Wednesday, June 23, 2021

क्या हार की खिसियाहट में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा देगी मोदी सरकार!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुई भारतीय जनता पार्टी की करारी हार के बाद मोदी सरकार वहां पर राष्ट्रपति शासन लगा सकती है ऐसी खबरें मीडिया में बहुत जोरों शोरों से चल रही है।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और देश के गृहमंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से पश्चिम बंगाल की सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है गृह मंत्रालय द्वारा दूसरी बार रिपोर्ट मांगे जाने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की आशंका प्रबल होती दिखाई दे रही हैं।

आशंकाएं प्रबल होने का एक कारण यह भी है कि केंद्र सरकार ने कहा है कि अगर राज्य सरकार विस्तृत और स्पष्ट रिपोर्ट नहीं भेजेगी तो हम इसे गंभीरता से लेंगे और बिना समय गवाएं ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूती से कदम उठा सकते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को भेजी अपनी चिट्ठी में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से कहा कि वह मतगणना के बाद 3 मई को हुई हिंसा पर तत्काल अपनी रिपोर्ट पेश करें क्योंकि अभी तक सरकार ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को नहीं भेजी है।

गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में उल्लेखित किया है कि उनके पास सूचना है कि पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाएं रुक नहीं रही है इसका मतलब यह माना जा सकता है कि राज्य सरकार इसे नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा पा रही है इसलिए इसलिए ऐसी घटनाओं को तत्काल रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

आपको बता दें कि कल 5 मई को जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तब वहां के राज्यपाल जयदीप धनखड़ ने शपथ के तुरंत बाद उनसे कहा था कि वह हिंसा रोकने में मदद करें जिस पर ममता बनर्जी ने दो टूक जवाब देते हुए कह दिया था कि 3 महीने से बंगाल चुनाव आयोग की कस्टडी में था अब मेरी जिम्मेदारी रहेगी कि मैं हिंसा से कड़ाई से निपटूँ।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के पत्र के अंश जिसमें इस बात को उल्लेखित किया गया है कि राज्य सरकार तुरंत विस्तृत रिपोर्ट केंद्र को सौंपी नहीं तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे के बाद ही ममता बनर्जी सरकार को लगने लगा है कि भारतीय जनता पार्टी नीत मोदी सरकार हिंसा को आधार बनाकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकती है।

बंगाल दौरे पर गए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी दावा किया है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने भाजपा के 14 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की हत्या की है और लाखों लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी उनकी भूमिका स्पष्ट करती है।

हालांकि भाजपा के आरोपों पर ममता बनर्जी ने कहा कि जिन इलाकों में हिंसा और झड़प हो रही है वहाँ पर भाजपा चुनाव जीती है और भाजपा ने जो फोटो वीडियो जारी किए हैं पूजा तो फर्जी है या पुराने हैं ममता बनर्जी ने तो यह भी कहा कि इलाकों में भाजपा जीती है उन्हें काले धब्बों की तरह देखा जाना चाहिए और जब यह घटनाएं हुई तब निर्वाचन आयोग के अधीन कानून व्यवस्था थी अब मेरे अधीन कानून व्यवस्था आई है और मैं इससे कड़ाई से निपटने के लिए तैयार हूं।

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