Newbuzzindia:  देश और विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ (RSS) पर हमेशा से ही हिन्दू संगठन होने का आरोप लगता आ रहा है और आरएसएस को हिन्दू धर्म को छोड़कर अन्य धर्म का विरोधी भी माना जाता है। पर इस बार संघ की ओर से इस अवधारणा का खंडन किया गया है। संघ प्रमुख ने ऐसा बयान दिया है जिससे साबित हो जाता है कि संघ और संघ प्रमुख किसी भी धर्म का विरोध नही करते है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ‘किसी को धर्म को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि वह राष्ट्र का आधार है और देश, परिवार के सिद्धांत पर चलता है तथा भारत में परिवार की संकल्पना अनूठी है।’ संघ प्रमुख का यह बयान उन लोगो के लिए तमाचे की तरह है जो कहते है कि संघ हिन्दू समर्थक है और अन्य धर्मों का विरोधी है। 

आपको बता दे की संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यह बयान जनसंघ नेता दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती के मौके पर महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में हो रहे एक कार्यक्रम मे कही । इस मौके पर केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर भी मौजूद 

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