NewBuzzIndia: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को हमेशा मुस्लिम विरोधी माना जाता है। ये अलग बात की संघ के तरफ से हमेशा इस बात पर सफाई आती है पर जनता के बीच इन बातो को वरीयता नहीं मिलती।

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उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश की राजनीति करवट लेने लगी है। सपा के मुख्य वोट स्रोतों में से एक मुसलमान भाजपा की ओर रूख करते नजर आ रहे हैं। राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी मुलायम सिंह यादव ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके जिले में आरएसएस के कार्यकर्ताओं का ऐसा जोरदार स्वागत मुसलमान करेंगे। सोमवार को आरएसएस का पथ संचालन इटावा के राजकीय इंटर कालेज मैदान से शुरू होकर शहर भर में भ्रमण किया। इसी दरम्यान पुल कहारन के करीब नगर पालिका परिषद के सभासद मोहम्मद अनीस और उनके मोहल्ले के सैकडों लोगों ने आरएसएस के सभी सदस्यों का जोरदार स्वागत किया।
दरअसल, नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही देश भर के विभिन्न हिस्सों से आरएसएस को मुसलमानों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। हालांकि मुलायम सिंह यादव के गृह नगर में आरएसएस कार्यकर्ताओं का स्वागत उनके लिए खतरे की घंटी है।
बता दें कि जिस सभासद मोहम्मद अनीस ने आरएसएस सदस्यों का स्वागत किया वे समाजवादी पार्टी के कट्टर समर्थकों में से एक माने जाते हैं। मोहम्मद अनीस ने सोमवार को बताया कि हम सभी को भारतीय मानते हैं। हमारे और आरआरएस के बीच कोई अंतर या फिर कोई दूरियां नही हैं जो प्रचारित की जाती है। हालांकि अनीस ने आरएसएस का खुलकर समर्थन करने से बचते हुए कहा कि अभी यह हमारे मेहमान हैं। चूकि इनका इटावा मे कैंप था और मेहमानों का स्वागत करना हमारे धर्म में लिखा हुआ है, इसलिए हमने उनका स्वागत करके अपने आप को गौरांवित महसूस किया।
आरएसएस के पथ संचालन में पुल कहारन के पास एकाएक तस्वीर बदली हुई दिखी जब बड़ी तादाद में मुसलमानों की टोली नगर पालिका परिषद के सभासाद मोहम्मद अनीस की अगुवाई में आरएसएस मेहमानों का स्वागत करने के लिए सड़कों पर उतर आई। उन्होंने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया।
कट्टर हिंदूवादी संगठन आरएसएस को लेकर मुस्लिम समाज में जो कोई भी तस्वीर अभी आपने देखी हो लेकिन मुलायम के घर इटावा की यह तस्वीर खुद में अनूठी और बेमिसाल है। साथ ही राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा रही है। सोमवार का वो पल देश का सांप्रदायिक माहौल खराब कर रहे उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा भी है जो धर्म की राजनीति करते हैं।
आरएसएस के नब्बे साल के इतिहास में पहली दफा मुलायम के गढ़ इटावा मे अपनी जडेÞं जमाने के इरादे से आयोजित किए जा रहे बिग कैंप का आयोजन 12 जून तक होगा। ऐसा कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष अगुवाकारों की सलाह पर राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ का यह कैंप शुरू किया गया है। इस कैंप के पीछे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का दिगाम भी बताया जा रहा है। वे आगामी विधानसभा चुनाव में मुलायम के गढ़ मे उनको पटखनी देने के इरादे से पूरी तैयारी का खाका खींच रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे इटावा में संघ की दस्तक के रूप में भी देखा जा रहा है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के गढ़ इटावा में संघ का 22 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग का शिविर शुरू हो गया है। इटावा के नारायण कालेज में शुरू हुए इस शिविर को यूपी विधानसभा के आगामी चुनाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस शिक्षा वर्ग में 20 जिलों के 450 शिक्षार्थी व शिक्षक शामिल हो रहे हैं। शिक्षा वर्ग में शिक्षाथिर्यों को बौद्धिक स्तर सुधारने के साथ शारीरिक स्तर सुधारने के गुर सिखाए जा रहे हैं। सामाजिक व राष्ट्रहित के साथ हिन्दुत्व व संघ से जुड़े विषयों पर भी प्रतिदिन व्याख्यान चल रहे हैं।

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