राजस्थान में अलवर और अजमेर लोकसभा सीट और मांडलगढ़ विधानसभा सीट गवाने के बाद बीजेपी को एक और झटका लगा है। राजस्थान के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की उम्मीदों पर पानी फिर गया। 

श्चिम बंगाल की एक लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में टीएमसी ने जीत दर्ज की है. राज्य की नवपाड़ा विधानसभा सीट को टीएमसी उम्मीदवार सुनील सिंह ने 63018 मतों से जीता. उन्हें एक लाख से ज्यादा वोट मिले. दूसरे नंबर पर बीजेपी के संदीप बनर्जी को 38,711 मत मिले. इसके अलावा हावड़ा के उलुबेरिया लोकसभा सीट पर भी टीएमसी जीत की ओर अग्रसर है.

2016 के चुनाव में नवपाड़ा विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस को महज 10527 वोट मिले हैं. वो चौथे पायदान पर रही. दिलचस्प बात ये है कि बीजेपी को सीपीआई(एम) से ज्यादा वोट मिले हैं. सीपीएम 35497 वोटों से तीसरे नंबर पर रही.

उलुबेरिया लोकसभा सीट के 9वें राउंड की मतगणना के बाद टीएमसी उम्मीदवार को 3 लाख 74074, बीजेपी को 1 लाख 38229 और कांग्रेस को 12373 वोट मिले हैं. इस तरह देखा जाए तो टीएमसी इस सीट पर भी करीब दो लाख मतों से बढ़त बनाए हुए है. उलुबेरिया लोकसभा सीट पर टीएमसी अपना दबदबा कायम रखती हुई नजर आ रही है. ये सीट सांसद सुल्तान अहमद के निधन के कारण खाली हुई थी. 

पश्चिम बंगाल की एक लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नवपाड़ा विधानसभा सीट पर भले ही बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन जिस तरह से सीपीआई(एम) को पीछे करके पार्टी दूसरे नंबर पर आई है. ये बंगाल की सियासत में चौकाने वाला है.

टीएमसी से बगावत करके बीजेपी में आए मुकुल रॉय के नेतृत्व में पार्टी उपचुनाव में उतरी थी. ऐसे में ममता और लेफ्ट दोनों के लिए बीजेपी राज्य में एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है.बीजेपी को 38,711 मत मिले हैं.

नवपाड़ा से जीत दर्ज करने वाले टीएमसी उम्मीदवार सुनील सिंह ने कहा, ‘स्थानीय होने के बाद भी मुकुल रॉय का कोई प्रभाव नहीं है. जबकि रॉय बैरकपुर के पास रहते हैं. 

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