Thursday, July 7, 2022

प्रदेश सरकार से नहीं संभल रही है कोरोना की स्थिति- कमलनाथ

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर कोरोनावायरस की स्थिति ना संभाल पाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री सिर्फ नौटंकी कर रहे हैं उन्हें प्रदेश की जनता से कोई मतलब नहीं है।

कमलनाथ ने आज अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सरकार पर कटाक्ष करते हुए एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा है “मध्यप्रदेश में अस्पतालों में ना बेड, ना दवा,ना इंजेक्शन,ना ऑक्सीजन मौतें जारी? अराजकता की स्थिति जनता में भय व डर का माहौल प्रदेश के सागर व खरगोन में ऑक्सीजन की कमी से मौत की खबरें एक तरफ जनता तड़प रही दूसरी तरफ लूट खसोट जारी? हमारे मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को बताएं कि उनकी मिंटो हॉल की 24 घंटे की नौटंकी से प्रदेश का क्या भला हुआ बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं में क्या सुधार हुआ? आज अवसर है आवश्यक निर्णय लेने का,लोगों की जान बचाने का, लोगों की परेशानी दूर करने,का बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने का, लेकिन हमेशा की तरह ही हमारे शिवराज जी अभी भी इस भीषण संकट काल में भी नौटंकी भरे आयोजन कर जनता को गुमराह करने में लगे हुए हैं? शिवराज जी यह प्रदेश आपके इस गैर जिम्मेदाराना कृत्य पर आपको कभी माफ नहीं करेगा।”

गौरतलब है कि सतना के जिला न्यायालय के जज (अपर सत्र न्यायाधीश) की कोरोना से मौत ने जिला अस्पताल को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है। स्वास्थ्य विभाग ने उनके इलाज में हद दर्जे की लापरवाही की है।

सूत्रों के अनुसार एडीजे को लेकर जब 108 एंबुलेंस का स्टाफ गंभीर हालत में लेकर बुधवार दोपहर 3.45 बजे ट्राॅमा यूनिट में बनाए गए इंफेक्सियम डिसीज कंट्रोल वार्ड पहुंचा तो वहाँ पर उन्हें समय पर इलाज नही दिया गया।

न्यायाधीश को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए स्ट्रेचर, व्हील चेयर तक नहीं मिली। ऊपर से मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स, वार्ड ब्यॉय ने पूछने पर भी इनकार करते रहे जिसके कारण एडीजे की मौत हो गयी।

इसके अलावा भोपाल के जेपी अस्पताल में भी बीते दिनों 3 लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई थी जिसमे घोर लापरवाही सामने आई थी। जेपी अस्पताल में होमगार्ड के एक जवान की मौत तो बाथरूम में हो गयी थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उसकी सुध लेना भी उचित नही समझा और दूसरे दिन उसकी लाश बरामद हुई थी।

इन्ही सब बातों पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को भेजते हुए प्रदर्शन भी किए थे और आज का कमलनाथ का ट्वीट भी इन्हीं सभी घटनाओं की ओर इशारा करता है।


ये हैं होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्तियों से वीडियो कॉल पर पूछे जाने वाले प्रश्न 

1. आप आज कैसा महसूस कर रहें है?
2. आपको बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने की कठिनाई अथवा सीने में जकड़न जैसे लक्षण तो नहीं है?
3. क्या आपने अपना तापमान तथा ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच की है?
4.दिन में कितनी बार जांच कर रहें है? क्या कम से कम 3 बार रोजाना जांच कर रहें हैं?
5. अभी आपका तापमान एवं ऑक्सीजन सेचुरेशन कितना है?
6. कमरे में चलने-फिरने या शौच जाते समय सांस तो नहीं फूल रही है?
7. क्या आप डॉक्टर की सलाह अनुरूप दवाईयां खा रहें है?
8. क्या दवाई खाने के बावजूद आपको हल्का बुखार तो नहीं है?
9. क्या आप घर के अन्य सदस्यों के संपर्क में तो नहीं हैं?
10. क्या घर के किसी अन्य सदस्य को बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने की कठिनाई जैसे लक्षण तो नहीं हैं?

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