fbpx
Thursday, October 29, 2020
Home Tags Bharatiya Janata Party

Tag: Bharatiya Janata Party

उमा भारती का सरकार से सवाल, महाकाल परिसर तक कैसे पहुंचा विकास दुबे ?

0
20200710 161602
20200710 161602

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने विकास दुबे के मामले में अपनी ही सरकार को निशाने पर लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा से तीन सवाल पूछे हैं विकास दुबे के मारे जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भगवान महाकाल ने देवेंद्र मिश्र जैसे ईमानदार पुलिस अधिकारी के हत्यारे का संहार कर दिया है

शिवराज सरकार से नाराज चल रही हैं उमा भारती

पिछले कुछ महीने से भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रही उमा भारती ने हाल ही में शिवराज सिंह चौहान द्वारा किए गए मंत्रिमंडल के विस्तार पर भी सवाल खड़े किए थे । उमा भारती ने कथित तौर पर एक पत्र मंत्रिमंडल विस्तार पर नाराजगी प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी लिखा था । यद्यपि इस पत्र की प्रतिलिपि अब तक सामने नहीं आई है । उमा भारती ने इस पत्र में उनके सुझावों को अनदेखा किए जाने पर असंतोष प्रकट किया था । गुरुवार को उत्तर प्रदेश के कुख्यात हत्यारे विकास दुबे के महाकाल परिसर तक पहुंचने से शिवराज सिंह सरकार की पुलिस पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं । मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी लगातार निशाने पर लिए हुए। इसी कड़ी में उमा भारती के तीन सवाल सरकार के साथ-साथ नरोत्तम मिश्रा की मुसीबत भी बढ़ाने वाले साबित हो सकते हैं शिवराज सरकार से नाराज हैं उमा भारती

मंत्रियों में गृह विभाग को लेकर चल रही है जोर आजमाइश

शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार 2 जुलाई को किया था। इस विस्तार में 20 मंत्री और 8 राज्य मंत्री शामिल किए गए है। इन मंत्रियों को विभागों का वितरण 9 दिन बाद भी नहीं हो सका है। कहा जा रहा है कि विभाग को लेकर जोर आजमाइश शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों के बीच चल रही है हर मंत्री महत्वपूर्ण विभाग चाहता है। गृह विभाग के दावेदार भी कई हैं। राज्य के मौजूदा गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा अपने मौजूदा विभाग को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गृह विभाग अपने करीबी भूपेंद्र सिंह को देना चाहते हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने में यह देश मजबूत से क्यों बना मजबूर ?

0

यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल को आज भी कॉमनवेल्थ और 2जी घोटालों को लेकर याद किया जाता है। उस समय पूरा देश भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने सड़क पर आ गया था। तब देश विरोध करना और अपने हक़ के लिए आवाज उठाना जानता था। पेट्रोल के दाम में रुपये की वृद्धि करने में भी सरकार का पसीना निकल जाया करता था। सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने का यह भाव जनता के बीच लाने में अरविंद केजरीवाल का “इंडिया अगेंस्ट करप्शन”, अन्ना हजारे का जन लोकपाल आंदोलन और बाबा रामदेव का काला धन के लिए किया गया आंदोलन प्रमुख है।

उस समय एक तरफ अरविंद केजरीवाल देश के युवाओं को सड़क पर ला रहे थे, अन्ना देश की जनता को सत्याग्रह में शामिल कर रहे थे और बाबा रामदेव हर रोज सुबह-सुबह योगा के साथ टीवी पर कालेधन पर बड़े-बड़े आंकड़े दे रहे थे। वहीं दूसरी और नरेंद्र मोदी देश की गरीब जनता को 15-15 लाख रूपये देने की बात कर रहे थे। भ्रष्टाचार मुक्त भारत, कालाधन, जन लोकपाल और 15 लोख, यह 2014 में वोट देने वाले मुद्दे बने।

ऐसे में सवाल उठता है कि भ्रष्टाचार और महँगाई के खिलाफ इतनी बड़ी औऱ लंबी लड़ाई लड़ने वाला देश आज प्रदर्शन तो दूर बल्कि आवाज उठाने से भी कतरा रहा है। हाल ही में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक आरटीआई के जवाब में 50 विलफुल डिफॉल्टर्स की एक सूची जारी की है। यह देश वो बड़े उद्द्योगपति है जो जानबूझ कर बैंकों से लिए कर्ज को नही चुकाना चाहते है। आरबीआई ने आरटीआई में दी गई जानकारी में बताया कि वह 2019 में इन विलफुल डिफॉल्टर्स का 68,607 करोड़ का कर्ज माफ कर चुकी है।

आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त की है सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने। आपको याद ही होगा राहुल गांधी ने संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से 50 सबसे बड़े डिफॉल्टर्स की सूची मांगी थी। तब निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी देने से इनकार कर दिया था। जिसके तुरंत बाद साकेत गोखले ने आरटीआई लगाकर यह जानकारी आरबीआई से मांगी थी। अगर आपको याद नही तो राहुल गांधी ने एक बाद फिर संसद में पूछे गए अपने प्रश्न का वीडियो ट्विटर पे शेयर किया है। उसे आप यहां देश सकते है,

इन 50 विलफुल डिफाल्टर्स की सूची में मेहुल चौकसे की कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड 5,492 करोड़ रुपये की देनदारी के साथ पहले स्थान पर है, दूसरे स्थान पर 4,314 करोड़ रुपए की देनदारी के साथ आरईआई एग्रो लिमिटेड है, जिसके निदेशक संदीप झुनझुनवाला और संजय झुनझुनवाला हैं। इसके बाद भगोड़े हीरा कारोबारी जतिन मेहता की विनसम डायमंड्स एंड ज्वेलरी का नाम है, जिसने 4076 करोड़ रुपये कर्ज ले रखा है, वहीं कानपुर स्थित रोटमैक ग्लोबल 2,850 करोड़ रुपये कर्ज ले रखा है. इसके अलावा सूची कुदोस केमी 2,326 करोड़ रुपए, रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड 2,212 करोड़ रुपए शामिल हैं।


इन सब के साथ ही सरकार ने पूर्व भाजपा सांसद विजय माल्या की कंपनी किंगफ़िशर एयरलाइन्स का भी 1943 करोड़ का कर्ज माफ किया है।

अब आप ध्यान से देखेंगे तो इस सरकार के दो चहरे आपके सामने आएंगे। एक जो यह सरकार कह रही है और एक जो यह कर रही है। सामने से प्रश्न पूछने पर तो यह सरकार नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या जैसे देशद्रोही भगोड़ों पर कठोर कार्यवाही करने की बात करती है। वहीं दूसरी तरफ इन्हें देश से भागने देती है और इनका कर्ज माफ कर जानकारी छिपाती है।

भरष्टाचार की लड़ाई

ऐसा नही है कि मोदी सरकार आने के बाद भ्रष्टाचार बंद हो गया लेकिन शायद भ्रष्टाचार के नाइ परिभाषाएं सामने आ गई है। अच्छा भ्रष्टाचार और बुरा भ्रष्टाचार। अब सरकार द्वारा किया गया भ्रष्टाचार न तो देश के सामने आता है और न ही उसकी जांच होती है। यह भ्रष्टाचार देशहित में हो रहा है और इसकड खिलाफ आवाज़ उठाना अब देशद्रोह है।

कहीं आप देशद्रोही तो नही ?

कोरोना से प्रदेश में बिगड़ते हालातों की जिम्मेदारी लें भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया

1

कोरोना के बढ़ते प्रकोप से पूरा प्रदेश परेशान है। प्रदेश के दो प्रमुख शहर इंदौर और भोपाल में हालात दिन-प्रतिदिन हालात बेकाबू होते जा रहे है। इसके लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनो रुप से भाजपा नेता ज्यातिरादित्य सिंधिया जिम्मेदार हैं। मध्यप्रदेश इस समय देश का एकलौता ऐसा राज्य है जहां न तो स्वास्थ मंत्री है और न ही मंत्रिमंडल का गठन हुआ है। जिसके कारण प्रदेश सरकार कोरोना को रोकने में पूरी तरह नाकामयाब हुई है।

जिम्मेदारी लें ज्यातिरादित्य सिंधिया ?

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 9 मार्च का अपना इस्तीफा 10 मार्च को ट्विटर के माध्यम से सार्वजनिक किया। इसके पहले ही सिंधिया खेमे के 22 विधायक मध्यप्रदेश से निकालकर कर्नाटक पहुंच गए थे जिसमें 6 मंत्री भी शामिल थे। स्वास्थ मंत्री तुलसीराम सिलावट भी इसी दल में मौजूद थे। उस समय तक देश में कोरोना के 39 मरीज सामने आ चुके थे और दुनिया भर में 1 लाख से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ चुके थे। ऐसे में 20 मार्च तक चले इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गवर्नर के समक्ष अपना इस्तीफा दे दिया।

इस्तीफे के अगले ही दिन प्रधानमंत्री मोदी ने ‘जनता कर्फ्यू’ का ऐलान कर दिया लेकिन तब तक मामले 250 पर पहुंच गए थे। वहीं जनता कर्फ्यू के तुरंत बाद सरकार ने 21 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया।

ऐसे में इस मारामारी से लड़ने के लिए प्रदेश के पास न तो मजबूत सरकार है और न ही मंत्रिमंडल। ऐसी परिस्तिथियों में स्वास्थ मंत्री का किरदार बहुत अहम होता है।

प्रदेश में बेकाबू होता कोरोना

प्रदेश में कोरोना के मामलों की बात करें तो स्वास्थ्य संचालनालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 10/04/2020 को जारी आंकड़ों के हिसाब से अब तक 451 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें से 33 लोगों की मौत हाे चुकी हैं। जिसमे 2 वरिष्ठ डॉक्टर भी शामिल हैं।

प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रुप में शिवराज सिंह चौहान ने चुपके चुपके राजभवन जाकर शपथ तो ले ली लेकिन इससे पहले कि वे अपने मंत्रिमंडल का गठन करते केंद्र सरकार ने देशभर में लॉकडाउन कर दिया जिसके कारण मंत्रिमंडल गठन की तैयारी धरी की धरी रह गई और अब जब प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और ऐसे वक्त में लॉकडाउन बढ़ाना ही एकमात्र उपाय है तो फिर उन तैयारियों पर ग्रहण लग सकता है।

(लेख में व्यक्त किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार है)

लॉकडाउन के बीच भाजपा विधायक ने मनाया जन्मदिन, बिरयानी पार्टी में जुटी भीड़

0

कोरोना वायरस के चलते एक ओर पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया है। ऐसे में जहां आम जनता कई परेशानियों के बावजूद घर से बाहर नही निकल रहे है तो वहीं कई लोग इसकी धज्जियां उड़ा रहे है। इसी बीच अब ताजा खबर है कि कर्नाटक के तुरुवेकेरे के बीजेपी विधायक एम जयराम का शुक्रवार को जन्मदिन था और लॉकडाउन के नियमों को ताक पर रखते हुए उन्होंने बर्थडे का जश्न मनाया।

बीजेपी विधायक ने तुमकुर के गुब्बी तालुक में गांव वालों को भी अपने बर्थडे सेलिब्रेशन में शामिल किया। एम जयराम ने हाथ में ग्लव्स पहनकर एक बड़ा केक काटा। उनकी पार्टी में बड़ी संख्या में लोगों और बच्चे भी पहुंचे थे। तस्वीरों और वीडियो में मेहमान पास-पास खड़े दिख रहे हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग भी फॉलो होता नहीं दिखा। केक के बाद गुब्बी कस्बे में बिरयानी भी बांटी गई।

200 से ऊपर पहुंची संख्या

कर्नाटक में अब 200 से ज्यादा सक्रिय केस हैं जबकि 6 की मौत हो चुकी है। कर्नाटक में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए सीएम येदियुरप्पा भी राज्य में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन जारी रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने डॉक्‍टरों के एक एक्‍सपर्ट पैनल की धीरे-धीरे लॉकडाउन हटाने की सिफारिश को खारिज कर दिया।

कैग की रिपोर्ट से सामने आया भाजपा कार्याकाल में हुआ 672 करोड़ का टैक्स घोटाला

0

कैग (Comptroller and Auditor General of India) की हालिया रिपोर्ट में भाजपा सरकार के दौरान हुआ बड़ा घोटाला सामने आया है। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चाौहान के मुख्यमंत्री रहते हुए करोंडों रूपये का टैकस घोटाला होने के दावा रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार वाणिज्यिक कर, उत्पाद शुल्क, वाहन कर, स्टॉम्प पंजीकरण शुल्क, खनन, जल कर में यह घोटाला किया गया है। शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुए इस घोटाले से सरकारी खजाने को कुल 6270.7 करोड़ का नुकसान हुआ।

अन्य घोटाले भी आए सामने

रिपोर्ट के अनुसार शिवराज सरकार के दौरान प्रदेश की पांच परियोजना में करीब 376 करोड़ की अनियमितता भी की गई। इसी तरह सार्वजनिक उपक्रमों से 1224 करोड़ का नुक़सान हुआ। कैग की रिपोर्ट में जनजाति के लिए विद्यालय, छात्रावास के संचालन में 147।44 करोड़ की अनियमितता उजागर की गई है।

जिसके चलते जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 9557.16 करोड़ की कुल 242 योजनाओं में से 24 परियोजना की 4800.14 करोड़ लागत बढ़ी है।

मुझे भाजपा के रंग में रंगने की कोशिश की जा रही है, मैं इस जाल में फसने वाला नही: रजनीकांत

0

सुपरस्टार रजनीकांत ने आज एक विशेष वर्ग को आड़े हांथों लेते हुए कहा कि कुछ लोग मुझे भाजपा के भगवा रंग में रंगना चाहते हैं। तमिल कवि तिरुवल्लुवर के भी भगवाकरण की कोशिश की गई। लेकिन सच्चाई यह है कि न तो तिरुवल्लुवर और न ही मैं उनके जाल में फसूंगा।

दरअसल बीते दिनों रजनीकांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बयान दिया था। इसके बाद से भाजपा खेमे से जोड़कर देखा जाने लगा।

अयोध्या मामले पर शांति बनाए रखने की अपील

अयोध्या मामले पर सुपरस्टार रजनीकांत ने देश की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से कोर्ट के फैसले का सम्मान करने को कहा

चेन्नई में एक्टर कमल हसन के साथ बालाचंदर की प्रतिमा का अनावरण करते हुए रजनीकांत ने कहा कि तिरुवल्लुवर को भगवा चोला पहनाना भाजपा का एजेंडा है। कुछ लोग और मीडिया यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि मैं भाजपा का आदमी हूं। यह सच नहीं है। साथ देने पर कोई भी राजनीतिक दल खुश होगा, लेकिन फैसला लेना मेरे ऊपर है।

राष्ट्रपति शासन की ओर महाराष्ट्र, शिवसेना का भाजपा पर हमला

0
Image of shivsena chief uddhav thakrey

महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर शुरु हुआ टकराव खत्म होने का नाम नही ले रहा। शिवसेना जहां मुख्यमंत्री पद को लेकर अड़ी हुई है तो भाजपा ने भी साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा। इसी बीच चर्चा तेज हो गई है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की तैयारी चल रही है।

राष्ट्रपति शासन की संभावनाओं को देखते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा तो यह प्रदेश की जनता का अपमान होगा। इससे पहने भा राउत ने कहा था कि राष्ट्रपति शासन क्या भाजपा के जेब में है।

मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा-शिवसेना में टकरार

1

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच पेंच फसता जा रहा है। शिवसेना जहां नतीजों के बाद से ही 50-50 के फॉर्मुले पर अड़ी हुई है तो वहीं भाजपा इस मांग को मानने से इंकार कर रही है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शिवसेना की मांग पर मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया था तब शिवसेना से ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा नहीं किया गया था और अगले पांच साल तक मैं ही मुख्यमंत्री रहुंगा।

महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं और राज्य की अगली सरकार में सत्ता में भागीदारी को लेकर दोनों के बीच तकरार चल रही है।

बता दें कि पिछले सप्ताह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा को उनके, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 50:50 के फार्मूले पर बनी सहमति की याद दिलाई थी।

फडणवीस ने अपने आधिकारिक आवास ‘‘वर्षा’’ में संवाददाताओं से कहा ‘‘लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया था तब शिवसेना से ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा नहीं किया गया था।’’

हरियाणा: बदले समीकरण, जेजेपी के समर्थन से कांग्रेस बना सकती है सरकार

0
कांग्रस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा के साथ भूपेंदर हुड्डा और प्रभारी घुलान नबी आजाद
कांग्रस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा के साथ भूपेंदर हुड्डा और प्रभारी घुलान नबी आजाद

हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदान के पहले जहां सभी लोग भाजपा की जबरदस्त वापसी की उम्मीद कर रहे थे तो वहीं मतदान के बाद सभी समीकण बदले नजर आ रहे है। इंडिया टुडे और माय एक्सिस द्वारा जारी किये गए एक्सिट पोल में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नजर नही आ रहा है। एक्जित पोल में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है और जेजेपी किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रही है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल का ये अनुमान मंगलवार शाम को सामने आया।

हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 32-44 के बीच सीट मिलने का अनुमान है जबकि कांग्रेस को फायदा होता दिख रहा है। एग्जिट पोल के मुताबिक राज्य में कांग्रेस को 30-42 सीटें और जेजेपी को 6-10 सीटें मिल सकती है। अगर एग्जिट पोल के आंकड़े हकीकत में तब्दील होते हैं तो हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा होगी और उम्मीद के मुकाबले जेजेपी के साथ मिलकर कांग्रेस सरकार बना सकती है।

वहीं इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के नतीजों पर दुष्यंत चौटाला ने कहा, ‘मैं पहले दिन से ही कह रहा हूं कि हरियाणा में JJP सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अगर त्रिशंकु विधानसभा होती है तो पार्टी नेतृत्व तय करेगा कि नतीजों के घोषित होने के बाद किसे समर्थन देना है।’

एग्जिट पोल के मुताबिक किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में 6-10 सीटें हासिल करती दिख रही जेजेपी किंगमेकर की भूमिका में आ सकती है। हिसार, रोहतक और करनाल में मजबूत पकड़ रखने के कारण चौटाला और जाट वोट जेजेपी की तरफ जाता दिख रहा है।

वोट शेयर के लिहाज से देखा जाए तो हरियाणा में बीजेपी को 33 फीसदी, कांग्रेस को 32 फीसदी और जेजेपी को 14 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं। वहीं अन्य के खाते में 21 फीसदी वोट जाते दिख रहे हैं।

बता दें कि आजतक-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में 23,118 लोगों से बातचीत कर आंकड़े जुटाए गए हैं।

दीपेंदर हुड्डा ने फिर जताया सरकार बनाने का भरोसा

मतदान के 3 दिन पहले पूर्व सांसद और भूपेंदर हुड्डा के बेटे दीपेंदर हुड्डा ने ट्वीट करते हुए कहा था कि, “मेरे इस ट्वीट को सेव करना, हरियाणा खट्टर सरकार का घमण्ड तोड़ने जा रहा है।” वहीं मतदान के अगले दिन एक बार फिर दीपेंदर में अपनी बात दोहराते हुए कहा कि मेरे एक हफ़्ता पहले वाले इस ट्वीट को दुबारा सेव करना।

बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रियंका का मोदी- योगी सरकार पर हमला

0

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक बार फिर देश में बढ़ रही बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को आड़े हांथों लिया है। प्रियंका ने उत्तरप्रदेश और बिहार में शिक्षकों के 4 लाख पद खाली होने की एक खबर को शेयर करते हुए अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा,

उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लगभग 2 लाख पद खाली पड़े हैं। युवा नौकरियाँ निकलने का रास्ता देख रहे हैं। धूप-बारिश में खड़े प्रदर्शन कर रहे हैं।

मगर रोजगार देने की बात पर BJP सरकार के लोग मुँह फेर लेते हैं या कहते हैं कि उत्तर भारत के युवाओं में योग्यता नहीं है।

– प्रियंका गांधी

दअरसा दरअसल प्रियंका गांधी अपने इस ट्वीट में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के उस बयान पर हमला बोल रहीं थी जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में नौकरियों की कमी नही है बल्कि उत्तर भारत के युवाओं में योग्यता की कमी है।

प्रियंका गांधी का ट्वीट