Advertisements
Home Tags Bhopal

Tag: Bhopal

मध्यप्रदेश सरकार ने आईएएस अफसरों के तबादले किए, सलीना सिंह को उच्च शिक्षा विभाग दिया

0

राज्‍य शासन ने गुरुवार को 11 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जबकि एक आईएएस अफसर को अतिरिक्त प्रभार दिया है, वहीं दो अफसरों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है।

अपर मुख्‍य सचिव सलीना सिंह को उच्‍च शिक्षा विभाग, प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल को श्रम एवं तकनीकी शिक्षा, एसएन मिश्रा को अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग का प्रमुख सचिव, संजय शुक्‍ला को पीएचई एवं जल निगम का प्रमुख सचिव बनाया है। हरिरंजन राव को प्रमुख सचिव पर्यटन एवं सह-आयुक्त एवं प्रबंध संचालक पर्यटन विकास बोर्ड बनाया गया है। दीपाली रस्‍तोगी को प्रमुख सचिव एवं आयुक्‍त आदिवासी कल्‍याण, संजय दुबे को प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं आवास की जिम्मेदारी दी गई है।

नर्मदांचल संभाग के संभागायुक्त उमाकांत उमराव को ग्रामीण सड़क विकास का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। ये प्रभार अब तक अपर मुख्य सचिव गौरी सिंह के पास था। उमाकांत उमराव के स्थान पर रवीन्द्र मिश्रा को नर्मदांचल संभाग का संभागायुक्त बनाया गया है।

सलीना सिंह को उच्च शिक्षा विभाग देने के बाद ग्रामीण विकास और कुटीर के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई को इन विभागों के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त कर दिया गया है। संजय गोयल को वर्तमान कार्य के साथ एमडी पावर मैनेजमेंट कंपनी, जबलपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया है।

Advertisements

कल भोपाल में राहुल की किसान रैली, लगे भावी प्रधानमंत्री के होर्डिंग

0

भोपाल में कल होने वाली प्रस्तावित किसान रैली में हिस्सा लेने आ रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के स्वागत में लगाए गए होर्डिग में उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताया गया है। राजधानी के जम्बूरी मैदान में कांग्रेस ने शुक्रवार को किसानों की रैली आयोजित की है। रैली में हिस्सा लेने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी आ रहे हैं। वह यहां किसानों से संवाद करने के साथ उन्हें संबोधित भी करेंगे। राहुल के स्वागत में राजधानी के कई हिस्सों में होर्डिग और पोस्टर लगाए गए हैं। कांग्रेस के प्रदेश दफ्तर के बाहर लगा एक होर्डिग खासा चर्चा में है। इसमें उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताया गया है।

होर्डिंग लगाने वाले कांग्रेस प्रवक्ता शहरयार ने बुधवार को कहा, “राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने तीन राज्यों में जीत दर्ज की है। उन्होंने पटना की रैली में कांग्रेस के केंद्र में सत्ता में आने पर किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही। मध्य प्रदेश में किसानों का कर्ज माफी हो चुका है। देश का किसान व नौजवान उनकी ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है। राहुल गांधी देश के भावी प्रधानमंत्री हैं, देश की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। इसलिए उनका भावी प्रधानमंत्री के तौर पर स्वागत किया गया है।”

उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल को शिव और रामभक्त बताने वाले पेास्टर व होर्डिंग लगाए गए थे। अब उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताने वाला होर्डिंग लगाया गया है।

कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग ने की बैठक

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में राहुल गांधी जी की प्रस्तावित भोपाल यात्रा के सफल आयोजन के संबंध में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग की बैठक हुई। बैठक में राहुल गांधी की रैली में पिछड़ा वर्ग विभाग की ज़िम्मेदारी निभाने पर विचार किया गया। जिसमें सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने राहुल गांधी की रैली को सफल बनाने पर रणनीति तैयार की। बैठक में बताया कि मोटर साइकल तथा ऑटो के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया जाएगा तथा लोगों को सभा स्थल तक लाया जाएगा,प्रचार प्रसार के लिए एक अलग टीम का गठन किया गया ।

हमारे कार्यकर्ताओं पर हमले और प्रदेश में अराजकता बर्दाश्त नहीं : राकेश सिंह

0

आज का पुतला दहन प्रदेश सरकार के लिए एक चेतावनी है। अगर हमारे कार्यकर्ताओं पर इसी तरह हमले होते रहे और प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो हम सड़कों पर उतरेंगे और सरकार को चलने नहीं देंगे। प्रदेश सरकार को यह चेतावनी सोमवार को जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने दी। जबलपुर शहर के सभी 14 मंडलों से प्रदेश सरकार के पुतलों का जुलूस निकाला गया और रानीताल चौराहे पर प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में इन पुतलों का दहन किया गया। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था और भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों का विरोध किया।

लगातार हो रही घटनाएं

मीडिया से चर्चा करते हुए सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में कानून व्यवस्था के हालात अचानक गंभीर रूप लेने लगे हैं। भोपाल में पुलिस पार्टी पर भारी पथराव, इंदौर में कारोबारी संदीप अग्रवाल की हत्या, मंदसौर में नगरपालिका के अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की बीच बाजार नृशंस हत्या, बड़वानी में हमारे मंडल अध्यक्ष की निर्मम हत्या और रविवार को ही जबलपुर में शहीद अब्दुल हमीद मंडल के महामंत्री मगन सिद्दकी पर चाकू से हमला हुआ। इन घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं यह बात भी साबित होती है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार का कानून-व्यवस्था से कोई लेना देना नहीं है।

हत्या को भाजपा का आंतरिक मामला कहना शर्मनाक

सिंह ने कहा कि मंदसौर में हमारे नगरपालिका अध्यक्ष की सरे बाजार हत्या हो जाती है और प्रदेश के मुख्यमंत्री कहते हैं कि यह भारतीय जनता पार्टी का आंतरिक मामला है। मुख्यमंत्री के इस बयान को शर्मनाक बताते हुए श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस बयान से जाहिर होता है कि सरकार जांच को किस दिशा में ले जाना चाहती है। निश्‍चित रूप से सरकार जांच को उस दिशा में ले जाएगी, जहां से कोई परिणाम नहीं निकलेंगे। सिंह ने कहा कि यह सरकार की सोच का ही परिणाम है कि प्रदेश में फिर नक्सली खतरे की आहट सुनाई दे रही है और सिमी के आतंकियों को छोड़ा जा रहा है। प्रदेश में जानबूझकर अराजकता का महौल बनाया जा रहा है।

सरकार चलने नहीं देंगे

प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नाकामी को लेकर हमने पहले चेतावनी दी। उसके बाद प्रदेश के डीजी और सभी जिलों में कलेक्टर्स को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कानून व्यवस्था बहाल करने आग्रह किया था। उसके बाद भी घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। हम हमारे कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता के साथ हो रहे अत्याचार को बर्दाश्त नही करेंगे। यह सरकार वैसे ही वेंटिलेटर पर चल रही है, लेकिन हम ये मानते हैं कि जनता ने आपको शासन करने का अधिकार दिया है, तो सरकार इस तरह से चलाएं कि प्रदेश की जनता और हमारे कार्यकर्ता अपने-आपको असुरक्षित महसूस न करें। आज हमने पूरे प्रदेश में सरकार का पुतला दहन करके चेतावनी दी है। यदि सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था बहाल नहीं करती है, तो हम सड़कों पर उतरेंगे और इस सरकार को चलने नहीं देंगे।

जमकर हुई नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन

भोपाल के बोर्ड आफिस चौराहे पर जिला इकाई द्वारा मध्यप्रदेश सरकार का पुतला दहन कर प्रदेश में बढ़ रही अराजकता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के पश्‍चात कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए बोर्ड आफिस चौराहे से भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्‍वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार आते ही प्रदेश में कानून व्यवस्थाएं पूरी तरह चौपट हो चुकी है। लगातार बढ़ रही हिंसक घटनाएं कांग्रेस सरकार की नाकामियों को दर्शाती है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि पश्‍चिम बंगाल और केरल में जिस तरह गुंडागर्दी और दबाव के आधार पर सरकार चलाने का प्रयास हो रहा है, उसी फार्मूले पर कमलनाथ सरकार प्रदेश में काम कर रही है। यही कारण है कि लगातार प्रदेश में हिसंक घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आज का प्रदर्शन कांग्रेस की सोई हुई सरकार को जगाने के लिए है।

यह हुए शामिल

इस अवसर पर महापौर आलोक शर्मा, सांसद आलोक संजर, जिला अध्यक्ष सुरेन्द्रनाथ सिंह, विकास विरानी, अशोक सैनी,राजेन्द्र गुप्ता, सुमित रघुवंशी, सविता यादव, नितीन दुबे, राधे महाराज, प्रमोद राजपूत सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

भाजपा ने पंद्रह साल पहले मुँह खोला होता तो ये हालात नहीं होते: कांग्रेस

0
madhya pradesh congress chief kamalnath

प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे ने कहा कि 15 साल बाद ये पहला अवसर है जब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और राकेश सिंह ने अपराध के खिलाफ अपना मुँह खोला है। सत्ता में रहते जनता की चिंता कभी नहीं की, प्रदेश को अपराधियों के हवाले कर मौन साध लिया था। भाजपा को अब शिकायत यह है कि भाजपा नेताओं पर हमले हो रहे हैं। इसीलिए वे अपराध के खिलाफ खड़े हुए हैं। मगर हमलों में खुद भाजपा नेताओं पर आरोप हैं।

अभय दुबे ने कहा कि कांग्रेस ने कभी अपने दायित्वों से मुँह नहीं चुराया। हम प्रतिबद्ध हैं, अपराध को कांग्रेस सरकार जड़ से समाप्त करेगी। कांग्रेस सरकार को जो अपराधों की विरासत भाजपा के 15 सालों के शासन में मिली है, वो खुद मोदी सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के हवाले से भाजपा को जाननी चाहिये।

  1. हत्या रू भाजपा शासन-काल में लगभग 7 हत्याएं रोज हुआ करती थीं।
  2. हत्या के प्रयास रू लगभग 6 हत्या के प्रयास रोज हुआ करते थे।
  3. बलात्कार रू लगभग 10 बेटियाँ रोज बलात्कारियों का शिकार होती थीं
  4. जघन्य अपराध रू हत्या, लूट, बलात्कार, अपहरण जैसे 48 अपराध रोज मध्यप्रदेश में हुआ करते थे।
  5. आईपीसी अपराध रू आईपीसी के 607 अपराध रोज मध्यप्रदेश में हुआ करते थे।

दुबे ने कहा कि हमें याद है कि कभी भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री किसी रेप पीड़िता से मिलने नहीं गए, कभी एक ट्वीट तक नहीं किया। पूरे समय बस अपनी सत्ता की भूख को मिटाने के लिए रैलियों और राजनैतिक आयोजनों में लगे रहते थे। इसीलिए ये हाल प्रदेश का हुआ।

भाजपा नेताओं की हत्या के पीछे भ्रष्टाचार से जुड़ी राशि का लेनदेन: शोभा ओझा

0

प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने अपने 15 वर्षीय कार्यकाल के दौरान मध्य प्रदेश को अपराधों का गढ़ बना दिया था। महिला अपराधों व बालात्कार के मामले में मध्यप्रदेश को अव्वल बनाकर कलंकित कर चुकी भाजपा किस मुंह से कानून व्यवस्था की बात कर रही है। अपराधों को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाने के पहले भाजपा को स्वयं अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। पिछले दिनों मंदसौर में जिस भाजपा नेता की हत्या हुई, उसकी मूल जड़ में पैसों का लेनदेन रहा है। भाजपा के शासनकाल में जब भ्रष्टाचार चरम पर था और उसके नेता-जनप्रतिनिधि भी इसमें शामिल थे, तब भाजपा नेताओं को उम्मीद नहीं थी कि उनकी सरकार सत्ता में नहीं आएगी। जिन भाजपा नेताओं ने रिश्‍वत के नाम पर पैसे ले लिए लेकिन सत्ता जाने के बाद उसे वापस नहीं कर रहे थे अथवा न करने के मूड में थे, ऐसे भाजपा नेताओं से वसूली करने में असफल उसी की पार्टी के नेताओं या कार्यकर्ताओं द्वारा उनकी हत्या या हमला करने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

ओझा ने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार भारतीय जनता पार्टी की संस्कृति रही है। इसी भाजपाई संस्कृति के दुष्परिणाम अब सामने आने लगे हैं। भ्रष्टाचार के कारण भाजपा नेता अपने ही लोगों का शिकार बन रहे हैं। वे न सिर्फ कानून हाथ में ले रहे हैं, बल्कि बेखौफ होकर भी घूम रहे है, लेकिन मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार उनके मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगी। प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगड़ने संबंधी भाजपा के आरोपों में कोई दम नहीं है। भाजपा ने ही अपने कार्यकाल में मध्य प्रदेश का अपराधीकरण किया है। भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि विभिन्न अपराधों से घिरे उसके दो तत्कालीन वरिष्ठ मंत्री जेल की हवा खा चुके हैं। व्यापम कांड में हुई हत्याओं के पीछे भी भाजपा सरकार वस्तुस्थिति का पता नहीं लगा पाई थी।

ओझा ने कहा कि यदि भाजपा के शासनकाल में इतना भ्रष्टाचार नहीं हुआ होता तो इस प्रकार की घटनाएं भी नही होती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ अपराधों को सख्ती से रोकने के प्रति पुलिस प्रशासन को सचेत कर चुके है। अपराध में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नही जाए और न ही प्रकरण में ढिलाई बरती जाए।

अपने नेताओं की हत्या के खिलाफ सड़क पर उतरी बीजेपी ने जमकर किया विरोध प्रदर्शन

0

मध्य प्रदेश में हाल के कुछ दिनों में एक के बाद एक भाजपा नेताओं की हत्या पर सियासत तेज गई है। आक्रोशित बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री कमलनाथ का पुतला जलाया और ’कमलनाथ मुर्दाबाद’ और ’कमलनाथ इस्तीफा दो’ के नारे भा लगाए। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया। इस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुतले फूंकने के साथ ही उनकी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

शिवराज ने दी थी चेतावनी

रविवार को बड़वानी में बीजेपी नेता मनोज ठाकरे की हत्या के बाद भाजपा ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। उन्होंने कमलनाथ सरकार को चेतावनी भी दी थी कि अगर जल्द अपराधी नहीं पकड़े गए तो बीजेपी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।

कमलनाथ का पलटवार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सिंह चौहान और भाजपा पर पलटवार किया था। कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा, बेहद शर्मनाक है कि जिन्होंने अपने 15वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश को अपराध प्रदेश बनाये रखा,जो अपनी सरकार में अपराध रोकने में पूरी तरह से नाकाम रहे,जिनके कार्यकाल में अपराधों में,प्रदेश देश में शीर्ष पर रहा,वो हमारी 1 माह की सरकार को अपराध को लेकर कोस रहे है,राजनीति कर रहे हैं। कमलनाथ ने एक औऱ ट्वीट पर कहा, प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षा देने के लिये हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। वो हमारा कर्तव्य है। चाहे भाजपा के आपसी अंतर्कलह के विवाद हो या अन्य कारण से सामने आये विवाद हो, हमारी सरकार अपने कर्तव्यों का पूरा पालन करेगी। बता दें कि सीएम कमलनाथ इन दिनों दावोस दौरे पर हैं। सीएम बनने के बाद कमलनाथ की यह पहली विदेश यात्रा है।

भाजपा ने डीजीपी को सौंपा ज्ञापन, बोले कानून व्यवस्था दुरुस्त नही हुई तो सड़कों पर करेंगे प्रदर्शन

0

दो दिनों में दो हत्याओं के बाद भाजपा अब कानून व्यवस्था पर प्रश्‍न चिन्ह खडा करते हुए प्रदेश सरकार का घेराव कर रही है। जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताआ के साथ मिलकर शनिवार को भोपाल में डीजीपी को मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम का ज्ञापन सौंपा। भाजपा ने इस दौरान प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की शिकायत की और हत्याओं के दोनों मामलो की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की।

मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो चुकी है। पहले हिना कांवरे दुर्घटना और फिर इंदौर कारोबारी और मंदसौर में सरेआम भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या। इन बातों से साफ है कि सत्ता के परिवर्तन होते ही मप्र में कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। समय रहते कानून व्यवस्था दुरुस्त नही की तो बीजेपी सड़को पर उतरेगी। बता दें कि मंदसौर में नगर पालिका अध्यक्ष बंधवार की हत्या के बाद से बीजेपी लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ पर किया हमला
मुख्यमंत्री कमलनाथ मंदसौर की घटना के बारे में यह कहते हैं कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। मैं उन्हे कहना चाहता हूं कि हत्यारा किसी दल का नहीं होता, दोषी केवल दोषी होता है और उसके खिलाफ दोषी मानकर ही कार्रवाई होनी चाहिए। यदि सरकार पहले से यह मन बना ले कि यह किसी दल का अंदरूनी मामला है, तो स्वभाविक रूप से वह निष्पक्ष जांच और दोषी को सजा दिलाने में सफल नहीं हो पाएगी। सिंह ने मंदसौर घटना के संबंध में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की बात करते हुए कहा कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच होना चाहिए, ताकि हत्या के कारणों का पता चल सके ।

बता दें कि पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल में राकेश सिंह के साथ उमाशंकर गुप्ता, विश्‍वास सारंग, सांसद आलोक संजर, महापौर आलोक शर्मा, रामेश्‍वर शर्मा, विजेश लूणावत, कृष्णा गौर, राव उदय प्रताप सिंह, सुरेन्द्रनाथ सिंह, शैलेन्द्र प्रधान आदि शामिल थे।

मध्यप्रदेश में मीसाबंदियों की पेशन पर अस्‍थाई रोक, भाजपा का विरोध

0

कमलनाथ सरकार ने प्रदेश के मीसा बंदी पेंशन योजना पर अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है। सरकार मीसा बंदियों की जांच कराने के बाद इसे फिर से शुरू करेगी।

इस संबंध में आदेश 28 दिसंबर को जारी कर दिए गए हैं। आदेशानुसार सरकार मीसाबंदियों को मिलने वाली पेशन के संबंध में जांच करवाएगी। सरकार ऐसा लोगों को पेंशन की सूची से बाहर करेगी जो इसके सही पात्र नहीं है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने अपने खास लोगों को उपकृत करने के लिए करोड़ों की फिजूलखर्ची की है। सरकार 75 करोड़ रुपये सालाना लुटा रही थी, इसको तुरंत बंद होना चाहिए।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में फिलहाल 2000 से ज्यादा मीसाबंदी 25 हजार रुपए मासिक पेंशन ले रहे हैं। साल 2008 में शिवराज सरकार ने मीसा बंदियों को 3000 और 6000 पेंशन देने का प्रावधान किया। बाद में पेंशन राशि बढ़ाकर 10,000 रुपए की गई। साल 2017 में मीसा बंदियों की पेंशन राशि बढ़ाकर 25,000 रुपये की गई। इस पर सालाना करीब 75 करोड़ का खर्च आता है। इस रोक पर लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक का कहना है कि जांच की कोई बात है ही नहीं।यह बदले की भावना से फैसला लिया गया है। पेंशन रोकने के विरोध में कोर्ट का सहारा लेंगे।

बंद नहीं की पेंशन, भाजपा बेवजह राजनीति कर रही : सलूजा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा है कि सरकार बने हुए सिर्फ 15 दिन हुए हैं। इतने कम समय में सरकार द्वारा लिये गये जनहितैषी निर्णयों से बौखलाकर भाजपाई जान बूझकर वंदे मातरम् और मीसाबंदियों के मामले को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। ऐसे भाजपाईयों को पहले सामान्य प्रशासन विभाग का वह परिपत्र पढ़ना चाहिए जो मीसाबंदियों को लेकर जारी हुआ है। इसमें स्पष्ट लिखा है कि प्रदेश में लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि के भुगतान में बजट प्रावधान से अधिक व्यय की स्थितियां महालेखाकार के परीक्षण प्रतिवेदनों के माध्यम से संज्ञान में आई है। इस कारण लोक लेखा समिति के समक्ष विभाग को स्थिति स्पष्ट करने में कठिनाई आती है। शासन ने इस स्थिति की पुर्नरावृत्ति को रोकने के लिए लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि भुगतान की वर्तमान प्रक्रिया को और अधिक सटीक, पारदर्शी बनाये जाने की आवश्यकता बतायी है। शासन ने यह भी माना है कि लोकतंत्र सैनिकों का भौतिक सत्यापन कराया जाना भी आवश्यक है और इसके लिए पृथक से विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जाने का उल्लेख सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र में है।

सलूजा ने कहा कि सरकार के परिपत्र में लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि बंद करने के बारे में कहीं कोई उल्लेख नहीं है। यह कार्यवाही होने के बाद सम्मान निधि राशि का वितरण किया जाएगा।

सरकार संभालते ही कमलनाथ ने फिजूलखर्ची पर लगाई रोक

0
photograph of kamalnath
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की फाईल फोटो

प्रदेश में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री कमल नाथ के निर्देश पर वित्त विभाग ने विभिन्न खर्चों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश जारी कर दिये हैं। प्रदेश में अब नवीन वाहनों की खरीदी पर इस वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही एयरकण्डीशनर समेत अन्य विलासिता संबंधी उपकरणों की खरीदी पर भी रोक लगा दी गई है।

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में राजस्व विभाग (शासकीय मुद्रणालय) को छोड़कर अन्य विभागों, निगम, मण्डलों आदि द्वारा वर्ष 2019 के लिये डायरी, कैलेण्डर के मुद्रण पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी के साथ, कार्यालयों की मरम्मत, संधारण, कार्यालयीन सामग्री और अन्य कार्यों पर वित्तीय नियंत्रण रखने के लिये खर्चे की सीमा तय की गई है। वर्ष 2018-19 का इनकार्यों के लिये आवंटित बजट अथवा वर्ष 2017-18 में इन कार्यों पर हुए व्यय में से जो भी कम होगा उसे खर्चे की सीमा बना दिया गया है। खर्चे की यह सीमा कार्यालयीन फर्नीचर, पुस्तकें, पत्रिकाएँ और लेखन सामग्री की खरीदी, आतिथ्य व्यय, मुद्रण एवं प्रकाशन, कंसल्टेंसी सर्विसेस, विशेष सेवाओं के लिये मानदेय, सुरक्षा, सफाई, परिवहन व्यवस्था, मशीन और उपकरणों का संधारण, वाहन संधारण, फर्नीचर संधारण आदि के लिये निर्धारित की गई है।

अस्पताल, आंगनवाड़ी, आश्रमों पर बैन नहीं

राज्य सरकार ने आवश्यक श्रेणी में व्ययों को प्रतिबंध से छूट प्रदान की है। विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाएँ, केन्द्रीय क्षेत्रीय योजनाएँ और प्राप्त केन्द्रीय अनुदान को प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके साथ ही, छात्रावास, आश्रम विद्यालय, अस्पताल, जेल, पशु चिकित्सालय और आँगनवाड़ी में लगने वाली आवश्यक दवाइयाँ और खास सामग्री की पूर्ति मद में भी व्यय सीमा में प्रतिबंध की छूट रहेगी। राज्य शासन ने अस्पतालों में उपचार कार्य में उपयोग में आने वाली सामग्री लिनिन, गॉज, बैण्डेज और अन्य सामग्री की खरीदी पर भी छूट प्रदान की है। वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में मितव्ययता संबंधी आदेश के साथ विभागों को आवश्यक निर्देश भी जारी किये हैं।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ भोपाल कोर्ट ने जारी किया वॉरंट।

0
bjp spokeperson sambit patra at bjp headquaters in new delhi
संबित पात्रा की फाइल फोटो

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ भोपाल कोर्ट ने गुरुवार को अचार संहिता के उल्लंघन के मामले में जमानती वॉरंट जारी किया। मामला मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है। दरअसल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान भोपाल पहुंचे संबित पात्रा अचार संहिता के बीच भोपाल के एमपी नगर में सड़क पर प्रेस वार्ता करने लगे।

अचार संहिता के उल्लंघन के इस मामले में पुलिस प्रशासन ने संबित पात्रा को उस समय आरोपी नही बनाया था। जिसके खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता भुवनेश्वर मिश्र कोर्ट चले गए। जिसके बाद भुवनेश्वर की याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई और संबित पात्रा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया।

कोर्ट द्वारा जारी किया गया जमानती वॉरंट

भोपाल अदालत द्वारा संबित पात्रा के खिलाफ जारी किए गए जमानती वॉरंट की तस्वीर

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए कहा कि “भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के लिये वारंट जारी : मप्र में चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में भोपाल न्यायालय द्वारा भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के विरूद्ध ज़मानती वारंट जारी किया गया है। कहाँ हैं संबित पात्रा जी..? पहले, -अबकी बार दो सौ पार। अब, -अबकी बार पात्रा फ़रार..? ”

सोशल मीडिया पर जुड़ें

38,127FansLike
0FollowersFollow
1,232FollowersFollow
1FollowersFollow
1,256FollowersFollow
798FollowersFollow

ताजा ख़बरें