Thursday, November 21, 2019
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस ने बनाई नई रणनीति।

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2020 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इस चुनाव में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी नही बल्कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा होंगी और पूरा चुनाव उनके कार्यकाल में किये गए कार्यों के इर्द-गिर्द लड़ा जाएगा।

नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने इसको लेकर अभी से फरमान जारी कर कह दिया है कि, पार्टी की तरफ जारी किये जाने वाले किसी भी पोस्टर पर शीला दीक्षित का चेहरा सबसे प्रमुखता के साथ दिखाया जाए।

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में कांग्रेस के पास दिखाने के लिए जो कुछ भी है, वह शीला दीक्षित के समय का कामकाज ही है। ऐसे में आने वाले विधानसभा चुनाव में वह उन्हीं को भुनाएगी। इसके लिए नए नियुक्त किए गए अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की अगुवाई में बैठक कर फैसला ले लिया गया है।

कई बड़े वादे कर सकती है कांग्रेस

कांग्रेस द्वारा हाल के विधानसभा चुनावों में किये वादों पर नजर डाली जाए तो उसने अपने घोषणा पत्र में कई बड़े-बड़े वादे किये। जिसका लाभ उसे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मिला। वहीं हरियाणा में भी उसे उम्मीद से अच्छे परिणाम मिले।

हरियाणा चुनाव के बाद उत्साह में आई कांग्रेस दिल्ली में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखना चाहती। वह पूरी रणनीति बनाकर दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और भाजपा का मुकाबला करने को तैयार है। दोनों ही दलों के ट्रंप कार्ड का बारीकी से अध्ययन कर उनका जवाबी उत्तर तैयार किया जाएगा। पार्टी के अध्यक्ष रह चुके एक नेता के मुताबिक विधानसभा चुनाव  में कांग्रेस अरविंद केजरीवाल के फ्री बिजली, पानी और बस-मेट्रो के मुकाबले शानदार योजनाएं पेश करेगी और लोगों का समर्थन फिर से प्राप्त करेगी।

दिल्ली में मजबूत होने की उम्मीद

अध्यक्ष पद को लेकर तमाम उलझनों के बाद भी कांग्रेस ने हरियाँणा में शानदार प्रदर्शन किया है। चूंकि, पड़ोसी राज्य होने के नाते दिल्ली के चुनाव पर हरियाणा काफी असर डालता है, कांग्रेस को उम्मीद है कि वह दिल्ली में भी मजबूती पाने में कामयाब रहेगी। इसके लिए हरियाणा के नेता ऐसे इलाकों में प्रचार करते नजर आएंगे जहां हरियाणा के लोगों की बसावट ज्यादा है।

दिल्ली को पूर्ण राज्य और बिहार को मिले विशेष राज्य का दर्जा: नितीश कुमार

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बिहार का मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने आज दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होते हुए दिल्ली को पूर्ण राज्य और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है। कार्यक्रम में नितीश कुमार ने कहा कि हमारी पार्टी ने हमेशा ही दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की है और इसी तरह हम बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग करते है।

बता दें अरविंद केजरीवाल काफी समय से दिल्ली कोे पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे है। विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के साथ ही भाजपा और कांग्रेस ने भी दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने का वादा किया था लेकिन विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा ने इस मुद्दे पर यू टर्न मार लिया था।

2 अप्रैल को राहुल गांधी जारी करेंगे लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2 अप्रैल को दिल्ली स्थित कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय में पार्टी का घोषणा पत्र जारी करेंगे। जानकारों के अनुसार कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में कई बड़े वादे कर सकती है। जैसा उसने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में किया था।

कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र की संभावित घोषणाएं

  1. पूरे देश के किसानों का कर्ज हो सकता है माफ
  2. रोजगार को लेकर हो सकते है बड़े वादे
  3. शिक्षा और स्वस्थ को लेकर बेहतर सुविधाएं
  4. नोटबंदी को लेकर जांच कमेटी हो सकती है गठित
  5. जीएसटी का साधारणीकरण

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुई उर्मिला मातोंडकर

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बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई हैं। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने उर्मिला का पार्टी में स्‍वागत किया। उर्मिला ने दिल्‍ली में राहुल गांधी से मिलकर कांग्रेस की सदस्‍यता ली। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस उन्‍हें मुंबई नॉर्थ सीट से लोकसभा चुनाव 2019 के दंगल में उतार सकती है। हालांकि कांग्रेस और उर्मिला की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

उर्मिला ने बयान करी करते हुए कहा कि “राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़े सभी लोगों का शुक्रिया जिन्‍होंने मेरा यहां इतना अच्‍छा स्‍वागत किया। ये दिन मेरे लिए बेहद महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि मैं आज सक्रिय राजनीति में कदम रख रही हूं। दरअसल, बचपन से मेरी सोच महात्‍मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्‍लभ भाई पटेल के विचारों से मेल खाती है। मेरी पूरी पर्सनालिटी इनके विचारों से काफी मिलती- जुलती है। इसलिए मैंने कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया है।”

पार्टी में शामिल होते ही उन्‍होंने मोदी सरकार पर हमला करना भी शुरू कर दिया। उन्‍होंने कहा कि संविधान पर कहीं न कहीं आज प्रहार हो रहा है। साथ ही उर्मिला ने यह भी साफ कर दिया कि वह कांग्रेस की विचारधारा से प्रभावित होकर राजनीति में आई हैं और कहीं जाने वाली नहीं हैं। वह लंबे समय तक राजनीति में रहेंगी।

बता दें कि मुंबई नॉर्थ सीट पर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना का दबदबा रहा है। इसलिए कांग्रेस को इस सीट के लिए हमेशा कड़ा मुकाबला करना पड़ा है। इस सीट से पिछली बार कांग्रेस के संजय निरूपम को भारी मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। बताया जा रहा है कि ऐश्‍वर्या जोशी और शिल्‍पा शिंदे जैसी अभिनेत्रियों के नाम पर भी मुंबई नॉर्थ सीट के लिए चर्चा हुई, लेकिन पार्टी ने इन नामों को गंभीरता से नहीं लिया।

गौरतलब है कि मुंबई की 6 लोकसभा सीटों के लिए चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। इसी दिन राज्य की 17 अन्य सीटों के लिए भी वोट डाले जाएंगे। यदि उर्मिला मातोंडर को उम्मीदवार बनाया जाता है तो उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा सांसद गोपाल शेट्टी से होगा।

गोविंद भी मुंबई नॉर्थ से लड़ चुके हैं चुनाव अभिनेता गोविंदा ने साल 2004 में पूर्व पेट्रोलियम मंत्री राम नाईक को मुंबई नॉर्थ से पराजित किया था। नाईक इस समय उत्तर प्रदेश के राज्यपाल हैं। नाईक को वर्ष 2009 में संजय निरूपम के हाथों फिर हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन साल 2014 में मोदी लहर के दौरान गोपाल शेट्टी ने निरूपम को पराजित कर दिया। इसके बाद संजय निरूपम मुंबई नॉर्थ-वेस्‍ट सीट पर शिफ्ट हो गए, जहां उनकी अच्‍छी पकड़ है।

अल्पसंख्यक अधिवेशन में बोले राहुलः डरपोक है मोदी, मेरे सामने 5 मिनट नही टिक पाएंगे

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गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के जेएलएन स्टेडियम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अल्पसंख्यक अधिवेशन को संबोधित करते हुए आरएसएस, भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि वह प्रधानमंत्री मोदी को मेरे साथ बहस के लिए एक मंच पर खड़ा करें । मैं नरेंद्र मोदी जी से 5 साल से लड़ रहा हूं। मैं उन्हें अच्छी तरीके से जान गया हूं। नरेंद्र मोदी मेरे साथ बहस में 5 मिनट टिक नहीं पाएंगे, भाग जाएंगे।

राहुल ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी डरपोक आदमी हैं, वह डरते हैं। मेरे सामने राफेल समेत किसी मुद्दे भी मुद्दे पर बहस में टिक नहीं सकते हैं। आरएसएस और उससे जुड़े लोग भी डरपोक और कायर हैं।

हमारे लाईव ब्ल़ॉग पर पढ़ें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अल्पसंख्यक अधिवेशन की सभी खबरें

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिल्ली में की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की है।

बेरोजगारी के आंकड़ें दबाकर बैठी मोदी सरकार, 2 अधिकारियों ने दिया इस्तीफा।

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राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (एनएससी) के दो सदस्यों के इस्तीफे के बाद मामले पर राजनीति तेज हो गई है। बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस ने कहा कि सरकार तत्काल बेरोजगारी से जुड़ी वह रिपोर्ट जारी करे जिसे उसने अपने पास रोक रखा है। वरिष्ट काग्रंस नेता अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा, “सरकार तत्काल बेरोजगारी से जुड़ी वह रिपोर्ट जारी करे जिसे उसने अपने पास रोक रखा है। रिपोर्ट और इसे तैयार करने वाले आयोग का ताल्लुक भारत की जनता से है, न कि किसी राजनीतिक दल से। इसका कोई मतलब नहीं है कि सरकार इस रिपोर्ट को सिर्फ इसलिए जारी नहीं करे कि इसके तथ्य उसके मुताबिक नहीं है।’’

मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए पटेल ने कहा कि सांख्यिकी आयोग के सदस्यों के इस्तीफे से एक और संस्थान निष्क्रिय हो गया है। मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “सांख्यिकी आयोग उन प्रतिष्ठित संस्थानों की कतार में शामिल हो गया है जिनको प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा ने बर्बाद किया है। इनमें आरबीआई, सीबीआई, सीवीसी, सीबीडीटी, ईडी और आयकर पहले से हैं।’’

सिंघवी ने आगे कहा कि आत्मसम्मान वाले पेशेवर लोग इस सरकार के दबाव में नहीं झुक सकते और न ही डेटा के साथ छेड़छाड़ का प्रयास कर सकते हैं। परंतु झुकने वाले नौकरशाहों का इस्तेमाल बदले की राजनीति के लिए हो सकता है। इनको आत्मसम्मान वाले पेशेवर लोगों से सीखना चाहिए।

गौरतलब है कि सांख्यिकी आयोग के दो स्वतंत्र सदस्यों पी सी मोहनन और जे वी मीनाक्षी ने सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर असहमति होने के चलते इस्तीफा दे दिया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मोहनन आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष भी थे।

YuvaKrantiYatra Live: मैं जानता हूं कि नरेन्द्र मोदी जी अब आपको रात को नींद नहीं आ रही : राहुल गांधी

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युवा कांग्रेस द्वारा आयोजिय “युवा क्रांति यात्रा” में पहुंचे राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। यूथ कांग्रेस की “युवा क्रांति यात्रा” पिछले महीने महीने यानी दिसंबर, 2018 में शुरू हुई थी, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए बुधवार को नोएडा-दिल्ली बॉर्डर से शुरू होकर आईटीओ-इंडिया गेट होते हुए संसद मार्ग से होकर दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम पहुंची।

यात्रा में शामिल राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोते हुए कहा कि..

मित्रों को फायदा पहुंचाने मोदी सरकार ने किया 69381 करोड़ का टेलीकॉम घोटाला: कांग्रेस

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लोकसभा कगुणाव के नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर होता नजर आ रहा है। विपक्ष एक के बाद एक घोटाले के आरोप सरकार पर लगा रहा है। इसी सिलसिले में अब कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर टेलीकॉम सेक्टर में बड़ा घोटाले के आरोप लगाया है।

खेड़ा का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने 4 साल 8 माह के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर अपने मित्रों को अनुचित फायदा पहुंचाने के लिए सरकार को यह नुकसान पहुंचाया है। खेड़ा का दावा है कि ये सभी बातें कैग रिपोर्ट में साफ-साफ लिखी हैं। उन्होंने टेलीकॉम सेक्टर के इस महा घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में कराने की मांग की है।

सोमवार को एक प्रेसवार्ता में पवन खेड़ा ने कहा, मोदी सरकार के कार्यकाल में टेलीकॉम सेक्टर के तीन बड़े घोटाले हुए हैं। ताजा घोटाला माइक्रो वेव स्पेक्ट्रम का सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट को लेकर जो नियम तय गए किए थे, सरकार ने उनका खुलेआम उल्लंघन किया है। कोर्ट ने कहा था कि इस तरह के टेंडर नीलामी प्रक्रिया के द्वारा अलॉट किए जाएं, लेकिन मोदी सरकार ने पहले आओ, पहले पाओ के तहत स्पेक्ट्रम दे दिए।

सुप्रीम के निर्देशों की सरकार ने उड़ाई धज्जियां: खेड़ा

आठ जनवरी 2018 को जारी हुई सीएजी रिपोर्ट के 125 पन्नों में स्पेक्ट्रम घोटाला देखा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने टूजी मामले के संदर्भ में कहा था कि किसी भी स्पेक्ट्रम को नीलामी और बाजार की शर्तों के अनुसार ही अलॉट किया जाएगा। खेड़ा का कहना है कि मोदी सरकार ने यहां सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए अपने दोस्तों को ये स्पेक्ट्रम अलॉट कर दिए। कोर्ट ने ऐसे स्पेक्ट्रम अलॉट करते वक्त रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल का ध्यान रखना जरुरी बताया था, मगर सरकार ने पुराने फार्मूले से स्पेक्ट्रम जारी कर दिए।

डिफेंस को छूट नहीं दी, मगर मित्रों को छूट :खेड़ा

पवन खेड़ा के अनुसार, 21 जनवरी 2015 को एक प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा गया था। इसमें डिफेंस के लिए ‘बैंड और इंटरेस्ट जोन’ को स्पेक्ट्रम अलॉट्मेंट में कुछ छूट दिए जाने का प्रावधान था। हैरानी की बात है कि आज तक कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी नहीं दी है। दूसरी ओर मोदी सरकार ने प्राइवेट टेलीकॉम सेक्टर से जो चार्ज लेना था, उसे छोड़ दिया। इसके चलते सरकार को 45 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ तो वहीं मोदी के दोस्तों, जिन्हें स्पेक्ट्रम मिला है, को यह अनुचित लाभ दे दिया गया।

दिल्ली से लौटे सिंधिया समर्थक विधायक, कमलनाथ के शपथग्रहण में होंगे शामिल

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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को मुख्यमंत्री घोषित करने के बाद दिल्ली जाकर सिंधिया के निवास के बाहर धरना दे रहे कांग्रेस विधायक अब सिंधिया से मिलने बाद भोपाल लौट आए है. दरअसल यह विधायक दिल्ली में कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को डिप्टी सीएम या प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की मांग को लेकर दिल्ली में डेरा डाले हुए थे. धरने पर बैठे यह विधायक अपनी जिद पर अड़े थे और रविवार दोपहर 12 बजे तक अपनी मांग को पूरे करने की बात कर रहे थे.

वहीं मामले को बढ़ता देख खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन विधायकों को अपने निवास में अन्दर बुलाया और समझाइश दी. जिसके बाद अब यह सभी विधायक भोपाल लौट गये है और कमलनाथ शपथ समारोह में शामिल होंगे.

शनिवार का घटनाक्रम 

समाप्त नही हुआ टकराव, दिल्ली पहुंची सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को सूबे का मुख्यमंत्री घोषित किया गया है। खुद मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कमलनाथ के नाम की घोषणा की गयी। लेकिन कमलनाथ के शपथग्रहण के दो दिन पहले यह मामला एक बार फिर दिल्ली पहुँच गया है। दरअसल कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी प्रदेश की राजनीती में प्रदेश अध्यक्ष जैसा कोई अहम पद दिया जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नही। उपमुख्यमंत्री पद सिंधिया ने लिया नही तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भी अजय सिंह, अरुण यादव और दिग्विजय सिंह तक का नाम चलने लगा। जिसके बाद सिंधिया समर्थक विधायक कमलनाथ सरकार में खुद का असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। ऐसे में यह सभी नेता कुछ विधायकों के नेतृत्व में दिल्ली स्तिथ ज्योतिरादित्य सिंधिया के निवास के बाहर धरने पर बैठ गए। मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर ,शिवपुरी ,दतिया और भिंड जिले के यह विधायक सिंधिया को मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज हैं। यह नेता अब यह मांग कर रहे है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए।


मध्यप्रदेश से दिल्ली पहुंचे इन विधायकों का कहना है कि जनता ने सिंधिया के नाम पर वोट दिए हैं, भाजपा की कब्जे वाली सीट पर भी सिंधिया के नाम पर जनता ने कांग्रेस को जिताया है, ऐसे में जब सिंधिया को मुख्यमंत्री नही बनाया गया है तो अब हम जनता के बीच किस मुंह से जाएं। विधायकों की मांग है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए| दिल्ली में मौजूद विधायकों का कहना है कि अगर 2019 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है तो हमारे महाराज (ज्योतिरादित्य सिंधिया) को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए। वहीं कुछ विधायकों का तो यह भी कहना है कि सिंधिया जी को सीएम नहीं बनाया गया तो हम कमलनाथ की नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन नहीं करेंगे।