Thursday, June 24, 2021

राहुल गांधी के विरोध के बाद हरकत में आई दिल्ली सरकार, जाने क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी के विरोध के बाद हरकत में आई दिल्ली सरकार ने जीबी पंत अस्पताल द्वारा नर्सिंग स्टॉफ के ‘मलयालम’ बोलने पर रोक लगाने के कड़ा एतराज जताया है और अस्पताल प्रशासन को अपने आदेश को तुरंत वापस करने का निर्देश दिया है।

दरअसल मामला दिल्ली के जी बी पंत अस्पताल से जुड़ा हुआ है जहां पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा नर्सिंग स्टाफ के मलयालम बोलने पर रॉक लगाई गई थी उनसे हिंदी अंग्रेजी में बात करने का कहा गया था लेकिन इसकी खबर जैसे ही कांग्रेस के केरल से सांसद राहुल गांधी को पड़ी उन्होंने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए ट्वीट किया जिसके बाद फौरन दिल्ली सरकार ने जीबी पंत अस्पताल को नोटिस भेजकर ऐसे फिजूल के आदेश को वापस लेने का निर्देश दिया।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने अस्पताल प्रशासन से इससे संबंधित आदेश वापस लेने के लिए कहा था उन्होंने इस तरह का आदेश जारी करने के लिए जीबी पंत अस्पताल के एमएस को नोटिस भी जारी किया और पूछा है कि इस तरह का आदेश कैसे जारी किया गया।

नर्सिंग स्टॉफ के मलयालम बोलेने के बैन मामले पर जीबी पंत नर्सेस एसोसिएशन के प्रेसिडेंट लीलाधर रामचंदानी ने बताया कि दिल्ली सचिवालय से एक शिकायत फॉरवर्ड होकर नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के पास आई थी शिकायत में यह कहा गया था कि नर्सिंग स्टाफ अपनी लोकल भाषा मलयालम में बात करते हैं. शिकायतकर्ता ने कहा था इससे मरीजों को उनकी बात समझने में परेशानी होती है.

उसी आधार पर ये सर्कुलर जारी किया गया था, जिसे मेडिकल डायरेक्टर की जानकारी में आने के बाद वापस ले लिया गया है. उन्होंने दावा किया कि नर्सिंग स्टाफ में आपस में धर्म या भाषा को लेकर कोई विरोधाभास नहीं है. रामचंदानी ने कहा कि हम लोग एकजुटता के साथ काम कर रहे हैं और करते रहेंगे।

आपको बता दें कि जीबी पंत अस्पताल की ओर से एक दिन पहले ही यह आदेश जारी किया गया था कि बातचीत के लिए नर्सिंग स्टाफ केवल हिंदी या अंग्रेजी भाषा में ही बात करेंगे. इन दो भाषाओं को छोड़कर किसी अन्य भाषा में बात करते पाए जाने पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई थी।

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