मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमारी सरकार गौरक्षा करने में सक्षम। हम ना गौमाता को सड़क पर तड़पने देंगे ना उस पर किसी को अत्याचार करने देंगे। हमने गौवंश की रक्षा के लिये 1000 गौशालाएँ प्रदेश में खोलने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने हाल ही में गौवध करने वालों पर भी कड़ी कार्यवाही की है। लेकिन हमारी सरकार में गौरक्षा के नाम पर वसूली व गुंडागर्दी का खेल नहीं चलेगा। नाथ ने कहा कि गौरक्षा व गौमाता के नाम पर मॉबलीचिंग या किसी भी प्रकार की हिंसा व गुंडागर्दी की घटनाएँ प्रदेश में बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व गुना में गोरक्षा के नाम पर तथाकथित गोरक्षकों की गुंडागर्दी व तोड़फोड़ की घटना सामने आयी है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को गम्भीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन से ली जानकारी। पुलिस ने ख़ुद बैल व बछड़ों से भरे एक ट्रक को पकड़ा। उस पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्यवाही की। कुछ युवक ख़ुद को गौरक्षक बताते हुए पहुँचे। माहौल ख़राब करने की कोशिश की।उन्होंने हंगामा किया, तोड़फोड़ व गुंडागर्दी की। क़ानून हाथ में लेने की कोशिश की। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी भी पूर्व में ऐसे लोगों पर कड़ी कार्यवाही का कह चुके है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि यदि किसी के पास गौ तस्करी या गौवध की सूचना है तो वह ज़िम्मेदार प्रशासन के अधिकारी को जानकारी दे।हमारी सरकार ऐसे लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करेगी। किसी को बख्शेगी नहीं।लेकिन क़ानून हाथ में लेने की किसी को इजाज़त नहीं देगी।गौरक्षा के नाम पर कुछ असामाजिक तत्वों का वर्षों से चल रहा वसूली व गुंडागर्दी का खेल अब नहीं चलेगा। पिछले 15 वर्षों में गौवंश की रक्षा के लिये क्या क़दम उठाये गये, यह सभी जानते है। उन्होंने प्रदेश के डीजीपी को कहा है कि जो गौ तस्करी व गौ अत्याचार रोकने में जो क़ानून सम्मत तरीक़े से मदद करते है,जानकारी देते है,ऐसे लोगों को छोड़कर गौ रक्षा के नाम पर वसूली व गुंडागर्दी का खेल खेलने वालों को क़तई बख़्शा नहीं जाए। इस आड़ में माहौल ख़राब करने की कोशिश करने वालों को बख़्शा नहीं जावे। ऐसे लोगों की ज़िलावार सूची बनायी जाये।

प्रत्येक पात्र किसान का ऋण माफ होः कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना में पात्र प्रत्येक किसान का ऋण माफ हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकाला गया है, वे बगैर किसी भय के सामने आयें, सरकार उन्हें न्याय दिलायेगी और दोषियों को दंडित करेगी। श्री नाथ आज मंत्रालय में फसल ऋण माफी योजना की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सहकारिता एवं सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती एवं वित्त, कृषि और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि फसल ऋण माफी योजना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ हर उस किसान को मिलना चाहिए, जो योजना की परिधि में शामिल हैं। उन्होंने किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकालने के प्रकरणों पर नाराजी व्यक्त की। उन्होंने किसानों से अपील की कि अगर उनके नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकाला गया है तो वे निर्भय होकर बतायें, सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिये कि फर्जी ऋण प्रकरणों के मामलों को गंभीरता से लें और इसकी सूक्ष्मता से जाँच करवायें। जो भी दोषी पाया जाये उसके खिलाफ सख्त कार्रावाई की जाये।

बैठक में बताया गया कि ऋण माफी योजना में 50 लाख 61 हजार आवेदन भरे गए हैं। इसमें से 45 लाख 9 हजार आवेदन ऑनलाइन किये गये हैं। ऋण माफी की यह प्रक्रिया 22 फरवरी तक पूरी हो जायेगी और किसानों के खाते में राशि पहुँचना शुरू हो जायेगी। योजना में लघु एव सीमांत किसानों के ऋण प्राथमिकता में माफ किये जायेंगे।

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