fbpx
Wednesday, September 30, 2020

कर्णाटक: कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायकों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

जेएनयू में एबीवीपी की गुंडागर्दी, कमरें में घुसकर 16 लोगों ने की छात्र की पिटाई

दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ हिंसा का एक और मामला सामने आया है। ऑल...

एक साल में 42480 किसानों ने की आत्हत्या, मीडिया और सरकार खामोश

एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में 42480 किसानों -मजदूरों को आत्महत्या...

SBI ने ATM से पैसे निकालने के नियम बदले, ट्रांजैक्शन फेल होने पर लगेगा जुर्माना

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए ATM से कैश निकालने के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। 1 जुलाई...

राजस्थान: अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार को विधानसभा में मिला विश्वासमत

लगभग 1 महीने चले राजनैतिक ड्रामे के बाद आज हुई हुए विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस ने...

कोर्ट की अवमानना के मामले में प्रशांत भूषण दोषी करार, 20 को सजा पर फैसला करेगा सुप्रीम कोर्ट

अदालत की अवमानना मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर वकील प्रशांत भूषण को दोषी करार दिया है।...

कर्नाटक के बागी विधायकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर द्वारा विधायकों की अयोग्यता के फैसले को सही ठहराया लेकिन कांग्रेस और जेडीएस के 17 अयोग्य विधायकों को राहत देते हुए उन्हें उपचुनाव लड़ने की अनुमति दे दी है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य विधायकों की याचिका पर 25 अक्टूबर को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन विधायकों को विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने अयोग्य घोषित कर दिया था। न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की तीन सदस्यीय पीठ ने इन विधायकों की याचिकाओं पर 25 अक्टूबर को सुनवाई पूरी की थी।

5 दिसंबर को होगे उपचुनाव

इन विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की वजह से 17 में से 15 सीटों के लिए पांच दिसंबर को उपचुनाव हो रहे हैं। अयोग्य विधायकों ने अपनी याचिका में 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनाव पर रोक लगाने की मांग भी की थी। विधायकों का कहना था कि उपचुनाव तब तक नहीं होने चाहिए जब तक कि उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला न आ जाए।

उपचुनाव न कराने के लिए दायर की थी याचिका

उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 नवंबर है। इन विधायकों ने शीर्ष अदालत में एक आवेदन दायर कर 15 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव की तारीख स्थगित करने का निर्वाचन आयोग को निर्देश देने का अनुरोध किया था। इन विधायकों का कहना था कि उनकी याचिकाओं पर कोर्ट का निर्णय आने तक निर्वाचन आयोग को इन सीटों पर चुनाव नहीं कराने चाहिए। अयोग्य घोषित विधायकों की दलील थी कि सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना उनका अधिकार है। अध्यक्ष का निर्णय दुर्भावनापूर्ण है और इससे प्रतिशोध झलकता है। इन विधायकों में से अनेक ने सदन की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अध्यक्ष को पत्र लिखे थे।

तत्कालीन स्पीकर रमेश कुमार ने ठहराया था अयोग्य

बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने विधान सभा में एचडी कुमारस्वामी सरकार के विश्वास प्रस्ताव से पहले ही 17 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। वहीं विधानसभा में विश्वास मत्र प्राप्त करने मे विफल रहने पर कुमारस्वामी की सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद, बीजेपी के बी एस येदियुरप्पा के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार का गठन हुआ।

कर्नाटक विधानसभा का गणित

कर्नाटक विधानसभा में इस समय बीजेपी के पास 105 विधायक हैं जबकि एक निर्दलीय विधायक ने समर्थन दिया है। वहीं विपक्ष (कांग्रेस+जेडीएस+बीएसपी) के पास कुल 101 सीटें हैं। इसमें कांग्रेस के पास 66, जेडीएस के पास 34 और बीएसपी के पास 1 सीट है। इन 17 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव से पहले पाला बदलते हुए इस्तीफा दे दिया था जिसकी वजह से तत्कालीन स्पीकर आर रमेश कुमार ने इन्हें अयोग्य ठहरा दिया था। इस वजह से सदन में सदस्यों की संख्या घटकर 211 रह गई थी और मैजिक नंबर 106 हो गया था। इस आधार पर बीजेपी कर्नाटक में सरकार बनाने में सफल रही थी। कर्नाटक की फिलहाल जो 17 सीटें खाली हैं उनसे 15 सीटों पर 5 दिसंबर को उपचुनाव होने हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

ताजा समाचार

जेएनयू में एबीवीपी की गुंडागर्दी, कमरें में घुसकर 16 लोगों ने की छात्र की पिटाई

दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ हिंसा का एक और मामला सामने आया है। ऑल...

एक साल में 42480 किसानों ने की आत्हत्या, मीडिया और सरकार खामोश

एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में 42480 किसानों -मजदूरों को आत्महत्या...

SBI ने ATM से पैसे निकालने के नियम बदले, ट्रांजैक्शन फेल होने पर लगेगा जुर्माना

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए ATM से कैश निकालने के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। 1 जुलाई...

Related Articles

जेएनयू में एबीवीपी की गुंडागर्दी, कमरें में घुसकर 16 लोगों ने की छात्र की पिटाई

दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ हिंसा का एक और मामला सामने आया है। ऑल...

एक साल में 42480 किसानों ने की आत्हत्या, मीडिया और सरकार खामोश

एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में 42480 किसानों -मजदूरों को आत्महत्या...

SBI ने ATM से पैसे निकालने के नियम बदले, ट्रांजैक्शन फेल होने पर लगेगा जुर्माना

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए ATM से कैश निकालने के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। 1 जुलाई...