सोमवार, मार्च 8, 2021
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Former Finance Minister and veteran BJP leader Arun Jaitley passes away


By Talat Mohsin

Former Finance Minister Arun Jaitley died at the All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), New Delhi on 24 August. He was 66. Jaitley is survived by his wife Sangeeta and their two children.

Jaitley was suffering from various ailments for the past few years. He was admitted in AIIMS on August 9 after he complained of breathlessness and restlessness. A multi disciplinary team of doctors was monitoring his conditions including endocrinologists, cardiologists and nephrologists.

Jaitley was considered to be one of India’s best lawyers. He was one of the few leaders who were arrested in the emergency that was declared under the Indira Gandhi government. He was a student leader at that time. He joined active politics soon after coming out of jail.

He was also a minister in the Vajpayee government. He was the leader when the BJP sat in opposition in the Lok Sabha from 2009 to 2014.

Jaitley became the finance minister when the Narendra Modi led BJP government came to power in 2014. For a brief period he also held the offices for defence and information & technology ministries. After the Modi government returned to power , he wrote to the PM that he would like to stay way from any responsibility on account of his ill health.

He will be cremated on Sunday at the Nigambodh Ghat, BJP leader Sudhanshu Mittal said, according to the reports in PTI. After all the formalities will be completed in the hospital, his body will be taken to his Kailash Colony residence. On Sunday morning, the body will be taken to the BJP headquarters to let leaders pay their last respects. From there, it’ll be taken to the ghat for the last rites.

Arun Jaitley opts out of Ministerial position due to bad health


Arun Jaitley, former Finance Minister and a BJP veteran, won’t become a part of PM Modi’s Cabinet. He wrote a letter to Narendra Modi, citing the reason for his decision.

The letter, released by Mr. Jaitley on social media, makes it clear that his health requires his full attention.

The new Council of Ministers is scheduled to be sworn in on Thursday evening.

Due to his ill health, Mr. Jaitley could not present the last budget — the honours was done by caretaker Finance Minister Piyush Goyal.

Mr. Jaitley was absent at the celebrations held at the party headquarters in New Delhi on May 23 when the results of the 17th general election were out, and as well as at the National Democratic Alliance’s parliamentary party meet on May 25.

Apart from handling the Finance and the Corporate Affairs Ministries, Mr. Jaitley had, at various stages in the last five years, handled Defence and Information and Broadcasting portfolios as well. While no word is out on who would get the Finance portfolio now, Mr. Goyal appears to be the front runner for the post as of now.

Mr. Jaitley is the Leader of the House in the Rajya Sabha.

Arun Jaitley questions Rahul Gandhi’s degree while defending Smriti Irani


Politics is the only field where fake degrees can lead you to the post of Human Resource Development minister, ironically. In other fields, fake degree can lead to banishment and jail-time as well.

Former HRD minister Smriti Irani revealed in her poll affidavit that she was not a graduate. However, in her affidavit for 2014 polls, Irani had reportedly said that she had graduated from Delhi University’s School of Open Learning with a Bachelor of Commerce degree in 1994. Opposition found a weak spot and they kept attacking BJP over her fake degree.

Finance Minister Arun Jaitley came to her defence and said the academic credentials of Congress president Rahul Gandhi, too, were the subject of debate. He said that Rahul Gandhi completed his MPhil without completing his post-graduation.

“One day the focus (of Congress campaign) would be on the BJP candidate’s educational qualification, fully forgetting that a public audit of Rahul Gandhi’s academic credentials may leave a lot to be answered. After all, he got an MPhil without a Master’s degree,” Jaitley said in a Facebook blog titled ‘India’s Opposition is on a Rent a Cause Campaign’.

In 2009, amid a row over Gandhi’s foreign degrees, the University of Cambridge had said the Congress leader was a student of Trinity College and was awarded an M.Phil in Development Studies in 1995.

Fake degree for politicians controversy is not new. Smriti Irani and Rahul Gandhi are not the only high profile politicians surrounded by this controversy. Our own PM Modi was allegedly having a fake degree in ‘Entire Political Science’ from Delhi University. There are numerous discrepancies in the records.

The point is that the politicians are setting a very notorious image in the youth of our nation. This fake degree scandal would definitely bring international shame to our country. What can one expect in that country where the law-makers are not following their own laws? Think about it.

तो क्या सीबीआई के बाद अब आरबीआई की स्वायत्तता खतरे में ?

image of RBI Governor Urjit Patell

सीबीआई का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है था कि अब आरबीआई की स्वायत्तता को लेकर नया मामला सामने आ गया है. दरअसल मीडिया सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार आरबीआई पर ऐक्ट ‘सेक्शन 7’ लागू कर सकती है. अगर ऐसा हुआ तो आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है.  

क्या है केंद्र और आरबीआई का मामला

ये पूरा मामला शुरू होता है नीरव मोदी के फरार होने के साथ. दरअसल नीरव मोदी के फरार होने के बाद सरकार ने आरबीआई का आलोचना करते हुए कहा था कि बैंक इतने बड़े घोटाले को पकड़ने में कैसे नाकाम हो सकता है. जिसके जवाब में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा था कि सरकारी बैंकों के रेग्युलेशन के लिए सरकार उसे शक्तियां नहीं दे रही.

खैर थोड़े दिन बाद आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के एक बयान के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया. दरअसल विरल ने अपने बयान में कह दिया कि सरकार रिजर्व बैंक की ऑटोनॉमी को खत्म करने के लिए कुछ ऐसे काम कर रही है जो चिंता का विषय है. इससे मॉनेटरी पॉलिसी को चलाना मुश्किल हो जाएगा. विरल के इस बयान के बाद केंद्र सरकार इस बात से नाराज है कि इस को सार्वजनिक क्यों कर दिया गया.

पीसीए है विवाद का मुद्दा

पीसीए (प्रॉम्ट करेक्टिव एक्शन) के तहत आरबीआई ने कुछ नए नियम तय किए हैं. जिसमें करीब 12 बैंकों को तुरंत करवाई की श्रेणी में डाला है. ये बैंक ना तो कर्जा दे सकते हैं, ना तो नया शाखा खोल सकते हैं और ना ही डिविडेंड दे सकते हैं. वहीं केंद्र सरकार इस नियम में थोड़ा ढील देना चाहती है ताकि कर्ज देना थोड़ा बढ़ सके. लेकिन डिप्टी गवर्नर विरल ने पहले ही कहा था कि ये करना इसलिए जरुरी है कि ताकि बैलेंस सीट ना बिगड़े.

‘सेक्शन 7’ के दो हिस्से

सेक्शन 7 के दो हिस्से हैं. पहला सलाह-मशविरा करना और दूसरा दिशा निर्देश जारी करना. सरकार ने सलाह- मशविरा के तीन पत्र आरबीआई को दे दिया है. अगर सरकार ने दूसरे हिस्से का इस्तेमाल किया तो गवर्नर उर्जित पटेल को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है. बहरहाल, उर्जित पटेल ने अपना पक्ष रख दिया है अब देखना है कि सरकार इस पर क्या फैसला लेती है, या फिर सीबीआई की तरह आरबीआई भी राजनीति के चपेट में आ जायेगा.

CBIvsCBI- विपक्ष के सवालों पर अरुण जेटली के यह 10 जवाब

arun jaitley

सीबीआई बनाम सीबीआई मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. दरअसल देर रात सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिए जाने से हड़कंप मच गया. विपक्ष केंद्र सरकार पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगी. आरोप लगाने की लिस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हैं. राहुल गांधी ने इसको राफेल से जुड़ा मुद्दा बताया. वहीं आरोपों का सिलसिला बढ़ता देख केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कई सवालों का जवाब दिया.

अरुण जेटली की 10 बड़ी बातें

  • अरुण जेटली ने बताया कि सीवीसी की सिफारिश के बाद केंद्र ने अधिकारियों को हटाने का फैसला किया है।
  • देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी की छवि को बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी हो गया था।
  • सीवीसी की अनुशंसा पर एक एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी।
  • अरुण जेटली ने कहा कि इस मामले की जांच करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और न ही इसकी जांच सरकार करेगी।
  • दोनों शीर्ष अधिकारियों पर ही आरोप लगे हैं, ऐसे में इसकी जांच ये अधिकारी खुद नहीं कर सकते।
  • जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारी अवकाश पर रहेंगे।
  • एसआईटी केस की जांच करेगी। उच्चतम निष्पक्षता के तहत यह कदम उठाया गया है।
  • विपक्ष के आरोपों को जेटली नें अनफेयर बताया।
  • जेटली नेकहा कि सरकार ने सेक्शन 42 की शक्ति का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश पारित किया है।

चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज़ ड्यूटी घटाई,उपभोक्ताओं को 2.50 रुपए की राहत


चार राज्यों के विधानसभा के आमचुनाव के घोषणा के पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल एवं डीज़ल पर 1.50 रुपए कम करने की घोषणा की है। उपभोक्ताओं को इससे 2.50 रुपए प्रति लीटर का लाभ होने की उम्मीद जताई गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक्साइज़ ड्यूटी घटाई जाने की घोषणा की है। अरुण जेटली ने कहा कि राज्य सरकारें भी 2.50 रुपए वैट टैक्स कम करके सभी को राहत दें।

भोपाल में गुरुवार को पेट्रोल की कीमत 89.79 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल की कीमत 79.50 रुपए प्रति लीटर है।

मध्यप्रदेश को मिली नई सौगात,भोपाल-इंदौर मेट्रो ट्रेन को मोदी कैबिनेट ने किया मंजूर


विधानसभा चुनाव का ऐलान होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई भारत सरकार की मंत्री परिषद की बैठक में भोपाल-इंदौर मेट्रो ट्रेन को मंजूरी दे दी गई। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है।

सीएम शिवराज सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अपने प्रखर नेतृत्व व अनुकरणीय कार्यों द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विश्व में भारतवर्ष का मान बढ़ाया है। मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि कैबिनेट ने भोपाल में मेट्रो को मंजूरी दे दी है। यह 27.87 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें केंद्र और राज्य की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी। इस प्रॉजेक्ट पर 6,941.40 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा और 4 सालों में पूरा होगा।

इससे पहले मोदी सरकार ने नई समग्र मेट्रो नीति को मंजूरी दे दी थी और इसी के साथ मध्यप्रदेश में इंदौर और भोपाल मेट्रो के लिए रास्ता साफ हो गया था। नई नीति जारी होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया था कि नई नीति में राज्यों को ज्यादा अधिकार देने के साथ निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है। वहीं नीति में मौजूदा आठ फीसदी ‘फाइनेंशियल इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न” के बजाय 14 फीसदी का पैमाना तय किया है।

जन स्वराज सम्मेलन: रायपुर में भाजपा और आरएसएस पर जमकर बरसे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में जन स्वराज सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘हम लड़ते रहेंगे’ के संकल्प के साथ आज हम छत्तीसगढ़ पहुंचे है।

दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे राहुल गांधी ने रायपुर में एक रैली को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस नहीं चाहते कि इस देश की आवाज हो।आरएसएस देश की हर संस्थान में अपना रास्ता बना रही है। ऐसा पाकिस्तान या तानाशाही में होता है। एक हत्या का आरोपी देश की राष्ट्रीय पार्टी का अध्यक्ष है। आरएसएस के लोग देश के हर संस्थान को अपने लोगों से भर रहे हैं। कांग्रेस ने ऐसा कभी नहीं किया। भाजपा नहीं चाहती कि रोहित वेमुला की तरह एक गरीब दलित युवा सपना देख सके। लोकतंत्र में गरीब, महिलाओं सब की जगह है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, ” आम तौर से जनता न्याय के लिये सुप्रीम कोर्ट जाती है, 70 साल में पहली बार आपने देखा होगा कि सुप्रीम कोर्ट के जज जनता के पास आकर कह रहे हैं कि हमें दबाया जा रहा है, हम अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। बीजेपी वालों की विचारधारा है कि महिला की आवाज खुलकर नहीं गूंजनी चाहिए। इनका सोचना है कि महिला सिर्फ खाना पकाए, दलित सिर्फ सफाई करे और आदिवासी सिर्फ जंगल में रहें। इसीलिए वे सभी संस्थानों पर कब्जा कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान गरीब देश नहीं है, यह गरीबों का देश है। छत्तीसगढ़ के पास क्या नहीं है? खनिज है, पानी है, लेकिन फिर भी छत्तीसगढ़ गरीब राज्य है। किसानों की कर्जमाफी की चर्चा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “अरुण जेटली कहते हैं कि किसान का कर्ज माफ करना हमारी सरकार का काम नहीं है, ऐसी कोई योजना नहीं है। वहीं, देश के 15 अमीरों का ढाई लाख करोड़ कर्ज माफ हो जाता है, इस पर वित्त मंत्री कुछ नहीं बोलते।” राहुल गांधी रायपुर से जिला सुरगूजा के सीतापुर में लाल बहादुर स्टेडियम में आदिवासी रैली में हिस्सा लेंगे। शाम चार बजे बिलासपुर में जंगल सत्याग्रह आदिवासी रैली को भी संबोधित करेंगे। अगले दिन 18 को राहुल बिलासपुर और दुर्ग में भी विभिन्न वर्गों के लोगों से मिलेंगे और सम्मेलन में भाग लेंगे।

जनता की उम्मीदों पर पीएम मोदी ने फेरा पानी, 2018 बजट से नही मिलेगी राहत !


मोदी सरकार अपना चौथा बजट पेश करने के लिए तैयार है। 1 फरवरी 2018 को यह बजट पेश किया जाएगा। 2019 लोकसभा चुनाव के बाद यह मोदी सरकार का आखरी पूर्ण बजट रहेगा। इसी कारण लोगों को इस बजट से काफी उम्मीद भी है। लोगों को उम्मीद है कि इस बजट में जनता को महँगाई से राहत मिलेगी। जनहित में कई योजनाएं शुरू की जाएंगी।

लेकिन जनता की इन उम्मीदों पर प्रधानमंत्री मोदी ने पानी फेर दिया है। हाल ही में एक अंग्रेजी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि 1 फरवरी को आने वाला बजट लोक लुभावन बजट नही होगा और अपने अपने विकास के एजेंडे को लेकर सुधारों पर फोकस करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोग सोचते है कि जनता सिर्फ मुफ्त की चीजें और आकर्षक छूट चाहती है। पीएम मोदी ने कहा कि यह राजनेताओं का भ्रम है। पीएम मोदी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने और मजबूत बनाने की जरूरत है। यही हमारी प्राथमिकता है।
मोदी जी ने कहा कि बजट का मामला वित्त मंत्री अरुण जेटली के दायरे में आता है और वह इस मामले में कोई हस्तछेप नही करना चाहते। मोदी जी ने कहा कि उनकी सरकार के फैसले जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए है।
यह मोदी सरकार का चौथा बजट है। ऐसे में सवाल उठता है कि जनता सरकार को 5 साल के लिए चुनती है। जनता को शुरू के 4 साल तक राहत मिली नही। ऐसे में क्या जनता सरकार को दुबारा वोट देगी ?

गुजरात में पार्टी से नाराज नेताओं ने अमित शाह के सामने लगाए ‘बीजेपी हाय-हाय’ के नारे !


गुजरात में भाजपा पिछले 22 सालों से राज कर रही है। एक के बाद एक भाजपा ने गुजरात में चुनाव जीते और बहुमत के साथ सरकार बनाई। जिसके कारण गुजरात को भाजपा का गढ़ माना जाने लगा। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने गुजरात को दूसरी पार्टियों के लिए एक अभेद किले में तपदील कर दिया लेकिन इस बार भाजपा के लिए गुजरात में अपना किला बचाना मुश्किल हो गया है।

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दलित विधायक जेठा सोलंकी ने छोड़ी पार्टी,दिया सभी पदों से इस्तीफा

भाजपा के लिए गुजरात में एक और बड़ी मुश्किल सामने आई है। चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए कोडिनार सीट से बीजेपी विधायक व दलित नेता जेठा सोलंकी ने शनिवार को पार्टी छोड़ दी और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। जिग्नेश मेवानी के कांग्रेस को समर्थन के बाद से ही दलित वोटबैंक भाजपा के पाले से खिसकता नजर आ रहा था। ऐसे में सोलंकी का इस्तीफा भाजपा के लिए बड़ी मुसोबत साबित हो सकता है। 


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पहली लिस्ट के बाद अमित शाह के सामने लगे भाजपा हाय हाय के नारे

विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने शुक्रवार को 70 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। लिस्ट जारी होने के बाद से ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष इस कदर बड़ गया है कि कार्यकर्तों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने ही हंगामा करने शुरू कर दिया। सूत्रों के अनुसार हंगामे के बीच कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के सामने ही भाजपा हाय हाय के नारे लगाने शुरू कर दिया। 

आपको बता दें कि शनिवार को भाजपा द्वारा जारी दूसरी लिस्ट में 36 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है। इससे पहले शुक्रवार को बीजेपी ने 70 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। कुल 182 सीटों में से बीजेपी 106 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। ऐसे में अब बीजेपी को 76 और उम्मीदवारों के नाम तय करने हैं।