चुनावी माहौल के बीच गांधी परिवार को घेरने के चक्कर में प्रधानमंत्री खुद सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए। दरअसल छत्तीसगढ़ के महासमुंद में रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा था कि दलित सीताराम केसरी को कांग्रेस अध्यक्ष पद का अपना कार्यकाल पूरा नहीं करने नहीं दिया, उन्हें सोनिया गांधी की ताजपोशी के लिए रास्ते से हटाया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में गांधी परिवार को तो जमकर घेरा लेकिन सीताराम केसरी को दलित बताकर गलती कर दी। क्योंकि केसरी दलित नहीं थे, बल्कि बनिया थे।

प्रधानमंत्री मोदी की इस गलती को पकड़ते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने पीएम मोदी को जमकर ट्रोल किया। ट्विटर यूज़र अभिषेक ने कमेंट किया “जैसे मोदी जी चुनावी रैलियों में स्वयं को पिछड़े परिवार में जन्म लेने वाला कहते हैं वैसे ही उन्होंने सीताराम केसरी को दलित कह दिया, इतना घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। मोदी जी की बातों को अब कोई सीरियस नहीं लेता है, उनके बोलने पर हर कोई यही मानता है कि झूठ बोलेगा या फेकेगा। वहीं ट्विटर यूज़र मनीष ने कमेंट में लिखा कि हमारे प्रधानसेवक को झूठ बोलने की इतनी आदत है कि अब वह झूठ में ही जीने लगे हैं। वो इतने महान बन गए की उनके लिए झूठ और सच के बीच कोई फर्क ही नहीं बचा है।

वहीं कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी पर पलटवार करते हुए सवाल किया, क्या यह सच है कि भाजपा के पहले और एकलौते दलित अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण जी के अंतिम संस्कार में आडवाणी जी के एलावा भाजपा का कोई वरिष्ठ नेता नही गया ?

Loading...

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.