fbpx
Thursday, October 29, 2020

इन तीन बदलावों के साथ “तीन-तलाक” पर चौथी पर बार अध्यादेश लाने की तैयारी में मोदी सरकार

Demystifying FinCEN: Why It’s Much Ado About Nothing Much

The recent reports on SARs (Suspicious Activity Reports) on Sept 23, 2020 published in some newspapers, based on the illegally-leaked FinCEN data...

हाथरस जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने धक्कामुक्की कर किया गिरफ्तार

यूपी में हाथरस कांड पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने जा रहे काग्रेस नेता राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिरासत...

जेएनयू में एबीवीपी की गुंडागर्दी, कमरें में घुसकर 16 लोगों ने की छात्र की पिटाई

दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ हिंसा का एक और मामला सामने आया है। ऑल...

एक साल में 42480 किसानों ने की आत्हत्या, मीडिया और सरकार खामोश

एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में 42480 किसानों -मजदूरों को आत्महत्या...

SBI ने ATM से पैसे निकालने के नियम बदले, ट्रांजैक्शन फेल होने पर लगेगा जुर्माना

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए ATM से कैश निकालने के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। 1 जुलाई...

तीन-तलाक पर 3 बार अध्यादेश ला चुकी मोदी सरकार अब चौथी बार संसद में यह बिल पेश करने की तैयारी में है. इस बार यह बिल पास हो जाए, इसके लिए सरकार ने कई तैयारियां भी की है. दरअसल मुसलमानो में तीन तलाक के दुरूपयोग को रोकने के लिए मोदी सरकार चौथी बार अध्यादेश ला रही है।

तीन तलाक से जुड़े चौथे अध्यादेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बुधवार को मंजूरी दी गई। इसमें विपक्ष की कुछ मांगों को भी शामिल किया गया है।

पिछले सत्र में नही हो पाया था पास


पिछले सत्र में जब सरकार ने अंतिम दिन राज्यसभा में तीन तलाक बिल को पेश किया था तो विपक्ष ने यह कहकर बिल पास नहीं होने दिया कि सरकार ने बहुत ही हड़बड़ी में बिना सबकी सहमति लिए इसे पेश कर दिया। अब इसे संसद के बजट सत्र में पेश किया जएगा।

विपक्ष के विरोध के बाद सरकार ने पहले ही कुछ प्रमुख बदलाव किए थे। इन प्रमुख बदलावों में-

1- इस मामले में एफआईआर तभी स्वीकार्य की जाएगी जब पत्नी या उसके नजदीकी खून वाले रिश्तेदार दर्ज कराएंगे। विपक्ष और कई संगठनों की चिंता की थी कि इस मामले में एफआईआर का कोई दुरुपयोग कर सकता है।

2- पति और पत्नी के बीच मैजिस्ट्रेट समझौता करा सकते हैं, अगर बाद में दोनों के बीच इसकी पहल होती है। इससे पहले के बिल में इसके लिए प्रावधान नहीं थे। विपक्ष का तर्क था कि इसकी व्यवस्था होनी चाहिए।

3- तत्काल तीन तलाक अभी गैरजमानती अपराध बना रहेगा लेकिन अब इसमें ऐसी व्यवस्था कर दी गई है, जिसके बाद मैजिस्ट्रेट इसमें जमानत दे सकता है लेकिन इससे पहले पत्नी की सुनवाई करनी होगी। इससे पहले बिल में तीन साल की सजा के प्रावधान के बाद जमानत की गुंजाइश नहीं दी गई थी।

गौरतलब है कि तीन तलाक पर सरकार की तरफ से प्रस्तावित कानून को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। विपक्ष का कहना है कि तीन तलाक पर कानून बनाने में सरकार हड़बड़ी दिखा रही है। इस प्रस्तावित कानून में कई खामियां हैं जिन पर बहस होनी चाहिए और इस बिल में आवश्यक संशोधनों को शामिल किया जाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

ताजा समाचार

Demystifying FinCEN: Why It’s Much Ado About Nothing Much

The recent reports on SARs (Suspicious Activity Reports) on Sept 23, 2020 published in some newspapers, based on the illegally-leaked FinCEN data...

हाथरस जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने धक्कामुक्की कर किया गिरफ्तार

यूपी में हाथरस कांड पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने जा रहे काग्रेस नेता राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिरासत...

जेएनयू में एबीवीपी की गुंडागर्दी, कमरें में घुसकर 16 लोगों ने की छात्र की पिटाई

दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ हिंसा का एक और मामला सामने आया है। ऑल...

Related Articles

हाथरस जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने धक्कामुक्की कर किया गिरफ्तार

यूपी में हाथरस कांड पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने जा रहे काग्रेस नेता राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिरासत...

जेएनयू में एबीवीपी की गुंडागर्दी, कमरें में घुसकर 16 लोगों ने की छात्र की पिटाई

दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ हिंसा का एक और मामला सामने आया है। ऑल...

एक साल में 42480 किसानों ने की आत्हत्या, मीडिया और सरकार खामोश

एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में 42480 किसानों -मजदूरों को आत्महत्या...