Home Tags CBIvsCBI

Tag: CBIvsCBI

तो क्या सीबीआई के बाद अब आरबीआई की स्वायत्तता खतरे में ?

0
image of RBI Governor Urjit Patell

सीबीआई का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है था कि अब आरबीआई की स्वायत्तता को लेकर नया मामला सामने आ गया है. दरअसल मीडिया सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार आरबीआई पर ऐक्ट ‘सेक्शन 7’ लागू कर सकती है. अगर ऐसा हुआ तो आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है.  

क्या है केंद्र और आरबीआई का मामला

ये पूरा मामला शुरू होता है नीरव मोदी के फरार होने के साथ. दरअसल नीरव मोदी के फरार होने के बाद सरकार ने आरबीआई का आलोचना करते हुए कहा था कि बैंक इतने बड़े घोटाले को पकड़ने में कैसे नाकाम हो सकता है. जिसके जवाब में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा था कि सरकारी बैंकों के रेग्युलेशन के लिए सरकार उसे शक्तियां नहीं दे रही.

खैर थोड़े दिन बाद आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के एक बयान के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया. दरअसल विरल ने अपने बयान में कह दिया कि सरकार रिजर्व बैंक की ऑटोनॉमी को खत्म करने के लिए कुछ ऐसे काम कर रही है जो चिंता का विषय है. इससे मॉनेटरी पॉलिसी को चलाना मुश्किल हो जाएगा. विरल के इस बयान के बाद केंद्र सरकार इस बात से नाराज है कि इस को सार्वजनिक क्यों कर दिया गया.

पीसीए है विवाद का मुद्दा

पीसीए (प्रॉम्ट करेक्टिव एक्शन) के तहत आरबीआई ने कुछ नए नियम तय किए हैं. जिसमें करीब 12 बैंकों को तुरंत करवाई की श्रेणी में डाला है. ये बैंक ना तो कर्जा दे सकते हैं, ना तो नया शाखा खोल सकते हैं और ना ही डिविडेंड दे सकते हैं. वहीं केंद्र सरकार इस नियम में थोड़ा ढील देना चाहती है ताकि कर्ज देना थोड़ा बढ़ सके. लेकिन डिप्टी गवर्नर विरल ने पहले ही कहा था कि ये करना इसलिए जरुरी है कि ताकि बैलेंस सीट ना बिगड़े.

‘सेक्शन 7’ के दो हिस्से

सेक्शन 7 के दो हिस्से हैं. पहला सलाह-मशविरा करना और दूसरा दिशा निर्देश जारी करना. सरकार ने सलाह- मशविरा के तीन पत्र आरबीआई को दे दिया है. अगर सरकार ने दूसरे हिस्से का इस्तेमाल किया तो गवर्नर उर्जित पटेल को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है. बहरहाल, उर्जित पटेल ने अपना पक्ष रख दिया है अब देखना है कि सरकार इस पर क्या फैसला लेती है, या फिर सीबीआई की तरह आरबीआई भी राजनीति के चपेट में आ जायेगा.

CBIvsCBI- आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

0

CBIvsCBI मामले में आलोक वर्मा को CBI के डायरेक्टर पद से हटाए गए आलोक वर्मा की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई नें सुनवाई के दौरान कई अहम निर्देश दिए.

फैसले की अहम बातें.

1-सीजेआई गोगोई ने कहा कि सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव कोई नीतिगत फैसले नहीं लेंगे. उन्हें सिर्फ रूटीन काम करना होगा.

2-डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी की जांच दो हफ्ते में खत्म करनी होगी.

3-नागेश्वर राव की ओर लिए गए सभी फैसले बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपे जाएं.

4-सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी जांच की निगरानी करेंगे.

5-सीजेआई ने कहा, देश के हितों को देखते हुए सीबीआई मामले को हम ज्यादा दिन तक नहीं खींच सकते. छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा और एक एनजीओ द्वारा दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई.

CBI मामले में की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि वह इस मामले को देखेंगे, उन्होंने सीवीसी से अपनी जांच अगले 2 हफ्ते में पूरी करने को कहा है, ये जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक की निगरानी में होगी. चीफ जस्टिस ने कहा कि देशहित में इस मामले को ज्यादा लंबा नहीं खींच सकते हैं.

केंद्र सरकार को नोटिस

आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है. उन्होंने सरकार से पूछा है कि किस आधार पर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा गया है. इस मामले में अब 12 नवंबर को अगली सुनवाई होगी. CJI ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस स्थिति में बस इस मामले पर सुनवाई होगी कि ये प्रथम दृष्टया केस बनता है या नहीं.

CBIvsCBI- विपक्ष के सवालों पर अरुण जेटली के यह 10 जवाब

0
arun jaitley

सीबीआई बनाम सीबीआई मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. दरअसल देर रात सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिए जाने से हड़कंप मच गया. विपक्ष केंद्र सरकार पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगी. आरोप लगाने की लिस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हैं. राहुल गांधी ने इसको राफेल से जुड़ा मुद्दा बताया. वहीं आरोपों का सिलसिला बढ़ता देख केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कई सवालों का जवाब दिया.

अरुण जेटली की 10 बड़ी बातें

  • अरुण जेटली ने बताया कि सीवीसी की सिफारिश के बाद केंद्र ने अधिकारियों को हटाने का फैसला किया है।
  • देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी की छवि को बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी हो गया था।
  • सीवीसी की अनुशंसा पर एक एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी।
  • अरुण जेटली ने कहा कि इस मामले की जांच करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और न ही इसकी जांच सरकार करेगी।
  • दोनों शीर्ष अधिकारियों पर ही आरोप लगे हैं, ऐसे में इसकी जांच ये अधिकारी खुद नहीं कर सकते।
  • जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारी अवकाश पर रहेंगे।
  • एसआईटी केस की जांच करेगी। उच्चतम निष्पक्षता के तहत यह कदम उठाया गया है।
  • विपक्ष के आरोपों को जेटली नें अनफेयर बताया।
  • जेटली नेकहा कि सरकार ने सेक्शन 42 की शक्ति का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश पारित किया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

38,180FansLike
0FollowersFollow
1,256FollowersFollow
1FollowersFollow
1,256FollowersFollow
783FollowersFollow

Recent Posts

708 POSTS0 COMMENTS
143 POSTS0 COMMENTS
47 POSTS0 COMMENTS
1 POSTS0 COMMENTS
0 POSTS0 COMMENTS
0 POSTS0 COMMENTS