Newbuzzindia: योग गुरु बाबा रामदेव ने देशवासियों से हाल ही में चीनी उत्पादों का बहिष्कार का आह्वाहन किया है। उन्होंने कहा था कि भारत के बजाय चीन की वफादारी पाकिस्तान की ओर है। उन्होंने कहा था कि चीन भारत से पैसा कमाता है और पाकिस्तान की मदद करता है।

बावजूद इसके ऐसे लगता है कि वह बात तो स्वदेशी की करते हैं, लेकिन खुद विदेशी सामान का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। इस बारे में उन्होंने ट्वीट किया है, वह आईफोन से किया है। गौरतलब है कि आईफोन का निर्माण चीन में किया जाता है।

बाबा रामदेव सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि हाफिज सईद, कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को खत्म किया जाना चाहिए। मगर, इसके बावजूद वह पाकिस्तान में योग शिविर लगाना चाहते हैं और वहां पतंजलि की यूनिट भी स्थापित करना चाहते हैं।

दरअसल, इसके जरिये बाबा रामदेव पाकिस्तान की जनता के दिल में मानवता पैदा करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि लोग पैसा कमाकर सिर्फ बिरयानी खाने तक ही नहीं सोचें। योग गुरू ने कहा कि उन्हें मौका मिला तो वो पाकिस्तान जाकर योग जरूर सिखाएंगे।

रामदेव ने कहा कि कलाकार आतंकवादी नहीं होते हैं, लेकिन क्या उनमें जरा सी मानवता भी नहीं है? उन्हें भारत में आकर फिल्म में काम करके पैसा कमाने और फिर बिरयानी खाने से मतलब है। उन लोगों ने उरी अटैक और दूसरी आतंकवादी घटनाओं की निंदा क्यों नहीं की?

हैरानी की बात यह भी है कि रामदेव के सबसे विश्वासपात्र सहयोगी और पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण भी स्वदेशी की बात करते हैं, लेकिन वे भी विदेशी सामान का ही उपयोग करते हैं। बालकृष्ण की संपत्ति करीब 25,000 करोड़ रुपए आंकी गई है और वह काले और सफेद रंग की रेंज रोवर कार में घूमते हैं और iPhone का इस्तेमाल करते हैं।

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