Monday, August 2, 2021
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EPL में प्रदेश के प्रणय खरे ने 2 स्वर्ण समेत कुल 7 पदक

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बेंगलुरु में आयोजित इक्वेस्ट्रीयन प्रीमियर लीग (ई.पी.एल) के जम्पिंग और ड्रेसाज इवेंट्स में घुड़सवारी का शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ी प्रणय खरे ने दो स्वर्ण, एक रजत और 4 कांस्य पदक समेत कुल सात पदक जीते। प्रणय जहां ओपन केटेगरी में बेस्ट राइडर बने तो वहीं ओवर ऑल केटेगरी में सेकेण्ड पोजीशन का खिताब जीता. जिसके लिए उन्हें कैश प्राइज से भी नवाजा गया। गौरतलब है कि जून 2018 से नवंबर 2018 के बीच 6 ई.पी.एल. प्रतिमाह के अन्त आयोजन होता है।

इक्वेस्ट्रीयन प्रीमियर लीग (ई.पी.एल) का आयोजन एंबेसी इंटरनेशनल रायडिंग स्कूल बेंगलुरु में किया जाता है। जिसमें देश भर 150 घुड़सवार विभिन्न इवेंट्स में भागीदारी कर प्रतिभा प्रदर्शन करते हैं। लीग के तहत जम्पिंग और ड्रेसाज की प्रतियोगिताओं में अकादमी के खिलाड़ी प्रणय खरे ने हिस्सा लिया था। घुड़सवारी की विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रणय खरे अभी तक 125 पदक अर्जित कर चुके हैं जिनमे 51 स्वर्ण, 36 रजत और 32 कांस्य पदक शामिल हैं। संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ एस.एल. थाउसेन ने प्रणय खरे द्वारा अर्जित उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। प्रणय खरे अकादमी के चीफ कोच कैप्टन भागीरथ से घुड़सवारी खेल का प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं।

सेवा सदन में मंगलवार से लगेगा मुफ्त यूरोलॅाजी शिविर

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भोपाल के संत हिरदाराम नगर स्थित जीव सेवा संस्थान के सहयोग से सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय में निशुल्क यूरोलॅाजी शिविर लगाया जा रहा है। शिविर में अमेरिका के यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ गोपाल बदलानी के साथ देश-विदेश के 14 अन्य सहियोगी चिकित्सक शामिल होंगे। शिविर में मूत्र व्याधियों से पीड़ित रोगियों के निशुल्क ऑपरेशन किये जाएँगे। साथ ही पत्थरी, प्रोस्टेट बढ़ जाने, हायपोस्पीडिया आदि बीमारियों के भी शिविर में निशुल्क ऑपरेशन किये जाएँगे। अगर आप इस शिविर में शामिल होना चाहते है तो अपना पुराना चिकित्सा रिकॉर्ड और परिचय पत्र अवश्य ले जाए। शिविर के पहले दिन 4 दिसंबर को रोगियों का पंजीयन, जांच और उपचार किया जाएगा। वहीं ऑपरेशन के लिए चिन्हित रोगियों को 7 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा और यह ऑपरेशन 8 से 11 दिसंबर तक चलेंगे। रोगियों को ऑपरेशन के बाद कुछ समय देखभाल करने के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

बता दें कि शिविर में मुंबई के रेडियोलॅाजी विषेषज्ञ डॉ दीपक झांगियानी, अपोलो अहमदाबाद के डॉ दर्षन शाह, डॉ धृति कलसारिया, डॉ नरेष हिमथानी, राजकोट के डॉ जीतेन्द्र अमलानी, डॉ अमीष मेहता, डॉ जिगेन गोहिल और डॉ वसंत सावसानी, दिल्ली के डॉ प्रषांत जैन, भावनगर से डॉ समीर जोषी, इन्दौर के डॉ राजेन्द्र पंजाबी, भोपाल के डॉ दीपक जैन, डॉ सुधीर लोकवानी और डॉ सी।पी। देवानी, डॉ देवेष बंसल, संत नगर के डॉ टी.के ज्ञानचंदानी, डॉ दिलीप चोटरानी और डॉ लाल किषनानी रोगियों के ऑपरेशन और इलाज करेंगे। शिविर में मुख्य रूप से ऐसे पुरुष जिन्हें पेशाब के रास्ते पथरी की शिकायत, प्रोस्टेट बढ़ने, बार-बार पेशाब आने, पेशाब में जलन, पेशाब रूकने की तकलीफ है वह अपना इलाज और ऑपरेशन करवा सकते हैं। वहीं महिला रोगी भी जिन्हें उठने-बैठने, जोर लगाने, खांसने-छींकने से मूत्र उत्सर्जन हो जाता है, पेशाब धीरे और बार-बार आती हो, पेशाब में जलन और पत्थरी की शिकायत जैसी बीमारियों का इलाज और ऑपरेशन करवा सकती हैं। शिविर में मूत्र व्याधियों से पीड़ित बच्चों का इलाज और ऑपरेशन भी किये जाएंगे।

दिल्ली में भोपाल स्मार्ट सिटी को मिला बेस्ट पीपीपी अवार्ड

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दिल्ली में आयोजित बिज़नेस वर्ड के छठे ‘स्मार्ट सिटीज कॉन्क्लेव एंड अवार्ड’ कार्यक्रम में भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के स्मार्ट पोल प्रोजेक्ट को सर्वश्रेष्ठ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अवार्ड मिला है। अवार्ड को स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ श्री संजय कुमार ने प्राप्त किया। बता दें कि भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड द्वरा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत पूरे शहर में स्मार्ट पोल लगाए गये है।

प्रोजेक्ट के अनुसार पूरे शहर में 400 पोल लगाए जाने है। 150 पोल लगाने के साथ ही प्रोजेक्ट के पहले फेस का काम पूरा हो चुका है। इन पोल्स की ख़ास-बात यह है कि इनका रियल-टाइम डाटा फाइबर केबल के माध्यम से कमांड-सेंटर में आता है। इसके साथ ही पोल्स में सर्विलेंस कैमरा, वेदर सेंसर, सूचा फ़्लैश करने लिए बिल बोर्ड, फ्री वाई फाई और ई-वाहन चार्जिंग के प्वाइंट दिए गए हैं। प्रोजेक्ट करीब 640 करोड़ रुपए का है। लेकिन इसमें भोपाल सिटी का एक भी पैसा नहीं लगा है।

मिठी गोबिन्दराम पब्लिक स्कूल में छात्रों ने सीखा कैसे मनाएं दिवाली

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Mithi Govindram Public School

भोपाल के बैरागड़ स्थित मीठी गोबिन्दराम पुब्लिस स्कूल में शनिवार को “सार्थक दीपावली कैसे मनाई जाए” विषय पर अभिप्रेरणात्मक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के छात्रों को भावात्मक, उत्सव के उद्देश्य, प्रदूषण मुक्त, संवेदनशीलता के साथ दीपावली कैसे मनाएं बताया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों जैसे दया, परोपकार, कृतज्ञता, आदरभाव, देशभक्ति तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को जानने की भावना रोपित करना था। सत्र में पहली से आठवी कक्षा तक के छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सिद्ध भाऊजी मौजूद थे। उनके साथ संस्था सचिव श्री ए.सी. साधवानी, संस्था सदस्य मनोहर वासवानी, विद्यालय कार्डिनेटर्स, शिक्षक-शिक्षिकाएँ और छात्र उपस्थित रहे। सिद्ध भाऊजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “शिक्षा अर्जन के साथ-साथ हमारे लिए मानवीय जीवन मूल्यों एवं श्रेष्ठ संस्कारों से युक्त भी होना चाहिए।

संस्कारित शिक्षा द्वारा ही मानव सुयोग्य पदों पर आसीन होकर परिवार, समाज व देश को सही दशा व दिशा प्रदान कर सकता है। पाठ्येतर गतिविधियाँ इस उद्देश्य प्राप्ति में सहायक बनती है। अत: अपने माता-पिता गुरू व बड़ो के प्रति सम्मान का भाव रखते हुए अपने लक्ष्य के प्रति अग्रसर हो तथा आगामी परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए तकनीकी साधनों जैसे मोबाईल से पूर्ण रूप से दूरी बनाए और आज ही मोबाईल अपनी माँ को दे दें और परीक्षा में शतप्रतिशत अंक लाने के लिए पूर्णमनों योग से जुट जाएँ ताकि अकादमिक स्तर पर भी श्रेष्ठतम् अंक प्राप्त हो सके।”

सिद्ध भाऊजी  के उद्बोधन के बाद विद्यालय प्राचार्य डॉ. अजय कांत शर्मा जी ने छात्रों को भाऊजी के द्वारा बताई गई बातों का पालन करने और पढाई को लेकर संकल्पित होने को कहा। कार्यक्रम में शामिल हुए छात्रों ने अपने अनुभव बांटते हुए कहा कि हमने इस दिवाली घर में रंगीन चाइनिज लाइटों का प्रयोग बंद कर दिया है। इसके साथ ही हमने बाजार की बनी मिठाइयों की जगह घर पर बनी मिठाई का सेवन किया तथा जरूरत मंद लोगों को वस्त्र, मिठाई, फल प्रदान किए ताकि वे भी प्रसन्नता पूर्वक त्योहार मना सकें। प्रदूषण रोकने के लिए हमने पटाखे  भी नहीं फोड़े।

चुनाव आया तो शिवराज सिंह चौहान को फिर याद आए पंडित कमल किशोर नागर

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वर्ष 2013 विधानसभा चुनाव के पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जो दांव चले थे वहीं दांव वे इस चुनाव में जीत के लिए आजमा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ठीक पांच साल बाद शुक्रवार को एक बार फिर शाजापुर जिले के ग्राम सेमली धाम पहुंच गए। यहां पंडित कमल किशोर नागर का आश्रम है। मुख्यमंत्री चौहान ने लगभग चालीस मिनट तक पंडित नागर से बंद कमरे मं चर्चा की। इस चर्चा के बाद वे चेहरे पर मुस्कान लेकर कमरे से बाहर निकले और सीधे हेलीकॉप्टर में बैठकर भोपाल आ गए। मुख्यमंत्री की मुस्कराहट का अर्थ यह निकाला जा रहा है कि पंडित कमल किशोर नागर ने उन्हें इस बार भी चुनाव जीतने का अशीर्वाद दे दिया है।

मालवा क्षेत्र की तेरह सीटों पर है पंडित नागर का प्रभाव – कथा वचक कमल किशोर नागर मालवा के संत के नाम से भी जाने जाते हैं। गौ संरक्षण में पंडित नागर की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। पंडित नागर का प्रभाव मालवा अंचल की तेरह सीटों पर देखने को मिलता है। गांव-गांव में पंडित नागर के अनुयायी मौजूद हैं। सितंबर माह में एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ उज्जैन में हुए संत समागम में पंडित कमल किशोर नागर भी मौजूद थे। उनकी मौजूदगी में एट्रोसिटी एक्ट के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने का प्रस्ताव समागम में पारित किया गया था।

पंडित नागर की समागम में मौजूदगी से भाजपा की नींद उडी हुई थी। पिछला विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंडित नागर से दूरी बनाई हुई थी। पंडित नागर मुख्यमंत्री के इस रवैये से भी नाराज थे। शुक्रवार को अचानक मुख्यमंत्री सेमली धाम जा पहुंचे। बताया जाता है कि पहले तो पंडित नागर ने चुनाव में समर्थन देने से साफ इंकार कर दिया। लेकिन, बाद में वे तटस्थ रहने को तैयार हो गए। पंडित नागर के नाराज होने का असर भाजपा के ब्राह्मण वोट बैंक पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।

मध्यप्रदेश की राजनीति में नए दल की एंट्री,सवर्ण संगठन अब सपाक्स पार्टी,हीरालाल त्रिवेदी होंगे अध्यक्ष

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एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ खड़ा हुआ सवर्ण संगठन अब सपाक्स संगठन नहीं, सपाक्स पार्टी हो गयी है। सपाक्स ने मंगलवार को अपनी पार्टी का गठन किया है। संगठन के संरक्षक रहे हीरालाल त्रिवेदी अब पार्टी अध्यक्ष होंगे। सपाक्स, प्रदेश में सभी 230 विधान सभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।भोपाल में 30 सितंबर को हुई महाक्रांति रैली में सपाक्स ने 2 अक्टूबर को अपनी पार्टी को लॉन्च करने का ऐलान किया था। इसी के साथ वह सियासत के अखाड़े में बीजेपी-कांग्रेस को चुनौती देने जा रहा है।

बता दें कि रविवार को भोपाल में सपाक्स की महाक्रांति रैली हुई थी। उस रैली में एलान किया गया था कि 2 अक्टूबर को पार्टी का गठन किया जाएगा। उस घोषणा के मुताबिक सपाक्स अब संगठन से राजनीतिक दल बन गया है। सपाक्स ने प्रदेश कार्यकारिणी भी बनायी है। इसमें 4 उपाध्यक्ष भी बनाए गए हैं। महाक्रांति रैली के बाद सपाक्स ने सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने रैली को नाकाम करने के लिए हर तरीके के हथकंडे अपनाए। लेकिन 18 ट्रेन रद्द करने के साथ-साथ भोपाल शहर में सभा की अनुमति नहीं दी गई। बावजूद इसके सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग रैली में शामिल होने भोपाल आए। सपाक्स को करणी सेना सहित कई और संगठनों ने समर्थन दिया।

एट्रोसिटी एक्ट की चौसर पर मध्य प्रदेश की सियासत में कई खिलाड़ी मैदान में कूद चुके हैं। सपाक्स भी अपना पूरा दम दिखा रही है। सपाक्स की सियासत मजबूत पार्टियों के लिए आखिर कितनी मुश्किल पैदा करेगी ये आने वाला वक्त ही बताएगा।

E-nam policy Of Prime Minister Modi Reality Check, Pass or Fail?

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What is e-nam yojna?  This was an initiative by Prime minister of India launched on 14th April 2016 National agricultural market is a national online trading portal, it’s operation is coupled with Centre and State government. National agricultural market’s scheme is to unleash the true value of the production of farmers. Through this system the government brings the markets online. The government plans to return fair value of both crop and work to the farmers.

Image source: e-nam site

The process of this plan to work – As the farmer enters the market (Mandi) his entrance will be marked and registered as a user. During the registration the computers will record the arrival of his car and then will check the grain and the weight of the crop.The farmer’s crop will be checked scientifically and on all standards possible and will be fixed price per crop quality. Then will be put on computer purchase for the buyers with all the details of grain, online. Traders after bidding grains provide weighing of grain can be take the purchased crops and vegetables to market. Purchase of grain will be billed online, after the bill check the purchase of merchant’s grain will be taken out of the market.

Reality

Sound like a great plan. But here is certain facts about the e-nam policy there are many Mandi’s which were supposed to run on the portal and they also have every essential of the e-nam market plan still its a failure. The examples here are of couple of Mandi’s of Madhya Pradesh. Which were ought to be run on the. e-nam model but they are just on papers. After speaking to farmers at Bhopal’s karond Mandi, Raisen Mandi, Shore Mandi it can be seen all the essentials are rotting in it’s place. There is immense amount of money budgeted for the e-nam policy for each Mandi and the farmers well. The reasons behind the failure of pilot projects are the dis- interest on farmers and unfriendly interface of the farmers with the e-nam portal. It was seen farmers of the named Mandi barely are e-literate. They do not have their unique id passes with the also they don’t believe in it’s access and benefits.

All the evidence of the given media photo and video showing the success of e-nam are of specific and planted on the basis of future of e-nam. Whereas, the reality stands untouched with the benefits of e-nam.

माखनलाल विश्वविद्यालय भोपाल में लगे “गजेंद्र चौहान मुर्दाबाद” के नारे और दिखाए काले झंडे..!

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​​Newbuzzindia: भोपाल में चल रहे माखनलाल विश्विद्यालय के सत्रारंभ समारोह में FTII के विवादित चेयरमैन गजेंद्र चौहान मुख्या अतिथि के तौर पे शामिल हुए । FTII के चेयरमैन बनने के बाद से ही गजेंद्र चौहान विवादों में बने रहे है । 

विवादों ने गजेंद्र चौहान का पीछा भोपाल में भी नही छोड़ा । विश्विद्यालय के कुछ छात्रों ने गजेंद्र चौहान के जाते समय उनका रास्ता रोक लिया और काले झंडे  दिखाने के साथ साथ “गजेंद्र चौहान मुर्दाबाद” और “गजेंद्र चौहान वापिस जाओ” के नारे लगाए ।

गौरतलब है कि चेयरमैन बनने के बाद से ही गजेंद्र चौहान पर आरोप लगाए जा रहे है कि उन्हें संघी पृष्टभूमि के होने के कारण FTII का चेयरमैन बनाया गया है । नारे लगाने वालों में छात्र सुहृद तिवारी ने नाम प्रमुख है । साथी छात्रों में अर्जीत सिंह आदि शामिल हुए ।

गौरतलब है कि कुलपति ब्रजकिशोर कुठियाला द्वारा प्रदर्शन में शामिल छात्र अर्जीत सिंह की कॉलर पकड़कर घसीटते हुए प्रथम तल पर स्थित एक कमरे ले गए ।

प्रदर्शन करने वाले छात्र नेता सुहृद तिवारी ने Newbuzzindia से कहा कि जो व्यक्ति ftii जैसे संसथान में शिक्षा के भगवाकरण का आरोपी है ऐसे विवादित व्यक्ति को विश्वविद्यालय के सत्रारम्भ जैसे प्रोग्राम में नही बुलाना चाहिए । सुहृद तिवारी ने गजेंद्र चौहान से इस्तीफे की मांग की है । 

क्या कुटियाल माखनलाल में पूर्ण रूप से भगवाकरण करना चाहते है????

हम ये कतई नही होने देंगे ।इसके अलावा विस्वविद्यालय में फैली अनिमितताओं के विरोध में हम हमेशा छात्रों के साथ खड़े हुए है

भाजपा शासित मध्य प्रदेश में कश्मीरी होने पर मुस्लिम छात्र की हुई पिटाई

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NewBuzzIndia: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में कश्मीरी मुस्लिम होने के कारण छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। 

उमर रशीद नाम का छात्र बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में शोध का छात्र है। छात्र का आरोप है कि सोमवार को करीब 10 लोगों ने उसे घेर लिया और उसकी व्यक्तिगत जानकारी मांगने लगे। जब उन्हें पता चला वो कश्मीर से है तो लोगों ने उसके साथ मार पीट शुरू कर दी और वारदात के बाद वहाँ से भाग निकले।

मध्य प्रदेश में हुई भाजपा की करारी हार, नगर पालिका चुनाव में कंग्रेस ने जीती 3 सीटें

घटना के बाद विश्वविद्यालय के कश्मीरी छात्र विरोध जताते हुए बीयू कुलपति के ऑफिस जा पहुंचे। ऑफिस में हंगामा करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी कश्मीरी छात्रों को सुरक्षा दिए जाने की मांग करने लगे। हंगामा बढ़ने पर छात्रों को कुलपति के ऑफिस से बाहर निकाल दिया गया। बाद में पुलिस प्रशासन को बुलाया गया तब जा के मामला संभाला।

जिला अस्पतालों में होगा एमआरआई और सिटी स्कैन

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Newbuzzindia Bhopal:प्रदेश के जिला अस्पतालों में आने वालेमरीजों को सीटी स्कैन व एमआरआई कराने के लिए निजी केन्द्रों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें कैंपस में ही जांच की सुविधा मिलेगी। सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन व एमआरआई मशीनें लगाने की तैयारी है।
इसके लिए जल्द ही टेंडर किए जाएंगे। स्वास्थ्य संचालक (अस्पताल प्रशासन) डॉ. केके ठस्सू ने बताया कि सीटी-स्कैन और एमआरआई मशीन लगाने के लिए शर्तें तय हो गई हैं। M.P. पब्लिक हेल्थ सप्लाई कॉरपोरेशन को टेंडर करने के लिए कहा गया है। अभी प्रदेश के 13 जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीनें लगी हैं। इसमें 9 मशीन सरकारी हैं। 4 जगह पीपीपी से मशीनें लगाई हैं।
अभी सभी जिलों में सीटी स्कैन मशीनें पीपीपी से लगाने के लिए टेंडर किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हर जिला अस्पताल में ओपीडी व भर्ती मरीजों को मिलाकर करीब 10 को सीटी स्कैन की जरूरत होती है। उज्जैन, रतलाम, भोपाल व देवास आदि बड़े अस्पताल में 15 से 20
मरीजों को सीटी स्कैन की जरूरत होती है। अस्पतालों में यह यह सुविधा नहीं होने की वजह से मरीजों को
बाहर जांचें कराना पड़ती हैं। इस पर उनके 2 से 5 हजार रुपए तक खर्च होते हैं। इसी तरह से हर दिन 4-5 मरीजों रोज एमआरआई कराने की सलाह डॉक्टर देते हैं, लेकिन एमआरआई की सुविधा प्रदेश के किसी भी जिला अस्पताल में नहीं है। किसी
सरकारी मेडिकल कॉलेज में भी एमआरआई की सुविधा नहीं है।
पीपीपी से एमआरआई लगाने के लिए भी टेंडर किए जाएंगे। 60 फीसदी सस्ती जांच डॉ. ठस्सू ने बताया कि पीपीपी से लगाई गई सीटी स्कैन व एमआरआई की दरें बाजार दर से करीब 60 फीसदी सस्ती पड़ेंगी। जांचों के लिए अधिकतम फीस सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) द्वारा तय दरों के बराबर होगी। हालांकि, निजी पार्टी चाहे तो सीजीएचएस दर से कम में भी जांच के लिए टेंडर में रेट दे सकती है। सीजीएचएस दरें बाजार दर से
करीब आधी हैं। इसके बाद पार्टी से कुछ छूट मिल सकती है। इस लिहाज से मौजूदा दर से करीब 60 फीसद कम में जांचें हो सकती हैं। सिर के बिना कंट्रास्ट सीटी स्कैन की दर सीजीएचएस में 900
रुपए है, जबकि निजी केन्द्रों में 1500 से 2200 तक लगते हैं। इसी तरह से सिर की बिना कंट्रास्ट एमआरआई की सीजीएचएस फीस 1998 रुपए है। निजी सेंटरों में जांच पर करीब 5 हजार रुपए
लगते हैं।