Newbuzzindia : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की घोषणा से आठ दिन पहले पश्चिम बंगाल बीजेपी की ओर से एक राष्ट्रीय बैंक में 3 करोड़ रुपए जमा कराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस खाते में आखिरी ट्रांजैक्शन 40 लाख रुपये का है और यह प्रधानमंत्री के भाषण से कुछ मिनट पहले किया गया है।

भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) ने पश्चिम बंगाल बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि नोट बैन किए जाने से पहले भारतीय जनता पार्टी ने एक करोड़ रुपये काला धन को सफेद किया है। सीपीआईएम ने कहा है कि चूंकि बीजेपी नेताओं को इस बारे में पहले से जानकारी हो गई थी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 500 और 1000 रुपये के नोट को बैन करने की घोषणा करने वाले हैं इसलिए पार्टी नेताओं ने पहले से जमा एक करोड़ रुपये कालाधन को सफेद कर लिया।

सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता रबिन देव ने कहा, “पश्चिम बंगाल की बीजेपी इकाई ने प्रधानमंत्री की घोषणा से एक घंटे पहले मंगलवार को कोलकाता के एक बैंक में एक करोड़ रुपये जमा कराए हैं।” उन्होंने कहा, “केन्द्र सरकार के इस कदम से पश्चिम बंगाल में हो रहे उप चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की गई है क्योंकि चुनाव खर्च के लिए अब बीजेपी के सिवा किसी भी पार्टी के पास पैसे नहीं हैं।”

इस लेन देन में पहली बार पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी के नाम से बचत खाता संख्या 554510034 में रुपये जमा कराए गए। इसके बाद उसी दिन शाम को 8 बजे के करीब दूसरी बार पैसे जमा कराए गए।

हालांकि यह पता नहीं चल पाया है कि उस दिन शाम के 8 बजे तक बैंक कैसे खुला रहा। हालांकि बीजेपी का कहना है कि इन दोनों घटनाक्रमों को एक साथ जोड़कर न देखा जाए। बता दें कि पश्चिम बंगाल में 19 नवंबर को विधानसभा की एक सीट पर उपचुनाव और लोकसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है। 

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