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Monday, May 10, 2021

क्यों कोरोना के लक्षण के बाद भी रिपोर्ट आती है नेगेटिव, जानिए कारण

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है। यह बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चों और युवाओं के लिए भी घातक साबित होते जा रही है। इसी के चलते दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में बेकाबू स्ट्रेन को देखते हुए लॉकडाउन लगा दिया गया है।

बता दे कि लोगों से लक्षण नजर आते ही जांच कराने की अपील कि है। लेकिन लक्षण दिखने के बाद भी कई लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। ऐसे समय मे जांच के दौरान कुछ बातों का घ्यान रखना जरूरी हो गया है।

कब कराना चाहिए टेस्ट

हेल्थ ऑथोरिटीज के अनुसार, कोरोना वायरस के कई सामान्य लक्षण है। जैसे बुखार, बदन दर्द, लॉस ऑफ स्मैल एंड टेस्ट, ठंड लगना, सांस में तकलीफ इत्यादि। इसके अलावा आंखों में लालपन, लूज मोशन और कानों से जुड़ी दिक्कतें भी सामने आ रही है। यह है इस नई लहर में कोरोना के लक्षण।

टेस्ट की कब ज़रूरत नहीं है

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति ने वैक्सीन के दोनों डोज लिए दो सप्ताह से ज्यादा वक्त हो चुका है और उनमें कोई लक्षण भी नहीं दिख रहा है, तो मरीज के कॉन्टैक्ट में आने के बाद उन्हें टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।

कौनसा टेस्ट ज्यादा कारगर है

बता दें कि RT-PCR एक लाभ दायक टेस्ट है, जबकि RAT ‘रैपिड एंटीजन टेस्ट’ कोविड-19 का तुरंत रिजल्ट देता है। RAT की पॉजिटिव रिपोर्ट कोविड-19 की पुष्टि करती है। लेकिन अगर RAT की रिपोर्ट नेगेटिव हो और फिर भी मरीज में लक्षण हैं, तो RT-PCR कराने की सलाह दी जाती है।

कोरोना हो तो क्या करना चाहिए

अगर आप कोरोना संक्रमित हो चुके है, तब होम क्वारनटीन या आइसोलेशन वॉर्ड में शिफ्ट हो जाएं। घर में बच्चों, बुजुर्गों या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति है, तब तुरंत उनसे दुरी बना कर उनको खुद के संपर्क में आने से बचाएं।

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