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सोमवार, मार्च 8, 2021
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10 मर्इ के बाद हर रविवार बंद रहेंगे पेट्रोल पंप।

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तेल कंपनियों की लगातार अनदेखी से गुस्साए कंसोरटियम आॅफ इंडियन पेट्रोलियम डीलर्स यानी सीआर्इपीडी ने 10 मर्इ के बाद प्रत्येक रविवार को पेट्रोल पंप बंद रखने का एेलान कर दिया है।

इतना ही नहीं यदि इसके बाद भी पेट्रोलियम कंपनियों ने सुध नहीं ली तो पेट्रोल पंपों को रात में भी बंद रखा जाएगा। इस फैसले के लागू होने के बाद देशभर में करीब 53000 पेट्रोल पंपों पर केवल दिन के समय ही पेट्रोल आैर डीजल मिल सकेेगा।

उधर, ये निर्णय लागू होता है तो इससे सबसे ज्यादा मुश्किल आम लोगों को होगी। माना जा रहा है कि इससे पेट्रोल पंपों पर भीड़ तो बढ़ेगी ही साथ ही रविवार  के दिन पेट्रोल या डीजल खत्म होता है तो उन्हें अगले दिन तक का इंतजार करना होगा।

सीआर्इपीडी के इस निर्णय के बाद पेट्रोलियम कंपनियों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आर्इ है। हालांकि बाजार के जानकार मान रहे हैं कि पेट्रोल पंपों के एेसा कदम उठाने से पहले ही सुलह का रास्ता निकल सकता है।

सावधान! 1 अप्रैल से मोदी सरकार कर रही है नए नियम लागू…पढ़िए वरना पछताएंगे !

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1 अप्रैल से मोदी सरकार नए नियम लागू करने जा रही है। इन नियमों की तरफ आपका ध्यान देना बेहद जरूरी है। आप भी जानिए कि क्या क्या बदलाव होने जा रहे हैं।
1 अप्रैल से देश में बहुत कुछ बदलने वाला है। मोदी सरकार 1 अप्रैल से नए नियम लागू करने जा रही है। इन नियमों के बारे में हम आपको बता रहे हैं। इस बीच अगर आप सोना बेचकर नकद में कीमत पाना चाहते हैं तो ये काम 31 मार्च तक किसी भी हाल में निपटा लें। 1 अप्रैल से आपको 10 हजार रुपये से ज्यादा कैश नहीं मिलेगा। दरअसल, भारत सरकार ने इसकी सीमा 20,000 रुपये से घटाकर अब 10,000 रुपये कर दी है। कुल मिलाकर बात ये है कि 10,000 रुपये से ज्यादा रुपया विक्रेता के खाते में नहीं डाल सकेंगे। अगर ज्वेलर्स ने 10 हजार रुपये से ज्यादा कीमत के सोने के लिए अलग-अलग इनवॉइस बनाए तो उन्हें टैक्स अधिकारियों को जवाब देना पड़ेगा। हो सकता है कि उन पर कार्रवाई भी हो।

इसके अलावा स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए भी हम बड़ी खबर लाए हैं। देश की तमाम टेलिकॉम कंपनिया यानी रिलायंस जियो, वोडाफोन, एयरटेल, आइडिया जैसी कंपनियों का अनलिमिटेड फ्री डेटा और कॉलिंग वाला ऑफर 31 मार्च को खत्म हो रहा है। अब आप फैसला कर सकते हैं कि आपको कौन सा प्लान लेना है। इसके अलावा आयकर विभाग की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 31 मार्च तक अपनी अघोषित आय को बताने का आपके पास आखिरी मौका होगा। इस अघोषित आय पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। लेकिन एक अप्रैल के बाद इस अघोषित आय पर आपको 137 फीसदी तक का जुर्माना देना होगा। बेहतर है कि आप समय सीमा के अंदर इसे जमा कर दें।

इसके अलावा खास बात ये है कि दो-पहिया और छोटे वाहनों का इंश्योरेंस रिन्यू करवा लें, 1 अप्रैल से इंश्योरेंस कराने पर अब आपको ज्यादा रकम देनी पड़ेगी। 1 अप्रैल से मोटरसाइकिल, कार जैसे वाहनों के बीमा महंगा होने जा रहे हैं। इसके अलावा आपको बता दें कि 2015-16 फाइनैंशियल ईयर के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2017 है। बिना देर किये आप रिटर्न फाइल करें। उसके बाद इनकम टैक्स विभाग आपका टैक्स रिटर्न फाइल करने से इनकार कर सकता है। अगर आपने 2015-16 का टैक्स रिटर्न 31 मार्च से पहले फाइल नहीं करवाया तो इसके लिए आप पर 5000 रुपये की पेनल्टी भी लगाई जा सकती है। कुछ और बातें भी हैं, जिनका ध्यान रखना आपको बेहद जरूरी है।

इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि 31 मार्च तक केवाईसी के रूप में आधार कार्ड और पैन कार्ड बैंक में जमा जरूर कराएं। जिनके पास पैनकार्ड नहीं है, वो अपने बैंक की ब्रांच से फॉर्म 60 लेकर उसे जमा कर दें। इसके अलावा खास बात ये भी है कि वित्त विधेयक के पास होने के साथ ही लोकसभा ने आम बजट 2017-18 के कामों का निपटारा कर दिया है। बजट में प्रस्तावित टैक्स से जुड़े नियम अब 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। कुल मिलाकर ये वो बातें है, जिनका आपको ध्यान रखना बेहद जरूरी है। मोदी सरकार नए नियमों को लागू कर रही है और 1 अप्रैल से इन्हें लागू कर दिया जाएगा। अगर आप इन नियमों के तहत पहले ही अपने काम नहीं निपटाएंगे तो हो सकता है कि आने वाले वक्त में आपको बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इन बातों का ध्यान रखें और सबसे पहले ये काम निपटा लें।

योगी आदित्यनाथ के नाम फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी का खुला खत… जरुर पढिये!

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प्रिय आदित्यनाथ जी,

मेरा नाम विनोद कापड़ी है. अच्छा लगता है, इसलिए थोड़ी बहुत पत्रकारिता करता हूं और छोटी-मोटी फिल्में बनाता हूं. आपकी तरह एक हिंदू परिवार में मेरा जन्म हुआ है. आप ही की तरह उत्तराखंड का रहने वाला हूं और आप ही की तरह जाति से एक पहाड़ी राजपूत भी हूं. लेकिन पता है क्या? जब से आप उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, मैं थोड़ा डरा हुआ हूं. मैं जानता हूं कि अगर क्षेत्र, धर्म और जाति की बात करें तो मुझे आपके मुख्यमंत्री बनने पर बहुत खुशी होनी चाहिए. लेकिन मैं फिर भी डरा हुआ हूं.

मैं और मेरा परिवार पिछले 32 साल से उत्तरप्रदेश के ही बरेली और नोएडा में रह रहे हैं. हमारा वोट नोएडा में है और आपको बता दूं कि इस बार के विधानसभा चुनाव में मैंने और मेरे पूरे परिवार ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को ही वोट दिया था. इसलिए कि पिछली दो सरकारों ने उत्तर प्रदेश को जिस तरह से लूटा, उसके बाद लगा कि उन्हें अब और लूट का मौक़ा नहीं मिलना चाहिए. कम से कम जो विकास की बात कर रहा है, उसे भी राज्य में एक मौक़ा दिया जा सकता है. लेकिन 18 मार्च को जैसे ही आपके नाम की घोषणा हुई तो यह सवाल मेरे सामने आ खड़ा हुआ – क्या हमारे साथ विश्वासघात हुआ है?

मेरी और आपकी उम्र तकरीबन बराबर ही है. जितने साल आपने राजनीति की है, उतने ही बरस मैंने पत्रकारिता की है. आपके चयन के बाद एक के बाद एक आपसे जोड़ी जाती रहीं कई घटनाएं मेरे सामने आने लगीं. मैं जानता हूं कि आरोप अब तक सिद्ध न हों उनकी बात करना ठीक नहीं पर आपकी जिस तरह की राजनीति रही है, उसके लिए तो किसी सबूत की जरूरत नहीं है. वो तो आप खुलेआम करते रहे हैं और डंके की चोट पर कहते रहे हैं कि अगर कोई एक हिंदू को मारेगा तो आपकी सेना उस समुदाय के सौ लोगों को मारेगी. आपके समर्थक तो इससे कई क़दम आगे निकल जाते हैं, जब वे कहते हैं कि क़ब्र खोदकर औरतों का बलात्कार किया जाएगा और यह सब होगा हिंदुओं और हिंदुत्व को बचाने के लिए.

मन में खयाल आया कि कहीं इस तरह की बातें करने वालों से लूटने वाले ही तो ठीक नहीं थे! मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये हो क्या रहा है!

आदित्यनाथ जी, आपके नाम की घोषणा के वक्त ये सबकुछ मेरी आंखों के सामने घूमने लगा. अभी मैं यह सोच ही रहा था कि टीवी पर आपके एक समर्थक को लखनऊ से कहते सुना – यूपी में रहना है तो योगी-योगी कहना होगा. क्यों कहना होगा भाई? कोई ज़बरदस्ती है क्या? ये मेरी आस्था और निजता का सवाल है. मेरा जब मन होगा, मैं कहूंगा. और नहीं कहूंगा तो यूपी में नहीं रह पाऊंगा क्या? मन में खयाल आया कि कहीं इस तरह की बातें करने वालों से लूटने वाले ही तो ठीक नहीं थे! मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये हो क्या रहा है!

मेरे साथ मेरी पत्नी भी बैठी हुई थी. हम चर्चा कर रहे थे कि सोचो जब हम इतने सक्षम और हिंदू होते हुए भी इतने परेशान हैं तो दूसरे समुदाय के लोगों का क्या हाल होगा?

बचपन से हमने तो यही सुना था कि हिंदू कोई धर्म नहीं, जीवन पद्दति है, जीने का तरीका है. इंसान को इंसान से प्यार करना है. सुख-दुख में हाथ बंटाना है. पर वह कौन सी जीवन पद्धति है जिसमें आदमी मृत महिलाओं के शवों को क़ब्र से निकालकर उनके साथ बलात्कार करने की बात करता है? बोलना तो दूर कोई ऐसी घृणित बात सोच भी कैसे सकता है!

मैं जानता हूं कि ये आपने नहीं कहा था पर आपके प्रभाव में रहने वाले लोगों ने तो कहा था. मुझसे कोई कह सकता है कि जब मेरे या मेरे परिवार के क़त्लेआम की बात ही नहीं हुई है तो मैं क्यों डर रहा हूं? पर मेरे ख़्याल से मुद्दा यह नहीं है. मेरे लिए मुद्दा यह है कि क़त्ल करने और बलात्कार की बात की ही क्यों गई? अगर किसी ने कोई अपराध किया है तो क़ानून है ना हमारे पास. वह भी तो अपना काम कर सकता है. हम कौन होते हैं ये कहने वाले कि हम सौ मार डालेंगे? हम मृत के साथ रेप करेंगे.

और आप तो वैसे भी संन्यासी हैं, गुरू हैं , आपने दीक्षा हासिल की है, दुनिया को रास्ता दिखाते हैं. इतना तो आप भी समझते हैं कि नफ़रत का इलाज नफ़रत तो बिलकुल नहीं है.

मैं तो जिस परिवेश में पला-बढ़ा, वहां राम मेरा दोस्त है और रहीम मेरा भाई. राम का क़त्ल होने पर कोई मेरे भाई रहीम को मारेगा तो मुझे डर तो लगेगा ही आदित्यनाथ जी. मैं तो कह रहा हूं कि जिसने या जिस भीड़ ने राम को मारा, उसे क़ानून से सख़्त से सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए लेकिन बिना असली क़ातिल को जाने हम खुद ही क़ानून हाथ में लेकर एक राम के बदले सौ बेक़सूर रहीम को मारने की बात करेंगे तो डर लगना स्वाभाविक है. सीमा को कोई एक भगा कर ले गया और उसके बदले में कोई सौ सबीना को भगाने की बात करेगा तो भी मुझे डर लगेगा ही आदित्यनाथ जी.

आपको पता नहीं होगा पर आपके नाम पर यकायक समाज के हर हिस्से में झुंड के झुंड पैदा हो गए हैं जो ये कहने लगे हैं कि अब पता चलेगा उन्हें भी. ये उन्हें कौन हैं आदित्यनाथ जी?

मेरे मोहल्ले का एक भी घर जलेगा, मेरे मोहल्ले से एक भी कोई मरेगा तो मुझे भी डर लगेगा ही. वे लोग नासमझ हैं जो समझते है कि दूसरे का घर जल रहा है. हमारे घर की दीवारें दशकों से सदियों से एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. एक भी दीवार जलती है तो आग मेरे घर तक भी पहुंचेगी. इसलिए मेरे डर को समझिए आदित्यनाथ जी. कर्फ़्यू लगेगा तो खाने-पीने की दिक़्क़त मुझे भी होगी, हिंसा होगी तो मेरे बच्चे भी स्कूल नहीं जा पाएंगे, मुज़फ़्फ़रनगर जलेगा तो आंच नोएडा में भी आएगी. मैं इसीलिए डरा हुआ था आदित्यनाथ जी.

मैं ये भी जानता हूं कि पिछले कुछ दशकों में बहुत खतरनाक तुष्टिकरण हुआ है जिसने समाज और देश को इतना बांट दिया है. आप भी जानते हैं कि ये किन लोगों ने किया है और किस मक़सद से किया है. आप ये भी जानते होंगे कि इसके लिए मैं या मेरे जैसे ही रहीम या सबीना तो क़तई ज़िम्मेदार नहीं हैं. हम सब तो न तीन में हैं और न तेरह में लेकिन जब मारने और काटने की बात आती है तो हम ही सबसे पहले निशाने पर आते है. जो गुनाह राजनैतिक दलों ने किए उसकी सज़ा एक आम शहरी क्यों भुगते?

आदित्यनाथ जी, आपको पता नहीं होगा पर आपके नाम पर यकायक समाज के हर हिस्से में झुंड के झुंड पैदा हो गए हैं जो ये कहने लगे हैं कि अब पता चलेगा उन्हें भी. ये उन्हें कौन हैं आदित्यनाथ जी? ये भी तो मेरे समाज, मेरे गांव और मोहल्ले का हिस्सा ही हैं. फिर इस तरह से डराने और धमकाने वाले झुंड क्यों अचानक ऐसा बर्ताव कर रहे हैं? मैं इस बर्ताव से डरा हुआ हूं.

हो सकता है कि मेरी ये आशंकाएं बिलकुल निराधार साबित हों. हो सकता है कि मेरे सारे डर बेकार साबित हों. ये भी हो सकता है कि एक ज़िम्मेदार मुख्यमंत्री के तौर पर राजधर्म का पालन करते हुए आप मेरे जैसे तमाम डरे हुए लोगों को ग़लत साबित कर दें. यकीन मानिए मैं प्रार्थना करूंगा कि आप ऐसा ही करें. जिस दिन मेरी आशंकाएं गलत साबित होंगी, उस दिन मुझसे अधिक खुश और कोई नहीं होगा. उस दिन बिना किसी दबाव के मैं जय श्रीराम कहूंगा और मेरा भाई रहीम और मेरी बहन सबीना भी.

मेरी तरफ से शुभकामनाएं स्वीकार करें.

आपका,

विनोद कापड़ी

बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के विलय का ऐलान।

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कुमार मंगलम बिड़ला के स्वामित्व वाली देश की तीसरे नंबर की टेलिकॉम कंपनी आइडिया सेल्युलर ने वोडाफोन इंडिया के साथ विलय का ऐलान कर दिया। कंपनी ने सोमवार को बताया कि उसके बोर्ड ने इस विलय-प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इसके तहत वोडाफोन इंडिया और इसके पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज लिमिटेड और आदित्य बिड़ला ग्रुप के आइडिया सेल्युलर का विलय हो जाएगा और नई कंपनी भारती एयरटेल को पछाड़कर देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बन जाएगी।

आज के ऐलान के मुताबिक, आइडिया और वोडाफोन की विलय प्रक्रिया अगले साल पूरी हो जाएगी। नई कंपनी में वोडाफोन की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत जबकि आइडिया की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत होगी। आगे जाकर आदित्य बिड़ला ग्रुप और वोडाफोन का हिस्सा बराबर हो जाएगा। आइडिया का वैल्युएशन 72,200 करोड़ रुपया आंका गया है। फाइलिंग के मुताबिक, एबी ग्रुप के पास 130 रुपये प्रति शेयर की दर से नई कंपनी के 9.5 प्रतिशत खरीदने का अधिकार होगा। शुरुआती कारोबार में 15 प्रतिशत उछले आइडिया के शेयर बीएसई पर सुबह 10.16 बजे 4.8% नीचे आ गए थे।

ब्रोकरेज कंपनी सीएलएसए की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नई कंपनी का रेवेन्यू 80,000 करोड़ से भी ज्यादा का होगा जो देश की टेलिकॉम इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू का 43 प्रतिशत होगा। इसके साथ ही, नई कंपनी के पास भारतीय बाजार के कुल 40 प्रतिशत मोबाइल सब्सक्राइबर्स होंगे। इतना ही नहीं, कुल आवंटित स्पेक्ट्रम का 25 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी कंपनी के पास होगा। ऐसे में इसे 1 प्रतिशत स्पेक्ट्रम बेचना होगा ताकि इसकी सीमा से जुड़े नियम का पालन हो सके।

पहले एक रिपोर्ट में इकनॉमिक टाइम्स ने अनुमान लगाया था कि कंसॉलिडेशन की वजह से टेलिकॉम इंडस्ट्री में 10,000 रोजगार कम हो सकते हैं। ये नौकरियां कई टेलिकॉम ऑपरेटर और इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में खत्म हो सकती हैं। इस बीच, वोडाफोन ने ऐनुअल ऑफसाइट को टाल दिया है, जिसे मार्च महीने की शुरुआत में फाइन किया जाता है और यह अप्रैल के आखिर में होता है। कुछ ब्रैंड और मार्केटिंग खर्चों को भी रोक दिया गया है।
विलय में वोडाफोन और आइडिया के सभी शेयरों का विलय होगा, लेकिन इंडस टावर्स में वोडाफोन के 42 प्रतिशत शेयर इस विलय से अलग होंगे। आइडिया के नए शेयरों को वोडाफोन में जारी करने के साथ विलय लागू हो जाएगा और वोडाफोन इंडिया अपनी पैरंट कंपनी से अलग हो जाएगा। आइडिया और वोडाफोन के प्रमोटरों के पास तीन-तीन डायरेक्टर्स नामित करने के अधिकार होंगे। आइडिया जहां चेयरमैन पद के लिए अपनी नॉमिनी देगा, वहीं वोडाफोन की ओर से सीएफओ पद पर नॉमिनी देने का अधिकार होगा जबकि सीईओ और सीओओ के पद दोनों कंपनियों के साझी सहमति के बाद निर्धारित होंगे।

देश के टेलिकॉम मार्केट में पिछले साल आई कंपनी रिलायंस जियो बड़ी तेजी से पांव जमा रही है। कंपनी ने पहले वेलकम ऑफर और फिर हैपी न्यू इयर ऑफर के तहत फ्री वॉइस और डेटा सर्विसेज देकर बड़े पैमाने पर ग्राहकों को जोड़ने में कामयाब रही है। तब से देश के टेलिकॉम मार्केट में हलचल मची है। पिछले महीने भारती एयरटेल ने भी शेयर बाजार को सूचित किया था कि वह नॉर्वे की कंपनी टेलिनॉर की भारतीय इकाई के ऐसेट्स खरीदेगा।

दु:खद: हर साल 100 से ज्यादा जवान कर रहे है आत्महत्या।

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देश के सैनिकों का एक दु:खद सच यह भी है कि हर साल 100 से ज्यादा जवान आत्महत्या कर लेते हैं। साल 2016 में विभिन्न परिस्थितियों में 125 जवानों ने आत्महत्याएं कीं। शुक्रवार को लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा, ‘101 सैनिक, 19 एयरमैन और 5 नाविकों ने पिछले साल आत्महत्याएं कीं।’ इस के अलावा साथी जवानों की हत्याओं के भी 3 गंभीर मामले सामने आए।

इस साल 13 आर्मी जवान आत्महत्याएं कर चुके हैं। इसी तरह एयरफोर्स से भी 2 ऐसे मामले संज्ञान में आए हैं। दुर्गम इलाकों में देश की सेवा के लिए तत्पर सैनिक तनाव के चलते आत्महत्या कर रहे हैं।

भामरे ने बताया, ‘सरकार ने दिक्कतों को दूर करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इनमें गुजर-बसर की स्थिति, बेहतर रहन-सहन और परिजनों को भी सेवाओं का लाभ शामिल है।’ बताया गया कि तनाव मिटाने के लिए योग व मेडिटेशन कार्यक्रमों की भी शुरुआत की गई है।

वह कहते हैं, ‘बड़ी संख्या में अफसरों को जवानों व उनके परिजनों की काउंसलिंग के लिए लगाया जाता है। इस के साथ-साथ बाहर के मनोवैज्ञानिकों की भी इस मुहिम में मदद ली जा रही है।’ एक अफसर ने बताया कि आजकल के दौर में जवानों का घर से मोबाइल फोन के जरिए सीधे जुड़े रहना, उनके भीतर कई बार तनाव पैदा कर देता है।

जब बांग्लादेश और पाकिस्तान में ट्रिपल तलाक बैन है, तो भारत में क्यों नहीं ? : तस्लीमा नसरीन

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NewBuzzIndia: अपने नास्तिक रवैये की वजह से हमेशा विवादों में रहने वाली बांग्लादेशी साहित्यकार तस्लीमा नसरीन ने एक निजी टीवी चैनल को अपना इंटरव्यू दिया और ट्रिपल तलाक को ले कर के अपनी राय स्पष्ट की।
NDTV को दिए अपने इंटरव्यू में तस्लीमा ने कहा कि, जब बांग्लादेश और पाकिस्तान में ट्रिपल तलाक को बंद कर दिया गया है तो भारत में अब तक ऐसा क्यों नहीं हुआ ?

NDTV के इस tweet को तस्लीमा ने retweet किया है। उनके इस समर्थन के विरोध में एक बहुत बड़ा तबका खड़ा हो सकता है पर यह बात सोचने और समझने की है कि मुस्लिम बहुसंख्यक देशों में भी जब ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को ठंडे बस्ते में बंद कर दिया गया है, तो भारत में ये राजनीतिक मुद्दा क्यों बना पड़ा है।
उन्होंने अपने इंटरव्यू में आगे कहा कि आज पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में बैन किया गया है, हो सकता है आगे आने वाले दिनों में उन्हें बैन कर दिया जाए।

https://twitter.com/ndtv/status/788760073472348160?p=v

सुशासन के तमाम सरकारी दावों की खुली पोल, विश्व के कुछ असुरक्षित देशों में है भारत

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NewBuzzIndia: भारत सरकार भले अपने सुशासन और विकास का डंका पिटे जा रही है, लेकिन वैश्विक स्तर पर देश की स्थिति दयनीय है। हाल में ही आई इस लिस्ट से तमाम दावों और विकास के बोल पर करारा तमाचा है। ग्लोबल ट्रेवल एंड टूरिज्म के तरफ से जारी की गई विश्व के असुरक्षित दशों की इस लिस्ट में भारत 13वें स्थान के साथ टॉप 10 खतरनाक देशों में तो शामिल नहीं है। जारी लिस्ट के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से फिनलैंड दुनिया का नंबर वन देश है। पाकिस्तान को सेफ्टी एंड सिक्युरिटी लिस्ट में 3.04 नंबर हासिल हुए हैं जबकि फिनलैंड को 6.7 नंबर मिले है। पाकिस्तान को एक के बाद एक झटके लग रहे है। अब असुरक्षित देशों के मामले में भी पाकिस्तान को एक बार फिर झटका लगा है। असुरक्षित देशों के लिए जारी रैंकिंग के अनुसार पाकिस्तान दुनिया का चौथा सबसे खतरनाक देश है।

गौरतलब है कि यह लिस्ट ग्लोबल ट्रैवल एंड टूरिज्म ने जारी की है। पाकिस्तान के लिए ये पहला झटका नहीं है इससे पहले अमेरिकी इंटेलीजेंस थिंकटैंक इंटेलसेंटर ने अपनी एक लिस्ट ‘कंट्री थ्रेट इंडेक्स’ में पाकिस्तान को दुनिया का 5वां सबसे खतरनाक देश बताया था।

ये है दुनिया के सबसे खतरनाक देश:-
1 . नाईजीरिया
2. कोलंबिया
3. यमन
4. पाकिस्तान
5. वेनेजुएला
6. इजिप्ट
7. ग्वाटेमाला
8. अल- साल्वाडोर
9. होंडुरास
10. थाईलैंड
11. केन्या
12. लेबनॉन
13. भारत
14. फिलीपींस
15. जमैका

ये हैं दुनिया के सुरक्षित देश
1. फिनलैंड: 6.7
2. कतर: 6.61
3. यूएई: 6.6
4. आईसलैंड: 6.5
5. ऑस्ट्रिया: 6.47
6. लग्जमबर्ग: 6.46
7. न्यूजीलैंड: 6.41
8. सिंगापुर: 6.4
9. ओमान: 6.38
10. पुर्तगाल: 6.33

अब कौन मांगेगा सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी? सरकार ने किया तय, किसी को नही दिए जाएंगे सबूत !  

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Newbuzzindia: कुछ दिनों पहले भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ सर्जि कल स्ट्राइक किया गया था। जिसमे आतंकियों के कई कैंप उड़ा दिए गए थे। इससे जहां एक तरफ भारत-पाक सम्बन्ध में भारी बदलाव आये तो वहीँ दूसरी ओर सर्जिकल स्ट्राइक पर भारतीय राजनीति भी गरमा गई। सभी विपक्षी दल, केंद्र सरकार और भाजपा पर टूट पड़े और सर्जिकल स्ट्राइक पर ऊँगली उठाने लगे। यही नही सरकार और सेना से सर्जिकल स्ट्राइक की वीडियो और उससे जुड़े सबूतों की भी मांग की जाने लगी।

पर इस मुद्दे पर केंद्र सरकार अब सख्त नजर आ रही है। केंद्र ने तय किया है कि सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी अब सार्वजनिक नही की जायेगी। यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है। जानकारी के अनुसार सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो पाकिस्तानी सेना के लिए मुसीबत बन सकते थे। पर फिर भी इन्हें सार्वजनिक नही किये जाने पर सरकार ने कदम उठाया है। इसके पीछे कारण बताया गया कि भारत युद्ध करने के लिए पूरी तरह सक्षम तो है पर युद्ध का समर्थन नही करता है। 

आपको बता दे कि 27-28 सितंबर की रात को भारतीय सेना ने पीओके में आतंकी लॉन्‍चपैड पर सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी। इसमें बड़ी संख्‍या में आतंकी मारे गए थे। भारत की ओर से यह कार्रवाई उरी हमले के जवाब में की गई थी।

उत्तर प्रदेश चुनाव: शीला दीक्षित होंगी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का चेहरा

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उत्तर प्रदेश में होने वाले 2017 के चुनाव के मद्देनजर लगाई जा रही तमाम अटकलों के बीच आखिर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार घोषित कर ही दिया। गुरुवार को हुए कांग्रेस के प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है।

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Tweet by ANI

संजय सिंह को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाते हुए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी बिगुल बजा दी है। शीला दीक्षित इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है वह इसका पूरी तरह निर्वहन करेंगी।

Tweet by ANI

शीला दीक्षित होंगी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा! आज हो सकता है फैसला

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NewBuzzIndia: 

Sheela Dixit, Former Chief Minister of Delhi and Senior Leader of INC

​2017 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ले कर के देश भर में पारा चढ़ा हुआ है। सभी दल अपनी दावेदारी को मज़बूत करने की हर मुमकिन कोशिश में जुटे हुए हैं। इसी बीच न्यूज़ एजेंसी ANI से ये खबर मिली है कि कांग्रेस आज शाम तक उत्तर प्रदेश में अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा करेगी। तमाम अटकले लगाई जा रही हैं कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को यूपी में कांग्रेस का चेहरा बनाया जाएगा।
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ANI के रिपोर्ट के मुताबिक, “कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद गुरुवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस में शीला दीक्षित का नाम यूपी सीएम उम्मीदवार के रूप में घोषित किया जा सकता है।” बता दें, शीला दीक्षित के नाम को लेकर पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं।

Tweet of ANI.