Newbuzzindia: अपने आप को आम आदमी कहने वाले केजरीवाल हमेशा से विवादों में फंसते आ रहे है। कभी खुद अपनी ही पार्टी के लोग उन्हें धराशायी कर देते है तो कभी विपक्षी दल उन्हें धूल चटाने से पीछे नही हटते। अबकी बार फिर केजरीवाल एक नए मुद्दें में फंसते नजर आ रहे है। मामला सोशल मीडिया का है इसमें केजरीवाल  पर आरोप है कि , केजरीवाल ने फेसबुक पर ख्याति बटोरने के लिए जनता का करोड़ों रुपए खर्च कर दिया है। 

मामला बीते 17 जुलाई को हुए उनके चर्चित प्रोग्राम टॉक टू एके का है। दिल्ली सरकार ने जनता से फेसबुक पर संवाद कायम करने के लिए टॉक टू एके का जो प्रोग्राम कराया। उसे सोशल मीडिया पर हिट कराने के लिए पूरे 1.58 करोड़ रुपये जनता के लुटाए गए। ताकि खूब लाइक्स बटोरी जा सके। हर दिन 10-10 लाख रुपये फेसबुक, गूगल आदि पर लाइक बटोरने के लिए खर्च हुए। ताकि अधिक से अधिक लोगों तक अपना बखान भरा संदेश पहुंचाया जा सके। 
बता दे की टॉक टू एके प्रोग्राम पर खर्च विवरण के मुताबिक टॉक टू एके फेसबुक पेज को आठ जुलाई से उसे स्पांसर्ड किया गया। छह लाख रुपये प्रतिदिन की दर से फेसबुक को भुगतान हुआ। यू ट्यूब पर 14 जुलाई से 12 लाख रुपये प्रतिदिन का विज्ञापन 20 लाख लाइक्स लोगों तक पहुंचने के लिए दिया गया। इसी तरह गूगल डिस्प्ले एड नेटवर्क को 40 लाख लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए 14 जुलाई से 10 लाख प्रतिदिन के हिसाब से पैसा दिया गया।

तो कहाँ कितना हुआ खर्च:

  • फेसबुक 60 लाख
  • यू ट्यूब 25 लाख 20
  • गूगल डिस्प्ले एड 20
  • फेसबुक पोस्ट इवेंट 20

इस मुद्दे पर प्रशांत भूषण ने भी आम आदमी पार्टी को घेरा था। जिसमे उन्होंने केजरीवाल पर ऊँगली उठायी थी और कहा था खुद की प्रशंसा करने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से टॉक टू एके प्रोग्राम करने में 1.58 करोड़ के खर्च का क्या मतलब है। साथ ही इसे सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के खिलाफ बताया था।

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