Tuesday, October 26, 2021

बलात्कारियों को जेलों से रिहा करने की कोशिश मे है भाजपा सरकार- अरुण यादव

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यादव ने प्रदेश की जेलो मे बंद बलात्कार के करीब 400 गंभीर कैदियों को पेरोल पर छोड़ने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ऐसे गंभीर मामले में भी राजनीति कर रही है। और दुर्दांत अपराधियों को छोड़ने के नया कानून बनाने जा रही है जो माहिला सुरक्षा के लिए खतरा है।


यादव ने कहा सरकार का यह कदम समाज और उन परिवारों के साथ ज्यादती है जिनके साथ घटनाएं हुई हैं। ऐसे बलात्कारियों को छोड़ने के बजाय उन पर सख्ती बरती जाए।

आपको बता दें अरुण यादव आज अपने एक दिवसीय दौरे पर सागर पहुँचे थे जहाँ पर उन्होंने प्रदेश सरकार के उपर जमकर हमला बोला है। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार से सवाल उठाते हुए कहा कि बलात्कार के आरोपी इन बंदियों में शामिल शहडोल जिले में सामुहिक दुष्कर्म के आरोपी जैतपुर मंडल अध्यक्ष विजय त्रिपाठी मप्र भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के ग्वालियर जिला उपाध्यक्ष अनु करोसिया जबलपुर में एक सैनिक की पत्नी से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोपी भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष राजेश छतरपुर जिले में नौगांव थाना क्षेत्र में रिश्ते की भतीजी के साथ चलती कार में दुष्कर्म किया करने वाले भाजपा नेता संतोष पाराशर समेत भाजपा और संघ से संबंधित अन्य कई कार्यकर्ताओं को बचाने की साजिश तो नहीं की जा रही है।

यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के समय जिन माफिया पर कार्यवाही हुई थी उन्हें बाहर किया जा रहा है। मध्यप्रदेश महिला और बच्चियों से उत्पीड़न के मामले में देशभर में 1 नंबर पर हैं।अपने को भांजियों का मामा कहलाने बाले मुख्यमंत्री प्रदेश की महिलाओ ओर बच्चियों को खतरा पैदा कर रहे है।

मुख्यमंत्री के चरित्र पर सवाल उठाते हुए यादव ने कहा आपका चरित्र ही समझ से परे है, आखिरकार आप चाहते क्या हैं- एक तरफ आप कांग्रेस के सहयोग के बाद वर्ष- 2011 मे बलात्कारियों के खिलाफ़ फांसी का अध्यादेश लाये। लेकिन आपकी सरकार में फांसी कितनों को हुई इसका भी जवाब आपको देना चाहिए।
दूसरी तरफ अब आपकी सरकार उम्रकैद काट रहे 400 दुष्कर्मियों को पैरोल पर छोड़ने की पैरोकार होकर किस हद तक गिर रही है। इस निर्णय से मामा और कंस में अंतर भी साफतौर पर सामने आ रहा है। उन्होंने इसकी निंदा करते हुए कहा कि इस निर्णय के पीछे भाजपा से जुड़े बलात्कार से जुड़े आरोपियों को बचाने की साजिश की जा रही है।

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