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Newbuzzindia Bhopal:प्रदेश के जिला अस्पतालों में आने वालेमरीजों को सीटी स्कैन व एमआरआई कराने के लिए निजी केन्द्रों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें कैंपस में ही जांच की सुविधा मिलेगी। सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन व एमआरआई मशीनें लगाने की तैयारी है।
इसके लिए जल्द ही टेंडर किए जाएंगे। स्वास्थ्य संचालक (अस्पताल प्रशासन) डॉ. केके ठस्सू ने बताया कि सीटी-स्कैन और एमआरआई मशीन लगाने के लिए शर्तें तय हो गई हैं। M.P. पब्लिक हेल्थ सप्लाई कॉरपोरेशन को टेंडर करने के लिए कहा गया है। अभी प्रदेश के 13 जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीनें लगी हैं। इसमें 9 मशीन सरकारी हैं। 4 जगह पीपीपी से मशीनें लगाई हैं।
अभी सभी जिलों में सीटी स्कैन मशीनें पीपीपी से लगाने के लिए टेंडर किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हर जिला अस्पताल में ओपीडी व भर्ती मरीजों को मिलाकर करीब 10 को सीटी स्कैन की जरूरत होती है। उज्जैन, रतलाम, भोपाल व देवास आदि बड़े अस्पताल में 15 से 20
मरीजों को सीटी स्कैन की जरूरत होती है। अस्पतालों में यह यह सुविधा नहीं होने की वजह से मरीजों को
बाहर जांचें कराना पड़ती हैं। इस पर उनके 2 से 5 हजार रुपए तक खर्च होते हैं। इसी तरह से हर दिन 4-5 मरीजों रोज एमआरआई कराने की सलाह डॉक्टर देते हैं, लेकिन एमआरआई की सुविधा प्रदेश के किसी भी जिला अस्पताल में नहीं है। किसी
सरकारी मेडिकल कॉलेज में भी एमआरआई की सुविधा नहीं है।
पीपीपी से एमआरआई लगाने के लिए भी टेंडर किए जाएंगे। 60 फीसदी सस्ती जांच डॉ. ठस्सू ने बताया कि पीपीपी से लगाई गई सीटी स्कैन व एमआरआई की दरें बाजार दर से करीब 60 फीसदी सस्ती पड़ेंगी। जांचों के लिए अधिकतम फीस सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) द्वारा तय दरों के बराबर होगी। हालांकि, निजी पार्टी चाहे तो सीजीएचएस दर से कम में भी जांच के लिए टेंडर में रेट दे सकती है। सीजीएचएस दरें बाजार दर से
करीब आधी हैं। इसके बाद पार्टी से कुछ छूट मिल सकती है। इस लिहाज से मौजूदा दर से करीब 60 फीसद कम में जांचें हो सकती हैं। सिर के बिना कंट्रास्ट सीटी स्कैन की दर सीजीएचएस में 900
रुपए है, जबकि निजी केन्द्रों में 1500 से 2200 तक लगते हैं। इसी तरह से सिर की बिना कंट्रास्ट एमआरआई की सीजीएचएस फीस 1998 रुपए है। निजी सेंटरों में जांच पर करीब 5 हजार रुपए
लगते हैं।

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