Friday, February 3, 2023

खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले को शहीद बता बुरे फंसे हरभजन सिंह, सोशल मीडिया पर जमकर हो रही किरकिरी

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर हरभजन सिंह ने भले ही अपनी गेंदबाजी से विरोधी टीमों के ख्यातिलब्ध बल्लेबाजों के छक्के छुड़ा दिए हो लेकिन सोशल मीडिया पिच पर वह क्लीन बोल्ड होते दिखाई दे रहे हैं।

क्रिकेटर हरभजन सिंह ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की 37 वीं बरसी पर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्टर शेयर किया था जिस पर खालिस्तानी आतंकवादी भिंडरावाले की तस्वीर भी शामिल थी। जिसे भज्जी ने शहीद के कैप्शन के साथ शेयर किया जिस पर बवाल हो गया।

हरभजन सिंह की इंस्टाग्राम स्टोरी किस पर बवाल हुआ

भज्जी ने लिखा, ‘सम्मान के साथ जीना और धर्म के लिए मरना। 1 जून से 6 जून 1984 को सचखंड श्री हरिमंदर साहिब पर शहीद होने वाले सिंह-सिंहनियों की शहादत को प्रणाम।’ हालांकि हरभजन ने अपनी इंस्टा स्टोरी में भिंडरावाले का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने जो फोटो शेयर करी उसमें खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले की तस्वीर भी थी।

बवाल होने पर हरभजन सिंह ने अपने इस पोस्ट के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से माफी मांगते हुए कहा कि मैं अपनी कल की पोस्ट के लिए माफी मांगता हूं यह एक व्हाट्सएप फॉरवर्ड किया हुआ मैसेज था इसे मैंने बिना चेक किए शेयर कर दिया यह मेरी गलती है मुझे माफ कर दीजिए मैं किसी भी स्थिति में उस फोटो में दिए गए मैसेज और फोटो को सपोर्ट नहीं करता।

हरभजन ने कहा- मैं एक सिख हूं, जो भारत के लिए लड़ेगा, भारत के खिलाफ नहीं। मैं अपने राष्ट्र की भावनाओं को आहत करने के लिए माफी मांगता हूं। मैंने 20 साल तक इस देश के लिए अपना खून-पसीना दिया है और कभी भी किसी ऐसी चीज का समर्थन नहीं करूंगा जो राष्ट्र विरोधी हो।

भज्जी की पोस्ट पर लोगों ने उनकी जमकर खिंचाई की कई लोगों ने हरभजन सिंह की आलोचना करते हुए उनकी देशभक्ति पर ही सवाल उठा दिए तो कई लोगों ने उनके खिलाफ f.i.r. करने की मांग की, गुर्जर ने तो यहां तक लिख दिया कि ऐसे ऐसे व्यक्ति को भारत में रहने का अधिकार ही नहीं है जो देश विरोधियों को सम्मान दें या उन्हें शहीद बताए।

आपको बता दें कि 6 जून, 1984 की देर रात जरनैल सिंह भिंडरावाले की मौत के बाद लाश मिलने पर ऑपरेशन ब्लू स्टार खत्म हो गया था। इसमें 83 सैनिक मारे गए थे, जिसमें 3 सेना के अफसर थे। इस दौरान 492 लोग मारे गए थे, जबकि 248 लोग घायल हुए थे। दरअसल, उस समय पंजाब को भारत से अलग कर ‘खालिस्तान’ राष्ट्र बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। इसलिए इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था।

जानिए कौन था जरनैल सिंह भिंडरावाले

जरनैल सिंह भिंडरावाले सिखों की धार्मिक संस्था दमदमी टकसाल का लीडर था। उसकी कट्टर विचारधारा ने लोगों पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया था। इसलिए उसे संस्था की कमान सौंपी गई थी। भिंडरावाले ने गोल्डन टेम्पल परिसर में बने अकाल तख्त में अपना मुख्यालय बना लिया और अकाल तख्त पर कब्जा कर लिया था।

आपको बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1 जून 1984 को अमृतसर के प्रसिद्ध सिख धर्म स्थल गोल्डन टेंपल पर सेना के माध्यम से ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया था जिसकी कमान मेजर जनरल कुलदीप सिंह बरार को सौंपी गई थी।

सेना ने लोगों को अकाल तख्त से बाहर निकलने की चेतावनी भी दी थी लेकिन लोग अंदर ही बने रहे, जिसके बाद 5 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार शुरू किया और भिंडरावाले को मार गिराया गया , 7 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार खत्म कर दिया गया।

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