हां, भाजपा ने 2014 में मेरा इस्तेमाल किया। हर कोई जानता है कि लोकपाल के लिए मेरा आंदोलन ही था जिसने भाजपा और आम आदमी पार्टी को सत्ता में पहुंचाया। लेकिन अब मैंने उनसे सब संबंध खत्म कर दिए हैं। 30 जनवरी से अपने गांव रालेगण-सिद्धि में भूख हड़ताल पर बैठे समाजसेवी अन्ना हजारे ने मीडिया को संबोधित करते हुए बात कही। अन्ना हजारे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार केवल देश के लोगों को गुमराह कर रही है और देश को निरंकुशता की ओर अग्रसर कर रही है। केन्द्र के साथ ही महाराष्ट्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए अन्ना ने कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार पिछले चार सालों से झूठ बोल रही थी। यह झूठ कब तक जारी रहेगा? राज्य सरकार का दावा है कि मेरी 90 प्रतिशत मांगें भी गलत हैं। इस सरकार ने देश के लोगों को निराश किया है।

समाजसेवी हजारे ने आगे कहा कि वह लोग जिनको 2011 और 2014 में उनके आंदोलन को लाभ हुआ, अब उन्होने इन मांगों से मुंह मोड़ लिया और पिछले पांच वर्षों में उन्हें लागू करने के लिए कुछ नहीं किया। अन्ना ने भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वह कहते रहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री आएंगे और मेरे साथ मुद्दों पर चर्चा करेंगे। लेकिन मैं उन्हें मना कर देता हूं क्योंकि इसेसे लोग भ्रमित होंगे। वह लोग पहले खुद निर्णय लें और मुझे लिखित रूप में सब कुछ दें क्योंकि मैने उनके आश्‍वासनों पर विश्‍वास खो दिया है।

मंत्रियों सहित मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री फडणवीस

भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे से मिलने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे उनके गांव रालेगन सिद्धी पहुंचे। इससे पहले भी राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ अन्ना की बैठक हुई थी। हालांकि, ये दोनो मुलाकातें बेअसर नजर आईं, क्योंकि अन्ना हजारे से साफ तौर पर कहा है कि वे अपनी भूख हड़ताल फिलहाल खत्म करने वाले नहीं हैं। अन्ना के आंदोलन पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र और राज्य ने हजारे की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनकी मांगों के अनुसार, हमने राज्य में लोकायुक्तों के कार्यान्वयन के लिए एक संयुक्त समिति नियुक्त की है। इसी प्रकार केंद्र ने भी लिखित में अपना आश्‍वासन दिया है। मुझे यकीन है कि वह महाराष्ट्र के लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए वे जल्द से जल्द अनशन खत्म करेंगे।

समर्थन में उतरीं शिवसेना-मनसे

इस बीच हजारे का समर्थन करते हुए शिवसेना ने कहा कि सरकार को एक बुजुर्ग इंसान के जीवन के साथ नहीं खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बयान में कहा कि उपवास के बजाय, हजारे को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक आंदोलन का नेतृत्व करना चाहिए और उनकी पार्टी पूरी ईमानदारी के साथ उनका समर्थन करेगी। उधर, मनसे भी हजारे के समर्थन में उतर आई है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को हजारे से मुलाकात भी की। बैठक के बाद राज ने कहा कि हजारे को अपना उपवास खत्म कर देना चाहिए और इसके बजाय भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने उनसे कहा कि इन लोगों के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें।

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