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Monday, May 10, 2021

भोपाल में हेल्थ वर्करों पर हुआ कोरोना वैक्सीन का ड्राय रन, मंत्री सारंग और भोपाल कलेक्टर रहे मौजूद

कोरोना वैक्सीन को लेकर मध्यप्रदेश सरकार जोरो से तैयारियों में जुटी हुई है। कोविशील्ड के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी के बाद पूरे देश मे आज कोरोना की वैक्सीन का ड्राय रन चला जा रहा है। ड्राय रन की प्रक्रिया ठीक उसी तरह से होगी जिस तरह से असली टीकाकरण में इस्तेमाल किया जाएगा। राजधानी भोपाल में इसके लिए 3 केंद्र गोविंदपुरा सीएससी, गांधीनगर सीएससी और जेके मेडिकल कॉलेज में बनाए गए जहां पर वैक्सीन लगाने की नियमबद्ध रिहर्सल की गई।

ऐसे हुआ ड्राय रन ट्रायल

भोपाल में तीन केंद्रों पर सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हुए कोरोना वैक्सीन के ड्राय रन की प्रक्रिया उसी तरह से अंजाम दिया गया जिस प्रक्रिया का इस्तेमाल कर ओरिजनल तरह से वैक्सीन को लगाया जाएगा। आज हुई रिहर्सल के दौरान कोल्ड चैन के माध्यम से जेपी अस्पताल से वैक्सीन को तीनों वैक्सिनेशन केंद्रों पर पहुंचाया गया। एसएमएस के माध्यम से जिन हेल्थ वर्करों को वैक्सिनेशन केंद्र बुलाया गया था।उन्हें सैनेटाइज कर प्रतीक्षा कक्ष में बैठाया गया और वहां पर उनके डाक्यूमेंट्स का सत्यापन किया गया, जिसके बाद टीका लगाने की डमी प्रक्रिया को पूरा किया गया। टीके की प्रक्रिया के बाद संबंधित व्यक्ति को डॉक्टरों के ऑब्जर्वेशन में कुछ समय के लिए रखा गया।

कोरोना वैक्सीन के ड्राय रन की प्रक्रिया के दौरान मध्यप्रदेश के चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग भी गोविंदपुरा स्थित आरोग्य केंद्र पहुंचे जहां पर ड्राय रन जारी था। व्यवस्था को देखकर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने खुशी जताई और कहा कि वैक्सीनेशन के लिए सारी सुविधाएं चाक चौबंद है। लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में टीकाकरण का रोडमैप पूरी तरह से तैयार है, भोपाल समेत प्रदेश के हर जिले में टीकाकरण की बेहतर सुविधाएं है।

यह रहेगी वैक्सीन लगाने की पूरी प्रक्रिया

Co win, एप के जरिए हेल्थ वर्करों को वेक्सीन सेंटर आने के लिए मैसेज के जरिए जानकारी दी जाएगी।वैक्सीनेशन केंद्र पर पहुंचने पर सबसे पहले व्यक्ति का टेंपरेचर चेक किया जाएगा।इसके बाद उन्हें प्रतीक्षा कक्ष में बैठाया जाएगा, जहां पर उनके डाक्यूमेंट्स का सत्यापन किया जाएगा।सत्यापन होने के बाद वैक्सीनेशन किया जाएगा।वैक्सीनेशन के बाद संबंधित व्यक्ति को 30 मिनट तक  डॉक्टरों के ऑब्जर्वेश में ही रहना होगा।अगर वैक्सीन लगाने के बाद किसी तरह की दिक्कत आती है तो वहां मौजूद डॉक्टर से संपर्क किया जाएगा।सब कुछ ठीक रहा तो टेंपरेचर जांच कर उन्हें घर भेजा दिया जाएगा।

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