madhya pradesh congress chief kamalnath

40 दिन 40 साल पूछने की कड़ी में कांग्रेस मध्यप्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने शिवराज सरकार से पंद्रहवां सवाल पूछा है. पंद्रहवें सवाल में कमलनाथ ने पूछा कि, ‘शिवराज जी, किसानों को तो उतार दिया मौत के घाट, अब खेती को क्यों पहुँचा रहे हो आघात ?’

सवाल नंबर पंद्रह –

मध्यप्रदेश में खेती पर संकट के बादल छा रहे हैं ,
मोदी जी अपनी रिपोर्ट में बता रहे हैं ।
शिवराज जी, किसानों को तो उतार दिया मौत के घाट ,
अब खेती को क्यों पहुँचा रहे हो आघात ?

1) मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश की खेती पर 24 सितंबर 2018 को एक रिपोर्ट जारी की है। उसके मुताबिक मध्यप्रदेश में 2011 से 15 के बीच किसानों की संख्या 11लाख़ 31 हज़ार ,अर्थात 12.74% बढ़ गई ,और खेती का रकबा 1 लाख़ 66 हज़ार हेक्टेयर कम हो गया ।

2) मप्र में गंभीर संकट यह पैदा हुआ कि 1 हेक्टेयर से कम खेती करने वाले छोटे किसान 24.25 % बढ़ गए और छोटी खेती अर्थात 1 हेक्टेयर से छोटे खेत 23.85% बढ़ गए

3) मप्र में अनुसूचित जाति के बड़े किसान मामा राज में बीते पाँच सालों में 36% कम हो गए और उनकी खेती का रकबा 35 % कम हो गया

4) आदिवासी भाइयों में बड़े किसानों की संख्या 26% कम हो गई और उनकी खेती का रकबा 28% कम हो गया ।

5) मध्यप्रदेश में छोटे और मंझोले किसानों का प्रतिशत बढ़कर 75.57% हो गया,जो बेहद चिंता जनक है ।

6) मध्यप्रदेश में छोटी और मझौली खेती चिंताजनक रूप से 34% से बढ़कर 39% हो गई है, अर्थात किसानों की लागत का बढ़ना और मुनाफ़ा कम होना।

7) मध्यप्रदेश में मार्जिनल किसान के पास एवरेज खेत मात्र 0.49 हेक्टेयर है,जो बेहद चिंताजनक है ।

8)यह तथ्य रोंगटे खड़े कर देने वाला है कि व्यक्तिगत खेती की श्रेणी में मप्र के मार्जिनल किसानों के पास खेती का रकबा मात्र 0.38 हेक्टेयर है और साझा खेती में यह मात्र 0.40 हेक्टेयर है
9)मामा,की किसान पुत्र के रूप में जैसे जैसे ब्रांडिंग हुई,वैसे वैसे खेती और किसान समाप्त होते गए

-40 दिन 40 सवाल-

“मोदी सरकार के मुँह से जानिए,
मामा सरकार की बदहाली का हाल।”

“हार की कगार पर मामा सरकार”

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