#Newbuzzindia/नई दिल्ली | देश की सबसे बड़ी राजनितिक पार्टी और केंद्र की कमान रखने वाली भाजपा को बड़ा झटका लग सकता है। यह झटका भाजपा को अपनी पहचान के रूप में लगने की आशंका है। इससे भाजपा के अस्तित्व पर जरूर खतरा पड़ सकता है।

‘कमल का फूल’ से पहचान बनाने वाली भाजपा को जल्द ही कमल के फूल से नाता तोड़ना पड़ सकता है। इस सन्दर्भ में Bombay High Court में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है जिसमें कहा गया है कि अदालत चुनाव आयोग को निर्देश दे कि वो बीजेपी को दिए गए चुनाव निशान ‘कमल के फूल’ को रद्द कर दे। याचिका में कहा गया है कि कमल का फूल, राष्ट्रीय फूल है इसलिए इसका इस्तेमाल कोई राजनीतिक पार्टी अपने चुनाव निशान के रूप में नहीं कर सकती।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि, भाजपा देश के राष्ट्रीय चिन्ह का अनुचित उपयोग, राजनीती के लिए कर रही है। जो कि Emblems and Names (Prevention of improper use) Act 1950 का सरासर उल्लंघन है।

बॉम्बे हाइकोर्ट में यह याचिका हेमंत पाटिल नाम के व्यक्ति ने की है। इसमें उन्होंने कहा कि “कमल शुद्धता, उपलब्धि, लंबे जीवन और अच्छे भाग्य का प्रतीक है और किसी भी दल द्वारा चुनावी उद्देश्य से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।”

आपको बता दे कि इस मामले में सुनवाई अगले हफ्ते को बॉम्बे हाइकोर्ट में होना है। जिसमे यह फैसला लिया जाएगा की भाजपा से कमल का फूल छिनना है या नही !

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