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सोमवार, मार्च 8, 2021
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केंद्रीय मंत्री ने गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड पर पुर्नविचार की अपील की

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ग्वालियर पहुंचे नरेंद्र सिंह तोमर से सोमवार को संवाददाताओं ने जब किसान आंदोलन और किसानों के गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने के ऐलान को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सभी किसान यूनियनों से आग्रह करता हूं कि 26 जनवरी हमारा गणतंत्र दिवस है, यह राष्ट्रीय त्योहार है, यह आजादी बड़ी कुर्बानी के बाद देश को मिली है, किसान के किसी भी कदम से गणतंत्र दिवस की गरिमा प्रभावित न हो यह जिम्मेवारी किसान की भी है।

किसानों की माली हालत सुधारने के लिए बीते छह सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कई कदम उठाए हैं। किसानी का क्षेत्र फायदे का क्षेत्र बने, नए नौजवान भी इस ओर आकर्षित हो सकें, किसान तकनीक का उपयोग करके महंगी फसलों की ओर जा पाए। इसके लिए दो नए कानून और एक बिल में संशोधन कुल मिलाकर तीन नए कानून बनाए गए हैं।

किसान यूनियनों से हर बार यही कहा गया है कि, वह प्रावधान पर चर्चा करें, जिस प्रावधान से किसान को तकलीफ है उस पर विचार करने के लिए और उसमें संशोधन करने के लिए सरकार खुले मन से चर्चा कर रही है और करना चाहती है मगर यूनियन की तरफ से प्रावधान पर चर्चा नहीं हो पा रही है।

बंगाल प्रचार के लिए भाजपा ने शुरू की “एक मुट्ठी चावल” योजना

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (bjp national president) जे पी नड्डा(J.P. Nadda) के बंगाल दौरे के दौरान उनके काफिले पर हमला हुआ था। इसे देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत रखी गई है। नड्डा की पर्सनल सिक्योरिटी की जिम्मेदारी सीआरपीएफ हाथों में है।

जेपी नड्डा बंगाल में पार्टी के ‘एक मुट्ठी चावल’ कार्यक्रम की शुरुआत की। एक मुट्ठी चावल’ कार्यक्रम के तहत बीजेपी कार्यकर्ता राज्य के 48,000 गांवों में किसानों के घरों में जाकर चावल एकत्र करेंगे और उन्हें नए कृषि कानूनों के बारे में बताएंगे ।

जेपी नड्डा ने कहा, पश्चिम बंगाल की जनता अपना मन बना लिया है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि सरकार बनाएं और जनता का आशीर्वाद ले। उन्होंने यह भी कहा कि आज हमने एक मुट्ठी चावल अभियान की शुरुआत की है और हमारे कार्यकर्ता गांव गांव जाएंगे एक मुट्ठी चावल लेंगे और सौगंध दुर्गा मां की खाएंगे कि उनकी लड़ाई बीजेपी का कार्यकर्ता लड़ेगा।

नड्डा ने यह भी कहा कि अभी हमने गीत सुना, मोदी तुम आगे बढ़ो, किसान तुम्हारे साथ हैं। जब से मोदी जी प्रधानमंत्री बनें हैं किसानों के लिए और खेती के लिए केंद्र सरकार ने छह गुना बढ़ा दिया है।यही यूपीए की सरकार का कृषि बजट 22 हजार करोड़ रुपये था और उसके बाद मोदी जी ने इसे बढ़ाकर एक लाख 34 हजार करोड़ कर दिया है।

सरकारी, निजी, डीम्‍ड सभी संस्‍थानों के लिए होंगे समान नियम

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कैबिनेट ने नई शिक्षा नीति (New Education Policy 2020) को हरी झंडी दे दी है। 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है। नई शिक्षा नीति की उल्लेखनीय बातें सरल तरीके की इस प्रकार हैं:

5 Years Fundamental

  1. Nursery 4 Years
  2. Jr KG 5 Years
  3. Sr KG 6 Years
  4. Std 1st 7 Years
  5. Std 2nd 8 Years

3 Years Preparatory

  1. Std 3rd 9 Years
  2. Std 4th 10 Years
  3. Std 5th 11 Years

3 Years Middle

  1. Std 6th 12 Years
    10.Std 7th 13 Years
    11.Std 8th 14 Years

4 Years Secondary
12.Std 9th @15 Years
13.Std SSC @16 Years
14.Std FYJC @17Years
15.STD SYJC @18 Years

खास बातें :

केवल 12वीं क्‍लास में होगा बोर्ड, MPhil होगा बंद, कॉलेज की डिग्री 4 साल की। 10वीं बोर्ड खत्‍म, MPhil भी होगा बंद,अब 5वीं तक के छात्रों को मातृ भाषा, स्थानीय भाषा और राष्ट्र भाषा में ही पढ़ाया जाएगा। बाकी विषय चाहे वो अंग्रेजी ही क्यों न हो, एक सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाएगा। अब सिर्फ 12वींं में बोर्ड की परीक्षा देनी होगी। जबकि इससे पहले 10वी बोर्ड की परीक्षा देना अनिवार्य होता था, जो अब नहीं होगा। वहीं कॉलेज की डिग्री 3 और 4 साल की होगी. यानि कि ग्रेजुएशन के पहले साल पर सर्टिफिकेट, दूसरे साल पर डिप्‍लोमा, तीसरे साल में डिग्री मिलेगी।

9वींं से 12वींं क्लास तक सेमेस्टर में परीक्षा होगी । स्कूली शिक्षा को 5+3+3+4 फॉर्मूले के तहत पढ़ाया जाएगा। 3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए है जिन्हें हायर एजुकेशन नहीं लेना है। वहीं हायर एजुकेशन करने वाले छात्रों को 4 साल की डिग्री करनी होगी।4 साल की डिग्री करने वाले स्‍टूडेंट्स एक साल में MA कर सकेंगे.अब स्‍टूडेंट्स को MPhil नहीं करना होगा। बल्कि MA के छात्र अब सीधे PHD कर सकेंगे।

स्‍टूडेंट्स बीच में कर सकेंगे दूसरे कोर्स. हायर एजुकेशन में 2035 तक ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो 50 फीसदी हो जाएगा। वहीं नई शिक्षा नीति के तहत कोई छात्र एक कोर्स के बीच में अगर कोई दूसरा कोर्स करना चाहे तो पहले कोर्स से सीमित समय के लिए ब्रेक लेकर वो दूसरा कोर्स कर सकता है । हायर एजुकेशन में भी कई सुधार किए गए हैं। सुधारों में ग्रेडेड अकेडमिक, ऐडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल ऑटोनॉमी आदि शामिल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्स शुरू किए जाएंगे।वर्चुअल लैब्स विकसित किए जाएंगे।एक नैशनल एजुकेशनल साइंटफिक फोरम (NETF) शुरू किया जाएगा. बता दें कि देश में 45 हजार कॉलेज हैं।

शिवराज कैबिनेट का विस्तार: सिंधिया समर्थकों के साथ यह भी लेंगे शपथ

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मध्यप्रदेश के राज्य सरकार के कैबिनेट का विस्तार तय हो गया है। शिवराज की टीम में दो मंत्री शामिल किए जाएंगे। रविवार 3 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे राजभवन में होगा शपथ सम्मारोह। मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना मंत्रालय से राजभवन भेजी गई है और इसकी पुष्टि राजभवन ने कर दी है।

कैबिनेट विस्तार में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के साथ मध्यप्रदेश के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक भी शपथ लेंगे। मंत्रियों और नए मुख्य न्यायाधीश को शपथ दिलाने के लिए रविवार सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भोपाल आएंगी।

उपचुनाव के परिणाम 10 नंवबर को आए थे। इसके बाद से शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की चार दौर की बैठकें हुई। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह ही राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार की अनुमति मिली है। इसके बाद कार्यक्रम तय किया गया है।

तुलसी को जल संसाधन व गोविंद को परिवहन व राजस्व विभाग मिलेगा

मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि तुलसी सिलावट को जल संसाधन और गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन व राजस्व विभाग मिलना लगभग तय है। शिवराज सरकार सत्ता में आने के बाद सिलावट और राजपूत को यही विभाग सौंपे गए थे। बीजेपी अब इन दोनों को अन्य विभाग देना चाहती थी, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व और सिंधिया के बीच हुई सहमति के बाद दाेनों को एक बार फिर उन्हीं विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

4 पद रह जाएंगे खाली

शिवराज कैबिनेट के 14 सदस्‍यों गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, डॉ. प्रभुराम चौधरी, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंषाना, हरदीप सिंह डंग, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडौतिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया ने चुनाव लड़ा था। इसमें से इमरती देवी, एदल सिंह कंषाना और गिर्राज दंडोतिया चुनाव हार गए थे। इसमें से 2 तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को छह माह का कार्यकाल पूरा होने पर चुनाव के दौरान ही मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब दोनों को फिर से कैबिनेट में लिया जा रहा है। इसके बाद भी 4 पद खाली रह जाएंगे। यानी आगे भी कैबिनेट विस्तार होगा।

ग्रह मंत्री अमित शाह को हुआ कोरोना, अस्पताल में भर्ती

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केंद्रीय गहमंत्री अमित शाह को आज कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव टेस्ट किया गया है। अमित शाह ने ट्वीट करके यह जानकारी दी।

9 अगस्त को अहमदाबाद कोर्ट के सामने पेश होंगे राहुल गांधी, कोर्ट ने भेजा समन

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राहुल गांधी को अहमदाबाद की एक अदालत ने 9 अगस्त को पेश होने को लेकर समन भेजा है। अप्रैल को एक चुनावी रैली में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी को लेकर दायर मानहानि के मुकदमे के सिलसिले में यह समन जारी किया गया है।

क्या है पूरा मामला ?

राहुल ने मध्यप्रदेश में चुनावी रैली के दौरान अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्प्णी करते हुए उन्हें ‘हत्या का आरोपी’ कहा था। राहुल ने 23 अप्रैल को हुई इस रैली में अमित शाह के खिलाफ हत्या के मामले का हवाला देकर राहुल गाँधी ने हमला बोला था। इस मामले में शाह पांच साल पहले बरी हो चुके हैं। राहुल ने शाह के बेटे जय शाह पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

रैली में अमित शाह पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा था, “हत्या के आरोपी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह… वाह! क्या आपने जय शाह का नाम सुना है? वह जादूगर हैं, उन्होंने तीन महीने में 50 हजार रुपये को 80 करोड़ रुपये में बदल दिया।”

एक गैंगस्टर शोहराबुद्दीन शेख के कथित फर्जी मुठभेड़ से जुड़े मामले में अमित शाह का नाम आया था। ये मामला 2005 का है। हालांकि 2014 में कोर्ट ने कहा कि उन्हें शाह के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है।

शाह ने लोकसभा में रखा कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का प्रस्ताव, कांग्रेस ने दिया जवाब

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ग्रह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में जम्मू कश्मीर में लगे राष्ट्रपति शासन को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव रखते हुए शाह ने कहा ” मेरा प्रस्ताव है कि 20 दिसंबर से जम्मू-कश्मीर में लगे राष्ट्रपति शासन को 6 महीने के लिए और बढ़ाना चाहिए।”

इसके साथ ही शाह ने कहा कि रमज़ान और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को देखते हुए इस साल के अंत तक कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते है।

कांग्रेस ने किया प्रस्ताव का विरोध

गृहमंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में पेश किए गए इस प्रस्ताव का कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने विरोध करते हुए कहा कि “कश्मीर में आज यह हालत हो गयी है कि हर 6 महीने में वहां राष्ट्रपति शासन बढ़ाना पड़ रहा है। इसका कारण 2015 में भाजपा और पीडीपी के बीच हुआ गठबंधन है।”

तिवारी ने आगे कहा कि आतंकवाद के खिलाफ आपकी इस लड़ाई में हम आपके साथ है लेकिन आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में आप तभी जीत सकते हो जब लोग आपके साथ हों।

लोकसभा चुनाव हो सकते है तो विधानसभा चुनाव क्यों नही ? : तिवारी

शाह द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए तिवारी ने कहा कि अगर कश्मीर में शांतिपूर्वक लोकसभा चुनाव करवाए जा सकते है तो फिर विधानसभा चुनाव क्यों नही ?

पीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस, खोदा पहाड़ निकली चुहिया : कांग्रेस का पलटवार

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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई पहली और आखरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

वार्ता में राफेल के मुद्दे पर राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह प्रेस कांफ्रेंस कर रहें। मैंने पीएम मोदी से राफेल को लेकर सवाल पूछा था। मैं उन्हें भ्रष्टाचार पर बहस की चुनौती दी थी, लेकिन उन्होंने मुझसे बहस नहीं की।

राफेल के साथ ही 15 लाख के मुद्दे पर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि “हमने पीएम मोदी के झूठ को उजागर किया है। हमने बताया कि वह 15 लाख रुपये नहीं दे सकते हैं। 23 तारीख को पता लग जाएगा कि जनता क्या चाहती है। वैसे प्रधानमंत्री मोदी से सवाल क्यों नहीं किया जाता है।”

पीएम की पहली प्रेस वार्ता, खोदा पहाड़-निकली चुहिया: रणदीप सिंह सुरजेवाला
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी प्रधानमंत्री मोदी की प्रेस वार्ता पर हमला बोलते हुए कहा, “मोदीजी की पहली और आखिरी प्रेसवार्ता, अमित शाह की बैसाखी बना। खोदा पहाड़, निकली चुहिया। 1 घंटे का भाषण, पत्रकारों के चेहरे पर थकान, पत्रकारिता पर बहुत सारा प्रवचन, 1 सवाल नहीं, 1 जबाब नहीं।”

https://twitter.com/rssurjewala/status/1129353549207539714

लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री ने दिया पार्टी से इस्तीफा

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लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। अरुणाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गेगोंग अपांग ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार को अपांग नेे भारतीय जनता पार्टी पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धातों पर नहीं चलने का आरोप लगाया और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को इस्तीफा भेज दिय। अपांग ने इस्तीफे में कहा कि मैं यह देखकर निराश हूं कि भारतीय जनता पार्टी अब अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धातों पर नहीं चल रही। बीजेपी अब सत्ता हासिल करने का मंच बन गई है।

अपने इस्तीफे में अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अब एक नेता की मुट्ठी में है, जो विकेंद्रीकरण या लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया से नफरत करता है और उन मूल्यों को नहीं मानता, जिनके लिए पार्टी की स्थापना हुई थी। अरुणाचल प्रदेश की भाजपा करकार पर बोलते हुए अपांग ने कहा कि बीजेपी को अरुणाचल प्रदेश में साल 2014 में जनादेश नहीं मिला था, लेकिन बीजेपी नेतृत्व ने खरीद-फरोख्त और हर गंदा तिकड़म करके कालिखो पुल को अरुणाचल का मुख्यमंत्री बनवा दिया।

भाजपा नेत्रत्व पर आरोप लगाते हुए गेगोंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के प्रतिकूल फैसले के बावजूद बीजेपी ने अरुणाचल प्रदेश में सरकार बनाई। बीजेपी नेतृत्व ने पूर्वोत्तर में कई अन्य बीजेपी सरकारों के गठन के दौरान नैतिकता का कोई ख्याल ही रखा। 10-11 नवंबर को पासीघाट में हुई राज्यस्तरीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान बीजेपी महासचिव राम माधव ने कई सदस्यों और पदाधिकारियों को अपने विचार तक नहीं रखने दिए।

गेगोंग ने आगे कहा कि चुनाव से पहले पेमा खांडू को अरुणाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय न तो उस नियम के अनुरूप है और न उस परंपरा के, जिसका बीजेपी जैसी काडर वाली पार्टी अनुसरण करती है।

7 दिवसीय मध्यप्रदेश दौरे पर कल रवाना होने अमित शाह, 28 जनसभाओं को करेंगे संबोधित

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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की फाइल फोटो

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मध्यप्रदेश के चुनावी रण में कूदने के लिए कल दिल्ली से रवाना होंगे। शाह प्रदेश में 7 दिवसीय चुनावी दौरे के दौरान लगभग 28 जनसभाओं को संबोधित करेंगे। सूत्रों के अनुसार अमित शाह इसी बीच कुछ जगहों पर रोड शो भी कर सकते है।

अमित शाह का पूरा कार्यक्रम

अमित शाह के तय कार्यक्रम के अनुसार वह गुरूवार को इंदौर पहुंचेंगे और सबसे पहले बडवानी में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाह बडनगर और शाजापुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

16 नवंबर को शाह खजुराहो, टीकमगढ़, सागर और दमोह में जनसभा को संबोधित करेंगे।

18 नवंबर को शाह सिंगरोली, उमरिया, चुरहट और देवतालाब में भी जनसभा और रोड शो कर सकते है। तो 19 नवंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरसिंहपुर, बैतूल और खातेगांव में जनसभा करेंगे।

23 नवंबर को शाह लखनादौन, बालाघाट और सीहोरा में जनसभाओं को संबोधित करेंगे तो 24 नवंबर को अशोक नगर में उनका रोड शो होगा। इसके साथ ही 26 नवंबर को नीमच कुक्षी और सांवेर में अमित शाह की जनसभा होगी।