ग्वालियर एवं चंबल की संभाग  की 34 विधानसभा सीट और तीन लोकसभा सीटों को जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने की रणनीति में बदलाव करना पड़ा है। भाजपा अब तक तक सिंधिया को अंग्रेजों का मित्र बताकर ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमले किया करती थी, अब पार्टी सिंधिया परिवार की तारीफ कर इस क्षेत्र में अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने ग्वालियर संभाग के दौरे में कार्यकर्त्ताओं से वोट सिंधिया परिवार के नाम पर ही मांगे। 

ग्वालियर संभाग कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाला क्षेत्र है। प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता अनिल सौमित्र कहते हैं कि सिंधिया परिवार के अधिकांश सदस्य भाजपा में है। इसका फायदा भी भाजपा को इस संभाग में मिलता रहा है और आगे भी मिलता रहेगा। यहां उल्लेखनीय है ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने के लिए भाजपा अक्सर महारानी लक्ष्मीबाई की शहादत का जिक्र करती है। सिंधिया परिवार को अंग्रेजों का दोस्त बताती है। भाजपा को इस मुद्दे पर क्षेत्र में कभी समर्थन नहीं मिला। इसकी बड़ी वजह सिंधिया राजवंश द्वारा अपने रियासत में कराए गए विकास कार्य हैं।

सिंधिया परिवार के किसी भी सदस्य पर अब तक न तो कोई भ्रष्टाचार के आरोप हैं और न ही राजनीति को गंदा करने के उदाहरण उनके साथ जुड़े हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया का चेहरा प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में सबसे चमकदार और प्रभावी चेहरा माना जाता है। भाजपा के पास ऐसा कोई शस्त्र नहीं है जिसके जरिए वे सिंधिया के असर को कम कर सकें। संभवत: यही वजह है कि भाजपा ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।

सिंधिया परिवार की तारीफ कर अमित शाह अपनी पार्टी  के नाराज कार्यकर्त्ताओं को भी शांत करना चाहते हैं। अमित शाह ने शिवपुरी में विजयाराजे सिंधिया के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी जन्मशती वर्ष में क्षेत्र के कार्यकर्त्ताओं को पार्टी को एतिहासिक विजय दिला कर अपनी श्रदांजलि अर्पित करना चाहिए। सिंधिया परिवार के खिलाफ गड़े मुर्दे उखाड़ने का दांव भाजपा के सामने भी कई सवाल खड़े कर रहा था। पार्टी को सबसे ज्यादा असुविधा राजस्थान में हो रही थी।

राजस्थान में विजयाराजे सिंधिया की बेटी वसुंधरा राजे सिंधिया नाराज थीं। मध्यप्रदेश में सिंधिया परिवार पर लगाए जा रहे आरोपों के कारण राजस्थान में भाजपा को जवाब देना मुश्किल पड़ रहा है। भाजपा से भी लोग पूछ रहे हैं कि आजादी की लड़ाई में उनके किस नेता का योगदान रहा है? भाजपा चुनाव अभियान में देशभक्ति की बात तो करती है लेकिन, स्वतंत्रता संग्राम में अपने योगदान को लेकर चुप रहती है।  

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