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Monday, May 10, 2021
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भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर अब परिजनों के लिए रात में रुकने हेतु की जाएगी व्यवस्था

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कोरोना वायरस संक्रमण से अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने भदभदा विश्राम घाट पर आये लोगों के लिए रात में ठहरने, खाने-पीने एवं सोने का इंतजाम किया गया है, ताकि जरुरत होने पर वे इन सुविधाओं का लाभ ले सकें।

भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन समिति के सचिव मम्तेश शर्मा ने शनिवार केा बताया कि शहर के अस्पतालों में महामारी से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। इस कारण विश्राम घाट में शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए लंबी कतारें लग रही है। ऐसे में परिजनों को दाह-संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में दूसरे जिलों से आए लोगों को अपने परिजन की अस्थियां ले जाने के लिए रात में भोपाल में रूकना पड़ रहा है लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण उन्हें भोजन और रहने की समस्या आ रही है।

शर्मा ने कहा कि लोगों की इन परेशानियों को देखते हुए स्थानीय लोगों की मदद से विश्राम घाट पर रहने और भोजन की व्यवस्था की गयी है। कोविड से मरने वालों के परिजनों का दाह संस्कार करने वाले लोग आवश्यकता अनुसार इन सुविधाओं का लाभ ले सकते है।

उन्होंने बताया कि विश्राम घाट में आजकल रोजाना करीब छह से सात लोग अपने परिजन की अस्थियां ले जाने के लिए रात को ठहरते हैं। उन्होंने बताया कि रात को रुकने वालों के लिए कुछ बिस्तरों का भी इंतजाम किया गया है।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार को विश्राम घाट में 60 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से 54 कोविड-19 से मरे थे, जिनमें 38 भोपाल जिले के थे, जबकि 16 अन्य जिलों के थे।

स्पूतनिक का लाइट वर्जन सिंगल डोज में ही कर देगा कोरोना का काम तमाम

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रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन स्पूतनिक ने गुरुवार को कहा कि स्पूतनिक V का लाइट वर्जन सिंगल डोज में ही कोरोना वायरस का काम तमाम कर देगा।

रूस के मुताबिक स्पूतनिक V का लाइट वर्जन सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन है जो कि 80 फीसदी तक प्रभावी है। जो कि दो डोज वाले टीकों की तुलना में अधिक है।

स्पूतनिक वी के सूत्रों के अनुसार वैक्सीन के लाइट वर्जन से टीकाकरण को गति मिलेगी जो महामारी को फैलने से रोकने में मदद करेगा।

स्पूतनिक ने कहा कि वैक्सीन के लाइट वर्जन ओवरआल 79.4 फीसदी रही है। 91.7 फीसदी लोगों में मात्र 28 दिन के भीतर वायरस से लड़ने की एंटीबॉडी बन गई। कंपनी ने कहा कि 100 फीसदी लोग जिनके शरीर में पहले से इम्यूनिटी थी उनको वैक्सीन लेने के बाद शरीर का एंटीबॉडी लेवल 10 दिन में 40 गुना बढ़ गया 

आपको बता दें कि रूस की वैक्सीन स्पूतनिक V के इस्तेमाल को भारत सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। जिसके बाद उसकी पहली खेप भी भारत पहुंच गई है।

1.5 लाख डोज लेकर रूसी विमान शनिवार को करीब 4 बजे हैदराबाद में लैंड किया। इसके साथ ही देश को कोरोना के खिलाफ तीसरा हथियार मिल गया है। आज ही देश में टीकाकरण के पहले फेज की शुरुआत हुई है, जिसे स्पूतनिक वी के आने से तेजी मिलेगी।

दिल्ली High Court की अवमानना के खिलाफ Supreme Court की शरण मे पहुँची केंद्र सरकार

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देश में बढ़ते Corona virus संक्रमण की वजह से ऑक्सीजन को लेकर संकट (Oxygen Crisis) गहराता जा रहा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इसी विषय में केंद्र सरकार को कोविड मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति पर दिए गए निर्देश का अनुपालन नहीं करने को लेकर अवमानना नोटिस जारी किया था जिसके खिलाफ केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) की शरण मे पहुँची है।

केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका में राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति का अनुपालन नहीं करने को लेकर जारी अवमानना के नोटिस और केंद्र के अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश को चुनौती दी गई है. जिसपर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सहमत हो गया है।

आपको बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को केंद्र सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति के बारे में उसके आदेश का अनुपालन करने में विफल रहने पर उसके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं की जाए?

दिल्ली हाईकोर्ट के अवमानना नोटिस के खिलाफ भारत सरकार के सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने इस मामले को प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष उठाया, क्योंकि देश में कोविड-19 प्रबंधन पर स्वतं: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ बुधवार को उपलब्ध नहीं थी।

जिसपर प्रधान न्यायाधीश ने केंद्र की याचिका को न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया. तुषार मेहता इस मामले पर बुधवार को ही सुनवाई चाहते थे, लेकिन पीठ ने इसे न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की सहूलियत पर छोड़ दिया।

भोपाल में शुरू हुई आहार सेवा योजना

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भोपाल में कोरोना को चलते आज सरकार ने कोरोना मरीजो के लिए स्वस्थ आहार सेवा योजना शुरू की है। ये सुविधा सभी अस्पतालों के लिए है जहां कोरोना मरीजों के लिए खाने का इंतजाम नहीं है। बता दे भोपाल में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तब इसे बाकी सभी जिलों में लागू किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कोविड मरीजों को सरकार की तरफ से निशुल्क भोजन सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन अस्पतालों में मरीजों को भोजन नहीं दिया जाता उन सभी अस्पतालों में खाना पहुंचाया जाएगा।

बता दे कि शहर के 110 अस्पतालों में खाने की सुविधा नहीं है। विश्वास सारंग ने ये भी कहा मरीज के परिवार वाले जब अस्पताल में खाना देने जाते हैं तो उन्हें भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए ऐसे में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए यह योजना कारगर साबित होगी।

IPL 2021 को किया गया Suspend

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2021 को सस्पेंड कर दिया गया है। दो दिन के अंदर तीन खिलाड़ी कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद ये फैसला लिया गया है।

इंडियन प्रीमियर लीग गवर्निंग काउंसिल (आईपीएल जीसी) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मिलकर यह फैसला लिया है। आईपीएल जीसी और बीसीसीआई के बीच मंगलवार को मीटिंग हुई। 

सोशल मीडिया के माध्यम से कोरोना ग्रसितों को मिला निशुल्क परामर्श, जानें मुख्य सवालों के जवाब

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कोरोना पीड़ितों की मदद में लगी गैर सरकारी संस्था “उद्देश्य” ने एक फिर कोरोना महामारी से लड़ाई में अपना योगदान दिया है। संस्था ने जाने माने डॉक्टर रुचिर वार्ष्णेय के साथ मिलकर अपने फेसबुक पेज पर निशुल्क परामर्श का आयोजन किया। जिसके माध्यम से सैकड़ों रोगियों को कोरोना से लड़ाई में मददगार जानकारी प्राप्त हुई।

उद्देश्य युवा सामाजिक एवं जन कल्याण समिति द्वारा कोरोना महामारी में जो संक्रमित मरीज घरों में आइसोलेट है ओर जो मरीज कोरोना की वजह से किसी समस्या को लेकर डॉक्टरों से परामर्श नहीं ले पा रहे हैं उनके लिये संस्था के फेसबुक पेज NGO uddeshya yuva samajik evam jankalyan samity से लाइव कर नाक काल गला एवं एलर्जी विशेषज्ञ डॉक्टर रुचिर वार्ष्णेय से परामर्श करवाया

संस्था के समन्वयक भव्य सक्सेना ने बताया कि फेसबुक पर 100 से अधिक मरीजों ने डाॅ. रुचिर वार्ष्णेय से परामर्श के लिये चर्चा की जिसमें कई कोविड पाॅजिटीव मरीजों ने भी अपने उपचार ओर स्वास्थ्य को लेकर सवाल पूछे ओर सामान्य मरीजों ने भी अपने सवाल पूछे


जिसमें मुख्य सवाल ये सवाल थे -:


सवाल 1 – कोरोना होने पर हमें कौनसा टेस्ट करवाना है रैपिड एंटीजन या आरटी-PCR मे से कौनसा ज्यादा भरोसेमंद हैं ?
सवाल 2 – अगर कोविड पॉजिटिव मरीजों की बीपी शुगर की दवाई चल रही हो तो क्या लेना चाहिए ?
सवाल 3 – गले में खरास हो रही उसके लिये क्या उचित होगा ?
सवाल 4 – कोविड से रिकवर होने के कितने दिन बाद हम प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं ?
सवाल 5 – कोविड की वजह से शरीर में काफी ज्यादा कमजोरी आती है तो उसके लिये आहार ( Diet ) में क्या बदलाव करे ?

डाॅ. रुचिर वार्ष्णेय ने बताया कि अगर कोविड होता हैं तो घबराने की आवश्यकता नहीं आप को अगर कोई समस्या नहीं हो तो आप डॉक्टर की सलाह लेकर घर पर ही आइसोलेट होकर उपचार ले सकते हैं ओर किसी प्रकार की समस्या होने पर नजदीकी कोविड सेंटर पर दिखा सकते हैं

डॉ रुचिर ने कोरोना से बचाव के लिये कहा कि कोरोना वायरस नाक ओर मुँह के माध्यम से ही फैलता है इसलिये आप हमेशा मास्क को उपयोग करे ओर हमेशा नाक , मुंह को छूने से पहले हाथो को अच्छे तरीके से धोये या सैनिटाइज करें ओर अगर आवश्यक कार्य हो तो ही घर से निकले |

संस्था के संदीप राजपूत ने मरीजों को निशुल्क परामर्श और अपना अनुभव साझा करने के लिए डाॅक्टर रूचिर वार्ष्णेय का आभार व्यक्त किया |

गुफा मंदिर भोपाल के महंत का कोरोना से हुआ निधन

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देश में कोरोना का कहर बरकरार है। कुछ दिन पहले कुंभ से लौटे श्रद्धालुओं की कोरोना जांच हुई थी। कल ही विदिशा जिले में लगभग 60 से 70 श्रद्धालु कोरोना पॉजिटिव आये है। ऐसे में शनिवार की दोपहर भोपाल के लिए बुरी खबर आई है।

बता दे कि गुफा मंदिर के महंत चंद्रमादास त्यागी ने करीब दो बजे देह त्याग दी। जानकारी के मुताबिक पिछले 14 दिनों तक पालीवाल अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहे 42 वर्षीय महंत हरिद्वार कुंभ से लौटने के बाद कोरोना की चपेट में आ गए थे। उनके फेफड़े संक्रमण से 100% खराब हो गए थे।

गौरतलब है कि महंत चन्द्रमादास त्यागी कुंभ स्नान करने हरिद्वार गए थे। बड़ी तादाद में उनके भक्त भी उनके साथ कुंभ में पहुंचे थे। इस दौरान हरिद्वार में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। और उसके बाद वे ट्रैन से वापिस भोपाल लौट आये थे। यहां पहुंचने के बाद उनकी स्थिति देखकर इलाज के लिए उन्हें तत्काल पालीवाल अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

नींद से जागे ‘क्रिकेट के भगवान’, भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने कोरोना संक्रमितों के लिए दी इतनी राशि

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ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज पैट कमिंस और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली द्वारा भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए धनराशि मुहैया कराने के बाद भारत में क्रिकेट के भगवान के नाम से जाने जाने वाले भारत रत्न सचिन तेंदुलकर की नींद भी खुल गई है नींद से जागते ही सचिन ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने के लिए धनराशि जारी की है।

पैट कमिंस ने 37 लाख रुपए पीएम केयर्स फंड में डोनेट किए हैं तो पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने एक बिटकॉइन यानी करीब 41 लाख का डोनेशन भारतीयों के इलाज के लिए दान किए हैं जिसके बाद भारत के क्रिकेटरों की आलोचना शुरू हो गई थी उसी के बाद सचिन ने अपनी निद्रा तोड़ते हुए धनराशि जारी की है।

आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने संकट के इस दौर में मिशन ऑक्सीजन नाम की संस्था को एक करोड़ रुपये डोनेट किए हैं यह संस्था अस्पतालों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मुहैया कराती है। मिशन ऑक्सीजन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इस बात की पुष्टि की है कि सचिन उन्हें 1करोड़ रुपए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने हेतु मिले हैं।

सचिन के अलावा आईपीएल फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स ने दिल्ली-एनसीआर के दो एनजीओ को डेढ़ करोड रुपए डोनेट करने का फैसला किया है जो भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में खर्च होंगे।https://twitter.com/india_oxygen/status/1387761086406008836?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1387761086406008836%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Ftwitter.com%2F

भोपाल के इस ऑटो वाले ने बचाई 10 लोगों की जान

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मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते हाहाकार मचा हुआ है। मरीज अस्पतालों में भटक रहे हैं।ऐसे में राजधानी भोपाल के एक ऑटो ड्राइवर अपने काम से दूसरों के लिए सेवा की मिसाल पेश कर रहा है। अपने ऑटो को चलते-फिरते एंबुलेंस में तब्दील कर जावेद खान नाम का शख्स अब तक 8-10 लोगों की जान बचा चुका है।

बता दे कि 18 साल से ऑटो चला रहे जावेद खान के पास ज्यादा संसाधन नहीं है। ऐसे में परिवार के लोगों ने उन्हें कहा कि अपने ऑटो को एंबुलेंस बना लें। तब उन्होंने कुछ दवाएं और सैनिटाइजर के साथ ऑक्सिजन का एक सिलिंडर साथ में रखा और लोगों का मदद करने के लिए बाहर निकल गए।

दरअसल जावेद ने कहा कि वे अपने पैसों से ऑक्सिजन का सिलिंडर भराते हैं। इसमें उन्हें 3-4 घंटों का समय लगता है और हर बार 600 रुपये खर्च होते है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर उधार लेकर ये काम करना पड़े तो भी कोई दुख नहीं होगा।

भोपाल में शुरू हुआ किल कोरोना अभियान

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कोरोना संक्रमण चारों तरफ तेजी से फैल रहा है।इसकी चेन तोड़ने के लिए बुधवार से किल कोरोना अभियान की शुरूआत हो गई है। इसके लिए घर-घर जाकर बुखार के लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। और जरूरत लगने पर सैंपल भी लिए जाएंगे। यह अभियान 9 मई तक चलाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला भोपाल ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, एमपीडब्ल्यू द्वारा घर-घर जाकर बुखार के लक्षण वाले कोरोना के संभावित मरीजों की पड़ताल करेगी। बुखार के साथ अन्य लक्षणों जैसे विगत 10 दिवसों के भीतर सर्दी, खांसी, इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस, पॉजिटिव व्यक्ति से संपर्क, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई, बदन दर्द, सिर दर्द के लक्षण दिखने पर रोगी की जानकारी सार्थक एप में दर्ज की जाएगी।

उन्होंने कहा कि लक्षणों में वृद्धि होने पर कोविड केयर सेंटर में भर्ती व्यक्तियों का सैंपल लेकर आवश्यकतानुसार डीसीएचसी में रेफर किया जाएगा। फीवर स्क्रीनिंग के लिए सर्वे दल को पल्स ऑक्सीमीटर, नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर, मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर, पैरासिटामोल उपलब्ध कराया गया है।