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तो क्या सीबीआई के बाद अब आरबीआई की स्वायत्तता खतरे में ?

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image of RBI Governor Urjit Patell

सीबीआई का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है था कि अब आरबीआई की स्वायत्तता को लेकर नया मामला सामने आ गया है. दरअसल मीडिया सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार आरबीआई पर ऐक्ट ‘सेक्शन 7’ लागू कर सकती है. अगर ऐसा हुआ तो आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है.  

क्या है केंद्र और आरबीआई का मामला

ये पूरा मामला शुरू होता है नीरव मोदी के फरार होने के साथ. दरअसल नीरव मोदी के फरार होने के बाद सरकार ने आरबीआई का आलोचना करते हुए कहा था कि बैंक इतने बड़े घोटाले को पकड़ने में कैसे नाकाम हो सकता है. जिसके जवाब में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा था कि सरकारी बैंकों के रेग्युलेशन के लिए सरकार उसे शक्तियां नहीं दे रही.

खैर थोड़े दिन बाद आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के एक बयान के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया. दरअसल विरल ने अपने बयान में कह दिया कि सरकार रिजर्व बैंक की ऑटोनॉमी को खत्म करने के लिए कुछ ऐसे काम कर रही है जो चिंता का विषय है. इससे मॉनेटरी पॉलिसी को चलाना मुश्किल हो जाएगा. विरल के इस बयान के बाद केंद्र सरकार इस बात से नाराज है कि इस को सार्वजनिक क्यों कर दिया गया.

पीसीए है विवाद का मुद्दा

पीसीए (प्रॉम्ट करेक्टिव एक्शन) के तहत आरबीआई ने कुछ नए नियम तय किए हैं. जिसमें करीब 12 बैंकों को तुरंत करवाई की श्रेणी में डाला है. ये बैंक ना तो कर्जा दे सकते हैं, ना तो नया शाखा खोल सकते हैं और ना ही डिविडेंड दे सकते हैं. वहीं केंद्र सरकार इस नियम में थोड़ा ढील देना चाहती है ताकि कर्ज देना थोड़ा बढ़ सके. लेकिन डिप्टी गवर्नर विरल ने पहले ही कहा था कि ये करना इसलिए जरुरी है कि ताकि बैलेंस सीट ना बिगड़े.

‘सेक्शन 7’ के दो हिस्से

सेक्शन 7 के दो हिस्से हैं. पहला सलाह-मशविरा करना और दूसरा दिशा निर्देश जारी करना. सरकार ने सलाह- मशविरा के तीन पत्र आरबीआई को दे दिया है. अगर सरकार ने दूसरे हिस्से का इस्तेमाल किया तो गवर्नर उर्जित पटेल को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है. बहरहाल, उर्जित पटेल ने अपना पक्ष रख दिया है अब देखना है कि सरकार इस पर क्या फैसला लेती है, या फिर सीबीआई की तरह आरबीआई भी राजनीति के चपेट में आ जायेगा.

CBIvsCBI- विपक्ष के सवालों पर अरुण जेटली के यह 10 जवाब

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सीबीआई बनाम सीबीआई मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. दरअसल देर रात सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिए जाने से हड़कंप मच गया. विपक्ष केंद्र सरकार पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगी. आरोप लगाने की लिस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हैं. राहुल गांधी ने इसको राफेल से जुड़ा मुद्दा बताया. वहीं आरोपों का सिलसिला बढ़ता देख केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कई सवालों का जवाब दिया.

अरुण जेटली की 10 बड़ी बातें

  • अरुण जेटली ने बताया कि सीवीसी की सिफारिश के बाद केंद्र ने अधिकारियों को हटाने का फैसला किया है।
  • देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी की छवि को बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी हो गया था।
  • सीवीसी की अनुशंसा पर एक एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी।
  • अरुण जेटली ने कहा कि इस मामले की जांच करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और न ही इसकी जांच सरकार करेगी।
  • दोनों शीर्ष अधिकारियों पर ही आरोप लगे हैं, ऐसे में इसकी जांच ये अधिकारी खुद नहीं कर सकते।
  • जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारी अवकाश पर रहेंगे।
  • एसआईटी केस की जांच करेगी। उच्चतम निष्पक्षता के तहत यह कदम उठाया गया है।
  • विपक्ष के आरोपों को जेटली नें अनफेयर बताया।
  • जेटली नेकहा कि सरकार ने सेक्शन 42 की शक्ति का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश पारित किया है।

चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज़ ड्यूटी घटाई,उपभोक्ताओं को 2.50 रुपए की राहत

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चार राज्यों के विधानसभा के आमचुनाव के घोषणा के पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल एवं डीज़ल पर 1.50 रुपए कम करने की घोषणा की है। उपभोक्ताओं को इससे 2.50 रुपए प्रति लीटर का लाभ होने की उम्मीद जताई गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक्साइज़ ड्यूटी घटाई जाने की घोषणा की है। अरुण जेटली ने कहा कि राज्य सरकारें भी 2.50 रुपए वैट टैक्स कम करके सभी को राहत दें।

भोपाल में गुरुवार को पेट्रोल की कीमत 89.79 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल की कीमत 79.50 रुपए प्रति लीटर है।

मध्यप्रदेश को मिली नई सौगात,भोपाल-इंदौर मेट्रो ट्रेन को मोदी कैबिनेट ने किया मंजूर

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विधानसभा चुनाव का ऐलान होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई भारत सरकार की मंत्री परिषद की बैठक में भोपाल-इंदौर मेट्रो ट्रेन को मंजूरी दे दी गई। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है।

सीएम शिवराज सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अपने प्रखर नेतृत्व व अनुकरणीय कार्यों द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विश्व में भारतवर्ष का मान बढ़ाया है। मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि कैबिनेट ने भोपाल में मेट्रो को मंजूरी दे दी है। यह 27.87 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें केंद्र और राज्य की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी। इस प्रॉजेक्ट पर 6,941.40 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा और 4 सालों में पूरा होगा।

इससे पहले मोदी सरकार ने नई समग्र मेट्रो नीति को मंजूरी दे दी थी और इसी के साथ मध्यप्रदेश में इंदौर और भोपाल मेट्रो के लिए रास्ता साफ हो गया था। नई नीति जारी होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया था कि नई नीति में राज्यों को ज्यादा अधिकार देने के साथ निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है। वहीं नीति में मौजूदा आठ फीसदी ‘फाइनेंशियल इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न” के बजाय 14 फीसदी का पैमाना तय किया है।

जन स्वराज सम्मेलन: रायपुर में भाजपा और आरएसएस पर जमकर बरसे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में जन स्वराज सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘हम लड़ते रहेंगे’ के संकल्प के साथ आज हम छत्तीसगढ़ पहुंचे है।

दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे राहुल गांधी ने रायपुर में एक रैली को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस नहीं चाहते कि इस देश की आवाज हो।आरएसएस देश की हर संस्थान में अपना रास्ता बना रही है। ऐसा पाकिस्तान या तानाशाही में होता है। एक हत्या का आरोपी देश की राष्ट्रीय पार्टी का अध्यक्ष है। आरएसएस के लोग देश के हर संस्थान को अपने लोगों से भर रहे हैं। कांग्रेस ने ऐसा कभी नहीं किया। भाजपा नहीं चाहती कि रोहित वेमुला की तरह एक गरीब दलित युवा सपना देख सके। लोकतंत्र में गरीब, महिलाओं सब की जगह है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, ” आम तौर से जनता न्याय के लिये सुप्रीम कोर्ट जाती है, 70 साल में पहली बार आपने देखा होगा कि सुप्रीम कोर्ट के जज जनता के पास आकर कह रहे हैं कि हमें दबाया जा रहा है, हम अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। बीजेपी वालों की विचारधारा है कि महिला की आवाज खुलकर नहीं गूंजनी चाहिए। इनका सोचना है कि महिला सिर्फ खाना पकाए, दलित सिर्फ सफाई करे और आदिवासी सिर्फ जंगल में रहें। इसीलिए वे सभी संस्थानों पर कब्जा कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान गरीब देश नहीं है, यह गरीबों का देश है। छत्तीसगढ़ के पास क्या नहीं है? खनिज है, पानी है, लेकिन फिर भी छत्तीसगढ़ गरीब राज्य है। किसानों की कर्जमाफी की चर्चा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “अरुण जेटली कहते हैं कि किसान का कर्ज माफ करना हमारी सरकार का काम नहीं है, ऐसी कोई योजना नहीं है। वहीं, देश के 15 अमीरों का ढाई लाख करोड़ कर्ज माफ हो जाता है, इस पर वित्त मंत्री कुछ नहीं बोलते।” राहुल गांधी रायपुर से जिला सुरगूजा के सीतापुर में लाल बहादुर स्टेडियम में आदिवासी रैली में हिस्सा लेंगे। शाम चार बजे बिलासपुर में जंगल सत्याग्रह आदिवासी रैली को भी संबोधित करेंगे। अगले दिन 18 को राहुल बिलासपुर और दुर्ग में भी विभिन्न वर्गों के लोगों से मिलेंगे और सम्मेलन में भाग लेंगे।

जनता की उम्मीदों पर पीएम मोदी ने फेरा पानी, 2018 बजट से नही मिलेगी राहत !

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मोदी सरकार अपना चौथा बजट पेश करने के लिए तैयार है। 1 फरवरी 2018 को यह बजट पेश किया जाएगा। 2019 लोकसभा चुनाव के बाद यह मोदी सरकार का आखरी पूर्ण बजट रहेगा। इसी कारण लोगों को इस बजट से काफी उम्मीद भी है। लोगों को उम्मीद है कि इस बजट में जनता को महँगाई से राहत मिलेगी। जनहित में कई योजनाएं शुरू की जाएंगी।

लेकिन जनता की इन उम्मीदों पर प्रधानमंत्री मोदी ने पानी फेर दिया है। हाल ही में एक अंग्रेजी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि 1 फरवरी को आने वाला बजट लोक लुभावन बजट नही होगा और अपने अपने विकास के एजेंडे को लेकर सुधारों पर फोकस करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोग सोचते है कि जनता सिर्फ मुफ्त की चीजें और आकर्षक छूट चाहती है। पीएम मोदी ने कहा कि यह राजनेताओं का भ्रम है। पीएम मोदी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने और मजबूत बनाने की जरूरत है। यही हमारी प्राथमिकता है।
मोदी जी ने कहा कि बजट का मामला वित्त मंत्री अरुण जेटली के दायरे में आता है और वह इस मामले में कोई हस्तछेप नही करना चाहते। मोदी जी ने कहा कि उनकी सरकार के फैसले जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए है।
यह मोदी सरकार का चौथा बजट है। ऐसे में सवाल उठता है कि जनता सरकार को 5 साल के लिए चुनती है। जनता को शुरू के 4 साल तक राहत मिली नही। ऐसे में क्या जनता सरकार को दुबारा वोट देगी ?

गुजरात में पार्टी से नाराज नेताओं ने अमित शाह के सामने लगाए ‘बीजेपी हाय-हाय’ के नारे !

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गुजरात में भाजपा पिछले 22 सालों से राज कर रही है। एक के बाद एक भाजपा ने गुजरात में चुनाव जीते और बहुमत के साथ सरकार बनाई। जिसके कारण गुजरात को भाजपा का गढ़ माना जाने लगा। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने गुजरात को दूसरी पार्टियों के लिए एक अभेद किले में तपदील कर दिया लेकिन इस बार भाजपा के लिए गुजरात में अपना किला बचाना मुश्किल हो गया है।

यह भी पढ़ें: एक हो रहा विपक्ष, 2 पार्टियां करने जा रही कांग्रेस से गठबंधन

 

दलित विधायक जेठा सोलंकी ने छोड़ी पार्टी,दिया सभी पदों से इस्तीफा

भाजपा के लिए गुजरात में एक और बड़ी मुश्किल सामने आई है। चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए कोडिनार सीट से बीजेपी विधायक व दलित नेता जेठा सोलंकी ने शनिवार को पार्टी छोड़ दी और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। जिग्नेश मेवानी के कांग्रेस को समर्थन के बाद से ही दलित वोटबैंक भाजपा के पाले से खिसकता नजर आ रहा था। ऐसे में सोलंकी का इस्तीफा भाजपा के लिए बड़ी मुसोबत साबित हो सकता है। 

 

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पहली लिस्ट के बाद अमित शाह के सामने लगे भाजपा हाय हाय के नारे

विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने शुक्रवार को 70 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। लिस्ट जारी होने के बाद से ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष इस कदर बड़ गया है कि कार्यकर्तों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने ही हंगामा करने शुरू कर दिया। सूत्रों के अनुसार हंगामे के बीच कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के सामने ही भाजपा हाय हाय के नारे लगाने शुरू कर दिया। 

आपको बता दें कि शनिवार को भाजपा द्वारा जारी दूसरी लिस्ट में 36 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है। इससे पहले शुक्रवार को बीजेपी ने 70 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। कुल 182 सीटों में से बीजेपी 106 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। ऐसे में अब बीजेपी को 76 और उम्मीदवारों के नाम तय करने हैं।


अगर आपके पास आधार कार्ड है तो आपकी ये एक गलती आपको बना सकती है डिफॉल्टर।

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भारत सरकार ने हाल में नई गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा है कि अब इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त पैन कार्ड के साथ साथ आधार कार्ड भी बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार सख्त निर्देश भी जारी कर चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपके पैन कार्ड की डीटेल्स से आपकी आधार नंबर की डीटेल मैच नहीं हुई तो आपके आगे बहुत ज्यादा पछताना पड़ सकता है। जी हां आपको पता होगा कि भारत सरकार 31 जुलाई तक आधार को पैन कार्ड से लिंक कराने पर काफी जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि देश के करोड़ों लोगों के पास अब आधार है और अब टैक्स उगाही में पारदर्शिता बरती जा सकती है। भारत सरकार इससे पहले निर्देश जारी कर चुकी है कि जल्द से जल्द अपने आधार को अपने पैन कार्ड से लिंक जरूर कराएं।
इस बीच अगर आपके पैन कार्ड और आधार की डिटेल में थोड़ा सा भी अंतर है तो आपके लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है। आप इस गलती की वजह से अपने आधार को अपने पैन कार्ड से लिंक नहीं करा पाएंगे। इससे पहले सरकार ने कहा था कि फर्जी पैन कार्ड के दम पर कुछ लोग अपनी वास्तविक इनकम छुपा लेते हैं। इस वजह से सरकार ने कहा था कि टैक्स भरने के लिए आधार के साथ पैन कार्ड लिंक करना बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार ने देशभर के लोगों को 31 जुलाई तक का वक्त दिया है। अगर आपके पैन कार्ड डिटेल और आधार की डिटेल में थोड़ा सा भी अंतर है तो आप अपना आधार , अपने पैन से लिंक नहीं कर सकेंगे। इस वजह से आप वक्त पर इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे।
इस तरह से आप डिफॉल्‍टर बन सकते हैं। इस बीच सूत्रों का कहना है कि आधार से पैन कार्ड लिंक करने वाले के नाम में या पिता के नाम में थोड़ा भी अंतर पाया जाता है तो आधार पैन से लिंक नहीं सकता। ऐसे में व्यक्ति के पास एक ही ऑप्शन बचता है कि वो इसको ठीक कराएं। इस बीच आधार से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि इस समस्‍या का एक ही हल है कि अगर आपकी आधार डिटेल और पैन कार्ड डिटेल में समानताएं नहीं हैं तो इसका करेक्‍शन करवाना बेहद जरूरी है। मौजूदा वक्त में आधार या पैन कार्ड डिटेल में ऑनलाइन करेक्‍शन की सुविधा दी गई है। ऐसे में आपको जल्‍द से जल्‍द करेक्‍शन कराना चाहिए। जिससे आप वक्त पर इनकम टैकस रिटर्न फाइल कर सकें। इससे पहले सरकार इस मामले को लेकर काफी सख्त हो चुकी है।
सरकार बता चुकी है कि टैक्स भरते वक्त पैन कार्ड के साथ आधार कार्ड को होना काफी जरूरी है। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली बता चुके हैं कि आधार नंबर पैन से लिंक हो जाने पर टैक्‍स चोरी करने वालों पर लगाम लगाई जा सकेगी। मौजूदा वक्त में बहुत से लोग फर्जी पैन कार्ड बनवाकर कर टैक्‍स चोरी कर रहे हैं। ऐसे में भारत सरकार की कोशिश है कि आने वाले वक्त में टैक्स चोरी ना हो सके, इसके लिए पैन कार्ड को आधार से लिंक करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि देशभर के टैक्स चोरों में इस बात को लेकर हंगामा मच गया है। देखना है कि आने वाले वक्त में भारत सरकार ऐसे कितने टैक्स चोरी करने वालों को सलाखों के पीछे डालती है। ये तो आगे आने वाला वक्त ही बताएगा।

मेरठ में अमित शाह का “रोड शो” हुआ रद्द, कारण जानकार खुश नही होगी भाजपा !

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Newbuzzindia : यूपी में 71 लोकसभा सीटें जीतने वाली भाजपा विधानसभा चुनाव में अपने बुरे समय से गुजर रही है । भाजपा नेता रैली और रोड शो में भीड़ नही जुटा पा रहे है जिसके कारण स्टार प्रचारकों को खाली रैली या बेहद कम लोगों को संबोधित करना पड़ रहा है । 

देखने वाली बात तो यह है कि पीएम मोदी और अमित शाह जैसे दिग्गजों की रैली भी खाली जा रही है । इसी बीच अब खबर आ रही है कि अमित शाह का मेरठ का रोड शो रद्द कर दिया गया है । सूत्रों के मिली खबर के अनुसार पिछले रैलियों में भीड़ ना मिलने की वजह से भाजपा ने यूपी में अपनी सभी पद यात्राओं को रद्द कर दिया है । 

भाजपा के अनुसार मेरठ में डिकैतों द्वारा एक व्यापारी की हत्या किए जाने के बाद अमित शाह का रोड शो रद्द कर दिया गया है । लेकिन सच्चाई तो कुछ और ही मालूम पड़ रही है । 

बेज्जती से बचने के लिए बीजेपी ने अपने आगामी सभी रोड शो को रद्द कर दिए है । नाम ना बताने की शर्त पर एक भाजपा नेता ने बताया कि पिछली बार भीड़ ना मिल पाने की वजह से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का रोड शो रद्द किया गया था । एक भाजपा कार्यकर्ता के अनुसार ” हम 20 लोग भी नही जुटा पाए । हमने काफी मेहनत की थी पर जनता भाजपा के साथ नही है । जनता नोटबंदी के कारण सरकार से खुश नही है । ”

भाजपा के एक विरिष्ट नेता के अनुसार – सभी फैसले और रणनीति ऊपर से बनकर आती है वहीं जब कुछ गलत होता है तो उसका ठीकरा हमारे ऊपर फोड़ा जाता है । यह एकदम गलत है । 

कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमित शाह की रैली को सुरक्षा कारणों से रद्द किया गया है । जनता सरकार से खुश नही है और अमित शाह का विरोध कर सकती है । 

अमित शाह की रैली के रद्द होने पर सपा नेता आजम खान का कहना है की रोड शो करना और उसमें भारी भीड़ जुटाना भाजपा के बस की बात नही रही । भाजपा ने यूपी में अपनी जमीन खो दी है । 

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने की नोटबंदी की आलोचना , बताया अघोषित आपातकाल !

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Newbuzzindia :​नोटबंदी की तुलना आपातकाल से करने वालों की फेहरिस्त में विपक्षी नेताओं के बाद अब बीजेपी के फायरब्रांड नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी शामिल हो गए हैं।

राज्यसभा सांसद स्वामी ने अपने फेसबुक पोस्ट के ज़रिए नोटबंदी की तुलना इमरजेंसी से करते हुए लिखा कि इंदिरा गांधी की इमरजेंसी भी शुरुआती दौर में इसी तरह लोकप्रिय हुई थी।
इससे पहले भी नोटबंदी के मुद्दे पर सुब्रमण्यम स्वामी पार्टी के स्वर से अलग स्वर अलापते नज़र आए हैं। स्वामी नोटबंदी से फैली बदइंतेज़ामी पर पहले भी सवाल खड़े कर चुके हैं।
आपको बता दें कि बीते कल एबीपी के खास कार्यक्रम शिखर सम्मेलन में सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने देश में नोटबंदी के चलते बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी कतारों के लिए वित्‍त मंत्री अरुण जेटली को जिम्‍मेदार ठहराया था।
स्वामी ने कहा था कि नोटबंदी के लिए जो तैयारियां होनी चाहिए थी वह वित्‍त मंत्रालय की ओर से नहीं की गई। नोटबंदी से लोगों को परेशानी हुई है।

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