वैसे तो प्रधानमंत्री मोदी को भाषण देने में महारथ हासिल है। भाषण के दौरान मोदी जी विरोधियों से हमलावर सवाल भी भी करते है और विरोधियों के सवाल के जोरदार जवाब भी देते है। पीएम मोदी का यह रूप हमने 2014 के लोकसभा चुनाव से लेकर यूपी चुनाव तक देखा लेकिन गुजरात चुनाव में पीएम मोदी का यह रूप कहीं गुमा गुमा सा लग रहा है। 
पिछले 3 साल में गुजरात मॉडल- गुजरात मॉडल बोल बोल कर प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र और कई राज्यों में सरकार बना ली लेकिन गुजरात में आते आते प्रधानमंत्री का गुजरात मॉडल कहीं खो गया है। गुजरात चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक गुजरात मॉडल की बात नही की है। गुजरात मॉडल छोड़ो पीएम मोदी यहां गुजरात के विकास की बात भी नही कर रहे है। 

विकास छोड़ पाकिस्तान पहुंच गए पीएम मोदी

कांग्रेस का कहना है कि विकास पागल हो गया है। कांग्रेस की बात कुछ हद तक सही भी लग रही है क्योंकि विकास आजकल शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ की बात छोड़ कर हिन्दू-मुस्लिम और पाकिस्तान की बातें करने लगा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर और एक पूर्व उपराष्ट्रपति की मुलाकात एक पाकिस्तानी अधिकारी से हुई है। उन्होंने कहा इस मुलाकात में क्या गुल खिलाए हैं यह नहीं पता ।

अपने घर में पीएम मोदी को क्यों पड़ी पाकिस्तान की जरूरत ?
ऐसे में सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री मोदी को अपना घर जीतने के लिए पाकिस्तान की जरूरत क्यों पड़ी ? क्यों प्रधानमंत्री मोदी गुजरात में विकास की बातें नही कर रहे ? क्या प्रधानमंत्री मोदी को गुजरात की जनता पर भरोसा नही ?

इसका जवाब है राहुल गांधी!

दरअसल गुजरात चुनाव प्रचार में कांग्रेस और राहुल गांधी ने अपनी सारी रणनीति बदल दी है। सारे चुनावों में जहां बीजेपी कांग्रेस से सवाल करती थी वहीं इस चुनाव में सवाल करने का काम कांग्रेस कर रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने तो बाकायदा सवालों की एक सीरीज शुरू कर दी है। राहुल गांधी ने एक के बाद एक प्रधानमंत्री मोदी से 11 सवाल पूछ डाले। राहुल गांधी का एक एक सवाल प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात मॉडल की पोल खोल रहा था।

यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन 11 सवालों में से एक का जवाब भी नही दिया। क्या प्रधानमंत्री मोदी राहुल गांधी के तीखे सवालों से डर गए है ? क्या प्रधानमंत्री मोदी राहुल गांधी से हार गए है ?