Newbuzzindia : नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार लगातार विरोध झेल रही है । वहीं भाजपा को इसका नुक्सान आगामी उत्तरप्रदेश चुनाव में झेलना पड़ सकता है । कुछ लोग सोच रहे होंगे की नोटबंदी के मुद्दे पर देश नरेंद्र मोदी के साथ है ।

नोटबंदी : देश है नरेंद्र मोदी के साथ
देखा जाए तो facebook और twitter पर एक बड़ा समूह नोटबंदी का समर्थन कर रहा है । लोगों का कहना है कि नोटबंदी से कालाधन बहार आएगा । हाल ही में narendra modi app पर किये गए सर्वे में भी 91% जनता नोटबंदी के साथ दिखाई दे रही थी । मीडिया में भी नोटबंदी का बहुत समर्थन हो रहा है ।

विरोध जो दिख नही रहा ।
दरअसल facebook , twitter और android पर मौजूद ज्यादातर जनता शहर या बड़े शहरों से है । यही वो जनता है जो मोदी सरकार का समर्थन भी कर रही है । वहीं भारत की 80% जनता आज भी गाँव या छोटे शहर में रहती है । नोटबंदी के कारण असल समस्या भी ग्रामीण इलाकों में हो रही है ।

विरोध और परेशानी जो नही दिख रही
शहरों में हमें हर चौराहे पर बैंक और एटीएम मिल जाते है । बड़े शहरों में तो नोटबंदी से हुई समस्या काफी कम है । आप अंदाजा लगाइए छोटे शहरों की जहाँ कुछ लाख लोग रहते है और बैंकों की संख्या कुछ 5-10 हो । उसमे भी आस-पास की 15-20 गाँव के लोग आ जातें है । ऐसे में कितने लोग पैसे जमा कर पा रहे होंगे और कितने निकाल पा रहे होंगे ।

किसानों को परेशानी
नोटबंदी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है । नोटबंदी के बाद किसानों के लिए बीज और खाद खरीदना मुश्किल हो गया है । मोदी जी 50 दिन की बात करते है यहाँ 5 दिन देरी होने पर किसान सड़क पर आ जाते है ।

शादी नही कर पा रहे लोग
किसानों के बाद सबसे ज्यादा परेशान वह लोग है जिनके घर शादी जैसे कार्यक्रम है । सरकार जहाँ शादी के लिए 2.5 लाख रुपये निकलने की छूट दे रही है । तो सवाल उठता है कि जहाँ भाजपा नेता 200 करोड़ रुपये में शादी कर रहे है । वहीं बाकी लोग 2.5 लाख में शादी कैसे कर सकते है । गरीब लोग जिनकी शादी 2.5 लाख में हो सकती है । वह उन में से बहुत कम लोगों को लंबी लंबी लाइन में लगने के बाद पैसा मिल पा रहा है ।

देखा जाए तो उत्तरप्रदेश की 80% जनसंख्या आज भी गामीण इलाकों में रहती है । ऐसे में उत्तरप्रदेश चुनाव में भाजपा को भरी नुक्सान होना तय है । देखना दिलचस्प होगा की भाजपा इस नुक्सान की भरपाई कैसे कर पाती है ।

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