Monday, August 8, 2022

जेएनयू में एबीवीपी की गुंडागर्दी, कमरें में घुसकर 16 लोगों ने की छात्र की पिटाई

दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ हिंसा का एक और मामला सामने आया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएसन (AISA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन साई बालाजी ने ट्वीट कर एबीवीपी पर इस हिसां का आरोप लगाते हुए इस घटना की जानकारी दी है।


बालाजी ने ट्वीट कर बताया कि जेएनयू के एक छात्र विवेक के कमरे में एबीवीपी के 16 लोग घुस गए और उसपर लोहे के डंड़े और रॉड से हमला किया। बालाजी ने आगे बताया कि विवेक को बचाने आई जेएनयूएसयू की महिला पार्षद के साथ भी बदतमीजी की गई।


एन साई बालाजी ने ट्वीट में लिखा, “एबीपीवी के 16 गुंडों ने कमरे में घुसकर जेएनयू के एक छात्र विवेक पर लोहे के कड़े और रॉड से हमला किया। उन्होंने विवेक की सहायता के लिए आईं जेएनयूएसयू की महिला पार्षद के साथ भी दुर्व्यवहार किया। ये वे गुंडे हैं जिन्होंने 5 जनवरी को छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था। दिल्ली पुलिस उन्हें आज तक गिरफ्तार नहीं किया। देखो उन्होंने क्या किया है।”



बताया जा रहा है कि हमले में विवेक के चहरे पर गंभीर चोटें आयी हैं। इसके अलावा हमलावरों ने उनके सिर पर कड़े से प्रहार किया। घायल छात्र विवेक का कहना है कि जब वह सोने की तैयारी कर रहा था तभी कोई कमरे के बाहर कोई आया और दरवाजा खोलने के लिए कहा। दरवाजा खोलने के बाद सभी अंदर आ गए। उनमें से एक ने कहा कि तुम विवेक हो और तुमने मेरी शिकायत की है। इस पर विवेक ने पूछा कि कैसी शिकायत। मैंने तो कोई शिकायत नहीं की है। इसी बात पर उसने विवेक के गाल पर तमाचा जड़ते हुए कहा कि नेता बनते हो और उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद विवेक को हेल्थ सेंटर ले जाया गया जहां उनका प्राथमिक इलाज हुआ।


जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा हा कि एबीवीपी के गुंडों ने छात्र को जान से मारने की कोशिश की है और यह साफ-साफ हत्या का प्रयास है। उन्होंने सवालिया अंदाज में पूछा कि क्या कोई कानून अभी बचा भी है? उन्होंने कहा कि 5 जनवरी को हुए एबीवीपी के हमले को 8 महीने हो जाएंगे। और अब उसके बाद यह घटना घटी है।


उन्होंने एक ट्वीट में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को टैग करते हुए पूछा है कि क्या इनके खिलाफ कार्रवाई होगी या फिर छात्रों को गुंडों के हाथ मरने के लिए छोड़ दिया जाएगा? उन्होंने कहा कि यह बीजेपी-आरएसएस का न्यू इंडिया है। जो न केवल परेशान करने वाला है बल्कि बेहद उत्पीड़नकारी भी है।

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