉडल के बारे में बात की।

राहुल गांधी ने इस दौरान मोदी जी की नफरत की राजनीति पर जमकर हमला बोला और कहा कि मोदी जी की नफरत की राजनीति का जवाब हम प्यार की राजनीति से देंगे।

वीडियो में देखें राहुल गांधी का पूरा बयान

https://youtu.be/kPn4sk8fMME

मैं बीजेपी को उसकी जीत के लिए अभिनंदन नहीं दूंगा क्योंकि ये जीत बेईमानी से हुई हैं: हार्दिक पटेल

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गुजरात विधानसभा चुनाव में हुई भाजपा की जीत पर कठोर प्रक्रिया देते हुए हार्दिक पटेल ने कहा कि “मैं बीजेपी को उसकी जीत के लिए अभिनंदन नहीं दूंगा क्योंकि ये जीत बेईमानी से हुई हैं। गुजरात की जनता जागृत हुवी हैं लेकिन और जागृत होना ज़रूरी हैं। EVM के साथ छेड़छाड़ हुवी है यह हक़ीक़त हैं”

आपको बता दें कि गुजरात चुनाव परिणाम आने के पहले भी हार्दिक पटेल ने ईवीएम पर सवाल उठाए थे । हार्दिक पटेल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि “अहमदाबाद की एक कंपनी के द्वारा १४० सोफ्टवेर एंजिनियर के हाथों से ५००० EVM मशीन के सोर्स कोर्ड से हेकिंग करने की तैयारी हैं। ”

ईवीएम के सोर्स कोड के साथ हुई छेड़छाड़: हार्दिक पटेल
परिणाम घोषित होने के एक दिन पहले हार्दिक पटेल ने कहा था कि “विसनगर, पाटन, राधनपुर, टँकारा, ऊँजा, वाव, जेतपुर, राजकोट-६८,६९,७०, लाठी बाबरा, छोटाउदेपुर, संतरामपुर, साँवली, मांगरोल, मोरवाहड़फ, नादोद, राजपीपला, डभोई और ख़ास करके पटेल और आदिवासी इलाक़े की विधानसभा क्षेत्र में EVM सोर्स कोर्ड से हेकिंग करने का प्रयास हुवा हैं।

जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी: हार्दिक पटेल
भाजपा की जीत के बाद हार्दिक पटेल ने कहा कि जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेंगी, आरक्षण, किसान और युवाओं की लड़ाई हम ईमानदारी से और सत्य के आधार पर लड़ेंगे,जो लड़ेगा वही जीतेगा। इंक़लाब ज़िंदाबाद..

इसके आगे हार्दिक पटेल ने भाजपा की जीत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसी जीत है जिसमें मुट्ठी भर लोंग को छोड़कर पूरा प्रदेश बेबस हैं।यह हैरान करने वाली बात हैं।मेरा गुजरात परेशान हैं।

अगर गुजरात में VVPAT स्लिप की गिनती हो गयी तो गुजरात ही नहीं , केंद्र की भाजपा सरकार भी 18 दिसंबर को गिर जाएगी।

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आप नेता सौरभ भारद्वाज ने ईवीएम पर पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए है। आप नेता का कहना है कि “अगर गुजरात में VVPAT स्लिप की गिनती हो गयी तो गुजरात नहीं , केंद्र की भाजपा सरकार भी 18 दिसंबर को गिर जाएगी।”

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट करके पूछा कि “Give me one logical reason why VVPAT paper slips should not be counted ? ” मतलब मुझे एक कारण बताइये की गुजरात में VVPAT स्लिप की गिनती क्यों नही होनी होनी चाहिए ?

इससे पहले कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हर विधानसभा की 25% VVPAT मशीनों की जांच नही की जा सकती ।

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि VVPAT स्लिप की गिनती करने में चुनाव आयोग को सिर्फ 3 घंटे ज्यादा लगेंगे। vvpat स्लिप की गिनती की जानी चाहिए, इससे जनता में evm के प्रति विश्वास बढेगा।