राम मंदिर पर फैसला सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग एक बार फिर उठ गई है। अध्यादेश की मांग करने वाले अधिकांश लोगों का कहना है कि सरकार एससी-एसटी एक्ट और तीन तलाक पर अध्यादेश ला सकती है तो फिर राम मंदिर पर क्यों नही ? अध्यादेश की मांग करने वाले अधिकांश लोग भाजपा और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े हुए है। लोगों का कहना है कि अब बहुत हुआ सरकार को अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार न करके संसद के रास्ते मंदिर का निर्माण करना चाहिए।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भाजपा को काफी बड़ा झटका लगा है। सरकार को उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट 4 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के पहले राम मंदिर निर्माण पर सुनवाई करेगा। जिसके माध्यम से भाजपा पार्टी से नाराज चल रहे सवर्णों को एक बार फिर पार्टी के साथ लाने में कामयाब हो जाएगी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई टालने के बाद भाजपा को एक बार फिर सवर्णों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भाजपा डैमेज कंट्रोल के लिए अपनी ही पार्टी के लोगों से अध्यादेश की मांग करवा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर स्वयंसेवक विकास पांडेय का कहना है कि ” राम मंदिर पर सुनवाई टलना मोदी सरकार के लिए आशीर्वाद है। राम मंदिर का श्रेय अदालत को क्यों मिले ? श्रेय नरेंद्र मोदी जी को मिलना चाहिए।” तो वहीं कर्नाटक में बीजेपी युथ विंग के महासचिव तेजश्वी सूर्या का कहना है कि ” राम मंदिर पर अध्यादेश लाने का समय हो चुका है। चाहे सुप्रीम कोर्ट अध्यादेश रोक दे, या फिर अध्यादेश राज्यसभा में पास न हो पाए लेकिन सरकार को संसद में राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाना चाहिए। इससे राम मंदिर को लेकर हमारी प्रतिबद्धता दिखेगी। ट्विटर यूजर प्रशांत पटेल का कहना है कि सरकार को राम मंदिर के नाम पर बहुमत दिया गया था,सरकार को अध्यादेश लाकर फौरन राम मंदिर का निर्माण करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले और अध्यादेश लाने का मुद्दा अब भाजपा के लिए उल्टा पड़ता दिख रहा है। विपक्ष भी सरकार पर आरोप लगा रही है कि भाजपा के लिए राम मंदिर सिर्फ एक चुनावी जुमला है। भाजपा और हिन्दू संगठनों की इस मांग पर तंज कसते हुए आज तक के पत्रकार रोहित सरदाना ने कहा “जब सरकार ने साढ़े चार साल में राम मंदिर के लिए क़ानून लाने/बनाने का विचार नहीं बनाया तो अब ये ट्विटर पर #Ordinance4RamMandir का ट्रेंड चलने से थोड़े ना क़ानून आ जाएगा”

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